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महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ निलंबित, नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सागर संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई



तीनबत्ती न्यूज: 6 अगस्त 2026

सागर। सागर संभाग के संभागायुक्त अनिल सुचारी ने छतरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आंगनवाड़ी में नियुक्ति के नाम पर ₹2 लाख रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं।

संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर छतरपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया कि सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित कथित रूप से पैसों के लेन-देन की बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

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वायरल हुआ था वीडियो

छतरपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर भर्ती चल रही थी। इस दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई। यह शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोप सही थे। अधिकारी दिनेश दीक्षित इस पूरे मामले में सीधे शामिल पाए गए। उन पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगा।


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जांच के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई। जिन कैंडिडेट्स ने रिश्वत नहीं दी, उनकी नियुक्ति रोक दी गई। ये उम्मीदवार मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर थे।इनके दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया। इसके बदले कम मेरिट वाले कैंडिडेट्स को मौका दिया गया।

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कमिश्नर ने किया सस्पेंड

प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संभागायुक्त ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी किए।

निलंबन अवधि के दौरान श्री दीक्षित का मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।


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सागर संभाग के स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, 17 सितंबर को मनाया जाएगा जनजागृति संकल्प दिवस • वैचारिक स्वच्छता अभियान को मिली सफलता

वैचारिक स्वच्छता अभियान की सफलता:: सागर संभाग के सभी स्कूलों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान, प्रतिदिन दिलाई जाएगी गाली न देने की शपथ

• 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस', संयुक्त शिक्षा संचालक ने जारी किए आदेश


डॉ. वंदना गुप्ता – वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं 'नो एब्यूज' अभियान की प्रेरक



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। वर्ष 2018 से डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा संचालित 'वैचारिक स्वच्छता अभियान' को बड़ी प्रशासनिक मान्यता मिली है।समाज से "माँ-बहन-बेटी की गालियों" जैसी अमर्यादित एवं महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को समाप्त कर सम्मानजनक एवं संस्कारित संवाद की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 'नो एब्यूज' (No Abuse) जनजागरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में प्रचलित माँ, बहन और बेटी से संबंधित अपमानजनक गालियों के प्रयोग को रोकना तथा सम्मानजनक एवं संस्कारित भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

यह रहा आदेश

सागर संभाग के स्कूलों में 'नो एब्यूज' अभियान के लिए संयुक्त शिक्षा संचालक का आदेश

जारी आदेश के अनुसार संभाग के सभी विद्यालयों में प्रमुख स्थानों पर "No Abuse" अथवा "माँ, बहन, बेटी की गालियाँ बंद हों" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से यह संकल्प लेंगे कि वे जीवन में कभी भी माँ, बहन और बेटी से संबंधित गालियों का प्रयोग नहीं करेंगे।

17 सितंबर को होगा विशेष आयोजन

आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को "नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस" के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों में भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण एवं अन्य जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की पहल

आदेश में कहा गया है कि समाज में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का बढ़ता प्रयोग चिंता का विषय है। इससे न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं सामाजिक वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है।

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सभी अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि

संयुक्त शिक्षा संचालक द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि सागर संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जनशिक्षा केंद्रों, संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों तथा प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

डॉ. वंदना गुप्ता ने जताया आभार

वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संयुक्त शिक्षा संचालक एवं शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे जनजागरण, सामाजिक सहयोग और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश में सम्मानजनक भाषा, नारी सम्मान और संस्कारित सामाजिक वातावरण के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में इस अभियान को पूरे प्रदेश और देश में विस्तार देने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु

  • सागर संभाग के सभी विद्यालयों में चलेगा 'नो एब्यूज' अभियान।
  • स्कूलों में "No Abuse" संदेश वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे गाली न देने का संकल्प।
  • हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाएगा 'नो एब्यूज डे-जनजागृति संकल्प दिवस'।
  • भाषण, निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित।
  • अभियान को वैचारिक स्वच्छता और नारी सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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