Editor: Vinod Arya | 94244 37885

घाटे के बावजूद पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सहेज रखी है अपने शहर की सिनेमा विरासत, नई पीढ़ी के लिए चला रहे श्री गणेश टॉकीज

घाटे के बावजूद पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सहेज रखी है अपने शहर की सिनेमा विरासत, नई पीढ़ी के लिए चला रहे श्री गणेश टॉकीज

• धनतेरस की रात गढ़ाकोटा के श्री गणेश सिनेमा में पहुंचे पूर्व मंत्री, मुंबई से मंगवाई नई स्क्रीन, साउंड सिस्टम और व्यवस्थाओं का कराया नवीनीकरण; टॉकीज से जुड़ी हैं पारिवारिक और भावनात्मक स्मृतियां


तीनबत्ती न्यूज: 07 नवंबर, 2026

Edited By: Vinod Arya

सागर/गढ़ाकोटा। राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले नौ बार के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का एक अलग ही अंदाज सामने आया है। अपने गृह नगर गढ़ाकोटा में स्थित पारिवारिक सिनेमा घर 'श्री गणेश सिनेमा' से उनका लगाव आज भी बरकरार है। यही वजह है कि बदलते दौर में सिनेमा व्यवसाय के सामने चुनौतियों और घाटे के बावजूद वे इस टॉकीज को बंद करने के बजाय इसे संवारने में जुटे हैं। मल्टीप्लेक्स, ओटीटी प्लेटफार्म आदि के चलते परम्परागत सिनेमा घर शॉपिंग कॉम्लेक्स में बदलते नजर आ रहे है।


धनतेरस पर पहुंचे भार्गव

धनतेरस के अवसर पर गोपाल भार्गव ने देर रात तक श्री गणेश सिनेमा में मौजूद रहकर उसके नवीनीकरण के कार्यों की निगरानी की। उन्होंने मुंबई से नई सिनेमा स्क्रीन मंगवाई और अपनी मौजूदगी में उसे लगवाने की व्यवस्था देखी। इसके साथ ही साउंड सिस्टम और सिनेमा हॉल की अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त कराया जा रहा है।



फेसबुक पोस्ट की शेयर

इससे जुड़ी तस्वीरें और अपनी भावनाएं उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पोस्ट में भार्गव ने लिखा कि समय के साथ मनोरंजन के साधन और लोगों की रुचियां भले ही बदल गई हों, लेकिन श्री गणेश सिनेमा से उनका जुड़ाव और लगाव आज भी उतना ही गहरा है। यह केवल उनका व्यवसाय नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत, वर्षों की स्मृतियों और आत्मीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नई पीढ़ी के लिए बचाकर रखना चाहते हैं सिनेमा की पहचान

सागर जिले की रहली गढ़ाकोटा विधानसभा सीट से लगातार नौवीं जीत दर्ज करने वाले गोपाल भार्गव ने अपनी पोस्ट में एक बेहद भावुक बात लिखी। उन्होंने कहा कि वे इतने घाटे के बावजूद इस सिनेमा को इसलिए चला रहे हैं, ताकि आने वाली नई पीढ़ियां यह न कहें कि 'हमारे नगर में भी कभी एक सिनेमा हुआ करता था।'

उनके इस कथन से स्पष्ट है कि श्री गणेश सिनेमा उनके लिए महज कारोबार नहीं, बल्कि गढ़ाकोटा की सांस्कृतिक पहचान और अपनी निजी स्मृतियों को सहेजने का माध्यम भी है।



टिकट घर से लेकर सिनेमा हॉल तक रहा है जुड़ाव

गोपाल भार्गव का इस सिनेमा से रिश्ता केवल मालिकाना हक तक सीमित नहीं रहा है। वे कई मौकों पर खुद टिकट घर पर बैठे नजर आए हैं। बतौर मंत्री भी वे आम दर्शकों की तरह सिनेमा हॉल में फिल्म देखते दिखाई दिए। उनकी ये तस्वीरें पहले भी चर्चा में रही हैं।राजनीति की व्यस्तताओं के बीच अपने पारंपरिक व्यवसाय के लिए समय निकालना और उसके छोटे-बड़े कामों में व्यक्तिगत रुचि लेना उनके इस जुड़ाव को दर्शाता है।


डिजिटल मनोरंजन, ओटीटी प्लेटफॉर्म और मल्टीप्लेक्स के दौर में छोटे शहरों के पुराने सिनेमा घरों का अस्तित्व बचाना आसान नहीं है। ऐसे समय में गढ़ाकोटा के श्री गणेश सिनेमा को नई स्क्रीन और बेहतर साउंड सिस्टम के साथ संवारने की गोपाल भार्गव की पहल एक अलग संदेश भी देती है कि कुछ विरासतें केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि यादों और भावनाओं के लिए भी सहेजी जाती हैं।

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

www.Teenbattinews.com

Archive