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लोकायुक्त पुलिस सागर की बड़ी कार्रवाई: नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते तहसील का बाबू गिरफ्तार

 लोकायुक्त पुलिस सागर की बड़ी कार्रवाई: नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते तहसील का बाबू गिरफ्तार

तीनबत्ती न्यूज: 16 सितम्बर, 2026

छतरपुर लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बक्सवाहा तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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लोकायुक्त पुलिस सागर की बड़ी कार्रवाई: नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते तहसील का बाबू गिरफ्तार

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जानकारी के अनुसार, सहायक ग्रेड-3 राजन श्रीवास्तव द्वारा फरियादी कृष्णकांत बिल्थरे से जमीन के नामांतरण के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। बातचीत के बाद सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ था। इसमें से 10 हजार रुपये आरोपी पहले ही ले चुका था, जबकि शेष 15 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ।

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फरियादी की शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने मामले की जांच के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को फरियादी 15 हजार रुपये लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम आरोपी कर्मचारी को दी, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी इधर उधर भागते नजर आए।

टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की और नामांतरण से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान तहसील परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।



इनके के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई में  टीआई  मंजू तिर्की, रंजीत सिंह, हेड कांस्टेबल शफीक खान ,अजय शास्त्री तथा आरक्षक गोल्डी, अरविंद, निलेश , विक्रम , संतोष,आदेश और प्रदीप शामिल रहे।

लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


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महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई



तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। सागर संभाग के संभागायुक्त अनिल सुचारी ने छतरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आंगनवाड़ी में नियुक्ति के नाम पर ₹2 लाख रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।

संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर छतरपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया कि सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित कथित रूप से पैसों के लेन-देन की बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

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वायरल हुआ था वीडियो

छतरपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर भर्ती चल रही थी। इस दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई। यह शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोप सही थे। अधिकारी दिनेश दीक्षित इस पूरे मामले में सीधे शामिल पाए गए। उन पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगा।


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जांच के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई। जिन कैंडिडेट्स ने रिश्वत नहीं दी, उनकी नियुक्ति रोक दी गई। ये उम्मीदवार मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर थे।इनके दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया। इसके बदले कम मेरिट वाले कैंडिडेट्स को मौका दिया गया।

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कमिश्नर ने किया सस्पेंड

प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी किए।

निलंबन अवधि के दौरान श्री दीक्षित का मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।


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