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जतारा में 1000 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र, 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

जतारा में 1000 एकड़ भूमि पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र, झांसी-मऊरानीपुर के 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की क्षेत्रीय औद्योगिक विकास नीति के तहत टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। जिले की जतारा और पलेरा तहसीलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


जतारा में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके विकास को लेकर एमपीआईडीसी, क्षेत्रीय कार्यालय सागर के कार्यकारी संचालक श्री प्रतुल चंद्र सिन्हा ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्युत, जल और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



झांसी और मऊरानीपुर के उद्योगपतियों से निवेश को लेकर चर्चा


टीकमगढ़ और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक ने उत्तर प्रदेश के झांसी और मऊरानीपुर में उद्योगपतियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठकों में निवेशकों को मध्यप्रदेश शासन की उद्योग अनुकूल नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सुविधाओं और सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी गई। साथ ही उद्योगपतियों से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और उनकी अपेक्षाओं को लेकर सुझाव भी लिए गए।

औद्योगिक क्षेत्र में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

बैठक में निवेशकों को जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में ईटीपी, एसटीपी, स्कूल, पार्क, बैंक, एटीएम, पुलिस थाना, फायर स्टेशन, चौड़ी सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।

इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निवेशक अनुकूल नीतियां, शीघ्र अनुमतियां, प्रतिस्पर्धी भूमि दरें और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम मध्यप्रदेश में निवेश के प्रमुख आकर्षण हैं।


रणनीतिक स्थान पर स्थित है जतारा

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह क्षेत्र जतारा तहसील के साथ-साथ पलेरा और लिधौरा तहसीलों के नजदीक है तथा टीकमगढ़ जिले के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा जतारा क्षेत्र की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र और छतरपुर जिले से भी बेहतर है। ऐसे में बुंदेलखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण जतारा में उद्योगों के लिए व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं।

35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों के दौरान निवेशकों ने जतारा के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

झांसी में आयोजित बैठक में 15 निवेशकों ने तथा मऊरानीपुर में आयोजित बैठक में 20 निवेशकों ने जतारा औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने की सहमति जताई। इस तरह दोनों बैठकों में कुल 35 निवेशकों ने जतारा में निवेश की इच्छा व्यक्त की है।

निवेशकों ने मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं और सिंगल विंडो सिस्टम से संबंधित जानकारी भी चाही। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक द्वारा निवेशकों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।



उद्योग जगत के प्रतिनिधि रहे मौजूद


झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों में विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, बुंदेलखंड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री धीरज खुल्लर, लघु उद्योग भारती जिला अध्यक्ष श्री राजीव वब्बर, आईसीएआई झांसी चेयरमैन श्री जयतमनी जैन, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री संजय पटवारी सहित विभिन्न उद्योगपति और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से टीकमगढ़ और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

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