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मकरोनिया में जनविश्वास शिविर: पट्टा लाभ न मिलने पर पटवारी निलंबित, 40 करोड़ की सड़कें होंगी स्वीकृत

मकरोनिया में जनविश्वास शिविर: पट्टा लाभ न मिलने पर पटवारी निलंबित, 40 करोड़ की सड़कें होंगी स्वीकृत


तीनबत्ती न्यूज: 18 सितंबर, 2026

सागर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत शुक्रवार को मकरोनिया नगर पालिका के बजरिया हाट बाजार में खंडस्तरीय जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


शिविर में ग्राम गंभीरिया के परिवारों ने धारणाधिकार योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर के निर्देश पर पटवारी राशिद खान, हल्का नंबर 16/76, तहसील सागर नगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मकरोनिया में तेजी से हो रहा विकास : लारिया

नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया ने कहा कि मकरोनिया भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तेजी से विकास कर रहा है। क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है और बढ़ती आबादी को देखते हुए अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने को कहा।

विधायक ने बताया कि मकरोनिया नगर पालिका क्षेत्र में करीब 40 करोड़ रुपये की सड़कें स्वीकृत हैं, जिनका निर्माण जल्द शुरू होगा। साथ ही मकरोनिया-बंडा रोड पर फ्लाईओवर का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने की बात कही। उन्होंने कहा कि मकरोनिया-बंडा रोड पर ट्रैफिक और जाम की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जहां जरूरत होगी, वहां पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

योजनाओं को घर-घर पहुंचाना उद्देश्य : कलेक्टर

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि जनविश्वास अभियान शासन की जनकल्याणकारी मंशा को दर्शाता है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर अथवा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है।

उन्होंने कहा कि भूमि पट्टों और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्राप्त आवेदनों का सर्वे कराया जाएगा और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ दिया जाएगा।


कलेक्टर ने गर्भवती माताओं, बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य जांच निःशुल्क उपलब्ध है, इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। साथ ही बच्चों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए गलत आदतों और अपराधों से दूर रखने की बात कही।

उद्यमी संवाद में महिला उद्यमी ने साझा की सफलता

शिविर में आयोजित उद्यमी संवाद कार्यक्रम में उद्यमी श्रीमती विभा जैन ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने पटकुई बरारू में सूक्ष्म निर्माण इकाई स्थापित की, जहां वर्ष 2020 से स्टेशनरी एवं संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है।


जिला उद्योग कार्यालय की योजनाओं का लाभ मिलने से उनके उत्पादों की आपूर्ति पूरे संभाग में हो रही है। उनकी इकाई का टर्नओवर करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और वे 10 महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।


शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए गए और पात्र हितग्राहियों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश गोमे ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया।



मकरोनिया सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण

जनविश्वास शिविर के बाद कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मकरोनिया सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों के स्टॉक, ओपीडी और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली।

उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों को पूरा कराने तथा ऑपरेशन थिएटर को 15 दिवस के भीतर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। एएनसी विंग में लापरवाही मिलने पर स्टाफ नर्स और गायनेकोलॉजिस्ट को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।


कलेक्टर ने अस्पताल में मौजूद माताओं और मरीजों से बातचीत कर उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शिविर में मकरोनिया नगर पालिका अध्यक्ष श्री मिहीलाल अहिरवार, उपाध्यक्ष, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



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टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित • जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर बनेगा कुंडेश्वर लोक, लापरवाही पर जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

• जन-विश्वास अभियान में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 21 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचकर जिला विकास समिति की बैठक में जिले के विकास और शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इसकी समुचित योजना तैयार कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ के पारंपरिक पीतल शिल्प और कारीगरों की कला को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि स्थानीय हुनर को नई पहचान मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

उद्योग और रोजगार पर फोकस

डॉ. यादव ने कहा कि जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच करीब 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे। सरकार किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दी जा रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में प्रभावी निराकरण किया जाए। नल-जल योजना, राशन वितरण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति देखने और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए।


सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सुनीं, जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित

जन-विश्वास अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी सुना। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा दयाराम लोधी की मां स्व. रानीबाई की मृत्यु के बाद नॉमिनी के खाते में राशि अंतरित नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले में कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को सम्मानित किया जाएगा।

उचित मूल्य दुकानों की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम डॉ. यादव ने ली जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक : अधिकारियों को दिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश

- गौशालाओं को डीबीटी से भेजी 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने  मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत टीकमगढ़ में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में स्थानीय संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिले के पारंपरिक कौशल एवं स्थानीय उत्पादों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल, नवाचारों और जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों के सुझावों को विकास की कार्य योजना में शामिल करते हुए स्थानीय संभावनाओं को रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसरों में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने कहा कि नवीन उद्योग नीतियों एवं ऋण आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सफल प्रयासों और नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिल सके। पीतल की मूर्तियों सहित स्थानीय कला एवं हुनर को प्रोत्साहित करने, उनके विक्रय के लिये बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

पशुपालन होगा आय का बेहतर साधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने सहकारी क्षेत्र से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं गोपालकों को जोड़ने तथा गौशालाओं में अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी नस्ल की बछियों की उपलब्धता बढ़ने से गोपालकों को लाभ मिलेगा और कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकेगा। टीकमगढ़़ जिले में धार्मिक एवं पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कुंडेश्वर धाम के विकास एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया गया। टीकमगढ़ जिला विकास सलाहकार समिति द्वारा उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, खनिज, पर्यावरण, रोजगार एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले की दीर्घकालीन विकास कार्य योजना को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। समिति स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

जनता ने दिए अहम सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास केवल वृहद कार्यों तक सीमित नहीं है। जनभागीदारी, सामुदायिक भावना और स्थानीय ज्ञान एवं अनुभव के प्रभावी उपयोग से भी विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने, सामुदायिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी सौहार्दृ के साथ मनाने का आह्वान किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा समिति के माध्यम से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों में शामिल करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित समिति की बैठक जिले के विकास को स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं, संसाधनों और नवाचारों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


सरकार का फोकस गौशालाओं पर भी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण-पोषण के लिए दिए जाने वाले अनुदान को बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रतिदिन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए 620.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौशालाओं के बेहतर संचालन और गौवंश के समुचित संरक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएम डॉ. यादव ने गौशालाओं को डीबीटी से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता एवं सुशासन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन से अब तक प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, जिनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है।


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सागर में लंबित शिकायतों पर कलेक्टर का सख्त रुख, गुरुवार तक निराकरण के निर्देश

शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों को मिलेंगे नोटिस

कलेक्टर ने ली टीएल बैठक: लंबित शिकायतों को गुरुवार तक शत-प्रतिशत निराकृत करने के दिए निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 17 अगस्त 2026

सागर
: कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सीएम जन विश्वास अभियान के तहत लंबित सीएम हेल्पलाईन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी गुरुवार तक सभी लंबित शिकायतों का आवेदकों की संतुष्टि के साथ शत-प्रतिशत निराकरण करना सुनिश्चित करें। बैठक में विगत जन विश्वास कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और ऐसी शिकायतें जो बिना किसी उचित कारण के अभी भी लंबित हैं, ऐसे संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि अगला जन विश्वास शिविर शुक्रवार को जैसीनगर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर स्थलों के अलावा सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण और समीक्षा बैठकें कर शिकायतों का निराकरण करें। अधिकारियों को कार-पूलिंग अपनाने और विशेष शिकायतों वाले गांवों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने संबंधित संस्थानों और कार्यालयों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए।  उन्होंने विभिन्न आयोगों, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने रिट याचिकाओं में समय पर जवाब पेश करने के लिए सभी संपर्क अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिले में खाद की उपलब्धता व रैक लगने की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को खाद के सुचारू वितरण की व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए।

100 दिवस से अधिक लंबित मामलों में पेनल्टी: कलेक्टर श्रीमती पाल ने पीएम श्रमयोगी मानधन योजना तथा संबल योजना में 100 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सीईओ तथा सीएमओ पर एक हज़ार रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में कृषक कल्याण से संबंधित स्वरोजगार  परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच, वाटरशेड और  एनआरएलएम के माध्यम से क्रेडिट लिंकेज बढ़ाने पर बल दिया गया।
राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने भूमि सर्वेक्षण प्रकरणों की शीघ्र रिपोर्ट भेजने, भू-अर्जन समीक्षा, तथा नामांतरण, सीमांकन व बंटवारा के मामलों का समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। सभी जनपद सीईओ को समग्र ई-केवायसी का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा गया।

परख ऐप: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जन विश्वास और विभागीय निरीक्षण विवरण को 'परख ऐप' पर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत,  सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेश द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन, सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


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सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित • सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी

सीएम डॉ. मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन : 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

• सीएम डॉ यादव जन विश्वास अभियान के तहत पहुंचे बड़वानी




तीनबत्ती न्यूज: 14 अगस्त, 2026

बड़वानी/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत बड़वानी में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में आमजन की शिकायतें सुनीं। प्रकरणों के निराकरण में लंबे समय तक लापरवाही और देरी सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तत्कालीन तहसीलदार, दो पटवारी, दो सीएमओ, एक सहायक यंत्री और एक तत्कालीन सीईओ समेत सात अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिलना चाहिए। शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी होगी।



छह साल तक लंबित रहा नामांतरण, तहसीलदार और दो पटवारी निलंबित

राजपुर तहसील के शिकायतकर्ता अजय-लाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं भुगतान से संबंधित शिकायत के साथ अपने पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण में हुई देरी की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई।


नामांतरण में करीब छह वर्ष की देरी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार, वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार, तथा मामले में दोषी पाए गए पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।


पीएम आवास की किश्त में देरी पर दो सीएमओ और सहायक यंत्री पर कार्रवाई


प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के मामले में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में आवेदन किया था। वर्ष 2022 में जियो टैगिंग और वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण समय पर राशि नहीं मिल सकी। मकान बनने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई।


मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राही को समय पर आवास निर्माण की राशि नहीं मिलने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी, जगदीश धाकड़ और सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।



संबल योजना की सहायता में देरी पर तत्कालीन सीईओ निलंबित


पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर ने संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि में देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ।


जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले कुछ हितग्राहियों को पहले लाभ मिला। इस तरह के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री ने मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।


बाल आशीर्वाद योजना में देरी की जांच के निर्देश


सेंधवा विकासखंड से संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी और लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से चर्चा की। बताया गया कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई। बजट मिलने के बाद नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया।


मुख्यमंत्री ने भुगतान में देरी के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।


पशु बीमा राशि में दो साल की देरी पर भी जांच


पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु बीमा प्रकरण में शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य और लाभार्थी हरी जगन मेहता से भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। बताया गया कि पशु की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम और आवेदन की प्रक्रिया दो दिन के भीतर पूरी कर दी गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान में देरी हुई।


लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान किया गया। संपूर्ण प्रक्रिया में दो वर्ष से अधिक समय लगने पर मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी की उदासीनता तथा भोपाल स्तर पर संभावित त्रुटि की जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।


हर शिकायत का समय-सीमा में हो समाधान


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका समय-सीमा में निराकरण किया जाए।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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