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सागर पुलिस ने 112 गुम मोबाइल किए रिकवर, ₹16.50 लाख के फोन लौटाए असली मालिकों को

सागर पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 112 गुम मोबाइल रिकवर: ₹16.50 लाख के फोन वास्तविक मालिकों को लौटाए


तीनबत्ती न्यूज: 13 अगस्त ,2026

सागर। सागर पुलिस ने साइबर तकनीक और लगातार किए गए तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के जरिए गुम हुए 112 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹16 लाख 50 हजार है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन और मार्गदर्शन में साइबर टीम द्वारा की गई।


सागर के साथ अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंची साइबर टीम


सागर पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों तथा प्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी, IMEI नंबर और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर लगातार ट्रेसिंग की गई। संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन बरामद किए गए।

साइबर टीम की अहम भूमिका

मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों से समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया।

₹16.50 लाख कीमत के मोबाइल बरामद

सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत करीब ₹16,50,000 है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के अलावा महंगे iPhone भी शामिल हैं।

बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता और साइबर टीम की लगातार मेहनत को दर्शाती है।



मोबाइल वापस मिलने पर खिले लोगों के चेहरे

गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने सागर पुलिस और पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन में केवल आर्थिक मूल्य ही नहीं होता, बल्कि उसमें लोगों के व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।


सागर पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी, बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।


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सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर पुलिस डायल 112 FRV में लाइव कैमरों से प्रधान आरक्षक की मॉनिटरिंग


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण सागर में सामने आया। थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आने के बाद डायल-112 की FRV-29 से सागर स्थित बंसल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने FRV में लगे लाइव कैमरों के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक उनकी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी हैं। घटना के समय वे पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बांदरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर लेकर रवाना हुई है।

लाइव कैमरे से रखी मरीज की स्थिति पर नजर

सूचना मिलते ही एएसपी भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। करीब 30 किलोमीटर के सफर के दौरान उन्होंने मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी। साथ ही FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी किया संपर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी ली। इसके बाद FRV में मौजूद पुलिसकर्मियों को चिकित्सकों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया।


समय पर उपचार से मिली मदद


FRV-29 प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली।


तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतर उदाहरण

सागर पुलिस की इस पहल ने दिखाया कि डायल-112 की FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता और लगातार मॉनिटरिंग ने तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण पेश किया।

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