वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: विस्थापन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश, प्रमुख सचिव (वन) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा
तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त 2026
सागर। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले गांवों के विस्थापन कार्य को समयसीमा में पूरा करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को प्रमुख सचिव (वन) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शेष बचे गांवों के विस्थापन, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन, मुआवजा वितरण और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शेष बची विस्थापन प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों को देय मुआवजा, पुनर्वास पैकेज तथा कट-ऑफ डेट के निर्धारण से संबंधित लंबित प्रस्तावों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
रहली और देवरी के गांवों पर विशेष चर्चा
बैठक में तहसील रहली एवं देवरी के अंतर्गत आने वाले प्रभावित गांवों, जिनमें ग्राम मुहली, भरई, पटना मुहली सहित अन्य गांव शामिल हैं, के पुनर्वास, मुआवजा राशि वितरण तथा कट-ऑफ डेट के पुनरीक्षण से जुड़े प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में बची हुई परिसंपत्तियों का त्वरित एवं सटीक मूल्यांकन किया जाए। परीक्षण पूर्ण होने के बाद प्रस्तावों को बिना विलंब वरिष्ठ कार्यालय भेजा जाए, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं मुआवजा पैकेज निर्धारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों की आयु एवं पात्रता का निर्धारण दाखिला पंजी तथा अन्य आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर किया जाए, जिससे किसी भी पात्र व्यक्ति का अधिकार प्रभावित न हो।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन मंडल अधिकारी रजनीश सिंह, भू-अर्जन अधिकारी, एसडीएम देवरी मुनव्वर खान, एसडीएम रहली कुलदीप पाराशर सहित वन विभाग के एसडीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विस्थापन कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।






