स्वामित्व योजना से गरीबों को मिला संपत्ति का कानूनी अधिकार, पाली और आलखेड़ी ने हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्य
• पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह बोले– निःशुल्क रजिस्ट्री गरीब, किसान और मजदूर के स्वाभिमान व आर्थिक आजादी का दस्तावेज
तीनबत्ती न्यूज: 06 नवंबर, 2026
सागर/खुरई। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्तियों का निःशुल्क कानूनी मालिकाना हक दिया जा रहा है। यह दस्तावेज गरीब, किसान और मजदूर के स्वाभिमान तथा आर्थिक आजादी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार दिलाने के लिए लगभग 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हितग्राहियों से रजिस्ट्री के लिए एक रुपया भी नहीं लिया गया है।
यह बात पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने मालथौन विकासखंड के पाली और खुरई विकासखंड के आलखेड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रमों में कही। इन कार्यक्रमों में हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के ऑनलाइन रजिस्ट्री दस्तावेज वितरित किए गए। पाली और आलखेड़ी ने योजना के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल किया है।
रजिस्ट्री से संपत्ति का बढ़ेगा आर्थिक मूल्य
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्षों से ग्रामीण परिवार अपने मकानों और आबादी की जमीन पर रह रहे थे, लेकिन उनके पास मालिकाना हक का कानूनी दस्तावेज नहीं था। अब रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति को कानूनी पहचान और आर्थिक मूल्य मिला है। ग्रामीण अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण ले सकेंगे, बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए संसाधन जुटा सकेंगे। संपत्ति का क्रय-विक्रय, बैंक गारंटी और उत्तराधिकार नामांतरण भी आसान होगा।
डेढ़ हजार पुराने रिकॉर्ड निकलवाकर कराए कंप्यूटरीकृत
विधायक ने बताया कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में पहले ऐसे अनेक परिवार थे, जिनके पास पट्टे होने के बावजूद राजस्व अभिलेखों में उचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। अभियान चलाकर लगभग डेढ़ हजार लोगों के पुराने रिकॉर्ड निकलवाए गए और उनके मालिकाना अधिकारों का कंप्यूटरीकरण कराया गया। मालथौन ब्लॉक में अभी भी लगभग डेढ़ से दो हजार लोग ऐसे हैं, जिनके पट्टों का रिकॉर्ड कंप्यूटरीकरण नहीं हो पाया है। उनके दस्तावेज निकलवाकर राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से संपत्ति संबंधी पारिवारिक विवाद कम होंगे और ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति का उपयोग बैंक ऋण से लेकर स्वरोजगार तक के लिए कर सकेंगे। खुरई, मालथौन और बांदरी में विकास के साथ जमीन और मकानों की बाजार कीमतों में भी वृद्धि हुई है।
सात हजार रजिस्ट्रियां अभी शेष
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में स्वामित्व योजना के तहत अभी लगभग सात हजार लोगों की रजिस्ट्रियां शेष हैं। इन्हें भी जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। शेष हितग्राहियों को एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहार और अवकाश के दिनों में भी कर्मचारी दिन-रात काम कर लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं।
खुरई, मालथौन और बांदरी में रजिस्ट्री की स्थिति
खुरई तहसीलदार रितु राय ने बताया कि खुरई तहसील के 167 गांवों में 32,179 हितग्राहियों के 21,150 प्लॉट रजिस्ट्री के लिए शामिल किए गए हैं। इनमें से अब तक 6,608 रजिस्ट्रियां निष्पादित हो चुकी हैं।
एसडीएम मोना दांगी ने पाली में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि मालथौन ब्लॉक में योजना के कुल 18,002 हितग्राही हैं। इनमें से अब तक 4,771 प्लॉट की निःशुल्क रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।इसी प्रकार बांदरी तहसील के 6,561 हितग्राहियों में से 2,297 की रजिस्ट्री पूर्ण की जा चुकी हैं।
दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में हितग्राही शामिल
आलखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष नन्नीबाई अहिरवार, जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद अहिरवार, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी, भाजपा जिला मंत्री हरिशंकर कुशवाहा, धनौरा मंडल अध्यक्ष राजपाल राजपूत, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रवींद्र सिंह, माधव सिंह सिलौधा, पार्षद मदन पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और लाभार्थी उपस्थित रहे।पाली के कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि विश्वनाथ सिंह, सरपंच रेखा चढ़ार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल पाराशर, एसडीएम मोना दांगी, तहसीलदार कुलदीप सिंह, जनपद सीईओ मीना कश्यप, जनपद उपाध्यक्ष बलबीर सिंह सहित पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद रहे।









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