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सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़



तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026

सागर। संभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़  दो लाख 14 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी।


पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 

रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा

पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी।

हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी।

राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे

मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।



एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार अहिरवार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में ईलाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी : लेकिन  दो साल me बदला रहनसहन

बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां रचना बाई के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी । स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ के पिता के निधन के बाद उसका परिवार बेहद गरीबी में जिंदगी बिता रहा था। सौरभ ऑटो चलाता था और उसकी मां घरों में काम करती थीं। लेकिन डेढ़-दो साल पहले काम बंद करने के बाद परिवार का रहन-सहन अचानक बदल गया और हाल ही में 40 लाख का एक प्लॉट भी खरीदा गया था।
अब इन भाइयों के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।



एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई

एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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सागर बस स्टैंड के पास युवती का हंगामा: धारदार हथियार लेकर सड़क पर किया उत्पात, आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज

सागर बस स्टैंड के पास युवती का हंगामा: हाथ में धारदार हथियार लेकर सड़क पर मचाया उत्पात, पुलिस ने दर्ज किया मामला



तीनबत्ती न्यूज: 27 जुलाई, 2026

सागर। जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास रविवार देर रात एक युवती द्वारा सरेराह हंगामा करने का मामला सामने आया है। युवती हाथ में धारदार हथियार लेकर सड़क पर उतर आई और सरेआम गाली-गलौज करते हुए किसी को जान से मारने की धमकियां देने लगी। इस दौरान उसके साथ दो युवक और एक अन्य युवती भी मौजूद थे।

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घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने युवती के इस हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि युवती हाथ में हथियार लहराते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही है। वायरल वीडियो पुलिस तक पहुँचते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।

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पुलिस की कार्रवाई, हथियार व स्कूटी जब्त 

मामले की जानकारी देते हुए गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने युवती के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार और स्कूटी जब्त कर ली है। आरोपी युवती के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस ने संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बंगाली भाषा बोलने वाले एक बुजुर्ग को करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद उनके परिवार से मिला दिया। डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा के समन्वित प्रयासों से यह मानवीय कार्य संभव हो सका।

जिला अस्पताल में भटकते मिले थे बुजुर्ग

रविवार को डायल-112 को सूचना मिली कि जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से भटक रहे हैं। वह बेहद परेशान थे और ऐसी भाषा में बात कर रहे थे जिसे आसपास मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे। सूचना मिलते ही एफआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित थाना गोपालगंज ले आई।

भाषा बनी चुनौती, पुलिस ने नहीं मानी हार

थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बुजुर्ग से बातचीत कर उनकी पहचान और निवास की जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन भाषा अलग होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरक्षक दशरथ मालवीय और आनंद सिंधु उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंचे, जहां सीसीटीवी शाखा की टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी पहचान का प्रयास शुरू किया।

लगातार बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग बंगाली भाषा बोल रहे हैं। काफी प्रयास के बाद बातचीत में उनके मुंह से "शनि मंदिर" शब्द सुनाई दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी तकनीक से मिला घर का रास्ता

सीसीटीवी शाखा ने शहर के विभिन्न कैमरों के फुटेज के जरिए शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही उनके हाव-भाव बदल गए और पुलिस को सही दिशा मिल गई।

इसके बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को शनि मंदिर क्षेत्र लेकर पहुंची। वहां से उन्होंने अपने घर का रास्ता बताना शुरू किया और पुलिस उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में सफल रही।

चार घंटे से परेशान था परिवार

जांच में पता चला कि बुजुर्ग के परिजन आर्मी अस्पताल में कार्यरत हैं और आर्मी क्षेत्र में रहते हैं। परिवार पिछले करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहा था, हालांकि अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जैसे ही पुलिस बुजुर्ग को सुरक्षित घर लेकर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और भावुक होकर सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

टीमवर्क और संवेदनशीलता की मिसाल

इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने मिलकर लगातार चार घंटे तक प्रयास किए। भाषा की बाधा, पहचान का अभाव और सीमित जानकारी के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की।


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