Editor: Vinod Arya | 94244 37885

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों के कृत्य पर फूटा आक्रोश : निकली जनाक्रोश रैली ▪️सांसद, जिला अध्यक्ष, विधायक,महापौर, पूर्व विधायक आदि शामिल , विपक्ष का पुतला दहन

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों के कृत्य पर फूटा आक्रोश : निकली जनाक्रोश रैली 

▪️सांसद, जिला अध्यक्ष, विधायक,महापौर, पूर्व विधायक आदि शामिल , विपक्ष का पुतला दहन


तीनबत्ती न्यूज:25 अप्रैल, 2026

सागर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा पारित नहीं होने देने से महिलाएं आक्रोशित हैं। शनिवार को सागर के चकराघाट से तीन बत्ती तक महिलाओं द्वारा काले वस्त्र पहनकर जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली गई।सैंकड़ो की संख्या में नारी शक्ति व आमजन आक्रोश पदयात्रा में शामिल हुए। जन आक्रोश महिला पदयात्रा में महिलाएं कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को सबक सिखाने के लिए लगाए गए नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। महिलाओं ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन का पुतला दहन किया। इसके पूर्व एक सभा आयोजित की गई। 

इस मौके सांसद डॉ लता वानखेड़े ने कहा कि देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान के लिए पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी। लोकसभा में हुई हालिया चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा नारी सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। इसी के परिणामस्वरूप आज गली-गली और मोहल्लों तक नारी शक्ति जागृत होकर सड़कों पर उतर आई है। 

कार्यक्रम को विधायक शैलेंद्र कुमार जैन महापौर संगीता तिवारी जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन एवं पूर्व विधायक सुधा जैन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सागर ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी पटेल नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार कार्यक्रम सह संयोजक नेहा जैन मंचासीन रहीं।कार्यक्रम का संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष संध्या भार्गव एवं आभार कार्यक्रम संचालन टोली सहसंयोजक मेघा दुबे ने व्यक्त किया। 


सांसद ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे आएं और समाज में जागरूकता फैलाएं। यह स्थिति हार नहीं, बल्कि एक चुनौती है, जिसे स्वीकार कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति के संगठित प्रयासों से भविष्य में यह उद्देश्य अवश्य पूरा होगा।


आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि आज की यह आक्रोश रैली नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारियों के स्वाभिमान के समर्थन में निकली जन-जन की आवाज है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को अधिकार देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका देशभर की महिलाओं ने स्वागत किया है। आप सभी जानते हैं कि दशकों तक महिला आरक्षण का मुद्दा केवल फाइलों में दबाकर रखा गया, लेकिन इसे कानून बनाने का साहस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ।जो लोग वर्षों तक महिलाओं के अधिकारों को टालते रहे, आज वही इस ऐतिहासिक कदम पर भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि नारी सम्मान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और स्पष्ट नीयत की आवश्यकता है—जैसा कि वर्तमान सरकार ने दिखाया है। यह अधिनियम केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण और नेतृत्व में सशक्त भागीदारी देने का संकल्प है।मैं आज दृढ़ता से कहना चाहती हूं—जो नारी शक्ति का सम्मान करेगा, वही देश का नेतृत्व करेगा और जो इसका विरोध करेगा, उसे जनता स्वयं जवाब देगी।


विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि देशभर की नारी शक्ति अब अपने सम्मान और अधिकारों के लिए जागरूक होकर सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की, जिसके विरोध में यह आंदोलन हो रहा है। महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और लोकतंत्र में अपनी भूमिका को समझते हुए सही निर्णय लें। 


भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार देने का ऐतिहासिक प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने इस ऐतिहासिक अवसर को विफल करने के लिए घिनौना प्रयास किया। कांग्रेस का इतिहास हमेशा महिलाओं के खिलाफ रहा है। कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के अपमान से भरा पड़ा है। कांगेस पार्टी और उसके नेताओं ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम किया है। अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो चुकी हैं और किसी भी विरोधी ताकत को अपने रास्ते में रुकावट डालने की अनुमति नहीं देंगी। 


लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन ने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान के प्रत्यक्ष अनुभव को साझा करते हुए कहा कि ज़ब लोकसभा  में चर्चा हो रही थी वह मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण था। वहाँ मैंने महिलाओं की एक अद्भुत शक्ति देखी । मानो देवी स्वरूप में वे देश के भविष्य का निर्माण कर रही हों। आज मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि यह कोई विफलता नहीं है, बल्कि यह एक नए मार्ग की शुरुआत है। हम सब जो आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, वह परिवर्तन की दिशा में एक आवश्यक कदम है। 

पूर्व विधायक सुधा जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से देश की आधी आबादी को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देने का कार्य कर रहे थे। विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार देने से रोका है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है।



पुतला दहन किया गया

वहीं पदयात्रा के समापन के पूर्व उपस्तिथ मातृ शक्ति ने कांग्रेस व इंडी गठबंधन का पुतला दहन किया। कार्यक्रम में रितु सिंह,दीपा तिवारी,शिवा ठाकुर गुंजा,तृप्ति सिंह, प्रतिभा चौबे सुनीता रैकवॉर, मीरा चौबे,संगीता सिंह, स्वाति तिवारी,डॉली सोनी, रूबी पटेल,शारदा कोरी,सोनिया तिवारी,जयंती मौर्य जी,आयुषी चौरसिया सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थिति रहीं।

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

www.Teenbattinews.com

Archive