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सागर में पुलिसकर्मियों के परिवारों को 40 लाख के बीमा चेक, SBI ने दिया लाभ,

विशेष पुलिस सैलरी पैकेज : स्टेट बैंक सागर ने पुलिस कर्मियों के परिवारों को प्रदान किए 40 लाख रुपये के बीमा चेक



तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए संचालित विशेष पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मुफ्त जीवन बीमा सुविधा का लाभ पुलिस कर्मियों के परिजनों को दिलाया गया। 10वीं बटालियन मकरोनिया के चार पुलिसकर्मियों के निधन के बाद भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं और पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बीमा राशि स्वीकृत कराई गई।

इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया की उपस्थिति में स्वर्गीय पुलिसकर्मियों के परिजनों को सांकेतिक बीमा चेक प्रदान किए गए।

इनको मिली बीमा राशि

बीमा योजना के अंतर्गत श्रीमती काजल गौतम, पत्नी स्वर्गीय श्री प्रहलाद गौतम (आरक्षक), श्रीमती रुक्मणी, पत्नी स्वर्गीय श्री श्रीनिवास सिंह (उप निरीक्षक), श्रीमती मुन्नी बाई, पत्नी स्वर्गीय श्री मनसुखलाल (प्रधान आरक्षक) तथा श्रीमती विमला देवी, पत्नी स्वर्गीय श्री करण बहादुर (प्रधान आरक्षक) को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 10-10 लाख रुपये, कुल 40 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में परिजनों को चेक सौंपे। पुलिस विभाग और बैंक की संयुक्त कार्रवाई से मृत पुलिसकर्मियों के परिवारों को समय पर बीमा योजना का लाभ मिल सका।

कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से आशु साहू, मुख्य प्रबंधक सिविल लाइंस शाखा, अजय तिवारी, शाखा प्रबंधक मकरोनिया शाखा एवं पंकज श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक यूनिवर्सिटी शाखा उपस्थित रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से सूरजमल राजौरिया, उप सेनानी एवं संतोष कुमार, कार्यवाहक उप निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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सागर कैंट पुलिस ने 20 किलो 356 ग्राम गांजा पकड़ा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सागर कैंट पुलिस ने 20 किलो 356 ग्राम गांजा पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार


तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त, 2026

सागर। थाना कैंट पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 किलो 356 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2.80 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा गांजा परिवहन में प्रयुक्त करीब 80 हजार रुपये कीमत की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई में कुल करीब 3.60 लाख रुपये का मशरूका जब्त हुआ है।

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पुलिस को 16 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति रेलवे स्टेशन रोड से फोरलेन होते हुए भैंसा बायपास की ओर अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर कैंट पुलिस टीम ने  बंगला, कैंट के पास घेराबंदी की और संदिग्धों को रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 20 किलो 356 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे के परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल क्रमांक MP 15 ZH 2945 भी जब्त की।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में सौरभ पिता अमरसिंह अहिरवार (21), निवासी ग्राम तालचिरी, थाना गोपालगंज, जिला सागर तथा प्रिंस पिता राजू अहिरवार (19), निवासी बिल्थरे मोहल्ला, गौरझामर, जिला सागर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कैंट रोहित डोंगरे, उपनिरीक्षक अशोक तिवारी, उपनिरीक्षक संजय बामनिया , आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र सिंह (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक नीरज बांगर, प्रदीप शर्मा, आरक्षक आशीष यादव, आरक्षक भानुप्रताप चौधरी, आरक्षक देवेन्द्र रावत एवं आरक्षक नरेश की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। 

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सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को मिली करीब 3 करोड़ की नकदी, नोट गिनने मंगानी पड़ी मशीन

• सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ फोटो ने पकड़ाया 3 करोड़



तीनबत्ती न्यूज: 16 अगस्त, 2026

सागर। संभागीय मुख्यालय सागर में हथियार की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को करीब 3 करोड़  दो लाख 14 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है। पुलिस को मकान से हथियार तो नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगानी पड़ी। आरोपियों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारो के साथ वायरल थे।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो वायरल होने और अवैध हथियार रखे होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ अहिरवार, पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर दबिश दी।


पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार नहीं मिला, लेकिन एक अलमारी में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।प्रारंभिक अनुमान में नकदी करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 

रिश्तेदार का बताया जा रहा है पैसा

पुलिस की पूछताछ में परिवार के लोगों ने दावा किया कि बरामद रकम उनके एक रिश्तेदार की है। बताया गया है कि यह रिश्तेदार भोपाल में पीडब्ल्यूडी में रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की हैं। परिवार के मुताबिक रकम करीब आठ महीने पहले मकान में लाई गई थी।

हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने की वजह क्या थी।

राजस्व और आयकर विभाग को दी सूचना

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राजस्व विभाग और आयकर विभाग को भी सूचना दी। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम के स्वामित्व, स्रोत और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

एसपी अनुराग सुजानिया समेत अधिकारी पहुंचे

मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनुराग सुजानिया भी मौके पर पहुंचे। वे कई घंटे तक मकान के अंदर रहे और परिवार के सदस्यों से पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई की निगरानी की। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व और आयकर विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।



एसपी अनुराग सुजानिया  ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार आदि प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस सौरभ के घर पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि मिली है। परिवार की ओर से इसे रिश्तेदार की रकम बताया जा रहा है। कोई भोपाल के रमेश कुमार अहिरवार है । रकम करीब आठ महीने पहले घर में ईलाए जाने की बात भी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दोनों भाई चलाते हैं किराए की टैक्सी : लेकिन  दो साल me बदला रहनसहन

बताया गया है कि सौरभ अहिरवार अपने भाई अंकित और मां रचना बाई के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं। उनके पिता जगदीश अहिरवार का निधन हो चुका है। दोनों भाइयों के खर्चो की क्षेत्र में चर्चाए बनी रहती थी । स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरभ के पिता के निधन के बाद उसका परिवार बेहद गरीबी में जिंदगी बिता रहा था। सौरभ ऑटो चलाता था और उसकी मां घरों में काम करती थीं। लेकिन डेढ़-दो साल पहले काम बंद करने के बाद परिवार का रहन-सहन अचानक बदल गया और हाल ही में 40 लाख का एक प्लॉट भी खरीदा गया था।
अब इन भाइयों के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब परिवार के बताए दावे की भी जांच कर रही है। रकम से जुड़े दस्तावेज, उसके वास्तविक मालिक और आय के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है।



एडिशनल एसपी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई

एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि गोपालगंज पुलिस को हथियार संबंधी सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर मकान में दबिश दी गई थी। तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई है। पैसा किसका है और कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस, राजस्व और आयकर विभाग की जांच जारी है। नोटों की गिनती, दस्तावेजों के सत्यापन और रकम के स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही करीब 3 करोड़ रुपये की इस नकदी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क, 5.50 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा

सागर पुलिस ने खोला फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क, 5.50 करोड़ से अधिक के लेन-देन का खुलासा


तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त ,2026

सागर। सायबर अपराध और सायबर ठगी के खिलाफ सागर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी फर्म बनाकर साईबर फ्रॉड और ऑनलाइन बेटिंग के मामलों का खुलासा किया है। इसमें 16 फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आई है।मकरोनिया थाना पुलिस ने बेरोजगार और सामान्य लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में बनाकर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में 16 से अधिक फर्जी फर्मों और 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजेक्शन का पता चला है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।इस पूरे मामले का खुलासा सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने पत्रकार वार्ता में किया।

बेरोजगारों को कमीशन का लालच देकर खुलवाते थे खाते

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके आधार सहित अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। बाद में इन खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर सायबर ठगी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाना क्षेत्र के रोहित पिता रूपराज पटेल ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई है और फेडरल बैंक, मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट खोला गया है। पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि रोहित के नाम से ‘ग्लैमर इंटरप्राइजेस’ नामक फर्म बनाई गई थी। इस खाते में फरवरी 2026 से करीब छह माह की अवधि में लगभग 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था। इसके बाद पुलिस ने बैंक खातों, फर्मों और तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया।

पूछताछ में सामने आया नेटवर्क

विवेचना के दौरान पुलिस ने धर्मेन्द्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में धर्मेन्द्र नाहर ने बताया कि उसने यह काम भोपाल निवासी अमित विश्वकर्मा से मुंबई में सीखा था। अमित ने उसे बताया था कि ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की आवश्यकता होती है।

इसके बाद धर्मेन्द्र नाहर ने सोनू दांगी तथा भोपाल निवासी सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी और स्वर्णेन्द्र पांडे के साथ मिलकर लोगों के नाम से फर्जी फर्में बनाकर बैंक खाते खुलवाना शुरू किया।

16 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस के अनुसार अब तक जांच में निम्न फर्मों के नाम सामने आए है : 1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस

2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस

3. सूर्या इंटरप्राइजेस

4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स

5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर

6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स

7. स्टार इंटरप्राइजेस

8. राजपूत इंटरप्राइजेस

9. अनुभव ट्रेडर्स

10. सागर ट्रेडर्स

11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस

12. सौरभ इंटरप्राइजेस

13. माखन इंटरप्राइजेस

14. अंकेश इंटरप्राइजेस

15. तनविक इंटरप्राइजेस

16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स

इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण जारी है।

फर्म और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और संबंधित बैंक खातों को खुलवाने की प्रक्रिया में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीयन या बैंक खाते खोलने में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दो आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश

गिरफ्तार आरोपी में धर्मेन्द्र पिता हरिदास नाहर, उम्र 38 वर्ष, निवासी सिविल लाइन के पीछे, खजुराहो, छतरपुर; हाल निवासी शिवनगर, थाना बहेरिया, सागर और  सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, सागर। है 

अन्य आरोपियो में अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी भोपाल, विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी भोपाल और  स्वर्णेन्द्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी भोपाल है।  पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

एसपी ने नागरिकों से की अपील

एसपी अनुराग सुजानिया ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे खातों का इस्तेमाल सायबर ठगी की रकम के लेन-देन में होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी मकरोनिया, उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, थाना प्रभारी बहेरिया, उपनिरीक्षक रामअवतार धाकड़, उपनिरीक्षक राकेश राजपूत, उपनिरीक्षक मनीषा तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक आशीष गौतम, प्रदीप शर्मा, मनीष तिवारी, आशीष यादव, भानूप्रताप, सृजन तिवारी, देवेन्द्र रावत, नरेंद्र रावत, शुभम, अरविंद एवं अजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सागर पुलिस ने 112 गुम मोबाइल किए रिकवर, ₹16.50 लाख के फोन लौटाए असली मालिकों को

सागर पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 112 गुम मोबाइल रिकवर: ₹16.50 लाख के फोन वास्तविक मालिकों को लौटाए


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

सागर। सागर पुलिस ने साइबर तकनीक और लगातार किए गए तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के जरिए गुम हुए 112 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹16 लाख 50 हजार है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन और मार्गदर्शन में साइबर टीम द्वारा की गई।


सागर के साथ अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंची साइबर टीम


सागर पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों तथा प्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी, IMEI नंबर और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर लगातार ट्रेसिंग की गई। संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन बरामद किए गए।

साइबर टीम की अहम भूमिका

मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों से समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया।

₹16.50 लाख कीमत के मोबाइल बरामद

सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब ₹16,50,000 है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के अलावा महंगे iPhone भी शामिल हैं।

बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता और साइबर टीम की लगातार मेहनत को दर्शाती है।



मोबाइल वापस मिलने पर खिले लोगों के चेहरे

गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने सागर पुलिस और पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन में केवल आर्थिक मूल्य ही नहीं होता, बल्कि उसमें लोगों के व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।


सागर पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी, बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।


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सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर पुलिस डायल 112 FRV में लाइव कैमरों से प्रधान आरक्षक की मॉनिटरिंग


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण सागर में सामने आया। थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आने के बाद डायल-112 की FRV-29 से सागर स्थित बंसल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने FRV में लगे लाइव कैमरों के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक उनकी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी हैं। घटना के समय वे पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बांदरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर लेकर रवाना हुई है।

लाइव कैमरे से रखी मरीज की स्थिति पर नजर

सूचना मिलते ही एएसपी भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। करीब 30 किलोमीटर के सफर के दौरान उन्होंने मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी। साथ ही FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी किया संपर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी ली। इसके बाद FRV में मौजूद पुलिसकर्मियों को चिकित्सकों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया।


समय पर उपचार से मिली मदद


FRV-29 प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली।


तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतर उदाहरण

सागर पुलिस की इस पहल ने दिखाया कि डायल-112 की FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता और लगातार मॉनिटरिंग ने तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण पेश किया।

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Sagar Crime : शादी का झांसा देकर डेढ़ लाख की ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, पुलिस ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

जैसीनगर पुलिस की कार्रवाई, नकदी, चांदी की पायल और वारदात में प्रयुक्त कार जब्त, दो आरोपी फरार



तीनबत्ती न्यूज: 01अगस्त, 2026

सागर। शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ सागर जिले की  जैसीनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, चांदी की पायल और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी राहतगढ़ योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना जैसीनगर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

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शादी के बाद जेवर और नकदी लेकर फरार हुई दुल्हन

जानकारी के अनुसार ग्राम महुआखेड़ा पैगवार निवासी नोनीराम पटेल ने थाना जैसीनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने शादी कराने का झांसा देकर उसकी शादी रुकमणी चतुर्वेदी से कराई थी। विवाह के बाद रुकमणी चतुर्वेदी शादी में मिले सोने-चांदी के जेवरात और ₹30 हजार नकद सहित करीब ₹1.50 लाख की संपत्ति लेकर फरार हो गई।

फरियादी की शिकायत पर थाना जैसीनगर में अपराध क्रमांक 197/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पूछताछ में हुआ गिरोह का खुलासा

पुलिस जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर की सूचना पर आरोपी अरविंद विभार पिता जगतसिंह विभार निवासी जकराना, थाना बहरोड़, जिला अलवर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों रुकमणी चतुर्वेदी, ममता चतुर्वेदी, जीन्स नूर उर्फ सगीता और वाहन चालक सोनू अहिरवार के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।

जांच में रुकमणी चतुर्वेदी और वाहन चालक सोनू अहिरवार की संलिप्तता पाए जाने पर दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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आरोपियों से यह सामग्री बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से—

  • ₹20 हजार नगद
  • चांदी की पायल (कीमत करीब ₹20,700)
  • घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक MP-34-CA-0304 (कीमत करीब ₹1.50 लाख)

जब्त की है।

मामले में ममता चतुर्वेदी एवं जीन्स नूर उर्फ सगीता निवासी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

न्यायालय ने भेजा जेल

गिरफ्तार आरोपी अरविंद विभार, रुकमणी चतुर्वेदी और सोनू अहिरवार को 1 अगस्त 2026 को न्यायालय सागर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जे.पी. ठाकुर सहित प्रधान आरक्षक विकास सिंह ठाकुर, जयसिंह कुर्मी, हुकुम धुर्वे, आरक्षक जितेंद्र रजक, गौरव कोरी, रामप्रकाश स्थापक, महिला आरक्षक अनीता लोधी एवं महिला आरक्षक तपस्या रजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर



तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

सागर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की अध्यक्षता में जिले की व्यापक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

एसपी अनुराग सुजानिया ने सभी थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण, गंभीर मामलों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध विवेचना, फरार एवं इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की प्रभावी तामील तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संगठित एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी पर भी विशेष जोर दिया।



बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रात्रि गश्त, कॉम्बिंग गश्त और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

एसपी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत और अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा व विश्वास का वातावरण मजबूत करना सागर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया।

फोकस में रहे प्रमुख निर्देश

  • लंबित अपराधों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण।
  • फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी।
  • महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई।
  • साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष फोकस।
  • अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा के खिलाफ सतत अभियान।
  • रात्रि गश्त और कॉम्बिंग गश्त को और प्रभावी बनाना।
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
  • पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील एवं पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करना।


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सागर में स्कूल बस चेकिंग अभियान: 240 बसों की जांच, 110 पर कार्रवाई, ₹77,900 का जुर्माना

सागर में स्कूल बसों पर पुलिस की सख्ती: 10 दिन के अभियान में 240 बसों की जांच, 110 पर कार्रवाई, ₹77,900 का जुर्माना


तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर पुलिस ने जुलाई माह में 10 दिवसीय विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिलेभर में 240 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया, जिनमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 110 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल ₹77,900 का समन शुल्क वसूला गया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों और केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के प्रावधानों के अनुरूप स्कूल बसों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना था। अभियान में यातायात पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने बसों का तकनीकी और सुरक्षा मानकों के आधार पर गहन निरीक्षण किया।



इन मामलों में हुई कार्रवाई

जांच के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें—

  • बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 1 कार्रवाई।
  • बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र संचालित 2 बसों पर कार्रवाई।
  • अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर 7 चालान।
  • निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन करने पर 5 चालान।
  • अन्य मोटरयान अधिनियम के उल्लंघन पर 95 चालान किए गए।

सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच

अभियान के दौरान प्रत्येक स्कूल बस का निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर निरीक्षण किया गया। इसमें बस का गोल्डन येलो रंग, "स्कूल बस" अंकन, पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, विद्यालय का नाम व संपर्क नंबर, सुरक्षित दरवाजे, बैठने की क्षमता, प्रशिक्षित परिचालक, चालक का वैध लाइसेंस व अनुभव, गणवेश, नेम प्लेट, GPS/VLT, CCTV कैमरे, आपातकालीन निकास, सीट बेल्ट, ब्रेक, टायर, लाइट, हॉर्न और वाइपर सहित सभी सुरक्षा मानकों की जांच की गई।

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स्कूल प्रबंधन को नोटिस

जिन स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई करने के साथ संबंधित विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक सुधार के लिए नोटिस भी जारी किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे विशेष अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

पुलिस अधीक्षक की अपील

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने सभी विद्यालय संचालकों, स्कूल वाहन संचालकों और चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल बस का संचालन मोटरयान अधिनियम और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन, तेज गति या अन्य सुरक्षा संबंधी लापरवाही दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या यातायात पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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सागर: पत्नी की हत्या कर फरार आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, जैसीनगर पुलिस ने कुल्हाड़ी भी बरामद की

पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर फरार आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले की जैसीनगर पुलिस ने पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी को महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी राहतगढ़ योगेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में थाना जैसीनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

चरित्र शंका में की पत्नी की हत्या

पुलिस के अनुसार 18 जुलाई 2026 को फरियादी कोमल सेन ने थाना जैसीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 जुलाई की रात करीब 11:45 बजे कृषि मंडी गेट, जैसीनगर के पास रहने वाले मनोहर सेन ने अपनी पत्नी रश्मि सेन पर चरित्र शंका के चलते धारदार कुल्हाड़ी से गर्दन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जंगल की ओर फरार हो गया।

डायल-112 पहुंची, लेकिन नहीं बच सकी जान

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल रश्मि सेन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसीनगर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मामले में थाना जैसीनगर में अपराध क्रमांक 192/2026 के तहत धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) में हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से दबोचा आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

19 जुलाई को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मनोहर सेन केसली क्षेत्र के वनदेवी जंगल की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही जैसीनगर और केसली पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

हत्या स्वीकार, कुल्हाड़ी बरामद

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पत्नी पर संदेह के चलते आवेश में आकर हत्या की। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच जारी है।

इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका

इस अंधे हत्याकांड के त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक जे.पी. ठाकुर, प्रधान आरक्षक सहयोग कुमार, जयसिंह कुर्मी, हुकुम धुर्वे, कमलेश नामदेव, आरक्षक जितेन्द्र रजक, काजी सहित थाना जैसीनगर एवं थाना केसली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस ने संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बंगाली भाषा बोलने वाले एक बुजुर्ग को करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद उनके परिवार से मिला दिया। डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा के समन्वित प्रयासों से यह मानवीय कार्य संभव हो सका।

जिला अस्पताल में भटकते मिले थे बुजुर्ग

रविवार को डायल-112 को सूचना मिली कि जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से भटक रहे हैं। वह बेहद परेशान थे और ऐसी भाषा में बात कर रहे थे जिसे आसपास मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे। सूचना मिलते ही एफआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित थाना गोपालगंज ले आई।

भाषा बनी चुनौती, पुलिस ने नहीं मानी हार

थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बुजुर्ग से बातचीत कर उनकी पहचान और निवास की जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन भाषा अलग होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरक्षक दशरथ मालवीय और आनंद सिंधु उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंचे, जहां सीसीटीवी शाखा की टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी पहचान का प्रयास शुरू किया।

लगातार बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग बंगाली भाषा बोल रहे हैं। काफी प्रयास के बाद बातचीत में उनके मुंह से "शनि मंदिर" शब्द सुनाई दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी तकनीक से मिला घर का रास्ता

सीसीटीवी शाखा ने शहर के विभिन्न कैमरों के फुटेज के जरिए शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही उनके हाव-भाव बदल गए और पुलिस को सही दिशा मिल गई।

इसके बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को शनि मंदिर क्षेत्र लेकर पहुंची। वहां से उन्होंने अपने घर का रास्ता बताना शुरू किया और पुलिस उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में सफल रही।

चार घंटे से परेशान था परिवार

जांच में पता चला कि बुजुर्ग के परिजन आर्मी अस्पताल में कार्यरत हैं और आर्मी क्षेत्र में रहते हैं। परिवार पिछले करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहा था, हालांकि अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जैसे ही पुलिस बुजुर्ग को सुरक्षित घर लेकर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और भावुक होकर सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

टीमवर्क और संवेदनशीलता की मिसाल

इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने मिलकर लगातार चार घंटे तक प्रयास किए। भाषा की बाधा, पहचान का अभाव और सीमित जानकारी के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की।


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डायल-112 की तत्परता से टली संभावित अनहोनी, रात 3 बजे सुनसान सड़क पर मिली नाबालिग बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

डायल-112 की तत्परता से टली संभावित अनहोनी, रात 3 बजे सुनसान सड़क पर मिली नाबालिग बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया 



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस की सतर्कता और डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित अनहोनी टल गई। खुरई क्षेत्र में रात करीब 3 बजे सुनसान सड़क पर अकेली घूम रही 14-15 वर्षीय नाबालिग बालिका को एफआरवी टीम ने सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया। बेटी के सकुशल मिलने पर परिजनों ने सागर पुलिस, डायल-112 और एफआरवी टीम का आभार व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर जिले में बच्चों से संबंधित प्रत्येक सूचना पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 18 जुलाई की रात 3:01 बजे डायल-112 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सूचना मिली कि खुरई क्षेत्र के निर्तला पेट्रोल पंप के पास एक नाबालिग बालिका अकेली घूम रही है।

सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने एफआरवी-27 खुरई को मौके पर रवाना किया। टीम ने पहुंचकर बालिका से संवेदनशीलता के साथ बातचीत की और उसके परिजनों की जानकारी जुटाई। इसके बाद उसके पिता और भाई से संपर्क कर बालिका को सुरक्षित उसके गांव वेरखेड़ी पहुंचाकर सुपुर्द कर दिया।

पुलिस के अनुसार रात के समय सुनसान सड़क पर अकेली नाबालिग बालिका का होना किसी भी संभावित अपराध, दुर्घटना या अप्रिय घटना का कारण बन सकता था। समय पर एक जागरूक नागरिक द्वारा डायल-112 पर सूचना देना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई संभावित अनहोनी को टालने में निर्णायक साबित हुई।

इस कार्रवाई में एफआरवी-27 खुरई के आरक्षक संजय कुमार और पायलट शिव कुमार दांगी की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता सराहनीय रही। पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने भी सूचना मिलते ही प्रभावी समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित की

सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बच्चा या बच्ची असहाय, भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे तो तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। आपकी एक सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचाने और संभावित अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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Sagar News: पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी की बेटी अंजली चौहान ने IISc बेंगलुरु से एमटेक कर बढ़ाया सागर का गौरव

सागर पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी की बेटी अंजली चौहान ने IISc बेंगलुरु से एम.टेक. कर बढ़ाया जिले का गौरव, प्रतिष्ठित कंपनी में हुआ चयन

▪️GATE-2023 में ऑल इंडिया रैंक-13 हासिल कर बनाई राष्ट्रीय पहचान, अब एम.टेक. पूरी करते ही मिला आकर्षक पैकेज पर जॉब ऑफर


तीनबत्ती न्यूज: 11 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस कंट्रोल रूम के प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान की पुत्री अंजली चौहान ने देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान Indian Institute of Science (IISc) बेंगलुरु से एम.टेक. की उपाधि प्राप्त कर सागर जिले का गौरव बढ़ाया है। अंजली की इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग सहित शहर के विभिन्न वर्गों में खुशी का माहौल है।

अंजली चौहान ने अपनी प्रतिभा का परिचय वर्ष 2023 में उस समय दिया था, जब उन्होंने बी.टेक. के अंतिम वर्ष में आयोजित GATE परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-13 हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में एम.टेक. में प्रवेश मिला।

कड़ी मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के बल पर अंजली ने एम.टेक. की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की और डिग्री प्राप्त करने के साथ ही एक प्रतिष्ठित कंपनी में आकर्षक पैकेज पर उनका चयन भी हो गया।

भाई BARC में वैज्ञानिक

चौहान परिवार की यह उपलब्धि और भी विशेष इसलिए है क्योंकि अंजली के भाई वर्ष 2019 से Bhabha Atomic Research Centre (BARC) में वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रकार परिवार ने शिक्षा, प्रतिभा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पुलिस सेवा जैसी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के बीच उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान द्वारा अपने बच्चों को उच्च शिक्षा और उत्कृष्ट संस्कार प्रदान करना समाज के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। अंजली की सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और पारिवारिक सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

अंजली चौहान की इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने चौहान परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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सागर: स्कूल में घुसकर शिक्षकों और बच्चों से मारपीट, दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

सागर: स्कूल में घुसकर शिक्षकों और बच्चों से मारपीट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल


तीनबत्ती न्यूज: 10 जुलाई, 2026

सागर: सागर जिले के बण्डा थाना क्षेत्र में शासकीय विद्यालय में घुसकर उत्पात मचाने, शिक्षकों से अभद्रता और मारपीट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल बण्डा भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, फरियादिया श्रीमती लक्ष्मी सोनी (61 वर्ष) निवासी नया मोहल्ला, वार्ड क्रमांक-09, बण्डा ने थाना बण्डा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह ग्राम क्वायला स्थित शासकीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही थीं। इसी दौरान गांव के निवासी नीलेश उर्फ डिल्लू यादव (27 वर्ष) और उसका साथी सोनू दांगी (30 वर्ष) विद्यालय परिसर में पहुंचे और हंगामा करने लगे।

शिक्षकों द्वारा समझाइश देने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की और शिक्षक तथा विद्यालय में मौजूद बच्चों के साथ मारपीट कर भय का माहौल बना दिया।

ये लगी धाराएं

शिकायत के आधार पर थाना बण्डा में अपराध क्रमांक 471/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 296(बी), 115(2), 351(2), 3(5), 121(1), 132 एवं 221 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदीप सिंह भदौरिया एवं एसडीओपी बण्डा प्रदीप वाल्मीकि के मार्गदर्शन में थाना बण्डा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों को जेल भेजने के आदेश दिए।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र कुशवाह, उप निरीक्षक आदिल खान, प्रधान आरक्षक भोलानाथ यादव, रमेश, आरक्षक दशरथ एवं प्रहलाद की विशेष भूमिका रही।


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सागर पुलिस लाइन में सिंहस्थ-2028 प्रशिक्षण का पांचवां सप्ताह पूरा, 88 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण

सागर पुलिस लाइन में सिंहस्थ-2028 प्रशिक्षण का पांचवां सप्ताह पूरा, 88 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण


तीनबत्ती न्यूज: 04 जुलाई, 2026

सागर। आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पुलिस लाइन सागर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवें सप्ताह का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस सप्ताह जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं से आए 88 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को सिंहस्थ मेले के दौरान बेहतर Law & Order, Crowd Management, Disaster Management तथा समन्वित पुलिसिंग के लिए दक्ष बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण, VIP Duty, यातायात प्रबंधन, आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा प्रबंधन तथा समन्वित पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित Mock Drill भी कराई, जिससे अधिकारी और कर्मचारी वास्तविक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी एवं पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।


प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया और सिंहस्थ-2028 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार का नियमित प्रशिक्षण पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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