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एक रोटी गौमाता के लिए अभियान: नंगे पैर निकले सागर सागर में संत श्री रावतपुरा सरकार

झोली अपने लिए नहीं, गौमाता के लिए फैली है: ‘एक रोटी गौमाता के लिए’ अभियान में नंगे पैर  पहुंचे श्री रावतपुरा सरकार

• हर शनिवार एक वर्ष तक चलेगा संकल्प, घर-घर जाकर गौमाता के लिए मांगी रोटी


तीनबत्ती न्यूज, 29 अगस्त 2026

सागर । गौसेवा को जन-जन के जीवन का संस्कार बनाने के संकल्प के साथ परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज शनिवार को सागर की बाहुबली कॉलोनी पहुंचे। यहां उन्होंने ‘एक रोटी गौमाता के लिए’ अभियान के तहत नंगे पैर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी।


महाराज श्री हाथों में झोली लेकर लोगों के द्वार पहुंचे और गौसेवा के लिए एक रोटी देने का आग्रह किया। इस दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों ने श्रद्धा एवं भाव के साथ गौमाता के लिए रोटियां अर्पित कीं।


हर द्वार पर झुके, दिया सामाजिक समरसता का संदेश

अभियान के दौरान सामाजिक समरसता का संदेश भी देखने को मिला। महाराज श्री हर द्वार पर झुककर पहुंचे और लोगों से आत्मीयता के साथ मिले। इसका उद्देश्य समाज में बड़े-छोटे, जात-पात और भेदभाव की भावना को समाप्त कर आपसी प्रेम और समरसता को बढ़ावा देना रहा।


बाहुबली कॉलोनी की गलियों में इस दौरान कहीं ‘गोविंदा-गोविंदा’ के जयघोष सुनाई दिए तो कहीं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, संत रविदास जी और गजानन बाबा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। अलग-अलग आस्थाओं और परंपराओं से जुड़े जयघोषों के बीच महाराज श्री का संदेश प्रेम, समरसता और सेवा का रहा।

घर की पहली रोटी गौमाता के नाम करने का आह्वान

महाराज श्री ने कहा कि गौसेवा केवल सेवा का कार्य नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न अंग है। घर की पहली रोटी गौमाता के नाम करने की परंपरा को पुनः जन-जन तक पहुंचाना ही ‘एक रोटी गौमाता के लिए’ अभियान का उद्देश्य है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत एक वर्ष तक प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग क्षेत्रों में नंगे पैर और झोली लेकर घर-घर पहुंचकर गौमाता के लिए रोटी मांगी जाएगी। एकत्रित रोटियों को गौसेवा के लिए समर्पित किया जाएगा।


नागरिकों से अभियान से जुड़ने की अपील

महाराज श्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर की पहली रोटी गौमाता के नाम निकालें और इस अभियान से जुड़कर गौसेवा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

‘एक रोटी गौमाता के लिए’ अभियान केवल रोटी एकत्र करने का प्रयास नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और सनातन परंपरा को जन-जन के जीवन से जोड़ने का संकल्प है।

संदेश स्पष्ट है—एक रोटी गौमाता के लिए, एक संकल्प गौसेवा के लिए।

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Sagar News: 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाने का किया प्रयास, डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल

रहली में 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाने का किया प्रयास, डायल-112 जवानों ने पहुंचकर बचाई जान


तीनबत्ती न्यूज: 24 अगस्त 2026

सागर। सागर जिले के थाना रहली क्षेत्र में खुशीपुरा तिराहा के पास सोमवार दोपहर एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना मिलते ही डायल-112 एफआरव्ही के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल में दोपहर करीब 1:13 बजे युवक द्वारा फांसी लगाने के प्रयास की सूचना प्राप्त हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने रहली क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।

सूचना मिलते ही एफआरव्ही में तैनात प्रधान आरक्षक कपिल सिंह राजपूत और पायलेट रामचंद्र कुर्मी मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि युवक ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाने का प्रयास किया था। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल फंदे से नीचे उतार लिया था, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि युवक घायल हो गया था।

डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए घायल युवक को उसके परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय रहली पहुंचाया। अस्पताल में युवक का उपचार जारी है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

इस घटना में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। कंट्रोल रूम को सूचना मिलने के बाद एफआरव्ही को तत्काल डिस्पैच किया गया और जवानों ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

पुलिस की अपील: यदि किसी व्यक्ति के जीवन पर संकट हो या कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दें।

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सागर में डॉ. अंकुर भट्ट की पुस्तक ‘Bharata’s Model of Ethical Leadership’ का भव्य विमोचन

सागर में डॉ. अंकुर भट्ट की पुस्तक ‘Bharata’s Model of Ethical Leadership’ का भव्य विमोचन

• भरत का चरित्र त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक : शैलेन्द्र जैन


तीनबत्ती न्यूज: 24 अगस्त, 2026

सागर। साहित्यिक संस्था श्यामलम् के तत्वावधान में आयोजित भाषा विमर्श कार्यक्रम में रविवार को होटल रॉयल पैलेस में डॉ. अंकुर भट्ट की अंग्रेजी पुस्तक “Bharata’s Model of Ethical Leadership: Dharma and Values for Modern Management” का भव्य विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक नेतृत्व और आधुनिक प्रबंधन के संदर्भ में विचार-विमर्श भी हुआ।

कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, प्रबंधन और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की। समारोह की अध्यक्षता डॉ. वाई.एस. ठाकुर, कुलपति, डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर ने की, जबकि मुख्य अतिथि सागर विधायक शैलेन्द्र जैन रहे । कार्यक्रम में आध्यात्मिक वक्ता एवं कथा वाचक पलक किशोरी जी, रीवा, महंत श्री केशव गिरी जी महाराज, प्रो. डॉ. योगेश कुमार उपाध्याय, डॉ. प्रकाश शुक्ला तथा डॉ. मनविंदर सिंह पाहवा, डीन एवं प्रोफेसर, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सरस्वती वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ श्रीमती अंशुल खरे द्वारा प्रस्तुत मनोहारी सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन माधव सिंह, प्रोड्यूसर, EMMRC सागर ने किया। श्यामलम् के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र एवं पुस्तक के लेखक डॉ. अंकुर भट्ट ने अतिथियों का पुष्पहार, शाल एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।

भरत के आदर्शों से आधुनिक नेतृत्व को जोड़ने की पहल

मुख्य अतिथि विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि “भरत का चरित्र त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। आज के समय में भरत के आदर्शों को आधुनिक नेतृत्व से जोड़ना निश्चित रूप से समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और रामायण में ऐसे अनेक आदर्श चरित्र हैं, जिनसे वर्तमान पीढ़ी नेतृत्व, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा ले सकती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. डॉ. वाई.एस. ठाकुर ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में नेतृत्व और प्रबंधन के अनेक महत्वपूर्ण सूत्र निहित हैं। डॉ. अंकुर भट्ट ने भरत के चरित्र के माध्यम से इन मूल्यों को आधुनिक प्रबंधन के संदर्भ में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया है।

त्याग और निःस्वार्थ सेवा से मिलता है नेतृत्व का वास्तविक अर्थ

महंत श्री केशव गिरी जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भरत का जीवन त्याग, धर्म और निःस्वार्थ सेवा का अनुपम उदाहरण है। यदि नेतृत्व में इन मूल्यों को अपनाया जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों को नई दिशा मिल सकती है।

पलक किशोरी जी ने कहा कि रामायण केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन और नेतृत्व की शिक्षा देने वाला महान ग्रंथ है। भरत का चरित्र यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि त्याग, सेवा और धर्म से निर्मित होता है।

आधुनिक प्रबंधन में भारतीय चिंतन की आवश्यकता

डॉ. प्रकाश शुक्ला ने कहा कि आधुनिक प्रबंधन शिक्षा में भारतीय चिंतन और नैतिक मूल्यों का समावेश समय की आवश्यकता है। यह पुस्तक विद्यार्थियों और प्रबंधन के अध्येताओं को नेतृत्व का एक भारतीय दृष्टिकोण प्रदान करती है।

डॉ. मनविंदर सिंह पाहवा ने कहा कि आज के कॉर्पोरेट और संस्थागत वातावरण में नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। भरत के चरित्र को आधुनिक प्रबंधन से जोड़ना इस पुस्तक की विशिष्टता है।

वक्ताओं ने पुस्तक को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रबंधन के बीच एक सार्थक सेतु बताया। पुस्तक में रामायण के भरत के चरित्र के माध्यम से धर्म, त्याग, निःस्वार्थ भाव, नैतिकता, नेतृत्व, उत्तरदायित्व एवं मूल्य-आधारित प्रबंधन जैसे विषयों को आधुनिक नेतृत्व के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक प्रबंधन से जोड़ना उद्देश्य : डॉ. अंकुर भट्ट

पुस्तक के लेखक डॉ. अंकुर भट्ट ने कहा कि भरत का चरित्र सत्ता प्राप्ति का नहीं, बल्कि कर्तव्य, त्याग, मर्यादा और नैतिक नेतृत्व का अद्वितीय उदाहरण है। उनका प्रयास है कि भारतीय ग्रंथों एवं ज्ञान परंपरा में निहित जीवन-मूल्यों को आधुनिक प्रबंधन और नेतृत्व के लिए उपयोगी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संस्थानों और संगठनों के सामने केवल बेहतर परिणाम देने की चुनौती नहीं है, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में नैतिकता, उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी आवश्यक है। ऐसे में भारतीय ज्ञान परंपरा से नेतृत्व के मूल सिद्धांतों को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है।

बड़ी संख्या में प्रबुद्धजनों की रही उपस्थिति

समारोह में शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आयोजन की गरिमा अतिथियों के विचारों और आशीर्वचनों से और बढ़ गई।

इस अवसर पर डॉ. गजाधर सागर, पी.एन. मिश्रा, टी.आर. त्रिपाठी, डॉ. मनीष झा, शिवरतन यादव, आर.के. तिवारी, हरिसिंह ठाकुर, कुंदन पाराशर, हरी शुक्ला, डॉ. नरेंद्र प्यासी, मुकेश तिवारी, श्रीमती कविता शुक्ला, श्रीमती सुनीला सराफ, डॉ. सुश्री शरद सिंह, नीलिमा पिंपलापुरे, श्रीमती अर्चना प्यासी, अंबर चतुर्वेदी, नवनीत धगट, डॉ. अभय सिंह, वी.एन. मिश्रा, अपूर्व मिश्र, दामोदर चक्रवर्ती, आनंद मिश्रा, संजू पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में श्यामलम् के कार्यकारिणी सदस्य रमाकांत शास्त्री ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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डॉ गौर विवि - आईजीआरएमएस भोपाल के बीच एमओयू : शोध और विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर

डॉ गौर विवि - आईजीआरएमएस भोपाल के बीच एमओयू :  शोध और विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर


तीनबत्ती न्यूज: 24 अगस्त, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आईजीआरएमएस), भोपाल के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह एमओयू अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल द्वारा आयोजित “समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए केंद्र पोषित संस्थानों का योगदान – एक संस्थान, एक वादा” कॉन्क्लेव के दौरान हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया गया।

एमओयू का आदान-प्रदान

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर एवं प्रो. अजीत जायसवाल, निदेशक (संकाय कार्य) एवं अध्यक्ष, मानव विज्ञान विभाग तथा आईजीआरएमएस की ओर से निदेशक प्रो. अमिताभ पांडेय ने किया।

इस समझौते के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, मानव विज्ञान और संस्कृति के विभिन्न आयामों पर संयुक्त शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। दोनों संस्थान ज्ञान और संसाधनों के आदान-प्रदान के साथ शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेंगे।

एमओयू के तहत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, फील्डवर्क और प्रशिक्षण के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे विद्यार्थियों को संग्रहालय, मानव विज्ञान, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्य में सहयोग

इस साझेदारी का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास में केंद्र पोषित संस्थानों की भूमिका को मजबूत करना और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान मिलकर “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देंगे।

कॉन्क्लेव में प्रदेश के विकास में केंद्र पोषित संस्थानों की भूमिका, नवाचार, शोध और संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा, कांग्रेस हक दिलाने संकल्पित : रीना बोरासी,प्रदेश अध्यक्ष • सागर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रिचा सिंह ने किया पदभार ग्रहण

महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा, कांग्रेस हक दिलाने संकल्पित : रीना बोरासी,प्रदेश अध्यक्ष

• सागर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रिचा सिंह ने किया पदभार ग्रहण


तीनबत्ती न्यूज, 23 अगस्त 2026

सागर। जिला महिला कांग्रेस सागर ग्रामीण की नवनियुक्त अध्यक्ष रिचा सिंह गोंड ने रविवार को भव्य रैली के साथ पदभार ग्रहण किया। मकरोनिया स्थित स्टेट पैराडाइज होटल से निकली रैली कांग्रेस जिंदाबाद और महिला कांग्रेस जिंदाबाद के नारों के बीच पद्माकर नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंची, जहां रैली विशाल सभा में परिवर्तित हो गई। रैली में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया प्रमुख रूप से शामिल हुईं। जिला कांग्रेस सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने नवनियुक्त जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष ऋचा सिंह गोंड को पदभार ग्रहण कराया। इस दौरान महिला कांग्रेस अध्यक्ष का तीर-कमान भेंट कर अभिनंदन भी किया गया।

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महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा : रीना बोरासी

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने कहा कि आधी आबादी को पूरा हक और सम्मान दिलाना कांग्रेस का संकल्प है। मध्य प्रदेश में महिलाओं को अब अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा और अपनी आवाज को मजबूती से बुलंद करना होगा।उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता के नाम पर कुछ राशि देकर उनकी वास्तविक समस्याओं और अधिकारों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। आज महंगाई ने हर परिवार का बजट बिगाड़ दिया है। महिलाओं को केवल सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और निर्णय लेने का अधिकार चाहिए।


रीना बोरासी ने महिलाओं से सामाजिक और राजनीतिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा समाज बनाना होगा, जहां महिला सुरक्षित हो, युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और हर नागरिक सम्मान के साथ जीवन जी सके। इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिला शक्ति को गांव-गांव तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना होगा।

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जिला कांग्रेस सागर ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि गांवों में महिलाएं अनेक सामाजिक समस्याओं का सामना कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि ग्रामीण कांग्रेस कमेटी महिलाओं की इस लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस का लक्ष्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि गांव के हर परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष करना है।

जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि आम आदमी के लिए परिवार चलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। खाद्य सामग्री, पेट्रोल, गैस, शक्कर सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है।


प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जनजागरण समय की आवश्यकता है। जनता को अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक ताकत का एहसास कराते हुए जनहित के मुद्दों को मजबूती से सामने लाना होगा।

रिचा सिंह ने जताया आभार

नवनियुक्त जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि प्रदेश और जिले की कांग्रेस संगठन ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसका वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करेंगी। उन्होंने महिला कांग्रेस को गांव-गांव तक मजबूत करने और महिलाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम को जिला शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष किरण लता सोनी और प्रदेश महिला सचिव रेखा सोनी ने भी संबोधित किया।सभा का संचालन पूर्व जनपद अध्यक्ष देवरी एवं जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण की महामंत्री आंचल अथिया ने किया। आभार प्रदेश महिला कांग्रेस सचिव एवं पार्षद सीमा चौधरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस की परंपरा के अनुसार वंदे मातरम गान से हुई, जिसे सेवादल शहर अध्यक्ष सिन्टू कटारे एवं विजय साहू ने संपन्न कराया।

नवनिर्वाचित अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे का जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से स्वागत किया गया। जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा एवं संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने उन्हें शाल, श्रीफल एवं पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी।

बारिश के बीच बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता

पदभार ग्रहण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ रैली और सभा में मौजूद रहे।

इस अवसर पर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश यादव, अमित रामजी दुबे, राजकुमार धनोरा, मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर, आरआर पाराशर, अशोक कुशवाहा, चक्रेश सिंघई, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, कर्रापुर देवेंद्र कुर्मी, गजेंद्र लोधी, अवधेश तोमर, शैलेंद्र तोमर, आनंद तोमर, प्रवक्ता सूर्य शुक्ला, हेमकुमारी कुर्मी, मनोज पवार, जय पाराशर, अक्षय दुबे, संजना कुर्मी, कमल चौधरी सहित जिला कांग्रेस शहर एवं ग्रामीण के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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किसानों की उपज का सुरक्षित भंडारण और समय पर भुगतान होगा बेहतर: संजय नगायच,अध्यक्ष,मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन

किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण और समय पर भुगतान व्यवस्था को बनाया जाएगा और बेहतर

• आधुनिक तकनीक और नवाचार से बदलेगा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कारपोरेशन का स्वरूप : संजय नगायच


तीनबत्ती न्यूज : 23 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने कहा कि प्रदेश में किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण, खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न समय पर पहुंचाने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था को भी बेहतर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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श्री नगायच इन दिनों प्रदेश के विभिन्न संभागों में समीक्षा बैठकें करने के साथ वेयरहाउसों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं तथा मौके पर सामने आने वाली समस्याओं के निराकरण के निर्देश दे रहे हैं। सागर में उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठक के साथ ही मीडिया से चर्चा की । 

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उन्होंने बताया कि कारपोरेशन का मुख्य फोकस दो प्रमुख विषयों पर है। पहला, वेयरहाउसों का नियमित निरीक्षण कर वहां सामने आने वाली कमियों को दूर करना और दूसरा, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, अनुशासन तथा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना। उन्होंने बताया कि पन्ना जिले में भी वेयरहाउसों के निरीक्षण के दौरान नियमों के समान रूप से पालन पर विशेष जोर दिया गया था।

आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर

श्री नगाईच ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कारपोरेशन की कार्यप्रणाली में नवाचार और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। गेहूं, चना, धान, मूंग सहित किसानों की विभिन्न उपज का बड़े स्तर पर भंडारण वेयरहाउसिंग कारपोरेशन द्वारा किया जाता है। भंडारित खाद्यान्न का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है। इसलिए खाद्यान्न की सुरक्षा और गुणवत्ता बनाए रखना कारपोरेशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। वेयरहाउस परिसरों में सोलर लाइट, ई-वेयरहाउसिंग और ई-कॉमर्स गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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ई-कॉमर्स कंपनियों से जोड़ने की योजना

श्री नगाईच ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्थित वेयरहाउसों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों से जोड़ने तथा कारपोरेशन की उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा वेयरहाउसों के आसपास फ्रूट फॉरेस्ट अथवा अन्य उपयोगी गतिविधियां विकसित करने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन प्रदेश में नए और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगा। किसानों को वेयरहाउस से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए निर्धारित विभागीय माध्यमों के साथ-साथ सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से अपनी समस्या और सुझाव साझा करने की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

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बुंदेलखंड मेडिकल कालेज के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी, बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की सौगात : बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

• डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के निरंतर प्रयासों से मिली बड़ी उपलब्धि




तीनबत्ती न्यूज: 22 अगस्त 2026

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को 60 नर्सिंग सीटों की मंजूरी मिल गई है। यह उपलब्धि संस्थान के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के पिछले दो वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों, प्रशासनिक पहल और दूरदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है। नर्सिंग कॉलेज को मिली इस मंजूरी से सागर सहित पूरे बुंदेलखंड अंचल में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

वर्ष 2024 में नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश पर रोक लग गई थी। इसके बाद संस्थान की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने, आवश्यक मानकों को पूरा करने तथा पुनः मान्यता और नर्सिंग सीटें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लंबे प्रयासों के बाद अब कॉलेज को 60 सीटों की मंजूरी मिलना बीएमसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस उपलब्धि पर डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है।


क्षेत्रीय विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का रास्ता खुला


बीएमसी सागर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। नर्सिंग कॉलेज में 60 सीटों की उपलब्धता से चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

इसका लाभ सागर के अलावा दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अब नर्सिंग शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


प्रशिक्षित नर्सिंग अमले की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती


नर्सिंग की 60 सीटों की मंजूरी से भविष्य में प्रशिक्षित और कुशल नर्सिंग स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ बीएमसी के साथ-साथ आसपास के शासकीय अस्पतालों को भी मिल सकता है।

कुशल नर्सिंग कर्मियों की उपलब्धता से मरीजों की देखभाल, उपचार व्यवस्था और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इस तरह नर्सिंग शिक्षा का विस्तार आने वाले समय में पूरे बुंदेलखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


डीन के प्रयासों को मिली सफलता


बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के कुशल नेतृत्व और सतत प्रयासों से संस्थान को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि 60 नर्सिंग सीटों का मिलना बीएमसी के शैक्षणिक एवं चिकित्सीय विस्तार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे अंचल के छात्र-छात्राओं को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही भविष्य में अस्पतालों को दक्ष एवं प्रशिक्षित नर्सिंग अमला उपलब्ध होगा, जो जन-स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी को क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विद्यार्थियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।

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विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ की प्रादेशिक सभा में पेंशनर्स हितों पर मंथन

विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ की प्रादेशिक सभा में पेंशनर्स हितों पर हुआ मंथन

• पेंशन की गारंटी, महंगाई राहत, सेवांत लाभ और कैशलेस स्वास्थ्य योजना सहित विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा


तीनबत्ती न्यूज, 21 अगस्त, 2026

सागर :  विद्युत मंडल कैंपस, मकरोनिया स्थित सभा गृह में विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ की प्रादेशिक सभा आयोजित की गई। सभा में प्रदेश कार्यकारिणी भोपाल के पदाधिकारियों के साथ सतना, शहडोल, दमोह, पन्ना एवं सागर शाखाओं के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं संयोजक अशोक गुप्ता ने की, जबकि संचालन आर. डी. मिश्रा, सतना ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में बाहर से आए पदाधिकारियों एवं पेंशनर्स का सागर कार्यकारिणी के सदस्यों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।



पेंशनर्स हितों से जुड़े मुद्दों पर हुआ मंथन

प्रादेशिक सभा में पेंशनर्स के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ की ओर से पेंशनर्स के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी दी गई।

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बैठक में पेंशन की गारंटी, महंगाई राहत का समय पर भुगतान, सेवांत लाभों का समयबद्ध भुगतान, कैशलेस स्वास्थ्य योजना, पात्र पेंशनर्स को 35 वर्षीय उच्चतर वेतनमान तथा सारांशीकृत पेंशन की वसूली की युक्तिसंगत गणना जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।


पदाधिकारियों ने पेंशनर्स की समस्याओं और सुझावों की जानकारी भी ली तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक स्तर पर प्रयास किए जाने का भरोसा दिलाया।



प्रदेश पदाधिकारियों ने रखे विचार


सभा को प्रदेश कार्यकारिणी के आशुतोष अवस्थी, बी. एल. पटेल, आर. बी. वैश्य, बी. आर. बंठ एवं एम. एल. सोनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इंजी. जी. डी. त्रिपाठी, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता आई. पी. पटेल, इंजी. सी. बी. यादव एवं आर. बी. वैश्य सहित अन्य सदस्यों ने भी पेंशनर्स से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

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दमोह शाखा की ओर से एल. पी. तिवारी, आर. के. पाण्डेय, अश्विनी कुमार अवस्थी, बाल मुकुंद रैकवार एवं पूरन लाल प्रजापति तथा पन्ना से डी. के. अग्रवाल, एस. पी. जड़िया एवं डी. सी. दास ने सहभागिता की। इस अवसर पर वरिष्ठ सेवानिवृत्त लेखाधिकारी आर. एन. शर्मा का भी स्वागत किया गया।






सागर शाखा ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका


कार्यक्रम के आयोजन में सागर शाखा के संजय भाटिया, जे. एल. चौरसिया, हरिशंकर एवं बेनी प्रसाद ने सक्रिय भूमिका निभाई। श्रवण कुमार चौरसिया ने सागर शाखा का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।


आयोजन में सागर से इंजी. डी. एस. राठी, आर. एल. पटेल, प्रदीप कुमार गुप्ता, एन. एस. बुंदेला, सी. बी. यादव, आर. के. गुप्ता, आर. एस. प्रजापति, के. के. अग्रवाल, सतीश मेहता, राम विवेक गौतम, एम. के. जैन, वीरेंद्र जैन, शीतल जैन, आर. सी. चौरहा, जाहिद खान सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।

संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान

प्रांतीय पदाधिकारियों ने विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ द्वारा पेंशनर्स के हित में किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने संगठन को और मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक पेंशनर्स से संघ की सदस्यता लेने तथा संगठन को सहयोग देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष राजकुमार भट्ट ने सभी उपस्थित पेंशनर्स एवं पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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नरयावली विधानसभा विकास कार्यों पर विधायक लारिया ने कलेक्टर से की चर्चा

नरयावली विधानसभा के विकास कार्यों को लेकर विधायक लारिया ने कलेक्टर से की चर्चा

• मकरोनिया और कर्रापुर में भूमि आवंटन सहित विभिन्न विकास कार्यों पर हुई विस्तृत चर्चा, समरसता कलश वंदन यात्रा की तैयारियों पर भी हुआ विचार-विमर्श


तीनबत्ती न्यूज: 20 अगस्त 2026

सागर। नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल से मुलाकात कर नरयावली विधानसभा क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मकरोनिया एवं कर्रापुर क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए लंबित भूमि आवंटन के प्रकरणों तथा प्रस्तावित निर्माण कार्यों को गति देने पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

विधायक लारिया ने बताया कि मकरोनिया में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भूमि आवंटन संबंधी 11 आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें मकरोनिया स्थित सहकारी गोदाम परिसर की भूमि पर नगर विकास एवं पुनर्धनीकरण (Redensification) योजना के तहत पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल है।

इसके अलावा नगरपालिका परिषद मकरोनिया द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दिव्यांग पार्क, जनपद कार्यालय भवन सहित अन्य विकास कार्यों के लिए भूमि आवंटन के मामलों पर भी चर्चा की गई।


कर्रापुर और नरयावली के विकास कार्यों पर भी चर्चा


कर्रापुर क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तुत आवेदनों तथा सीएम राइज स्कूल के लिए भूमि आवंटन के विषय को भी विधायक ने कलेक्टर के समक्ष रखा। वहीं नरयावली क्षेत्र में प्रस्तावित 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र के लिए भूमि आवंटन तथा लव-कुश मंदिर के लिए स्वीकृत राशि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।


विधायक लारिया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए भूमि आवंटन सहित आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण जरूरी है। इससे जनहित से जुड़े विकास कार्य समय-सीमा में पूरे किए जा सकेंगे।


समरसता कलश वंदन यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा

मुलाकात के दौरान आगामी समरसता कलश वंदन यात्रा की तैयारियों को लेकर भी विधायक लारिया और कलेक्टर प्रतिभा पाल के बीच चर्चा हुई। यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं, जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

विधायक लारिया ने यात्रा को सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का व्यापक संदेश देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए इसकी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की एमए परीक्षा का निरीक्षण, कुलगुरू ने दिए निर्देश

रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरू ने किया एमए परीक्षाओं का निरीक्षण


तीनबत्ती न्यूज: 20 अगस्त, 2026

सागर। रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर से संबद्ध शासकीय महाविद्यालय खुरई एवं विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र में आयोजित एमए द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाओं का विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. विनोद कुमार मिश्रा ने निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कुलगुरू ने दोनों परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्था, अनुशासन और परीक्षा के सुचारू संचालन का जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए परीक्षा संचालन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कुलगुरू ने परीक्षा प्रक्रिया में निर्धारित नियमों एवं अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।

खुरई महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर प्राचार्या डॉ. वंदना गोस्वामी, डॉ. अंकिता चौरसिया, डॉ. अंजलि निरालिया, डॉ. मृत्युंजय सिंह एवं आर्यन सिंह राजपूत मौजूद रहे। वहीं विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र पर डॉ. मिथलेश शरण चौबे, डॉ. राजपाल सिंह एवं डॉ. दिनेश अहिरवार उपस्थित रहे।

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भूपेन्द्र सिंह की शिकायत पर पटियाला हाउस कोर्ट का आदेश, अभिषेक जैन को 11 सितंबर को उपस्थित होने के निर्देश

दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह की शिकायत पर अभिषेक जैन को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया



तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा की गई शिकायत के न्यायालयीन प्रकरण में सुनवाई करते हुए न्यायालय जेएमएफसी-02, पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने प्रस्तावित आरोपी अभिषेक जैन को प्रस्तावित आरोपी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।

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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-02 पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली श्री अनिमेष कुमार के समक्ष प्रकरण क्रमांक 34 Ct Cases / 1017/2026 भूपेन्द्र सिंह बनाम अभिषेक जैन की 14/8/2026 की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भूपेन्द्र सिंह स्वयं अपने अधिवक्ता श्री मुकेश कुमार के साथ न्यायालय में उपस्थित हुए।


शिकायतकर्ता का साक्षी के रूप में परीक्षण पूर्ण कर उन्हें कार्यवाही से मुक्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता के अनुरोध पर समन जारी करने से पूर्व साक्ष्य की कार्यवाही समाप्त मानी गई। समन जारी करने के प्रश्न पर शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता के तर्क सुने गए। तत्पश्चात् प्रकरण में 11 सितंबर, 2026 की बुवाई हेतु तारीख निर्धारित करते हुए प्रस्तावित आरोपी अभिषेक जैन को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

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हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव: भक्ति, ब्रज संस्कृति और उल्लास से सराबोर हुआ सागर

हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव: भक्ति, ब्रज संस्कृति और उल्लास से सराबोर हुआ सागर




तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026

सागर। धर्मश्री स्थित विधायक निवास में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य पं. श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर “हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव” का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुओं ने आयोजन में शामिल होकर ब्रज की भक्ति, सनातन संस्कृति और तीज की पारंपरिक उमंग का आनंद लिया।

कार्यक्रम में सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े एवं सागर विधायक शैलेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वृंदावन से विशेष रूप से पधारे भजन गायक हर्ष भैया ने मधुर एवं आनंदमय भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भजन-कीर्तन के बीच हिंडोले में विराजमान श्रीजी के मनोहारी दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे। वहीं फूलों की होली ने आयोजन में ब्रज की प्रेम और भक्ति की अनूठी छटा बिखेर दी। उपस्थित महिलाओं ने भजनों पर नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया।

हरियाली तीज भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति : लता वानखेड़े

सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि हरियाली तीज जैसे पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीजी के हिंडोला उत्सव में शामिल होकर उन्हें अत्यंत आनंद और आध्यात्मिक अनुभूति हुई। सांसद ने कार्यक्रम की आयोजक श्रीमती अनुश्री जैन एवं उपस्थित मातृशक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सनातन परंपराएं सामाजिक एकता की पहचान : शैलेन्द्र जैन

सागर विधायक  शैलेन्द्र जैन ने कहा कि ब्रज की भक्ति, श्रीजी का हिंडोला, मधुर भजन और फूलों की होली ने आयोजन को विशेष बना दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपराएं केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान भी हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं।


मातृशक्ति को ब्रज की भक्ति और सनातन संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य : अनुश्री जैन

कार्यक्रम की आयोजक श्रीमती अनुश्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि पूज्य पं. श्री इंद्रेश उपाध्याय जी महाराज के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर हरियाली तीज एवं श्रीजी का हिंडोला उत्सव आयोजित करना उनके लिए सौभाग्य और आत्मिक आनंद का विषय है।उन्होंने कहा कि आयोजन के माध्यम से सागर की मातृशक्ति को ब्रज की भक्ति, सनातन संस्कृति और तीज की पारंपरिक उमंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। वृंदावन से आए हर्ष भैया के भजनों, श्रीजी के हिंडोला दर्शन और फूलों की होली ने उत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।उन्होंने आयोजन में शामिल सभी मातृशक्ति, सखियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं।


कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ हरियाली तीज का पर्व मनाया। भक्ति संगीत, नृत्य, फूलों की होली और श्रीजी के हिंडोला दर्शन से पूरा परिसर भक्तिमय एवं आनंदमय बना रहा।

ये रही शामिल

इस अवसर पर जसवीर सोढ़ी, श्रीमती अमृता आनंद, निधि जैन, रितु तिवारी, मनीषा मिश्रा, रेखा मुखरया, गुरविंदर चावला, सरवीन चड्ढा, नम्रता पिंपलापुरे, तनुश्री भाटिया, नीलिमा पिंपलापुरे, मेघा दुबे, रितु सिंह, प्रीति शर्मा, प्रीति सिंह, वैशाली सोनी, मधु दरे, ज्योति सराफ, ममता जैन, माधुरी राजपूत, स्वाति हलवे, निशा शिंदे, वर्षा ठाकुर, रूप राज, श्वेता सराफ, कल्पना सोनी, मंजुश्री चौरसिया, सुनीता रैकवार, दीपाली राठौर, तृप्ति राठौर, मीरा चौबे, विनीता केशरवानी, श्वेता नेमा, रितु बघेल और रिमी राजौरिया सहित बड़ी संख्या में सामाजिक महिलाएं शामिल रहीं।

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स्वतंत्र चेतना तभी सार्थक जब विचार, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्त हो : गवेषणा संवाद

 स्वतंत्र चेतना तभी सार्थक जब व्यक्ति विचार, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्त हो : गवेषणा संवाद

• स्वतंत्रता दिवस पर ‘स्वतंत्र चेतना एक जीवन मूल्य’ विषय पर विचारोत्तेजक संगोष्ठी, स्वतंत्रता के साथ दायित्वबोध और प्रज्ञा को बताया आवश्यक


तीनबत्ती न्यूज, 15 अगस्त 2026

सागर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिली वार्ड स्थित जिज्ञासा वाचनालय एवं शोध संस्थान में संस्था ‘गवेषणा’ के तत्वावधान में ‘स्वतंत्र चेतना एक जीवन मूल्य’ विषय पर विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ व्यक्ति के वैचारिक, मानसिक और चेतनागत रूप से स्वतंत्र होने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार रखा।

वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं है, बल्कि जागरूकता, दायित्वबोध, विवेक और सही-गलत के बीच अंतर करने की क्षमता है। व्यक्ति जब रूढ़ियों, पूर्वाग्रहों और भेदभावपूर्ण मानसिकताओं से मुक्त होकर स्वयं विचार करता है, तभी स्वतंत्रता वास्तविक जीवन-मूल्य का रूप लेती है।


राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ वैचारिक स्वतंत्रता भी जरूरी

विमर्श का संचालन करते हुए गवेषणा के अध्यक्ष एवं जिज्ञासा वाचनालय के संस्थापक डॉ. मनोहर लाल चौरसिया ने कहा कि आज राजनीतिक स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है, लेकिन सामाजिक और वैचारिक चेतना की स्वतंत्रता पर विमर्श करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र समाज की मजबूती के लिए व्यक्ति का विचारों के स्तर पर स्वतंत्र होना जरूरी है।


गवेषणा के सदस्य सारांश गौतम ने ‘स्वतंत्र’ और ‘चेतना’ दोनों शब्दों की गहराई को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने ‘स्व’ और अपनी चेतना के प्रति जागरूक होना चाहिए। कबीर के “अजहु चेत गँवार” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता तभी संभव है, जब व्यक्ति जागरूक और चेतन हो।



गवेषणा के सचिव रमेश चौरसिया ने कहा कि चेतना अपने आप में विचार का महत्वपूर्ण विषय है। चेतना के विभिन्न स्तरों पर व्यापक अध्ययन और शोध हुआ है। यह जानना भी जरूरी है कि हम स्वयं अपनी चेतना के प्रति कितने जागरूक हैं।

दायित्वबोध से जुड़ी है स्वतंत्र चेतना

डॉ. त्रिपुरारी ने स्वतंत्र चेतना को व्यक्ति के दायित्वबोध से जोड़ते हुए कहा कि हम अपने कर्तव्यों, समाज और राष्ट्र के प्रति कितने चैतन्य हैं, यही व्यक्तिगत स्तर पर स्वतंत्र चेतना का प्रमाण है।

सामाजिक रूढ़ियों पर सवाल उठाते हुए फिजियोथेरेपिस्ट रुचि श्रीवास्तव ने ‘कन्यादान’ जैसे प्रचलित शब्दों पर प्रश्न खड़ा किया। उन्होंने कहा कि क्या कन्या कोई वस्तु है, जिसका दान किया जाए? उन्होंने कहा कि पुरातन परंपराओं में जो त्याज्य है, उसे छोड़कर ही समाज स्वतंत्र चेतना की दिशा में आगे बढ़ सकता है।


योग प्रशिक्षक बी.डी. साहू ने कहा कि धर्म, जाति और लिंग आदि के आधार पर बने भेदभावपूर्ण विचारों से ऊपर उठे बिना वास्तविक स्वतंत्रता संभव नहीं है। मनुष्य की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली मानसिकताओं से मुक्ति भी स्वतंत्रता का आवश्यक आयाम है।


डॉ. सरिता चौरसिया ने कहा, “हम स्वतंत्र हों, स्वच्छंद नहीं।” उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निर्णय लेते समय यह चेतना भी आवश्यक है कि हमारे निर्णयों से किसी दूसरे व्यक्ति को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे। इसे उन्होंने चेतना के उच्च स्तर का प्रमाण बताया।


रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्ति जरूरी

भारतीय दर्शन के संदर्भ में दर्शनशास्त्र के विद्यार्थी डॉ. शिव कुमार यादव ने कहा कि भारतीय दर्शन में चेतना के विभिन्न स्तरों पर विशेष जोर दिया गया है। रूढ़िवाद और पूर्वाग्रहों से स्वयं को मुक्त रखना ही स्वतंत्र चेतना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. सत्यनारायण देवलिया ने सनातन परंपरा और भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता से पहले ‘स्व’ को समझना जरूरी है। यदि व्यक्ति अपने स्व और आत्मचेतना के प्रति जागृत है, तो उसके सामाजिक दायित्व और राष्ट्र के प्रति निष्ठा अधिक प्रभावी रूप से सामने आती है।



दर्शनशास्त्र के अध्येता डॉ. अभय कुमार ने कहा कि धर्म, जाति, भाषा और लिंग के भेद से ऊपर उठकर सोचने वाला व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का प्रहरी हो सकता है।पूर्व पार्षद कैलाश चौरसिया ने स्वतंत्रता के साथ दायित्वबोध को आवश्यक बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता की आड़ में स्वच्छंदता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति निष्ठा भी स्वतंत्र चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सेवानिवृत्त उप आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, डॉ. शिवकुमार चौरसिया ने कहा कि स्वतंत्र चेतना का संबंध व्यक्ति की प्रज्ञा से है। इसे अराजकता या मनमाने व्यवहार के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि जो व्यक्ति मन से स्वतंत्र होकर नैतिक दृष्टि से चिंतन कर सकता है, वही स्वतंत्र चेतना को जीवन-मूल्य के रूप में अपना सकता है।

युवाओं के लिए विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता जरूरी

विमर्श को युवा दृष्टिकोण देते हुए जिज्ञासा की छात्रा महिमा ने कहा कि आज के युवाओं के लिए स्वतंत्र चेतना का अर्थ यह भी है कि परिवार उन्हें अपने विचार व्यक्त करने, चीजों को समझने तथा करियर और जीवन से जुड़े निर्णय लेने की पर्याप्त स्वतंत्रता दें।


असहमति के स्वागत के साथ हुआ सार्थक विमर्श

संगोष्ठी की विशेषता यह रही कि इसमें असहमतियों का भी स्वागत करते हुए स्वतंत्र और खुले विमर्श को स्थान दिया गया। उपस्थित श्रोताओं ने विषय को समकालीन जीवन से सीधे जुड़ा हुआ बताते हुए संगोष्ठी को ज्ञानवर्धक और समय का सार्थक उपयोग बताया।

कार्यक्रम के संयोजक जिज्ञासा वाचनालय के तरुण साहू, सोनू चौरसिया, अंकुर चौरसिया अरुणा चौरसिया, शोभा चौरसिया, रामकिसन चौरसिया एवं लवकेश अहिरवार ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

संगोष्ठी में हुए विचार-विमर्श का मूल संदेश यही रहा कि स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं है। विचारों की स्वतंत्रता, रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों से मुक्ति, विवेकपूर्ण निर्णय, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी—इन सभी के समन्वय से ही स्वतंत्र चेतना एक वास्तविक जीवन-मूल्य बन सकती है।

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सागर में नाली निर्माण में अनियमितता पर विधायक शैलेंद्र जैन नाराज, ठेकेदार को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश

नाली निर्माण में अनियमितता पर विधायक शैलेंद्र जैन नाराज, ठेकेदार को दिए गुणवत्ता सुधारने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज : 09 अगस्त, 2026

सागर। सागर शहर के सूबेदार वार्ड में गुलाब बाबा मंदिर से शीतला माता मंदिर तक चल रहे नाली निर्माण कार्य का विधायक शैलेंद्र जैन ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां सामने आने पर विधायक ने नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को तत्काल गुणवत्ता सुधारने तथा निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।

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निर्माण कार्य में मिलीं कमियां

निरीक्षण के दौरान विधायक जैन ने नाली निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री और कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान मसाले में मिट्टी मिलाकर कार्य किए जाने तथा कंक्रीट मशीन का उपयोग नहीं किए जाने जैसी कमियां सामने आईं।

विधायक ने मौके पर ही ठेकेदार से निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ली और स्पष्ट किया कि शासकीय राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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सागर में ट्रेन आने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक, QRF जवानों ने धक्का लगाकर टाला बड़ा हादसा

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उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए कि निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग किया जाए और तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि नाली निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना और नागरिकों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है। यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं होगा तो इसका अपेक्षित लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता के हित में कराए जाते हैं। इनमें लापरवाही अथवा घटिया निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता में कमी पाई गई है, वहां आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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समय सीमा में पूरा करने के निर्देश

विधायक ने निर्माण कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान स्थानीय नागरिकों को कम से कम परेशानी हो और कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं स्थायी जल निकासी की सुविधा मिल सके, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि पूरा कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो।

स्थानीय नागरिकों से भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान विधायक जैन ने स्थानीय नागरिकों से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था और निर्माण कार्य को लेकर जानकारी ली। नागरिकों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से विधायक को अवगत कराया। विधायक ने संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, अमित बैसाखिया सहित स्थानीय नागरिक एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


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सागर में ट्रेन आने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक, QRF जवानों ने धक्का लगाकर टाला बड़ा हादसा

सागर में बड़ा रेल हादसा टला: रेलवे ट्रैक पर बंद हुआ माल से लदा ट्रक, QRF के जवानों ने धक्का मारकर बचाई सैकड़ों जानें

सागर में रेलवे ट्रैक पर फंसे मालवाहक ट्रक को हटाते QRF जवान


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त, 2026

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में QRF (क्विक रिएक्शन टीम) के जवानों की अदम्य तत्परता और जांबाजी से एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा होने से टल गया। मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास माल से लदा एक ट्रक अचानक रेलवे ट्रैक के ठीक बीचों-बीच आकर बंद हो गया। इसी बीच ट्रैक पर ट्रेन आने का समय हो चुका था, लेकिन ड्यूटी पर जा रहे जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी जान पर खेलकर ट्रक को ट्रैक से हटा दिया।

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सागर में ट्रेन आने से पहले ट्रैक पर फंसा ट्रक, QRF जवानों ने धक्का लगाकर टाला बड़ा हादसा

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कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर जा रहे थे जवान

10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), सागर की QRF कंपनी दमोह स्थित प्रसिद्ध बांदकपुर मंदिर में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी संभालने के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही जवानों की गाड़ियां मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास पहुंचीं, उन्होंने देखा कि एक भारी मालवाहक ट्रक ट्रैक के बीचों-बीच फंसा हुआ है। चालक उसे चालू करने की नाकाम कोशिश कर रहा था और ट्रैक पर ट्रेन के आने का खतरा सिर पर मंडरा रहा था।

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कंधे से कंधा मिलाकर लगाया जोर

खतरे और समय की कमी को भांपते हुए QRF के जवानों ने एक सेकंड भी जाया नहीं किया। भारी-भरकम और सामान से लदे ट्रक को हटाना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जवानों ने मोर्चा संभाला और सामूहिक ताकत से ट्रक को धक्का लगाना शुरू कर दिया।

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समय पर टली बड़ी तबाही

जवानों के एकजुट प्रयास से ट्रक को ट्रेन के पहुंचने से ठीक पहले सुरक्षित दूरी पर धकेल दिया गया। कुछ ही देर में वहां से ट्रेन गुजरी। जवानों की इस सूझबूझ और अदम्य साहस की वजह से न सिर्फ एक बड़ा रेल हादसा टल गया, बल्कि कई मासूम जिंदगियां भी सुरक्षित बच गईं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जवानों की इस तत्परता की जमकर सराहना की है।

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नंगे पैर निकले रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी

नंगे पैर निकले संत श्री रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी


तीनबत्ती न्यूज:  8 अगस्त 2026

सागर। गौमाता की मौन पीड़ा को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में गौसेवा के संस्कार को जागृत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक रोटी गाय के लिए’ पुण्य अभियान के तहत परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने सागर में अनूठी सेवा यात्रा की। वे नंगे पैर हाथों में झोली लेकर घर-घर पहुंचे और नागरिकों से गौमाता के लिए एक रोटी देने का आग्रह किया। इस दौरान विधायक शैलेंद्र जैन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने समाज के बीच पहुंचकर गौसेवा का संदेश देते हुए लोगों से अपने घर में बनने वाली पहली रोटी गौमाता के लिए निकालने का आह्वान किया। नंगे पैर, हाथ में झोली और आग्रह सिर्फ एक रोटी का—यह दृश्य नागरिकों के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा।



काली मंदिर से शुरू हुई सेवा यात्रा

अभियान के अंतर्गत सेवा यात्रा काली तिगड्डा स्थित काली मंदिर से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा छैल बिहारी मंदिर, बीजासेन मंदिर, गणेश घाट, राधा माधव मंदिर, गणेश मंदिर (खिरका) एवं गंगा मंदिर (रानीपुरा) होते हुए पुनः गणेश घाट स्थित गणेश मंदिर पहुंची।

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इस दौरान श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से संवाद किया और उनसे गौमाता के लिए अपने घर की पहली रोटी निकालने का आग्रह किया।


रोटी एकत्र करना ही नहीं, संस्कार जगाना उद्देश्य

अभियान का उद्देश्य केवल गौमाता के लिए रोटियां एकत्र करना नहीं है, बल्कि उस सनातन परंपरा और संस्कार को पुनः जनजीवन का हिस्सा बनाना है, जिसमें भोजन करने से पहले गौमाता के लिए एक अंश निकाला जाता था।

अभियान के माध्यम से समाज से सरल लेकिन महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की जा रही है—अपने घर की पहली रोटी गौमाता के नाम।


अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि एक रोटी भले ही छोटी हो, लेकिन किसी मौन जीव के लिए वही बड़ी सेवा बन सकती है। गौसेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से गौमाता की सेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में बंटेगा सांची पेड़ा, फूड पॉइजनिंग के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश

15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में बंटेगा ‘सांची पेड़ा’, फूड पॉइजनिंग की शिकायतों के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश

15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में वितरित होगा सांची पेड़ा

तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर। राष्ट्रीय पर्वों के दौरान स्कूली बच्चों को वितरित की जाने वाली मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सागर संभाग प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयुक्त सागर संभाग एवं प्रशासक बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित सागर अनिल सुचारी ने संभाग के सभी जिलों में 15 अगस्त 2026 और 26 जनवरी 2027 के समारोहों में स्कूली बच्चों को मिठाई के रूप में ‘सांची पेड़ा’ वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

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आयुक्त कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर स्कूलों में आयोजित राष्ट्रीय पर्व समारोहों में बच्चों को मिठाई तथा नागरिकों को नाश्ता वितरित किया जाता है। इस दौरान कई बार अमानक स्तर की मिठाई के कारण फूड पॉइजनिंग की शिकायतें सामने आती हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित मिठाई उपलब्ध कराने के लिए सांची पेड़ा के वितरण का निर्णय लिया है।

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छह जिलों के शासकीय विद्यालयों और कार्यालयों में होगा वितरण

निर्देश के अनुसार सागर संभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिले के सभी शासकीय विद्यालयों एवं कार्यालयों में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्व समारोहों में बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर द्वारा निर्मित ‘सांची पेड़ा’ वितरित किया जाएगा।

सात दिन पहले देनी होगी पेड़ा की मांग

आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त 2026 और 26 जनवरी 2027 के राष्ट्रीय पर्वों के लिए सांची पेड़ा की अग्रिम मांग कम से कम 7 दिन पहले दुग्ध संघ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समारोहों के लिए समय पर पर्याप्त मात्रा में मिठाई उपलब्ध कराई जा सके।

अग्रिम मांग के लिए बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ के मोबाइल नंबर 9893874217, 9981359019, 9752265003 और 7805957186 पर संपर्क किया जा सकता है।

किसान हित में संचालित सहकारी संस्था है सांची डेयरी

बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ किसानों के हित में संचालित सहकारी संस्था है। संघ द्वारा संभाग के विभिन्न जिलों के दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध का संकलन कर उसका प्रसंस्करण किया जाता है और ‘सांची’ ब्रांड के नाम से दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों का विक्रय किया जाता है।

प्रशासन के इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्वों के दौरान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिठाई उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को रोकना भी है।

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सागर में पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में विश्व का विराट माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन सम्पन्न, 50 हजार श्रद्धालुओं ने रचा आस्था का इतिहास

सागर में रचा गया आस्था, भव्यता और दिव्यता का इतिहास

• परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ विश्व का विराट "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान

• लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति, कई किलोमीटर तक उमड़ा आस्था का सैलाब, एक माह की अथक तैयारियों ने रचा सनातन का स्वर्णिम अध्याय


तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई, 2026

सागर: सागर की पावन धरा ने आज एक ऐसे ऐतिहासिक, अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया, जिसने सनातन संस्कृति की विराटता, वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर, धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे।



लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। दिन-रात हजारों स्वयंसेवक, आचार्य, साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे। विशाल यज्ञशाला का निर्माण, भव्य मंडपों की स्थापना, हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात, पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं। लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था।


देशभर से आए श्रद्धालु

29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं। मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे। अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

आस्था की भव्यता और दिव्यता का संगम

यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, विशाल मंडपों, अलंकृत वेदियों, दिव्य श्री यंत्र, पुष्पों की सुगंध, दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया। 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया। शंखनाद, घंटानाद, डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया।


इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन, जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया। यह केवल पूजन नहीं, बल्कि लोकमंगल, विश्वशांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था।



इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई। देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा, नेपाल से रुद्राक्ष, दिल्ली से फल, पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प, सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल, उड़ीसा से 31 हजार नारियल, वाराणसी से कुश, पवित्री, सुपारी, हवन सामग्री, कलावा, शहद एवं श्रृंगार सामग्री, हरिद्वार से गंगाजल, बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल, इंदौर से शक्कर, नागपुर से किशमिश, छत्तीसगढ़ से चावल, बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप, तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा, एक लाख बीड़ा पान, एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई। यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो।



महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं, शंखों, पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ। श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया। जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे, सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ।


लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की। प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना, विश्वास, परिवार का मंगल, राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा।


सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई। एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि, वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज, शंखों का महाघोष, डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था।


इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, धर्म की प्रतिष्ठा, मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा, संस्कार, सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।


आज सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया। भव्यता, दिव्यता, अनुशासन, वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था, सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं, तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता—रचा जाता है।

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