श्री श्री गौर गोविंद मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया राधाष्टमी महामहोत्सव
तीनबत्ती न्यूज: 19 सितम्बर, 2026
सागर। रविशंकर वार्ड स्थित श्री श्री गौर गोविंद मंदिर में भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधारानी का प्राकट्य उत्सव राधाष्टमी महामहोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और शहर का वातावरण राधे-राधे के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
महामहोत्सव का शुभारंभ प्रातः 7 बजे श्री राधारानी के महाभिषेक से हुआ। इसके बाद प्रेम भक्ति चंद्रिका पाठ, महाआरती और बधाई गायन हुआ। दोपहर 12 बजे विभिन्न स्थानों से मंगाए गए पुष्पों से सजे आकर्षक फूल बंगले में राधारानी का प्राकट्य उत्सव मनाया गया। बैंगलोर, कन्नौज, शिमला, पुष्कर, कोलकाता और दिल्ली से आए फूलों से मंदिर की विशेष सजावट की गई।
राधा के बिना कृष्ण का स्मरण अधूरा : रामानंद प्रभु
वृंदावन से पधारे श्री श्री रामानंद प्रभु ने श्री राधारानी के प्राकट्य की महिमा बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण को समझने के लिए श्री राधा को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृष्ण आनंद और प्रेम के प्रतीक हैं, जबकि राधा प्रेम में अहंकार रहित समर्पण का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा, “राधा नाम के बिना कृष्ण का स्मरण अधूरा है। राधे-राधे जपि मनुआ, मिले कृष्ण भगवान।” राधाष्टमी के विशेष महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण स्वयं राधारानी की अगवानी करने का अवसर चाहते हैं और यही इस उत्सव की विशेष आध्यात्मिक भावना है।
नगर शोभायात्रा में दिखी भक्ति और संस्कृति की झलक
राधाष्टमी के अवसर पर नगर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें आकर्षक धार्मिक झांकियों के साथ ग्रामीण एवं शहरी भजन मंडलियों ने हरिनाम संकीर्तन किया। आंध्र प्रदेश की कूचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुति शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रही। कलाकारों ने अभिनय, मुद्राओं और पदचाल के माध्यम से हिंदू धर्म की देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत किया। कूचिपुड़ी प्रस्तुति में डॉ. अमृता गौर, डॉ. श्रेया ठाकुर, डॉ. राधिका ठाकुर, शिवांगी पांडे, अमिता राजपूत, प्रिया पांडे और नित्या ठाकुर ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
शोभायात्रा में राम-लक्ष्मण-सीता का वनगमन एवं निषादराज से मिलन, पंचतत्व, श्री चैतन्य महाप्रभु, श्री अद्वैत-गदाधर, गौर भक्तवृंद तथा श्रीकृष्ण-शिव मिलन पर आधारित झांकियां शामिल रहीं।
श्री राधे-राधे मंडली, भूपेंद्र सिंह भापेल की मंडली सहित केरबना, कर्रापुर, सोमला, कनेरा, मोठी, खजुरिया, डाबरी, छापरी, केथोरा, मोहली, खुवारी, हिन्नोद और सलैया सहित अनेक ग्रामीण भजन मंडलियों एवं प्रभातफेरी में शामिल श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन किया। इससे शहर का वातावरण राधामय हो गया।
विधायक शैलेंद्र जैन और अविराज सिंह ठाकुर हुए शामिल
नगर विधायक शैलेंद्र जैन महाआरती में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण ने दुनिया को सच्चे प्रेम और समर्पण का संदेश दिया है। युवा भाजपा नेता अभिराज सिंह ठाकुर ने कहा कि राधारानी तीनों लोक की स्वामिनी हैं और भगवान कृष्ण को आनंद प्रदान करने वाली उनकी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि भक्ति में दिखावा नहीं बल्कि भाव होना चाहिए। फूलसिंह पंडा ने कहा कि राधाष्टमी का पर्व निष्ठा, प्रेम और भक्ति के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के मिलन का संदेश देता है।
संतों ने सुनाईं लीलाएं, भंडारे के साथ समापन
कार्यक्रम में तीर्थस्थलों से आए संतों ने प्रवचन दिए और श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं सहित समुद्र मंथन आदि प्रसंगों का वर्णन किया। बधाई पदों के गायन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
महामहोत्सव का समापन भंडारे के साथ हुआ। मंदिर के सेवाधिकारी कृष्णदास पंडा, डॉ. पी.एस., डॉ. लक्ष्मी ठाकुर, राधे गौर, सुजीत सिंह, अर्पित गौर, वृंदा वैस, ललिता राजपूत सहित मंदिर के सभी सेवादारों ने आयोजन में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं एवं भक्तों का आभार व्यक्त किया।
शोभायात्रा का सेवादल ने किया स्वागत
शोभा यात्रा का शहर के हृदय स्थल तीन बत्ती पहुंचने पर शहर सेवादल परिवार ने शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया,शोभा यात्रा में शामिल भक्त जनों पर पुष्प वर्षा की।
स्वागत कर्ताओं में शहर सेवादल अध्यक्ष सिन्टू कटारे,प्रदेश महासचिव सेवादल विजय साहू,लल्ला यादव,अंकुर यादव,परख शुक्ला,अन्नू घोषी,पंकज सोनी,रवि जैन,आकाश नामदेव,तरुण सैनी,विशाल सोनी,शानू आदि सेवादल परिवार जन उपस्थित रहे।













