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सागर में 7 सितंबर को टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ का प्रांतीय महासम्मेलन, 13 संगठन होंगे एक मंच पर

सागर में 7 सितंबर को होगा मध्यप्रदेश टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ का प्रांतीय महासम्मेलन

• 13 संगठन, एक परिवार के संकल्प के साथ प्रदेशभर के इवेंट एवं समारोह व्यवसायी होंगे एक मंच पर

तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर। मध्यप्रदेश टेंट एवं कैटरिंग व्यवसायी संघ के आह्वान पर आगामी 7 सितंबर 2026 को सागर में प्रांतीय महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से टेंट, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट, डीजे-साउंड, बैंड, फोटोग्राफी, डेकोरेशन, एलईडी, लाइटिंग, गार्डन, होटल, हलवाई सहित समारोह एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।

महासम्मेलन को लेकर सागर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन की विस्तृत रूपरेखा, उद्देश्य, व्यवस्थाओं और विभिन्न संगठनों की भूमिका की जानकारी साझा की गई।


13 संगठनों को एक छत के नीचे लाने की पहल

महासम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता सागर जिले में इवेंट एवं समारोह व्यवसाय से जुड़े 13 संगठनों की सामूहिक सहभागिता है। सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर सम्मेलन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे सभी संगठनों और व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर आपसी समन्वय और एकजुटता को मजबूत करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि "13 संगठन, एक परिवार" केवल एक नारा नहीं, बल्कि सभी संगठनों को साथ लेकर चलने की भावना है।

उन्होंने कहा कि 7 सितंबर का महासम्मेलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का कार्यक्रम न होकर प्रदेशभर के टेंट, कैटरिंग एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यापारी का साझा मंच है। सागर में आने वाले सभी अतिथियों और व्यापारियों के स्वागत एवं सम्मान में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

महासम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार

सतनाम सिंह होरा के अनुसार, 7 सितंबर के प्रांतीय महासम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले व्यापारियों एवं प्रतिनिधियों के स्वागत, पंजीयन, कार्यक्रम संचालन, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

महासम्मेलन में इवेंट एवं समारोह व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के माध्यम से व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच संवाद, आपसी सहयोग और संगठनात्मक समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

संगठन की गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

टेंट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष दिनेश दक्ष ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों को लेकर सागर के 13 संगठनों के बीच जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया है। सभी संगठन अपने-अपने दायित्वों के अनुसार तैयारियों में जुटे हैं।

उन्होंने बताया कि अतिथि स्वागत, मंच, पांडाल, भोजन, पार्किंग, साउंड, लाइटिंग, डेकोरेशन, आवास और प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी संगठनों का कंधे से कंधा मिलाकर काम करना सागर की संगठनात्मक एकता का उदाहरण है।


टेंट व्यवसाय से जुड़े विषयों पर चर्चा

अनिल जैन ने टेंट एवं उससे जुड़े व्यवसाय की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराता है। टेंट व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं, आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर संगठनात्मक स्तर पर संवाद आवश्यक है।प्रांतीय महासम्मेलन ऐसे ही विषयों पर व्यापक चर्चा और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

फोटोग्राफी एवं मीडिया कवरेज की विशेष व्यवस्था

फोटोग्राफी संगठन से जुड़े श्री प्रमोद पटेल ने बताया कि 7 सितंबर के महासम्मेलन की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजनों और गतिविधियों की व्यवस्थित फोटो-वीडियो कवरेज सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सम्मेलन की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जा सके।मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी कार्यक्रम की कवरेज को लेकर आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

13 संगठनों ने संभाली अलग-अलग जिम्मेदारियां

सम्मेलन की तैयारियों में सागर के 13 प्रमुख संगठन सक्रिय रूप से सहभागी हैं। इनमें टेंट, कैटरिंग, डीजे-साउंड, इवेंट मैनेजमेंट, बैंड यूनियन, फोटोग्राफी, एलईडी लाइट्स, फ्लावर डेकोरेशन, लाइट व्यापारी, सेटअप व्यापारी, गार्डन व्यापारी, होटल एसोसिएशन एवं हलवाई संघ शामिल हैं।

सभी संगठनों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निर्धारित कर ली हैं। कैटरिंग से लेकर मंच एवं साउंड, डेकोरेशन, पार्किंग, आवास तथा मीडिया कवरेज तक की व्यवस्थाओं को अलग-अलग टीमों द्वारा संभाला जा रहा है।

पंजीयन के साथ आकर्षक पुरस्कार ड्रॉ

सम्मेलन में सागर के आयोजन, कैटरिंग एवं ब्याह-शादी से जुड़े संबंधित संगठनों तथा सहयोगी सदस्यों के पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है। पंजीयन के बाद प्रत्येक सदस्य को एक पर्ची दी जाएगी, जिसे ड्रॉ बॉक्स में डाला जाएगा।

सम्मेलन के समापन के बाद ड्रॉ के माध्यम से तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार एलईडी टीवी, द्वितीय पुरस्कार मिक्सर ग्राइंडर तथा तृतीय पुरस्कार इंडक्शन रखा गया है।

पुरस्कार के लिए संबंधित सहयोगी सदस्य की कार्यक्रम स्थल पर उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। विजेता के समय उपस्थित नहीं होने की स्थिति में दूसरी पर्ची निकाली जाएगी।

प्रदेशभर के व्यापारियों के स्वागत के लिए सागर तैयार

आयोजकों के अनुसार, 7 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिनिधि सागर पहुंचेंगे। उनके स्वागत, भोजन, आवास, पार्किंग एवं सम्मेलन स्थल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय संगठनों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजकों ने सभी संबंधित व्यापारियों एवं संगठन के सदस्यों से सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।

"13 संगठन, एक परिवार" की भावना के साथ आयोजित यह प्रांतीय महासम्मेलन प्रदेश के टेंट, कैटरिंग एवं इवेंट व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को एक मंच पर लाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


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जतारा में 1000 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र, 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

जतारा में 1000 एकड़ भूमि पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र, झांसी-मऊरानीपुर के 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की क्षेत्रीय औद्योगिक विकास नीति के तहत टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। जिले की जतारा और पलेरा तहसीलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


जतारा में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके विकास को लेकर एमपीआईडीसी, क्षेत्रीय कार्यालय सागर के कार्यकारी संचालक श्री प्रतुल चंद्र सिन्हा ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्युत, जल और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



झांसी और मऊरानीपुर के उद्योगपतियों से निवेश को लेकर चर्चा


टीकमगढ़ और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक ने उत्तर प्रदेश के झांसी और मऊरानीपुर में उद्योगपतियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठकों में निवेशकों को मध्यप्रदेश शासन की उद्योग अनुकूल नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सुविधाओं और सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी गई। साथ ही उद्योगपतियों से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और उनकी अपेक्षाओं को लेकर सुझाव भी लिए गए।

औद्योगिक क्षेत्र में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

बैठक में निवेशकों को जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में ईटीपी, एसटीपी, स्कूल, पार्क, बैंक, एटीएम, पुलिस थाना, फायर स्टेशन, चौड़ी सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।

इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निवेशक अनुकूल नीतियां, शीघ्र अनुमतियां, प्रतिस्पर्धी भूमि दरें और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम मध्यप्रदेश में निवेश के प्रमुख आकर्षण हैं।


रणनीतिक स्थान पर स्थित है जतारा

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह क्षेत्र जतारा तहसील के साथ-साथ पलेरा और लिधौरा तहसीलों के नजदीक है तथा टीकमगढ़ जिले के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा जतारा क्षेत्र की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र और छतरपुर जिले से भी बेहतर है। ऐसे में बुंदेलखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण जतारा में उद्योगों के लिए व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं।

35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों के दौरान निवेशकों ने जतारा के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

झांसी में आयोजित बैठक में 15 निवेशकों ने तथा मऊरानीपुर में आयोजित बैठक में 20 निवेशकों ने जतारा औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने की सहमति जताई। इस तरह दोनों बैठकों में कुल 35 निवेशकों ने जतारा में निवेश की इच्छा व्यक्त की है।

निवेशकों ने मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं और सिंगल विंडो सिस्टम से संबंधित जानकारी भी चाही। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक द्वारा निवेशकों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।



उद्योग जगत के प्रतिनिधि रहे मौजूद


झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों में विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, बुंदेलखंड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री धीरज खुल्लर, लघु उद्योग भारती जिला अध्यक्ष श्री राजीव वब्बर, आईसीएआई झांसी चेयरमैन श्री जयतमनी जैन, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री संजय पटवारी सहित विभिन्न उद्योगपति और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से टीकमगढ़ और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

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