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बारिश में भीगते नंगे पैर भक्तों के द्वार पहुंचे श्री रावतपुरा सरकार : दिया ‘एक रोटी गाय के लिए’ का संदेश

बारिश में भीगते नंगे पैर भक्तों के द्वार पहुंचे श्री रावतपुरा सरकार:  ‘एक रोटी गाय के लिए’ अभियान से दिया गौ सेवा का संदेश

रावतपुरा सरकार एक रोटी गाय के लिए अभियान सागर मोहन नगर

तीनबत्ती न्यूज: 15 अगस्त 2026

सागर। गौ सेवा और संस्कार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संत श्री रावतपुरा सरकार ने मोहन नगर वार्ड में ‘एक रोटी गाय के लिए’ पुण्य अभियान चलाया। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे महाराज जी झोली लेकर भक्तों के द्वार पहुंचे और गौ माता के लिए एक रोटी एवं गुड़ देने का आग्रह करते हुए भिक्षा मांगी।


अभियान के दौरान बारिश शुरू हो जाने के बावजूद संत श्री रावतपुरा सरकार नंगे पैर झोली लेकर लोगों के बीच पहुंचे और गौ माता के लिए ‘एक रोटी और गुड़’ देने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि वे अपने भोजन में से प्रतिदिन पहली रोटी गौ माता के लिए निकालें और गौ सेवा को दैनिक संस्कार का हिस्सा बनाएं।



इन मार्गों से होकर गुजरी यात्रा

अभियान की शुरुआत रामप्याऊ गली के सामने से हुई। इसके बाद महाराज जी विद्यापीठ स्कूल के पास भक्तों से मिले। यात्रा देवालय मंदिर वाली गली, बब्बू महाराज की मढ़िया होते हुए देवेंद्र तिगड्डा, टीला, मिश्रा कुआं और मेहताजी काली (भैया जी वैद्य) वालों की गली से होकर आगे बढ़ी।

इसके बाद यात्रा बिहारी जी मंदिर गली पहुंची, जहां से संत श्री रावतपुरा सरकार ने श्री देव अटल बिहारी जी मंदिर में दर्शन किए। मंदिर दर्शन के साथ यात्रा का समापन हुआ।

रोटी और गुड़ के साथ दिया गौ सेवा का संदेश

‘एक रोटी गाय के लिए’ अभियान का उद्देश्य केवल रोटी एकत्र करना नहीं, बल्कि समाज में गौ सेवा के प्रति जिम्मेदारी, करुणा और संवेदनशीलता का भाव विकसित करना है। अभियान के माध्यम से लोगों से आग्रह किया गया कि प्रत्येक परिवार अपने भोजन की पहली रोटी गौ माता के लिए निकाले और इस छोटे से संकल्प को नियमित सेवा का रूप दे।

मोहन नगर वार्ड में आयोजित यह अभियान धार्मिक आस्था के साथ-साथ गौ सेवा, करुणा और सामाजिक संस्कार का संदेश भी देता नजर आया।

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नंगे पैर निकले रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी

नंगे पैर निकले संत श्री रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी


तीनबत्ती न्यूज:  8 अगस्त 2026

सागर। गौमाता की मौन पीड़ा को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में गौसेवा के संस्कार को जागृत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक रोटी गाय के लिए’ पुण्य अभियान के तहत परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने सागर में अनूठी सेवा यात्रा की। वे नंगे पैर हाथों में झोली लेकर घर-घर पहुंचे और नागरिकों से गौमाता के लिए एक रोटी देने का आग्रह किया। इस दौरान विधायक शैलेंद्र जैन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने समाज के बीच पहुंचकर गौसेवा का संदेश देते हुए लोगों से अपने घर में बनने वाली पहली रोटी गौमाता के लिए निकालने का आह्वान किया। नंगे पैर, हाथ में झोली और आग्रह सिर्फ एक रोटी का—यह दृश्य नागरिकों के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा।



काली मंदिर से शुरू हुई सेवा यात्रा

अभियान के अंतर्गत सेवा यात्रा काली तिगड्डा स्थित काली मंदिर से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा छैल बिहारी मंदिर, बीजासेन मंदिर, गणेश घाट, राधा माधव मंदिर, गणेश मंदिर (खिरका) एवं गंगा मंदिर (रानीपुरा) होते हुए पुनः गणेश घाट स्थित गणेश मंदिर पहुंची।

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इस दौरान श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से संवाद किया और उनसे गौमाता के लिए अपने घर की पहली रोटी निकालने का आग्रह किया।


रोटी एकत्र करना ही नहीं, संस्कार जगाना उद्देश्य

अभियान का उद्देश्य केवल गौमाता के लिए रोटियां एकत्र करना नहीं है, बल्कि उस सनातन परंपरा और संस्कार को पुनः जनजीवन का हिस्सा बनाना है, जिसमें भोजन करने से पहले गौमाता के लिए एक अंश निकाला जाता था।

अभियान के माध्यम से समाज से सरल लेकिन महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की जा रही है—अपने घर की पहली रोटी गौमाता के नाम।


अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि एक रोटी भले ही छोटी हो, लेकिन किसी मौन जीव के लिए वही बड़ी सेवा बन सकती है। गौसेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से गौमाता की सेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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सागर में पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में विश्व का विराट माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन सम्पन्न, 50 हजार श्रद्धालुओं ने रचा आस्था का इतिहास

सागर में रचा गया आस्था, भव्यता और दिव्यता का इतिहास

• परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ विश्व का विराट "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान

• लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति, कई किलोमीटर तक उमड़ा आस्था का सैलाब, एक माह की अथक तैयारियों ने रचा सनातन का स्वर्णिम अध्याय


तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई, 2026

सागर: सागर की पावन धरा ने आज एक ऐसे ऐतिहासिक, अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया, जिसने सनातन संस्कृति की विराटता, वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर, धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे।



लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। दिन-रात हजारों स्वयंसेवक, आचार्य, साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे। विशाल यज्ञशाला का निर्माण, भव्य मंडपों की स्थापना, हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात, पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं। लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था।


देशभर से आए श्रद्धालु

29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं। मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे। अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

आस्था की भव्यता और दिव्यता का संगम

यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, विशाल मंडपों, अलंकृत वेदियों, दिव्य श्री यंत्र, पुष्पों की सुगंध, दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया। 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया। शंखनाद, घंटानाद, डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया।


इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन, जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया। यह केवल पूजन नहीं, बल्कि लोकमंगल, विश्वशांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था।



इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई। देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा, नेपाल से रुद्राक्ष, दिल्ली से फल, पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प, सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल, उड़ीसा से 31 हजार नारियल, वाराणसी से कुश, पवित्री, सुपारी, हवन सामग्री, कलावा, शहद एवं श्रृंगार सामग्री, हरिद्वार से गंगाजल, बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल, इंदौर से शक्कर, नागपुर से किशमिश, छत्तीसगढ़ से चावल, बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप, तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा, एक लाख बीड़ा पान, एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई। यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो।



महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं, शंखों, पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ। श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया। जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे, सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ।


लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की। प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना, विश्वास, परिवार का मंगल, राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा।


सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई। एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि, वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज, शंखों का महाघोष, डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था।


इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, धर्म की प्रतिष्ठा, मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा, संस्कार, सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।


आज सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया। भव्यता, दिव्यता, अनुशासन, वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था, सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं, तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता—रचा जाता है।

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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन किए, 29 जुलाई के धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किए संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन, लिया आशीर्वाद


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर।  खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत के साथ वेदांती आश्रम पहुंचकर संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कथा एवं 29 जुलाई को प्रस्तावित भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियों की जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की।

मंत्री श्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कथा में शामिल होने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग, चिकित्सा, विद्युत तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य धार्मिक आयोजन सागर शहर के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो।

29 जुलाई को होगा भव्य धार्मिक अनुष्ठान

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में शामिल होने की अपील करते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर, धर्मश्री, सागर में मां राजराजेश्वरी कोटी हरिद्रा कुंकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में 25 हजार श्रद्धालु एक साथ बैठकर एक करोड़ अर्चन करेंगे। यह आयोजन सागर के सबसे भव्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होगा। मंत्री श्री राजपूत ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने रावतपुरा सरकार से लिया आशीर्वाद, धार्मिक आयोजन को लेकर की चर्चा



विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने  रावतपुरा आश्रम पहुंचकर परम पूज्य श्री श्री रविशंकर जी महाराज (रावतपुरा सरकार) के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर विधायक जैन ने महाराज श्री से आत्मीय भेंट कर आगामी धार्मिक आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि संत-महात्माओं का सानिध्य समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और सेवा भाव की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि रावतपुरा सरकार के मार्गदर्शन में होने वाले धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।

भेंट के दौरान रावतपुरा सरकार ने विधायक जैन को आशीर्वाद प्रदान करते हुए जनसेवा के कार्यों में निरंतर सफलता एवं समाज के कल्याण के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। विधायक जैन ने आयोजन के सफल एवं गरिमामय संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी व्यक्त किया।

योगाचार्य विष्णु आर्य ने की आत्मीय भेंट



पूज्य संत श्री रावतपुरा सरकार से प्रसिद्ध योगाचार्य श्री विष्णु आर्य ने आत्मीय भेंट कर आशीर्वाद लिया।संत के सानिध्य में योग, धर्म और सेवा के विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। 

श्री विष्णु आर्य ने संत श्री के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए समाज में स्वास्थ्य और संस्कार के प्रचार का संकल्प दोहराया।संत श्री ने सभी के सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना की।



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