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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों को लेकर निवेशकों की बैठक, 340 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले • निवेशकों ने भूमि आवंटन प्रक्रिया सरल बनाने, निर्बाध बिजली और बेहतर हवाई-रेल कनेक्टिविटी के दिए सुझाव

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों को लेकर निवेशकों की बैठक, 340 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

• निवेशकों ने भूमि आवंटन प्रक्रिया सरल बनाने, निर्बाध बिजली और बेहतर हवाई-रेल कनेक्टिविटी के दिए सुझाव

तीनबत्ती न्यूज:  17 सितंबर 2026

सागर। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों के मद्देनजर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में क्षेत्रीय निवेशक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सागर परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों से उद्योग एवं व्यापार संघों के सदस्य, निवेशक, उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल हुए।


कार्यक्रम में निवेशकों और उद्यमियों को एमएसएमई विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों से सुझाव भी लिए गए।


भूमि आवंटन प्रक्रिया सरल बनाने का सुझाव

निवेशकों ने क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और सुचारु बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होने से नए उद्योग स्थापित करने में तेजी आएगी।


इसके अलावा निवेशकों ने औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। निवेशकों का कहना था कि उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण है।


हवाई और रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर


बैठक में सागर क्षेत्र की हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने का सुझाव भी दिया गया। निवेशकों के अनुसार बेहतर परिवहन संपर्क से व्यापारिक गतिविधियों और निवेश को गति देने में मदद मिलेगी। स्वरोजगार योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान करने सहित अन्य सुझाव भी निवेशकों द्वारा दिए गए।

340 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

कार्यक्रम के दौरान 15 निवेशकों से कुल 340 करोड़ रुपये के निवेश आशय प्रस्ताव प्राप्त हुए। अधिकारियों ने निवेशकों से प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देना, स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं को समझना तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए निवेशकों से संवाद स्थापित करना रहा।

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रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर संचालन की मंजूरी

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को अब मिलेगा सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर कर सकेंगे संचालन


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को बड़ा बदलाव देते हुए मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब ऑपरेटरों को अलग-अलग मार्ग श्रेणियों के बजाय 25 करोड़ रुपये के एकमुश्त पंजीकरण शुल्क पर सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस मिलेगा, जिससे वे भारतीय रेल नेटवर्क के सभी मार्गों पर कंटेनर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे।

यह नई व्यवस्था राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रमुख बदलाव

  • सभी मार्गों के लिए एक ही ऑल इंडिया लाइसेंस।
  • 25 करोड़ रुपये का एकसमान और अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क।
  • लाइसेंस अवधि पूरी होने के बाद 20 वर्ष के विस्तार पर कोई नवीनीकरण शुल्क नहीं।
  • मौजूदा कैटेगरी-I ऑपरेटरों को नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
  • कैटेगरी-II, III और IV ऑपरेटर नई व्यवस्था में आने पर 15 करोड़ रुपये का अंतर शुल्क जमा करेंगे।

उद्योग और एमएसएमई को होगा फायदा

रेल मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था से नियामकीय और अनुपालन लागत कम होगी। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी। विशेष रूप से एमएसएमई को कम लागत पर माल परिवहन का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।

पर्यावरण को भी लाभ

सरकार का मानना है कि अधिक कंटेनर यातायात सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे देश में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।


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