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बीएमसी सागर में स्व. नीलम यादव का देहदान, मेडिकल शिक्षा के लिए परिवार का प्रेरणादायी निर्णय: अभी तक 12 देहदान

बीएमसी सागर में स्व. नीलम यादव का देहदान: मेडिकल शिक्षा के लिए परिवार ने लिया प्रेरणादायी निर्णय

• 30 वर्षीय नीलम यादव के पार्थिव शरीर को एनाटॉमी विभाग ने शिक्षण एवं अनुसंधान के लिए किया स्वीकार, महाविद्यालय परिवार ने परिजनों के प्रति जताया आभार


तीनबत्ती न्यूज: 29 अगस्त 2026

सागर:  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में आज एक प्रेरणादायी और समाजोपयोगी देहदान का कार्य संपन्न हुआ। बीना निवासी स्व. कुमारी नीलम यादव के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के उद्देश्य से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को दान किया।

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परिजनों की सहमति एवं आदेशानुसार स्व. नीलम यादव के पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए एनाटॉमी विभाग द्वारा स्वीकार किया गया। देहदान का यह निर्णय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, क्योंकि इससे भविष्य के चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना का अध्ययन करने तथा चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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परिवार ने किया अनुकरणीय कार्य

स्व. नीलम यादव की आयु 30 वर्ष थी और वे हाउसिंग बोर्ड बस्ती, राजीव गांधी वार्ड, बीना स्टेशन, सागर, मध्यप्रदेश की निवासी थीं। उनके पिता महेन्द्र सिंह यादव और भाई सोनू यादव सहित परिवार के सदस्यों ने इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. अमर गंगवानी, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ शंकर रॉय सहित विभाग के सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्व. नीलम यादव के परिजनों को इस महान एवं समाजोपयोगी कार्य के लिए धन्यवाद दिया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

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बीएमसी में 12वां देहदान, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शासन के आदेश के तहत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में यह 12वां देहदान है, जिसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। महाविद्यालय परिवार ने स्व. नीलम यादव के परिवार और इस पुनीत कार्य से जुड़े सभी लोगों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

महाविद्यालय परिवार ने कहा कि स्व. नीलम यादव के परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा और समाज के हित में सदैव याद रखा जाएगा। उनके पार्थिव शरीर के माध्यम से भावी चिकित्सकों को सीखने का अवसर मिलेगा और यह देहदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

महाविद्यालय परिवार ने स्व. कुमारी नीलम यादव के परिवार एवं रामपाल महाराज के अनुयायियों के प्रति इस समाजोपयोगी एवं पुण्य कार्य के लिए सम्मान और आभार व्यक्त किया।

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बुंदेलखंड मेडिकल कालेज के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी, बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की सौगात : बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

• डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के निरंतर प्रयासों से मिली बड़ी उपलब्धि




तीनबत्ती न्यूज: 22 अगस्त 2026

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को 60 नर्सिंग सीटों की मंजूरी मिल गई है। यह उपलब्धि संस्थान के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के पिछले दो वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों, प्रशासनिक पहल और दूरदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है। नर्सिंग कॉलेज को मिली इस मंजूरी से सागर सहित पूरे बुंदेलखंड अंचल में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

वर्ष 2024 में नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश पर रोक लग गई थी। इसके बाद संस्थान की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने, आवश्यक मानकों को पूरा करने तथा पुनः मान्यता और नर्सिंग सीटें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लंबे प्रयासों के बाद अब कॉलेज को 60 सीटों की मंजूरी मिलना बीएमसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस उपलब्धि पर डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है।


क्षेत्रीय विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का रास्ता खुला


बीएमसी सागर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। नर्सिंग कॉलेज में 60 सीटों की उपलब्धता से चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

इसका लाभ सागर के अलावा दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अब नर्सिंग शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


प्रशिक्षित नर्सिंग अमले की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती


नर्सिंग की 60 सीटों की मंजूरी से भविष्य में प्रशिक्षित और कुशल नर्सिंग स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ बीएमसी के साथ-साथ आसपास के शासकीय अस्पतालों को भी मिल सकता है।

कुशल नर्सिंग कर्मियों की उपलब्धता से मरीजों की देखभाल, उपचार व्यवस्था और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इस तरह नर्सिंग शिक्षा का विस्तार आने वाले समय में पूरे बुंदेलखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


डीन के प्रयासों को मिली सफलता


बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के कुशल नेतृत्व और सतत प्रयासों से संस्थान को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि 60 नर्सिंग सीटों का मिलना बीएमसी के शैक्षणिक एवं चिकित्सीय विस्तार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे अंचल के छात्र-छात्राओं को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही भविष्य में अस्पतालों को दक्ष एवं प्रशिक्षित नर्सिंग अमला उपलब्ध होगा, जो जन-स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी को क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विद्यार्थियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।

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BMC Sagar में VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 CHO हुए प्रशिक्षित, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती

 BMC सागर में तीन दिवसीय VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हुए प्रशिक्षित

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती, महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की पहल



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में 27 से 29 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सागर, दमोह एवं पन्ना जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग और शीघ्र उपचार की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।



प्रशिक्षण में सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया, डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह ने प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण डॉ. संदीप गौतम, नोडल अधिकारी (एनसीडी), जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान, समय पर उपचार तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

डीन ने NHM का जताया आभार

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं NHM का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को मजबूत करने के साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग देने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रशिक्षण रहा उपयोगी

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा महिला स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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