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सागर खेल परिसर की जर्जर इमारत होगी डिस्मेंटल, बनेगा अत्याधुनिक खेल भवन : कलेक्टर ने किया निरीक्षण

सागर खेल परिसर की जर्जर इमारत होगी डिस्मेंटल, बनेगा अत्याधुनिक खेल भवन 

• कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया निरीक्षण, बैडमिंटन और मार्शल आर्ट्स हॉल को प्राथमिकता से तैयार करने के निर्देश

तीनबत्ती न्यूज, 22 सितंबर 2026

सागर। जिले के खिलाड़ियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सागर खेल परिसर का कायाकल्प किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सागर खेल परिसर का निरीक्षण कर पुरानी और जर्जर इमारत को नियमानुसार डिस्मेंटल कर उसकी जगह सर्वसुविधायुक्त, बहुउद्देश्यीय और अत्याधुनिक खेल भवन निर्मित करने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BDC) के अधिकारियों को पुरानी इमारत को शीघ्र डिस्मेंटल करने तथा नवीन खेल कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से प्रारंभ करने के निर्देश दिए।



खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित न हो


कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए बैडमिंटन हॉल और मार्शल आर्ट्स हॉल सहित खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।

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उन्होंने परिसर में संचालित जिम को भी निर्माण अवधि में बंद नहीं रखने के निर्देश दिए। जिम को परिसर के भीतर ही किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर अस्थायी रूप से शिफ्ट कर नियमित रूप से संचालित करने को कहा गया, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की सुविधा लगातार मिलती रहे।

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तय समय-सीमा में हो गुणवत्तापूर्ण निर्माण

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने BDC और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य योजनाबद्ध तरीके से द्रुत गति से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा।


कलेक्टर ने कहा कि जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सागर खेल परिसर में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित होने से जिले के खिलाड़ियों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे।


निरीक्षण के दौरान संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्रीमती शर्मीला डाबर, बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कार्यपालन यंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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CWSN छात्रावास पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल, दिव्यांग बच्चों के लिए दिए जरूरी निर्देश

CWSN छात्रावास पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल: दिव्यांग बच्चों के लिए सभी जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 16 सितम्बर, 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को चाइल्ड विद स्पेशल नीड्स (CWSN) छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में रह रहे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की आवास, खान-पान, सुरक्षा और देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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लोकायुक्त पुलिस सागर की बड़ी कार्रवाई: नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते तहसील का बाबू गिरफ्तार

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कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सभी प्रकार के सहायक उपकरण और टूल्स उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा और विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।



दिव्यांग बच्चे की संगीत प्रतिभा को निखारने के निर्देश


निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की नजर संगीत में रुचि रखने वाले एक दिव्यांग बच्चे पर पड़ी। बच्चे की संगीत के प्रति रुचि और प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उसके लिए विशेष रूप से संगीत प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।



उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

कलेक्टर ने छात्रावास प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता, बेहतर खान-पान और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

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सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया नया कार्य विभाजन, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया अधिकारियों के बीच नया कार्य विभाजन:  कई शाखाओं की बदली जिम्मेदारियां



तीनबत्ती न्यूज:  12 सितंबर 2026

सागर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रशासनिक कार्यों में सुविधा और शाखाओं के बेहतर संचालन के लिए जिले में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों के बीच नवीन कार्य विभाजन किया है। इसके तहत अधिकारियों को विभिन्न शाखाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का प्रभार सौंपा गया है।

नवीन कार्य विभाजन के अनुसार संयुक्त कलेक्टर रवीश श्रीवास्तव को विभिन्न आयोगों से प्राप्त शिकायतों, सीएम मॉनिट/सीएस मॉनिट, न्यायिक, भू-अभिलेख, राजस्व लिपिक, राजस्व आंकिक, टीएल, सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी सहित विभिन्न शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है।




संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव को वित्त एवं निर्वाचन संबंधी दायित्वों के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें शिकायत एवं सतर्कता शाखा तथा जिला शहरी विकास अभिकरण का प्रभार भी सौंपा गया है।

डिप्टी कलेक्टर शैलेष द्विवेदी को नगर दण्डाधिकारी सागर के साथ शहरी नगर निगम एवं कैंट क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला सत्कार अधिकारी, वाहन अधिग्रहण अधिकारी, नजूल अधिकारी तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 41 के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी रहेंगे। इसके अलावा रेडक्रास, भाड़ा नियंत्रण, शस्त्र लाइसेंस, नजारात और जिला आपूर्ति नियंत्रक का प्रभार भी उन्हें दिया गया है।

डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी को अल्प बचत, अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, स्टेनो-टू-कलेक्टर, रीडर-टू-कलेक्टर, आवक-जावक, मंत्री, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों के पत्र तथा जनसुनवाई शाखा सहित विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। वे पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी और कलेक्ट्रेट के लोक सूचना अधिकारी भी रहेंगे।


डिप्टी कलेक्टर सुश्री मोना दांगी को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 की अध्यक्ष, खेल एवं युवा कल्याण, समाधान ऑनलाइन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन एवं धर्मस्व, सत्यापन तथा जिला न्यायालय से संबंधित विषयों का प्रभार दिया गया है। वे समाचार पत्रों में प्रकाशित गंभीर शिकायतों एवं अनियमितताओं की जांच भी करेंगी। इसके साथ ही जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की नोडल अधिकारी एवं सचिव की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।

लिंक अधिकारियों की भी व्यवस्था

कार्य विभाजन आदेश में प्रभारी अधिकारियों की अनुपस्थिति की स्थिति में लिंक अधिकारियों की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। कलेक्टर ने शाखाओं की नस्तियों का समयबद्ध निराकरण, टेबल निरीक्षण, डाक के त्वरित निस्तारण तथा कार्यालयीन कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, कलेक्टर के अवकाश पर रहने या मुख्यालय से बाहर होने की स्थिति में जिले की कानून व्यवस्था का चालू कार्यभार अपर जिला दण्डाधिकारी संभालेंगे।

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बंडा शराब कांड: सागर में दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी कार्रवाई

बंडा मामले में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त


तीनबत्ती न्यूज :12 सितंबर 2026

सागर । बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से जुड़ी घटना के बाद जिला प्रशासन ने एक और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने प्रकरण में संलिप्त पाए गए दो लाइसेंसधारियों के वर्ष 2026-27 के मदिरा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।

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बंडा घटना के बाद थाना विनायका और थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के दौरान एफआईआर में लाइसेंसियों के नाम सामने आने पर आबकारी अधिनियम की धारा 31(ख) के प्रावधानों के तहत लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

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सागर में पाथवे रेस्टोरेंट और सत्यम होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

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इन दो शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द


मगरधा मदिरा समूह (SGR/31) के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा, निवासी ग्राम रूसल्ला, जिला सागर का कंपोजिट लाइसेंस निरस्त किया गया है।

इसी तरह बरेठी मदिरा दुकान (SGR/10-B) के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर, निवासी हरीसिंह गौर वार्ड, बंडा का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अवैध शराब कारोबार पर सख्ती जारी

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि अवैध एवं संदिग्ध मादक द्रव्यों के कारोबार और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को बंडा शराब कांड के बाद अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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सागर में 5 होटल-रिसॉर्ट और ढाबों पर छापा, खामियां मिलने पर सील; खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे

कलेक्टर का माफियाओं व अवैध गतिविधियों पर सख्त रुख : सागर के 5 प्रमुख रिसॉर्ट, होटल और ढाबों पर छापा; खामियां मिलने पर किए गए सील



तीनबत्ती न्यूज: 11 सितम्बर, 2026

सागर: जिले में मिलावटखोरी, बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों और नियमों की अवहेलना करने वाले भू-माफियाओं तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर प्रशासन का सख्त रुख जारी है। इसी क्रम में आज 11 सितंबर 2026 को राजस्व, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम रूसल्ला एवं बहेरिया क्षेत्र में संचालित प्रमुख रिसॉर्ट्स, होटलों और ढाबों पर औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान व्यापक अनहाइजीनिक स्थितियां, वैधानिक दस्तावेजों का अभाव एवं राजस्व संबंधी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 5 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमानुसार अस्थाई रूप से सील बंद कर दिया गया है।

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इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी सागर (राजस्व) श्री रोहित वर्मा , तहसीलदार सागर संदीप तिवारी, नायब तहसीलदार नरयावली, नायब तहसीलदार रतोना, नगर पुलिस अधीक्षक मकरोनिया, थाना प्रभारी मकरोनिया, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, हल्का पटवारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।

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प्रतिष्ठानवार पाई गईं कमियां एवं खाद्य नमूनों की कार्रवाई:

पाथवे रिट्रीट रिज़ॉर्ट (ग्राम रूसल्ला, NH 44 झांसी-नागपुर हाईवे): खाद्य नमूने: खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह द्वारा पनीर, चटनी दाल और मूंगफली के नमूने लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए।अनियमितताएं: किचन अत्यधिक अस्वच्छ (अनहाइजीनिक) पाया गया एवं आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

होटल जलसा एंड रेस्टोरेंट (बहेरिया, मकरोनिया रोड):खाद्य नमूने: खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप वर्मा द्वारा अजवाइन, बटर और चिकन के सैंपल सील किए गए।

अनियमितताएं: संस्थान के पास वैध खाद्य रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं था, किचन में भारी गंदगी मिली और आवश्यक दस्तावेज अनुपलब्ध रहे।

सत्यम ढाबा रेस्टोरेंट एंड रेसीडेंसी (ग्राम बामोरा, बहेरिया, NH 44 हाईवे):खाद्य नमूने: खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शीतल सिंह द्वारा पनीर और तुअर दाल के नमूने जांच हेतु लिए गए।अनियमितताएं: रेस्टोरेंट संचालन एवं सुरक्षा मानकों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए।

सुरुचि होटल (ग्राम रूसल्ला) एवं हाईवे हब (ग्राम बहेरिया):

इन संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों एवं राजस्व नियमों की गंभीर अनदेखी पाई गई।



राजस्व एवं वैधानिक अनुमतियों में मिलीं गंभीर खामियां:

निरीक्षण के दौरान उपरोक्त सभी प्रतिष्ठानों द्वारा निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज व स्वीकृतियां मौके पर प्रस्तुत नहीं की गईं-फायर एन.ओ.सी. (Fire NOC): अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र का अभाव।भवन निर्माण अनुज्ञा: स्वीकृत भवन निर्माण अनुमति न होना।स्थानीय निकाय अनुमति: ग्राम पंचायत / स्थानीय निकाय की आवश्यक अनुमति न होना।डायवर्जन (Diversion) आदेश: भूमि का व्यावसायिक उपयोग संबंधी डायवर्जन दस्तावेज न होना।T&CP स्वीकृत ले-आउट: नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से संयुक्त संचालन हेतु स्वीकृत नक्शा/ले-आउट अनुपलब्ध होना।

मौके पर सीलिंग की कार्रवाई:

किचन में अत्यधिक गंदगी से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना तथा सुरक्षा व राजस्व मापदंडों के उल्लंघन को दृष्टिगत रखते हुए होटल पाथवे रिसॉर्ट, सुरुचि होटल, हाईवे हब, होटल जलसा एवं सत्यम ढाबा को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के उपरांत दोषियों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राजस्व संबंधी सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद सागर में बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण ध्वस्त और अवैध देशी शराब जब्त

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद सागर में बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण ध्वस्त और अवैध देशी शराब जब्त 



तीनबत्ती न्यूज: 10 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद सागर जिला प्रशासन ने अवैध एवं दूषित शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ढाबों की जांच, अवैध शराब की जब्ती और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

बदौना में अवैध देशी शराब जब्त

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन में प्रशासनिक टीमों ने भोपाल रोड स्थित पृथ्वी ढाबा क्षेत्र, बदौना और सुरखी क्षेत्र में फोरलेन किनारे संचालित ढाबों की अचानक जांच की।

बदौना क्षेत्र में अवैध रूप से देशी शराब बेचे जाने की सूचना पर टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जब्त की गई। शराब की बिक्री के लिए बनाए गए अवैध डिब्बों और अस्थायी ढांचों को भी मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। जब्त शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द किया गया है।


कॉलेज के पास 10 अवैध दुकानें हटाईं

अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेष द्विवेदी की मौजूदगी में शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के पास कार्रवाई की गई। सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर बनाई गई 10 अवैध दुकानों को हटाया गया।

दुकानें हटाए जाने के बाद कॉलेज के आसपास लंबे समय से बाधित आवागमन सुचारू हुआ और राहगीरों को राहत मिली।



अवैध शराब और अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण तथा अवैध एवं दूषित शराब के कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा न करें तथा अवैध शराब अथवा किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026

सागर । कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों से आत्मीयता से बातचीत की और बच्चों से पहाड़ा सुना।

बच्चों ने बेझिझक होकर कलेक्टर के सामने पहाड़ा सुनाया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उनका उत्साहवर्धन किया और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, वे नियमित रूप से स्कूल आते हैं या नहीं और विद्यालय में मिलने वाला भोजन ठीक से करते हैं या नहीं। बच्चों से हुई इस आत्मीय बातचीत से विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

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लोक सेवा गारंटी में देरी पर सागर के 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति, ₹15,250 जुर्माना

लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत नहीं करने पर 7 ग्राम पंचायत सचिवों पर शास्ति 


तीनबत्ती न्यूज 17 अगस्त 2026

सागर । मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का निराकरण नहीं करने पर सागर जिले के 7 पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध शास्ति अधिरोपित की गई है। द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 7(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में ही दिए थे। इसके बावजूद कुछ प्रकरणों के निराकरण में देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जिन प्रकरणों में देरी हुई, उनमें विवाह पंजीयन, जन्म का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र तथा मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदन शामिल हैं। इन प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित समय-सीमा से 3 से 11 दिवस तक का विलंब पाया गया।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

- सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़ के सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर ₹2,750।

- तेड़ूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव रतन सिंह पटेल पर ₹750।

- पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव महेन्द्र सिंह पर ₹500।

- गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर ₹2,000।

- रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव दीपक खटीक पर ₹5,000।

- घाना, जनपद पंचायत केसली के सचिव उमाशंकर दुबे पर ₹2,500।

- तुलसीपार, जनपद पंचायत केसली के सचिव निरंजन खरे पर ₹1,750।

इस प्रकार कुल 15,250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।


प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति


लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्रदान नहीं करने पर संबंधित पदाभिहित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिदिन 250 रुपये के मान से शास्ति अधिरोपित की जाती है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को शास्ति की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराकर उसकी प्रति तीन दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



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IMR कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की विशेष बैठक, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर सख्त निर्देश

सागर: मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी पहल, जिला अस्पताल-BMC और स्वास्थ्य अमले की संयुक्त समीक्षा

कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सागर में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। जिले में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहली बार जिला चिकित्सालय, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन वास्तविक कारणों की पहचान करना है जिनके चलते मरीज प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर जिला अस्पताल या बीएमसी पहुंचते हैं और बाद में मातृ अथवा शिशु मृत्यु के मामलों में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप (Timely Intervention) सुनिश्चित किया जाए।

गंभीर एनीमिया और हाई ब्लड प्रेशर बने प्रमुख कारण

समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मातृ मृत्यु के मामलों में गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया तथा गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (Pregnancy Induced Hypertension) की समस्या पाई गई। इसके अलावा हेपेटिक फेलियर, पोस्टपार्टम हैमरेज, एक्लेम्पसिया और प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं भी प्रमुख कारण रहीं।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित ब्लड प्रेशर (BP) और हीमोग्लोबिन (HB) जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा जोखिम वाले मामलों की लगातार निगरानी रखी जाए।

हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी बर्थ मैपिंग

बैठक में निर्णय लिया गया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की बर्थ मैपिंग की जाएगी। संभावित प्रसव तिथि से 7 से 15 दिन पहले ऐसी महिलाओं को संबंधित अस्पताल के बर्थ वेटिंग एरिया में भर्ती कराया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

इसके साथ ही आशा, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने तथा परिवार को भी निर्धारित अस्पताल की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर बोले— हाई-रिस्क मां तो बच्चा भी हाई-रिस्क

बैठक में बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि यदि मां हाई-रिस्क गर्भवती है तो उससे जन्म लेने वाला शिशु भी हाई-रिस्क श्रेणी में आता है। इसलिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से समय पूर्व प्रसव और नवजात जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

नवजात मृत्यु के कारणों की भी हुई समीक्षा

आईएमआर की समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश शिशु मृत्यु जन्म के बाद पहले 28 दिनों (नियोनेटल पीरियड) में हो रही हैं। इसके प्रमुख कारण समय से पहले जन्म (Prematurity) और जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी (Birth Asphyxia) पाए गए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांच समय पर कराई जाए, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक दवाओं का नियमित सेवन सुनिश्चित कराया जाए तथा समय से पहले प्रसव रोकने के लिए हाई-रिस्क मामलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए।

डेथ ऑडिट केवल औपचारिकता नहीं बने

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैटरनल डेथ रिव्यू (MDR) और चाइल्ड डेथ रिव्यू (CDR) पूरी गंभीरता के साथ किए जाएं। फॉर्म-1 से फॉर्म-6 तक की सभी जानकारी पारदर्शिता के साथ भरी जाए तथा बीएमसी, जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय की संयुक्त टीम नियमित ऑडिट कर कमियों को दूर करे।

बीएमओ को मैदानी अमले की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम, आशा सुपरवाइजर और सीएचओ के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, समयबद्धता और चिन्हांकन की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।

प्रसव के बाद भी होगी विशेष निगरानी

कलेक्टर ने कहा कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी गर्भावस्था के दौरान जांच। आशा और एएनएम प्रसूता के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें, आवश्यक परामर्श दें और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का रिकॉर्ड अपडेट रखें।

उन्होंने अनमोल 2.0 पोर्टल पर वास्तविक समय में डेटा अपडेट करने, असुरक्षित डिलीवरी पर नजर रखने तथा नियमित टीकाकरण अभियान को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश भी दिए।

"समन्वय से बचाई जा सकती है हर जान"

बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि यदि मैदानी स्वास्थ्य अमला और विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर काम करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे ताकि जिले में एक भी मां या नवजात की असमय मृत्यु न हो।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत सहित बीएमसी, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

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सागर TL बैठक: सार्थक ऐप से बनेगा वेतन, हेलमेट अनिवार्य, मूंग भुगतान में देरी पर कलेक्टर सख्त

सागर TL बैठक: 'सार्थक ऐप' की उपस्थिति से मिलेगा वेतन, हेलमेट अनिवार्य; मूंग भुगतान में देरी पर कलेक्टर सख्त



तीनबत्ती न्यूज:  27 जुलाई 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में जनसुनवाई, जन आकांक्षा पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन और विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 'सार्थक ऐप' पर दर्ज उपस्थिति ही शासकीय कर्मचारियों के मासिक वेतन का आधार होगी। साथ ही सभी कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए।

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मूंग भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मूंग उपार्जन के बाद किसानों को भुगतान में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शेष भुगतान तत्काल कराने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाली समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अगली समय-सीमा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। रबी उपार्जन (चना एवं मसूर) के लंबित भुगतान भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

किसानों को खाद-उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति

बैठक में किसानों की मांग के अनुरूप खाद एवं उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, फार्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी लाने तथा वीबीजी रामजी योजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।

तहसीलदार न्यायालयों का होगा निरीक्षण

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र की तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अदालतों का नियमित निरीक्षण करें तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रिकॉर्ड का शत-प्रतिशत मिलान सुनिश्चित करें। प्रतिलिपि शाखा के लंबित मामलों के निराकरण की जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपने और भू-अर्जन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। विशेष रूप से बंडा सिंचाई परियोजना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने को कहा गया।

सार्थक ऐप से ही बनेगा वेतन का आधार

कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू 'सार्थक ऐप' का सभी विभागों में कड़ाई से पालन कराया जाए। अब इसी ऐप अथवा शासन द्वारा अधिकृत अन्य उपस्थिति ऐप पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर कर्मचारियों का मासिक वेतन तैयार किया जाएगा।

हेलमेट पहनना होगा अनिवार्य

सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों में आदेश जारी करें, जिसके तहत दोपहिया वाहन से आने वाले सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन और विकास कार्यों की समीक्षा

बैठक में 50 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को शून्य करने, शिकायतों के नॉन-अटेंडेड रहने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, मानवाधिकार आयोग सहित विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का समय-सीमा में जवाब देने, पंचायत एवं सामुदायिक भवनों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने तथा हर घर नल से जल योजना के पूर्ण कार्यों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं संबल योजना की साप्ताहिक समीक्षा एसडीएम स्तर पर करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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सागर में सख्ती: एक से अधिक ऑनलाइन चालान वालों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस होगा निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश

सागर: एक से अधिक ऑनलाइन चालान वाले वाहन चालकों का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस होगा निरस्त, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज : 7 जुलाई 2026

सागर: सागर जिले में लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि जिन वाहन चालकों के एक से अधिक ऑनलाइन चालान हैं, उनकी सूची तैयार कर परिवहन विभाग (आरटीओ) के माध्यम से वाहन का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सागर स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से शहर में हो रही ऑनलाइन यातायात निगरानी और ई-चालान व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठा व्यक्ति दोनों हेलमेट पहनें, तीन सवारी न बैठाएं, चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा ट्रैफिक सिग्नल सहित सभी नियमों का पालन करें।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो वाहन चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर पुलिस की मदद से उनके वाहनों को जब्त कराने की कार्रवाई भी की जाए।

बैठक में स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं जैसे आईसीसीसी, आईटीएमएस, सीसीटीवी सिटी सर्विलांस सिस्टम, हाईजीनिक फूड प्लाजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सिटी स्टेडियम, इन्क्यूबेशन सेंटर, ट्रांसपोर्ट नगर और इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिटी की राजस्व आधारित परियोजनाओं से समय पर आय प्राप्त होना सुनिश्चित किया जाए। जिन परियोजनाओं में ठेकेदार एजेंसियां निर्धारित शुल्क जमा नहीं कर रही हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं होने पर संबंधित टेंडर निरस्त कर राशि की वसूली की कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को आधुनिक तकनीकों से और अधिक सक्षम बनाया जाए। शहर की समस्याओं के बेहतर विश्लेषण और त्वरित समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत विकसित परियोजनाओं का प्रभावी संचालन नागरिकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा प्रशासन की प्राथमिकता सागरवासियों को तकनीक आधारित उत्कृष्ट सेवाएं उपलब्ध कराना है।


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