अंधेपन का खतरा टला: बीएमसी में दुर्लभ 'फंगल साइनोसाइटिस' का सफल ऑपरेशन
तीनबत्ती न्यूज|12 मई, 2026
सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के ईएनटी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों की टीम ने "एग्रेसिव फंगल साइनोसाइटिस" जैसी दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे एक मरीज का सफल ऑपरेशन कर न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि उसकी आंखों की रोशनी को भी खोने से रोक लिया।
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क्या थी मरीज की स्थिति?
38 वर्षीय एक पुरुष पिछले 2-3 महीनों से बाईं आंख में तेज दर्द, चेहरे पर सूजन और धुंधला दिखाई देने की समस्या से परेशान था। धीरे-धीरे संक्रमण इतना बढ़ गया था कि उसकी आंख का आकार बाहर की ओर निकलने लगा था। जांच (CT स्कैन और MRI) में पाया गया कि नाक के भीतर फैला फंगल संक्रमण आंख की मांसपेशियों और आई-बॉल पर भारी दबाव बना रहा था, जिससे मरीज के पूरी तरह अंधा होने का खतरा पैदा हो गया था।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ईएनटी विशेषज्ञों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। आधुनिक एफ ई एस एस (फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी) और ऑर्बिटल डीकंप्रेसन तकनीक का उपयोग करते हुए नाक के रास्ते से ही सारा संक्रमित फंगल मास सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस सफल प्रक्रिया से आंख पर पड़ रहा दबाव तुरंत कम हो गया। ऑपरेशन के बाद अब मरीज की दृष्टि में सुधार है और वह पूरी तरह स्वस्थ है।
मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने बताया कि इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में ईएनटी विभाग से डॉ. रीमा गोस्वामी, डॉ. दिनेश जैन, डॉ. सादिया आफरीन, डॉ. श्वेतांक और डॉ. निधि तथा एनेस्थीसिया टीम से डॉ. अजय सिंह शामिल रहे।
सफलता पर दी बधाई
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने पूरी टीम को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि बीएमसी सागर अब आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज में सक्षम है। इस तरह के सफल ऑपरेशन संस्थान की विशेषज्ञता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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एडिटर : विनोद आर्य
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