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कटनी जमीन घोटाला: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP नेहा पच्चीसिया निलंबित, कार्यालय सील • 80 लाख की जमीन 18 लाख में ट्रांसफर कराने का आरोप : सीएसपी सहित तीन पर FIR

कटनी जमीन घोटाला: सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, CSP नेहा पच्चीसिया तत्काल निलंबित, दफ्तर सील

• 80 लाख की जमीन 18 लाख में ट्रांसफर कराने का आरोप : सीएसपी सहित तीन पर FIR 


तीनबत्ती न्यूज: 21 अगस्त , 2026

भोपाल/कटनी: कटनी जिले में सामने आए चर्चित जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सीएम के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदेश पर नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को भी सील कर दिया गया है।

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कार्यालय सील, केस डायरी व डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित

 एफआईआर (FIR क्र. 0738/2026) दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर कटनी सीएसपी दफ्तर को सील करने की कार्रवाई की गई। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंहवारा जमीन सौदे से जुड़ी केस डायरी, सीएसपी दफ्तर के रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों को पूरी तरह सुरक्षित रखना है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो सके। निलंबन आदेश के साथ ही गृह विभाग ने विभागीय और एसआईटी (SIT) जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।

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82.86 लाख की जमीन मात्र 18.20 लाख में कराई ट्रांसफर

यह पूरी कार्रवाई हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर उसकी कंहवारा स्थित जमीन को कौड़ियों के दाम में हस्तांतरित कराने के आरोपों के तहत की गई है।

जमीन का गाइडलाइन मूल्य: ₹82.86 लाख

बेची गई कीमत: मात्र ₹18.20 लाख (मारूफ अहमद हनफी 'फ्रंटमैन' के नाम पर)

फंडिंग: जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस जमीन सौदे में सीएसपी के करीबी क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से फंडिंग की गई थी।

इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज 

कुठला थाने में आरोपी सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर दी चेतावनी 

मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।



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मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: नमन मिशन को मंजूरी, लाड़ली बहना के लिए ₹1.14 लाख करोड़

मध्यप्रदेश में नर्मदा संरक्षण से लेकर लाड़ली बहना तक बड़े फैसले, मंत्रि-परिषद ने दी करीब ₹1.46 लाख करोड़ की मंजूरी



तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026
सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आगामी वर्षों में प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के निरंतर संचालन सहित विभिन्न योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

बैठक का प्रमुख निर्णय जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति रहा।

नमन मिशन के जरिए होगा नर्मदा का वैज्ञानिक प्रबंधन

मंत्रि-परिषद ने नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र के संरक्षण के लिए नमन मिशन को स्वायत्त संस्था के रूप में गठित करने की मंजूरी दी है। मिशन को मध्यप्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत किया जाएगा।

मिशन की सर्वोच्च साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्री सदस्य होंगे। नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन के विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। IISER, IIT, IRMA, NIH, IIFM, ICAR और NEERI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

नर्मदा संरक्षण के लिए राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये तथा CAMPA निधि से भी प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त CSR, केंद्रीय सहायता और PPP मॉडल से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।

मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट AI, डेटा एनालिटिक्स, GIS, रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी।

लाड़ली बहना योजना के लिए ₹1,14,365 करोड़

मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के निरंतर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत वर्तमान में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं और पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326.47 करोड़

मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना से अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।

मातृ वंदना योजना के लिए ₹2,137.65 करोड़

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रथम प्रसव पर निर्धारित शर्तों के अनुसार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म होने की स्थिति में 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹11,835.35 करोड़

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11,835.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के लिए ₹4,742.45 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹518.93 करोड़, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए ₹3,219.22 करोड़ और आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के लिए ₹3,354.75 करोड़ शामिल हैं।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए ₹870.16 करोड़

कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए ₹310.23 करोड़, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए ₹469.93 करोड़ और कृषि अधोसंरचना विकास योजना के लिए ₹90 करोड़ शामिल हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र के लिए ₹734 करोड़

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण के लिए 734 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार के अनुसार पिछले 20 वर्षों में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के लिए बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि हुई है।
अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए ₹201.28 करोड़, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए ₹119.04 करोड़, विज्ञान के प्रसार के लिए ₹172.52 करोड़ और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए ₹241.16 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। पूर्व से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी 18 सितंबर 2031 तक रखी जाएगी। इससे लगभग ₹4.12 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।

मंत्रि-परिषद के इन फैसलों से नर्मदा संरक्षण, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी विकास तथा आधारभूत संरचना को आगामी वर्षों में गति देने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं।
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अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव • अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू • मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ

अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव

• अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू

• मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखा


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त ,2026

भोपाल: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

पांच नए एयरपोर्ट मिले


चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

दस महीनों में बढी सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।


2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार




केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।


केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। श्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।



केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।


उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।


केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।


चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी


आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।


सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम


सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।


किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ


सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग श्री चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष श्री अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ श्री राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ श्री विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ में कृषि सखियों से किया संवाद, प्राकृतिक खेती से बढ़ी किसानों की आय

झाबुआ में कृषि सखियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बोले- प्राकृतिक खेती से बढ़ रही किसानों की आय


तीनबत्ती न्यूज: 31 जुलाई, 2026

झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती अपनाने वाली कृषि सखियों और प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल लोगों की सेहत के लिए लाभकारी है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं और कृषि कल्याण वर्ष के तहत किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कृषि सखी संगीता डामोर की सराहना

मुख्यमंत्री ने मेघनगर विकासखंड के ग्राम देवीगढ़ की कृषि सखी संगीता डामोर से प्राकृतिक खेती को लेकर चर्चा की। संगीता ने बताया कि उन्होंने पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वर्तमान में अपने गांव सहित आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। वे बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदानों के उपयोग की जानकारी किसानों तक पहुंचा रही हैं।

उन्होंने बताया कि लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती करते हुए बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।



प्रगतिशील किसान विमल भाबोर ने साझा किए अनुभव

मुख्यमंत्री ने झाबुआ विकासखंड के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील किसान विमल भाबोर से भी संवाद किया। भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है और वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत सहित अन्य प्राकृतिक आदान तैयार किए जाते हैं। इनका उपयोग वे स्वयं करने के साथ अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं।

प्राकृतिक खेती से बढ़ी आय, मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर

विमल भाबोर ने बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर 1 लाख से 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

इसके अलावा मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र, नर्सरी, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों तथा वर्मी कम्पोस्ट से भी उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी कृषि सखियों और किसान बहनों को आगामी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दीं।


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सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य

सीएम डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद एमपी में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट: हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना, 3 महीने में मामलों के निपटारे का लक्ष्य



तीनबत्ती न्यूज: 25 जुलाई, 2026

जबलपुर/भोपाल, 25 जुलाई 2026। सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), अनुचित साधनों के प्रयोग और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में चार विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय नामित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल किए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तत्काल निर्णय लेते हुए चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्णयों को लागू करने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है।

हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट के लिए किया नामित 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की पहल पर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशों को विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय के रूप में नामित किया गया है।

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वीडियो देखने करे क्लिक

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा : MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे....

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इन शहरों में होंगे विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट

  • भोपाल: श्री प्रवीण पटेल (18वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • इंदौर: डॉ. (श्रीमती) शुभ्रा सिंह (26वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • ग्वालियर: श्री विशाल अखण्ड (8वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)
  • जबलपुर: श्री आनंद कुमार सेहलाम (27वें जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश)

ये न्यायालय लोक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत दर्ज मामलों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों से जुड़े अपराधों की भी सुनवाई करेंगे। इनका क्षेत्राधिकार संबंधित संभागों और निर्धारित जिलों तक रहेगा।

तीन महीने में फैसला सुनाने का प्रयास

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन माह के भीतर मामलों का विचारण पूरा कर निर्णय सुनाने का हरसंभव प्रयास किया जाए, ताकि परीक्षा संबंधी अपराधों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

सीएम बोले- युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी पर एहसान नहीं कर रही, बल्कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार की तुलना में प्रदेश में अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

नई व्यवस्था से प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा होने की उम्मीद है। इससे भर्ती परीक्षाओं और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।


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मध्यप्रदेश UCC विधेयक 2026 विधानसभा में पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होगा लागू

मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होगा लागू


तीनबत्ती न्यूज: 21जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा ने सोमवार को 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026' ध्वनि मत से पारित कर दिया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह प्रदेश में कानून के रूप में लागू होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्यप्रदेश के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि यह कानून समानता, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार संवैधानिक मूल्यों और समान अधिकारों के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

महिलाओं को समान अधिकार देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून लागू होने के बाद विवाह, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण सहित विभिन्न नागरिक मामलों में समान प्रावधान लागू होंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

लिव-इन संबंधों पर भी होंगे प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। उनके अनुसार निर्धारित आयु से संबंधित नियमों के उल्लंघन अथवा कानून के दुरुपयोग की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगा कानून

विधानसभा से पारित होने के बाद अब विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे अधिसूचित कर पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया

डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह कानून समान न्याय, समान अधिकार, नारी सशक्तिकरण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।


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