दानवीर , सागर विवि के संस्थापक डॉ हरि सिंह गौर की जयंती,26 नवम्बर ।

शनिवार, 27 नवंबर 2021

SAGAR: सड़क हादसे में तीन दोस्तो की मौत, एक घायल

 SAGAR: सड़क हादसे में तीन दोस्तो की मौत, एक घायल


सागर। सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर तेज रफ्तार कार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखचे उड़ गए। कार में सवार तीन दोस्तों की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल हुआ है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।सूचना के मुताबिक  पुष्पेंद्र राजपूत (30), सूरज गोरखा (29), अभिनव तिवारी (30) सभी निवासी मकरोनिया और कुलदीप यादव (35) निवासी भैंस शुक्रवार रात कार में सवार होकर दमोह से सागर की ओर आ रहे थे। कार कुलदीप चला रहा था। इसी दौरान रात करीब 2 बजे सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर बहेरिया थाना क्षेत्र में स्थित कार शोरूम के सामने अज्ञात भारी वाहन ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरी। दुर्घटना में पुष्पेंद्र राजपूत, सूरज और अभिनव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कुलदीप गंभीर घायल हुआ है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस घटना को लेकर जांच कर रही है।

शुक्रवार, 26 नवंबर 2021

सांप्रदायिक सौहार्द्र का पक्षधर है नाटक 'गांधी ने कहा था' ★ अन्वेषण नाट्य समारोह के तीसरे दिन हुई संप्रेषणा नाट्य मंच कटनी की प्रस्तुति, डॉ. गौर को समर्पित है समारोह

सांप्रदायिक सौहार्द्र का पक्षधर है नाटक 'गांधी ने कहा था'

★ अन्वेषण नाट्य समारोह के तीसरे दिन हुई संप्रेषणा नाट्य मंच कटनी की प्रस्तुति, डॉ. गौर को समर्पित है समारोह

सागर । स्थानीय रवींद्र भवन में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से चल रहे 'अन्वेषण नाट्य समारोह 2021'  के तीसरे दिन 26 नवंबर को नाटक 'गांधी ने कहा था' की प्रस्तुति हुई | राजेश कुमार द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन सादात भारती ने किया | गांधी ने कहा था नाटक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है | यह घटनाक्रम आज़ादी के समय हुये दंगों और विकृत हुई सांप्रदायिकता का है | उस समय भाईचारे के लिए सत्य और अहिंसा पर आधारित महात्मा गांधी के प्रयासों के इर्द-गिर्द इस नाटक का ताना-बाना बुना गया है | नाटक के निर्देशक सादात भारती का कहना है कि यह प्रयास आज भी प्रासंगिक हैं और यह नाटक तोड़ने वाली ताकतों की ख़िलाफ़त करता हुआ जोड़ने वालों को शक्ति प्रदान करता है | 
       इस नाटक में मंच पर शुभम रजक, अनुज मिश्रा (गांधी), योगेश तिवारी (तारकेश्वर), नेहा केवट (सुमित्रा), के.एन. राव (आचार्य), युग रजक, ध्रुव शर्मा और अतुल वर्मा (आफताब) इसके अलावा अनन्या तिवारी, शिवानी रोहित, कृतिका गुप्ता, सतीश अहिरवार, प्रहलाद रजक, अनिल बर्मन, ऋषि परोहा, चंद्रकांत देशपांडे, आदित्य गोस्वामी, शिवकुमार रजक, निर्मल सिंह और दीपक केवट ने अभिनय किया | मंच परे गोलू शर्मा, अलखनंदन, गणेश माथुर, रोज़लीन शाह, द्वारिका दहिया, राजू रीझवानी आदि ने कार्य किया | मंच पर नाटक के सजीव मंचन ने एक बार पुनः सभी को उसी घटनाक्रम के काल में पहुंचा दिया और दर्शकों ने डूबकर इस नाटक का आनंद लिया | माँ सरस्वती एवं मंच पूजन के बाद नाटक का मंचन शुरू हुआ | मंच संचालन सतीश साहू ने किया | नाटक के दौरान आयोजक संस्था अन्वेषण थिएटर ग्रुप के निर्देशक जगदीश शर्मा, प्रबंधक अतुल श्रीवास्तव सहित अथग के सभी कलाकार उपस्थित रहे | नाटक के दौरान पूरा प्रेक्षागृह दर्शकों से भरा रहा | 

       
अन्वेषण नाट्य समारोह 2021 में 27 नवंबर का नाटक - अरे ! शरीफ लोग
लेखक - जयवंत दलवी
निर्देशक - शरद शर्मा प्रस्तुति - अभिनव रंगमंडल, उज्जैन 
समय - शाम 7:00 बजे से
स्थान रवींद्र भवन, सागर

डॉ गौर जयन्ती : ★ डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है- कुलपति ★ विश्वस्तरीय पढाई हो इसके प्रयास होना चाहिए : मंत्री भूपेंद्र सिंह ★ डॉ. गौर को भारत रत्न मिले इसके लिए प्रयास जारी : सांसद राजबहादुर सिंह

डॉ गौर जयन्ती  : 

★ डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है- कुलपति



★ विश्वस्तरीय पढाई हो इसके प्रयास होना चाहिए : मंत्री भूपेंद्र सिंह



★ डॉ. गौर को भारत रत्न मिले इसके लिए प्रयास जारी : सांसद राजबहादुर सिंह




सागर. 26 नवंबर. डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित 'गौर उत्सव' में 26 नवंबर गौर जयन्ती चतुर्दिक उमंग, उत्साह और उल्लास से मनाई गई. परम्परानुसार विश्वविद्यालय की कुलपति ने तीनबत्ती स्थल पर डॉ. गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और अपने संबोधन में कहा कि सागर शहर के नागरिकों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और जन-जन का का डॉ. गौर के प्रति प्रेम, अगाध श्रद्धा और भाव देखकर मैं भाव विह्वल हूँ. डॉ गौर ने विश्वविद्यालय के रूप में एक शिक्षा और ज्ञान का केंद्र स्थापित किया है जिसके माध्यम से इस समूचे अंचल ने पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. आप सभी विश्वविद्यालय के विकास में अपना सहयोग करें ताकि सर गौर के सपनों को साकार किया जा सके. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. 
उद्बोधन पश्चात तीन बत्ती से शोभायात्रा निकाली गई. गौर स्मारक स्थल पर भी कुलपति ने पुष्पांजलि दी. शोभायात्रा के विश्वविद्यालय पहुँचने पर उन्होंने गौर मूर्ति पर माल्यार्पण किया और गौर समाधि पर पुष्प अर्पित किया. मुख्य अतिथि श्री भूपेन्द्र सिंह,  कैबिनेट मंत्री , कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने भी डॉ. गौर की समाधि पर पुष्प अर्पित किया. 

एनसीसी कैडेट्स ने दिया गार्ड ऑफ़ ऑनर


विश्वविद्यालय के 3 एम पी सिग्नल एनसीसी कैडेट्स तीनबत्ती स्थल और विश्वविद्यालय परिसर में ले. कर्नल डॉ धर्मेन्द्र सर्राफ, डॉ. गौतम प्रसाद और ऊषा राणा के नेतृत्व में कुलपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया. 
गौर प्रांगण में मुख्य समारोह आयोजित किया गया. अतिथियों ने डॉ. गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्जवलित किया. कुलसचिव संतोष सोहगौरा के स्वागत भाषण के पश्चात गौर उत्सव के मुख्य समन्वयक प्रो. आर के त्रिवेदी ने छह दिवसीय गौर उत्सव में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी. 

डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है- कुलपति 

इस अवसर पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने ज्ञान-दान के अन्यतम पुरोधा, शैक्षिक उन्नयन के अभिनव सुत्रधार और भारतीय मेधा के वैश्विक पहचान, विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरीसिंह गौर जी की 152 वीं जयंती पर सभी को बधाई दी. उन्होंने कहा कि  डॉ. हरीसिंह गौर की जयंती न केवल हमारे विश्वविद्यालय के लिए बल्कि समूचे बुन्देलखण्ड के लिए अज्ञानता के अंधेरे के विरुद्ध ज्ञान के उजाले का नूतन विवेक है। आज का दिन उज्ज्वल चेतना का पावन अभिषेक है। 




उन्होंने कहा कि डॉ. गौर का समूचा जीवन मनुष्य के अपराजेय जिजीविषा की जय-यात्रा है। उन्होंने जीवन-भर सर्वोच्चता की संकल्पना को अपने ढंग से सिरजा, सहेजा और साकार किया। आसमान की बुलंदी पर रहते हुए भी डॉ. गौर ने सागर की जमीनी हकीकतों को कभी भुलाया नहीं। वे जानते थे कि बुन्देलखंड की जय-यात्रा ज्ञान के रास्ते से होकर ही जायेगी। इस भूमि पर उन्होंने अपने पुरुषार्थ से ज्ञान की अनंत रष्मियों कोसंकलित कर सागर विश्वविद्यालय का रूप दे दिया। जीवन भर की जुटाई गयी निजी पूँजी को सार्वजनिक हित में इस तरह समर्पित कर गौर साहब ने जाहिर इतिहास का एक ऐसा अफसाना लिख दिया जिसे आज सारी दुनिया गुनगुना रही है। हमारा विष्वविद्यालय केवल बुन्देलखण्ड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ज्ञान का अभिनव तीर्थ है. 
विश्वविद्यालय कोरोना की महामारी के दौरान भी लगातार क्रियाषील रहा। दुनिया भर के शीर्ष वैज्ञानिकों की में 20 वैज्ञानिक हमारे विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में सम्मिलित हमारे विवि के भी शिक्षक हैं. ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र शिक्षकों, विद्यार्थियों और अधिकारियों की उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा कि यह कोशिश हमारे संस्थापक के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक जागृत पहल है।  उन्होंने विशाविद्यालय में जारी परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में रूपरेखा भी प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के चतुर्दिक विकास और अपनी अकादमिक प्रतिबद्धता के साथ ही अपने सामाजिक सरोकारों को भी नये ढंग से सृजित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉ. गौर अपने प्रगतिशील सरोकारों के साथ व्यक्तिगत मुक्ति की जगह सामूहिक मुक्ति के हिमायती थे। अपनी मातृभूमि के लिए ज्ञान के उजाले का जो सपना देखा था, उसे उन्होंने अपनी आस्था और त्याग से पूरा किया, आज उनके जन्मदिवस पर हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम अपने संस्थापक के सपनों को कभी बेरंग नहीं होने देंगे। 

 विश्वस्तरीय पढाई हो इसके प्रयास होना चाहिए : मंत्री भूपेंद्र सिंह

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह जी ने कहा कि महादानी कर्ण के बाद के बाद यदि किसी का नाम लिया जा सकता है तो वे डॉ. गौर थे. उन्होंने कहा कि यह ऐसा शुभ दिन है जो समूचा बुंदेलखंड एक उत्सव के रूप में मनाता है. डॉ. गौर के समय में यहाँ अनेकानेक विषय शुरू हुए जो आज भी चल रहे हैं. उनके द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय को आज केन्द्रीय दर्जा मिल चुका है. वक्त की मांग है कि कुछ नए अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू किये जाएँ और बुंदेलखंड के अंचल में भी विश्वस्तरीय पढ़ाई होने लगे, इसके प्रयास किये जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि हम डॉ. गौर का ऋण कभी नहीं चुका सकते. हमारी, इस शहर की पहचान उन्हीं के कारण ही है. कुछ ऐसे प्रयास किये जाएँ कि बुंदेलखंड अंचल के विद्यार्थियों को इस विश्वविद्यालय में प्रवेश में प्राथमिकता मिले. 




 डॉ. गौर को भारत रत्न मिले इसके लिए प्रयास जारी : सांसद राजबहादुर सिंह

विशिष्ट अतिथि सागर लोक सभा सांसद श्री राजबहादुर सिंह ने कहा कि गौर साहब की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर मैंने लोकसभा में डॉ. गौर को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. सरकार भी मेरी इस मांग पर विचार कर रही हैं लेकिन इस मुहिम में जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है. मैं उम्मीद करता हूँ कि कि डॉ. गौर को भारत रत्न मिले, इसके लिए जनभागीदारी और सबका सहयोग मिलेगा. डॉ. गौर ने विश्वविद्याय के माध्यम से शिक्षा की अलख जगाई थी. इस बुंदेलखंड क्षेत्र में आज उन्हीं के कारण हम सब कुछ पढ़-बन पाए. इस अंचल के लोगों को शिक्षा के इस केंद्र का लाभ मिले इसके लिए ठोस प्रयास किये जाने चाहिए. 

उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान :कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. गौर की जयन्ती पर बौद्धिक समुदाय और जनभागीदारी को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह उत्सव नहीं बल्कि अनुष्ठान है. लोगों की डॉ. गौर के प्रति श्रद्धा और सम्मान देखकर मेरा मन आह्लादित है. पूर्व विद्यार्थियों की विश्वविद्यालय के प्रति सोच की मैं प्रशंसा करता हूँ. डॉ. गौर अर्वाचीन समय के भामाशाह हैं. निश्चित तौर पर यह विश्वविद्यालय तेजस्वी विकास करेगा.  




' समय'  और 'मध्य भारती का विमोचन

इस अवसर पर अलग-अलग श्रेणी में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. पत्रकारिता विभाग के प्रायोगिक समाचार-पत्र ' समय'  और 'मध्य भारती' शोध पत्रिका के 80वें अंक के विमोचन के साथ ही कई शिक्षकों की पुस्तकों का भी विमोचन हुआ. इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्यों और सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. ।कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित मोहन ने किया. आभार ज्ञापन मुख्य समन्वयक प्रो. आर के त्रिवेदी ने किया.

तीनबत्ती पर ये हुए शामिल



सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ हरिसिंह गौर की 152 वी जयंती शुक्रवार को सागर में उत्साह पूर्वक मनाई गई ।तीन बत्ती स्थित गौर प्रतिमा पर कुलपति प्रोफ़ेसर नीलिमा गुप्ता ने  माला पहनाई ।इस अवसर पर सांसद राजबहादुर सिंह पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, पूर्व सांसद आनंद अहिरवार ,डॉ सुरेश आचार्य सुखदेव प्रसाद तिवारी ,चतुर्भुज सिंह राजपूत ,डॉ सुखदेव मिश्रा ,डॉ अशोक अहिरवार, संदीप बाल्मीकि SVN के कुलपति डॉ अनिल तिवारी ,राजीव टंडन मनीष पुरोहित , सन्तोष सहगोरा, प्रोफेसर आरके त्रिवेदी पंकज सिंघई ,जगदेव सिंह ठाकुर आशीष ज्योतिषी ,मुन्ना लाल यादव ,सुरेश जाट बहादुर यादव, भोलेश्वर तिवारी ,सुरेंद्र गाडेवार, पप्पू फुसकेले, अनिल पुरोहित, राकेश शर्मा,  विवेक तिवारी ,मीडियाकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।


RTO : आटो रिक्शा वाहनों पर कार्यवाही जारी ,16500 रूपये की पेनाल्टी वसूल और 23 आटो रिक्शा जब्त ★ कार्यवाही के खिलाफ आटो चालकों की बैठक 27 नवम्बर को

 RTO : आटो रिक्शा वाहनों पर कार्यवाही जारी ,16500 रूपये की पेनाल्टी वसूल और 23 आटो रिक्शा जब्त
★ कार्यवाही के खिलाफ आटो चालकों की बैठक 27 नवम्बर को
सागर ।  परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर द्वारा निर्देश प्राप्त हुए है कि उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा आदेश पारित किये गये है कि प्रदेश में बिना परमिट एवं नियम विरूद्ध चल रहे यात्री आटो रिक्शा पर तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है। उक्त आदेश के परिपालन में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, प्रदीप कुमार शर्मा के निर्देशन में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सुरेन्द्र सिंह गौतम ने बताया कि शुक्रवार को प्रवर्तन अमले के साथ संयुक्त रूप से आटो रिक्शा वाहनों की चैकिंग की सख्त कार्यवाही की गयी। यह कार्यवाही मोतीनगर चौराहा, मकरोनिया चौराहा पर की गई।

चैकिंग के दौरान 95 आटो रिक्शा वाहनों को चैक किया गया, जिनमें से 23 आटो रिक्शा वाहनों के मौके पर वाहन से संबंधित दस्तावेज नहीं पाये गये एवं क्षमता से अधिक सबारी बैठी हुई पाये जाने से उन्हें जप्त कर कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया।पूर्व में जप्त आटो रिक्शा वाहनों से चालानी कार्यवाही कर 16500 रूपये मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत् शमन शुल्क वसूल किया गया। साथ ही समस्त वाहनस्वामियों को हिदायत दी है कि अपने वाहनों के संचालन के दौरान वाहन से संबंधित समस्त दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ में रखे। साथ ही बकाया टैक्स, अवैध संचालन, ओव्हर लोडिंग से संबंधित चैकिंग निरंतर जारी रहेगी। 

आर.टी.ओ. की चालानी कार्यवाही के खिलाफ आटो चालकों की बैठक 27 नवम्बर को

आटो यूनियन अध्यक्ष पप्पू तिवारी ने कहा कि गत तीन दिनों से आर.टी.ओ. कार्यालय द्वारा चौराहों चौराहों पर आटो के किए जा रहे मनमाने चालान से आक्रोशित आटो चालकों की बैठक 27.11.2021 को दोपहर 12 बजे से गुलाब बाबा मंदिर धर्माश्री रोड पर रखी गई है। जिसमें आर.टी.ओ. कार्यालय द्वारा आटो चालकों से चालान के नाम पर की जा रही भारी भरकम वसूली का विरोध किया जाएगा। 

 

गौर जयंती पर निकाली साईकिल रैली

गौर जयंती पर निकाली साईकिल रैली


सागर। महान दानवीर, शिक्षाविद,कानूनविद डॉ सर हरिसिंह गौर जी की 152 वी जन्म जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच,भारत तिब्बत सहयोग मंच एवं सागर साईकल क्लब के संयुक्त तत्वाधान में तीनबत्ती स्थित डॉ हरिसिंह गौर की मूर्ति के समीप 101 दीप प्रज्वलित किये एवं माल्यार्पण का कार्यक्रम किया एवं मोतीनगर चौराहे से बड़ा बाजार, कोतवाली,तीनबत्ती, परकोटा,गोपालगंज, होते हुए सिविल लाइन चौराहे तक साईकल रैली निकाली।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त आर.पी. अहिरवार एवं विशिष्ट सहयोगी साइक्लिस्ट महेश तिवारी एवं आनंद ददरया का सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच के प्रदेश प्रभारी ज्योतिष सोनी ने किया।
कार्यक्रम का संचालन साइकिलिस्ट एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच के संगठन मंत्री शुभम कुर्मी ने किया। कार्यक्रम में अनुराग विश्वकर्मा,जिला अध्यक्ष करणदीप सिंह,नगर अध्यक्ष सचिन सोनी,शुभम परेता,आकाश केसरवानी,महेंद्र विश्वकर्मा,शुभम सोनी,शैलेश साहू,प्रिंस ताम्रकार,कलपेन्द्र जी, श्रेयांश , अतुल,आस्था चैम्प,सुप्रिया, 
श्रेयांश जैन, शिवाँश प्रजापति,दीपेश भट्ट,आर्यन,अंशुल दुबे,आशीष ,अमित,रविकांत प्रजापति,अजित  जैन,नीलेश जैन,विक्रम लोधी,विजेंद्र जी,रामजी गुप्ता ,दीपेश सैनी एवं अन्य शहरवासी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे । भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिला अध्यक्ष पं.बिट्टू पांडे ने कार्यक्रम में पधारे सभी साथियों का आभार व्यक्ति किय।

गौर युवा मंच द्वारा जनवरी माह में स्थापित की जाएगी डॉ. गौर की प्रतिमा


गौर युवा मंच द्वारा जनवरी माह में स्थापित की जाएगी डॉ. गौर की प्रतिमा

सागर। डॉ. सर हरिसिंह गौर की 152वीं जयंती के उपलक्ष्य पर प्रतिवर्श अनुसार इस वर्श भी 26 नवम्बर 2021 को प्रातः 9 बजे कबुलापुल स्थित गौर चौराहा से गौर युवा मंच द्वारा डॉ. सर हरिसिंह गौर की पालकी यात्रा निकाली गयी।  सर्वप्रथम डॉ. गौर के चित्र पर माल्यापर्ण कर डॉ. गौर के जय घोश के साथ सभी अतिथियों द्वारा बधाई प्रेशित की गयी ।इसके पष्चात् गौर युवा मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता रविन्द्र अवस्थी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मंच की वर्शों पुराना संकल्प आज पूरा होने जा रहा है और घोशणा करते हुये कहा कि जनवरी माह में डॉ. सर हरिसिंह गौर की मूर्ति कबुलापुल स्थित गौर चौराहे पर स्थापित की जाएगी। अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. सर हरिसिंह गौर जिन्होंने सागर वासियांे के लिये अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया है ऐसे महापुरूश को हम षतषत नमन करते हुये आज सभी का इस कार्यक्रम में स्वागत बंदन अभिनंदन करते हैं गौर युवा मंच के संरक्षक डॉ. अनिल तिवारी संस्थापक कुलपति स्वामी विवेकानंद विष्वविद्यालय ने कहा कि गौर युवा मंच द्वारा जो संकल्प लिया गया। उसे पूर्ण किया जा रहा है और हम सभी नगर वासियों को भी यह सोचने वाली बात है कि जिस महापुरूश के कारण हम आज प्रदेष, देष एवं विदेषों में भी जाने जाते है वह सब डॉ. गौर की ही बदौलत हमारी पहचान है ।डॉ. गौर के इस त्याग को हम सभी सागरवासी कभी भूल नहीं सकते। इसके पष्चात् सभी अतिथियों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा डॉ. गौर के चित्र को पालकी में विराजमान कर पालकी यात्रा प्रारंभ की गयी। जो डॉ. गौर के जयघोश के साथ कबुलापुल से प्रारंभ होकर चौदह मुहाल, बारह मुहाल षास्त्री चौक, षिवाजी चौक, तीन मुहाल होते हुये वापिस कबुलापुल गौर चौराहे पर समापन किया गया। पालकी यात्रा का सदर क्षेत्र के निवासियों द्वारा पुश्प वर्शा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन गौर युवा मंच के प्रवक्ता अनिल दुबे किया आभार डॉ. विषाल मिश्रा ने माना। कार्यक्रम में उपस्थित होने वालों में जिला पंचायत सदस्य अरविंद तोमर, प्राचार्य श्रीमति स्नेहलता जैन, प्राचार्य सुषील केषरवानी, सौरभ केषरवानी, अतुल मिश्रा, व्हीके विष्वकर्मा, गजेन्द्रसोनी, पंकज मुखारया, दिनेष सोनी, उत्तम राव ताइडे, सोनू सिंह बग्गा, बिरजू बिल्थरे, रामचरण षास्त्री, षिवप्रसाद तिवारी, ष्याम सुंदर मिश्रा, बलवंत राठौर, नीरज पांडेय, मुकेष नायक, हर्श तोमर, धनन्जय त्रिपाठी, पीयूश विष्वकर्मा, राम प्रसाद विष्वकर्मा, चौहान सिंह राठौर, सुधीर पांडेय, विमल विष्वकर्मा, अमित तिवारी, कमल पाहवा, राजेष राय, कौषल यादव, रितेष तोमर, रोषन यादव, महेन्द्र सोनी, विक्रम ठाकुर, करन सहजल, अजय मिश्रा, मुकेष हरयानी, दीपक पौराणिक, राकेष यादव, राकेष तिवारी, ऐके राजौरिया, अजय श्रीवास्तव, श्रीमति पूर्णिमा लारिया, राहुल सेन, ज्योति साहू, मंजू ठाकुर, भूपेन्द्र श्रीवास्तव, हमीद मकरानी आदि गौर युवा मंच के कार्यकर्ता स्कूल के छात्र-छात्राएं षिक्षक एवं षिक्षिकाएंगण उपस्थित थे।
 

गौर जयंती : बड़ा बाजार छात्रसंघ ने निकाली विशाल बाईक रैली

गौर जयंती : बड़ा बाजार छात्रसंघ ने निकाली विशाल बाईक रैली




सागर। सागर विवि के संस्थापक कुलपति ,दिल्ली और नागपुर विवि के पूर्व कुलपति ,सविधान सभा के सदस्य डॉ हरिसिंह गौर की जयंती पर वडा बाजार छात्रसंघ ने एक बाईक  रैली  बड़ा बाजार छात्रसंघ के संयोजक नरेंद्र चौबे के नेतृत्व में निकाली ।  सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक सुनील जैन, और नेवी जैन , प्रो आर के त्रिवेदी ने आज रामबाग से हरीझंडी दिखाकर रवाना किया। 



इस मौके पर सांसद राजबहादुर सिंह ने कहा कि डॉ गौर शिक्षा और दान के क्षेत्र में एक मिसाल थे। इसके साथ ही उन्होंने कानून के जरिये देश मे समाज सुधारक की भूमिका निभाई । हम उनके ऋणी रहेंगे। पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि डॉ गौर और उनके द्वारा स्थापित  विवि से देश और दुनिया मे हमारी पहचान है। हमे इसका सरक्षण और सवर्धन करने की जरूरत है। भाजपा नेता नेवी जैन  और डॉ आर के त्रिवेदी ने डॉ गौर को याद किया। बड़ा बाजार छात्रसंघ के अध्यक्ष नरेंद चौबे ने डॉ गौर के सपनो के अनुरूप विवि को आगे बढाने का संकल्प लिया। छात्रसंघ के अध्यक्ष अर्पित मिश्रा ने सभी का आभार जताया। बाईक रैली बाजे गाजे के साथ और बुंदेली नृत्यों के साथ बड़ा बाजार, तीनबत्ती  होती विवि परिसर पहुची । यहां यात्रा का समापन हुआ। 







रैली में सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक सुनील जैन, और नेवी जैन , प्रो आर के त्रिवेदी ,संयोजक नरेंद्र चौबे, जगन्नाथ गुरैया, लक्ष्मण सिंह, अनूप उर्मिल, सिंटू कटारे, निकेश गुप्ता, सपन ताम्रकर, शिवशंकर यादव, रीतेश मिश्रा, जयदीप नगरिया, प्रतिभा चौबे , मेघा दुबे ,अर्पित मिश्रा, राजेश सैनी, बाबू घोषी, अंशुल सोनी राजुल घोषी अनिकेत यादव बिट्टू काजी अनिरुधर् राजपूत अमन ताम्रकार सपन ताम्रकार मोनू जैन शुभम शुक्ला उदय चोरसिया रामसु सोनी अंशुल मिश्रा मनोज रैकवार, ललित बाजपेई, अमन चौरसिया आदि शामिल हुए। 


गुरुवार, 25 नवंबर 2021

मन की सुंदरता, डॉक्टरों के समर्पण और प्रेम की महत्ता को पुर्नस्थापित करता है नाटक 'तुम कितनी ख़ूबसूरत हो' ('अन्वेषण नाट्य समारोह 2021' का दूसरा दिन)

मन की सुंदरता, डॉक्टरों के समर्पण और प्रेम की महत्ता को पुर्नस्थापित करता है नाटक 'तुम कितनी ख़ूबसूरत हो'

('अन्वेषण नाट्य समारोह 2021' का दूसरा दिन)

सागर | मंच पर एक अस्पताल के कमरे का का दृश्य है, जिसके एक पलंग पर एक बहुत ही बीमार लड़की सुगंधा है | उसे शारीरिक से ज्यादा मानसिक पीड़ा है, और यही मानसिक रोग धीरे-धीरे उसके शरीर को भी कमज़ोर करने लगता है | दरअसल सुगंधा को यह भ्रम हो गया है कि वह खूबसूरत नहीं है, और इसलिए लोग उसे महत्व नहीं देते | बाद में अस्पताल के उसी कमरे में लड़की के बगल वाले पलंग पर एक अन्य मरीज उमंग भर्ती होता है | धीरे-धीरे दोनों का परिचय होता है | वह युवक सुगंधा को बातों ही बातों में एहसास कराता है कि वह बहुत सुंदर है, चेहरे की सुंदरता के कोई मायने नहीं होते सिर्फ मन की सुंदरता ही सर्वोपरि है | दोनों के बीच प्रेम के बीज अंकुरित हो जाते हैं | इस तरह सुगंधा का भ्रम दूर होता है, उसकी हालत में सुधार होते होते वह पूर्णत: स्वस्थ हो जाती है | बाद में उमंग वहां से चला जाता है और नाटक के अंत में भेद खुलता है कि वह उमंग कोई मरीज नहीं बल्कि एक नामी डॉक्टर हैं और मरीज के रूप  मैं मनोवैज्ञानिक रूप से सुगंधा का इलाज करने आये थे |
           इस नाटक का अगर बिंदुवार निष्कर्ष निकाला जाए तो तीन बिंदु निकल कर आते हैं | पहला बिंदु दर्शाता है कि चिकित्सा जगत में मरीजों की बीमारी को समझते हुए पूरे समर्पण के साथ डॉक्टरों को और उनके सहयोगियों का काम बहुत महत्वपूर्ण होता है, उसकी कोई क़ीमत नहीं आंकी जा सकती | दूसरा बिंदु यह बताता है कि मन की सुंदरता के आगे शारीरिक सुंदरता का कोई मोल नहीं होता | मन की सुंदरता ही वास्तविक सुंदरता है | तीसरे बिंदु के रूप में यह नाटक प्रेम की सनातन शक्ति को एक बार पुनः स्थापित करता प्रतीत होता है | 
           नाटक को उपस्थित दर्शकों ने पूरे मनोयोग के साथ देखते हुए इसकी भरपूर सराहना  की | नाटक के बीच बीच में सुगंधा के मामा और डॉक्टर के हास्य से भरे संवादों का भी दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया | स्थानीय रविंद्र भवन में जारी 'अन्वेषण नाट्य समारोह 2021' के दूसरे दिन 25 नवंबर को नाटक 'तुम कितनी ख़ूबसूरत हो' का मंचन स्वयं आयोजक संस्था अन्वेषण थिएटर ग्रुप द्वारा किया गया | नाटक का निर्देशन जगदीश शर्मा ने किया | नाटक में मंच पर जिन कलाकारों ने अभिनय किया उनमें मरीज सुगंधा के रूप में करिश्मा गुप्ता, युवक मरीज के रूप में (जो वास्तव में एक डॉक्टर है) कपिल नाहर, सीनियर डॉक्टर के रूप में समर पांडेय, जूनियर डॉक्टर के रूप में प्रवीण कैम्या, सुगंधा के मामा के रूप में रवीन्द्र दुबे कक्का, नर्सों के रूप में समता झुड़ेले और ग्राम्या चौबे, वॉर्ड बॉय के रूप में दीपक राय ने काम किया | नाटक के शुरू में नृत्य आस्था बानो ने प्रस्तुत किया | मंच परे के प्रबंधों में अतुल श्रीवास्तव, सतीश साहू पार्थो घोष, आशीष चौबे, साक्षी पांडे, राहुल सेन, आनंद शर्मा, सन्तोष दांगी, अखिलेश अहिरवार, सक्षम, प्रेम जाट, राजीव जाट, अश्वनी साहू, तरुण सिंह, दीपगंगा साहू, तारिक भाई, मास्टर अयान, ऋषभ सैनी, बृजेश शर्मा, राजाराम सैनी आदि शामिल रहे | मंच संचालन सतीश साहू ने किया 

         
अन्वेषण नाट्य समारोह 2021 में 26 नवंबर की प्रस्तुति - 'गांधी ने कहा था'
लेखक - राजेश कुमार
निर्देशन - सादात भारती 
प्रस्तुतकर्ता दल - संप्रेषणा नाट्य मंच कटनी (म. प्र.)
समय - शाम 7:00 बजे से
स्थान - रवीन्द्र भवन सागर

जितना अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, उतना ही अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें : केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रह्लाद पटेल


जितना अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, उतना ही अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें : केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रह्लाद पटेल


★ देवरी में 7 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत के संयुक्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय के भवन का लोकार्पण

सागर ।केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग एवं जलशक्ति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को सागर जिले की देवरी तहसील में संयुक्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त भवन का लोकार्पण किया। यह भवन 7 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर कहा कि हम आज आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहे है। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि जितने अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, अपने कर्तव्यों के प्रति भी उतने ही जागरूक रहें। हमे अपने प्राकृतिक संसाधनों की चिंता करनी होगी। कार्यक्रम में विषिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं देवरी विधायक श्री हर्ष यादव, पूर्व विधायक श्री भानुराणा, कलेक्टर श्री दीपक आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिकगण मौजूद थे।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कार्यक्रम में कहा कि आज हम आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं। हमे अपने संसाधनों की देखभाल करनी होगी। आबादी बढ़ रही है और प्राकृतिक संसाधन उतने ही हैं। जब देष स्वतंत्र हुआ था, तब से लेकर अब तक 3 गुना आबादी बढ़ चुकी है। प्राकृतिक संसाधन नहीं बढ़े। खर्चीली जीवन-षैली में संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। पानी का उपयोग बढ़ा है। हमे जल संसाधनों को सहेज कर रखना होगा। जल का संरक्षण करना होगा तभी हम भविष्य की आवष्यकताओं को पूरी कर पायेंगे।
उन्होंने कहा कि 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाते है। डा. भीमराव अम्बेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देष का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था। जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि देवरी में प्रषासनिक भवन बन जाने से आम लोगों को सुविधा होगी। उन्होंने आषा व्यक्त की कि यह भवन अपने उद्देष्य में सफल होगा।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब कोई आपदा आती है तो हमारी क्षमताओं की परख होती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय पुलिस विभाग से लेकर डाक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य शासकीय कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है।
विषिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री श्री हर्ष यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज खुषी का दिन है कि देवरी तहसील में संयुक्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के नव-निर्मित अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त भवन का लोकार्पण हुआ है। इससे देवरी तहसील के नागरिकों को एक ही छत के नीचे राजस्व संबंधी सुविधाएं मिलेंगी।
इस अवसर पर एसडीएम श्री अमन मिश्रा, एसडीओपी श्री पूजा शर्मा, श्री कैलाष पटेल, श्री अनिल ढिमोले सहित नागरिकगण उपस्थित थे 

गौर उत्सव : ‘डॉ. गौर के सपनों का सागर और उनका विश्वविद्यालय’ पर परिसंवाद आयोजित ★ रघु ठाकुर, डॉ जी एस चौबे, एसपी व्यास और सुरेश आचार्य ने किया संवाद

गौर उत्सव : 'डॉ. गौर के सपनों का सागर और उनका विश्वविद्यालय' पर परिसंवाद आयोजित 

★ रघु ठाकुर, डॉ जी एस चौबे, एसपी व्यास और सुरेश आचार्य ने किया संवाद


सागर. 25 नवंबर.
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित 'गौर उत्सव' के पांचवें दिन विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में 'डॉ. गौर के सपनों का सागर और उनका विश्वविद्यालय' विषय पर परिसंवाद आयोजित हुआ. 
 
डॉ. गौर और मां. सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन और अतिथियों के स्वागत के उपरान्त विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. संजय शर्मा ने डॉ. गौर के सागर शहर और शिक्षा के मंदिर के सपने के पीछे के ऐतिहासिक कारणों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वे अपने समकालीन विचारकों और संस्थानों से प्रभावित थे. वे सागर ही नहीं पूरे भारत की संस्कृति को बदलना चाहते थे. यह बदलाव शिक्षा के माध्यम से ही होगा, यह मानने वाले डॉ. गौर ने इसके लिए एक विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रण लिया. उनका वह संकल्प एक विश्वविद्यालय के रूप में हमारे सामने है. डॉ. गौर विश्वविद्यालय को समाज निर्मिति के केंद्र के रूप में देखते थे.
 
डॉ. गौर की आंतरिक छवि विराट थी- कुलाधिपति 

कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. गौर स्वप्नद्रष्टा थे. उनके सपनों के बारे में जानने के लिए सबसे पहले उनके अन्तः ह्रदय को जानना होगा. ऊपरी तौर पर हम उनके बारे में बहुत सी बातें जानते हैं लेकिन उनकी आंतरिक छवि विराट थी. वे समय के अनुकूल नए ज्ञान और सृजन के प्रति सचेत थे. वे जानते थे कि भौतिक युग में ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा नहीं मिलेगा. इसीलिये उन्होंने एक विश्वविद्यालय के लिए ग्रामीण परिवेश चुना ताकि समकालीन विचारों के साथ यह विश्वविद्यालय अद्यतन ज्ञान का केंद्र बने. आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय नवाचार के प्रयोग के माध्यम से साहित्य, संस्कृति, परम्परा के महत्त्व की स्थापना का विश्वस्तरीय केंद्र बनेगा.    
  

मनुष्य को लोकतांत्रिक और प्रगतिशील बनाने वाली शिक्षा के हिमायती थे डॉ. गौर- रघु ठाकुर 

प्रसिद्ध समाजवादी चिन्तक रघु ठाकुर ने कहा कि डॉ. गौर ने गरीबी का निकट से अनुभव किया था. उन्होंने इस पूरे अंचल को विकास के रास्ते पर लाने के लिए विश्वविद्यालय को आधार बनाया. उन्होंने शहर और विश्वविद्यालय को पूरी दुनिया से जोड़ने के लिए विमानन मंत्रालय को हवाई अड्डा बनाने के लिए ज्ञापन दिया. रेल सुविधाओं को अद्यतन करने के लिए ज्ञापन दिए. वे सागर को देश की उप राजधानी बनाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने कई पत्राचार किये जिसमें तर्कसंगत बातों से तत्कालीन सरकार को सहमत करने का प्रयास किया. सागर में टेक्नीकल एजुकेशन के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए भी उन्होंने पत्र लिखे. विकास के जितने भी मापदंड हो सकते हैं, वे सागर को सबसे परिपूर्ण करना चाहते थे. उनका सपना सागर को आत्मनिर्भर बनाने का सपना था. उनका मानना था कि लोग पढ़कर केवल डिग्री न हासिल करें बल्कि लोकतांत्रिक व्यवहार भी सीखें. वे मानते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो लोकतांत्रिकता और प्रगतिशीलता के रास्ते पर व्यक्ति को ले जाए और विश्वविद्यालय इसका केंद्र बने. वे हिन्दू धर्म और परम्पराओं का नवजागरण चाहते थे. महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए उन्होंने बहुत से काम किये. वे ऐसी शिक्षा के हिमायती थे जो केवल सूचना प्रदान करने तक सीमित न हो बल्कि विवेक भी जुड़ा हो.
 
डॉ. गौर के जन्म का दशक प्रतिभाओं के जन्म का दशक है- डॉ. चौबे 

ख्यातिलब्ध चिकित्सक डॉ. जी एस चौबे ने कहा कि डॉ. गौर का जन्म जिस दशक में हुआ, वह देश में प्रतिभाओं के जन्म का दशक था. 1861 में जन्मे रवींद्र नाथ ठाकुर को नोबल पुरस्कार से नवाजा गया. 1863 में जन्में स्वामी विवेकानंद के विचारों और कार्यों ने ने पूरी दुनिया में भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया. 1869 में जन्मे गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर पूरे देश को चलने की प्रेरणा दी और अप्रतिम त्याग का परिचय दिया. 1870 में जन्मे डॉ. गौर ने अपना सर्वस्व धन दानकर विद्या के एक मंदिर की स्थापना की. ऐसा उदाहरण पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा.  
 

डॉ. गौर के सपनों ने सागर को विश्वपटल पर स्थापित किया- प्रो. व्यास 

वरिष्ठ शिक्षाशास्त्री एवं वैज्ञानिक प्रो. एस पी व्यास ने कहा कि डॉ. गौर के व्यक्तित्व को शब्दों में उतारना बड़ा ही कठिन कार्य है. उनके सपने के अनुरूप बहुत से मंगल कार्य किये जा रहे हैं. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. डॉ. गौर के सद्प्रयासों से महिलाओं के लिए वकालत का रास्ता खुला. वे एक व्यक्ति नहीं विचार थे. विश्वविद्यालय की स्थापना करके एक छोटे से ग्रामीण इलाके को विश्वपटल पर सम्मान दिलाने वाले वे पहले व्यक्ति थे. उनका व्यक्तित्व संत का व्यक्तित्व था. उनके जन्म दिवस के अवसर पर हमें यह प्रण लेना होगा कि हम हर दिन की शुरुआत उनके संकल्पों के अनुरूप कार्य करने से करेंगे. अनुशासित रहकर इस शिक्षा के केंद्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए सदैव श्रमशील रहेंगे.
 
डॉ.गौर के सपनों के अनुरूप अपनी सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा विश्वविद्यालय- कुलपति  





कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि डॉ. गौर के जीवन संघर्ष और उनके अवदानों की चर्चा सुनते हुए मुझे उनका समकालीन परिदृश्य दिखाई दे रहा है. डॉ. गौर बेहद अभाव की स्थिति से निकलकर उच्च शिखर पर पहुँचने वाले महान व्यक्तित्व थे. आज लोग अपने परिवार और बच्चों के लिए पूंजी इकट्ठा करते हैं. लेकिन डॉ. गौर ने परिवार के साथ-साथ समाज के लिए एक बड़ा हिस्सा भी रखा और एक अद्भुत शिक्षा का केंद्र हमें विरासत में मिला है. हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम उनके अवदानों को याद करते हुए उनके संकल्पों को पूरा करने में अपनी ऊर्जा लगाएं. उन्होंने हाल ही में हुए विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए अकादमिक अनुबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि हम नए-नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे कि आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय अपने शिखर पर पहुंचेगा. ग्रामीण विकास, स्किल डेवलेपमेंट पाठ्यक्रमों के जरिये हम आदर्श गाँव भी बनायेंगे. समाज और समुदाय की बेहतरी के लिए भी विश्वविद्यालय अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा. डॉ. गौर ने विश्वविद्यालय के रूप में जो बीजारोपण किया है हम उनके संकल्पों और सपनों के अनुरूप इसे हरा-भरा बनाएंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही गौर म्यूजियम बनकर तैयार होगा. उन्होंने अपील की कि जिनके पास भी उनसे जुडी हुई वस्तुएं हों वे विश्वविद्यालय को सौंपकर अपना योगदान दें ताकि म्यूजियम के माध्यम से वे वस्तुएं सभी के लिए उपलब्ध हो पायें. 
 
डॉ. गौर द्वारा स्थापित कल्पवृक्ष की कीर्ति पताका फहराना हमारा कर्तव्य- प्रो. सुरेश आचार्य 

वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. सुरेश आचार्य ने कहा कि पूरे बुंदेलखंड में डॉ. हरीसिंह गौर 'गौर बब्बा' के नाम से जाने जाते हैं. यह यहाँ के लोगों का उनके प्रति अगाध प्रेम है और यह रिश्ता बड़ा ही नायाब है. उनके द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय की रक्षा, इसकी समृद्धि, वृद्धि और इसकी कीर्ति पताका चारों ओर फहराना हम सबका कर्तव्य है. आज के आधुनिक युग में लोग अंधाधुंध संपत्ति इकठ्ठा कर विलासितापूर्ण जीवन जीने में संलग्न हैं लेकिन डॉ. गौर ने एक-एक पैसा जोड़कर विश्वविद्यालय के रूप में एक कल्पवृक्ष लगाया जिसमें देश भर के लोग अध्ययन करने के लिए आते हैं. इस विश्वविद्यालय में बहुत कुछ अद्भुत है. 1970 में उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई थी जिसमें शहर से एक बहुत बड़ा जुलूस विश्वविद्यालय में आया था. आज भी यह परम्परा जारी है. यह उनके प्रति श्रद्धानवत होने का अवसर है.  
 
सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट को सम्मानित करने के लिए डॉ. ललित मोहन ने राशि दी


कार्यक्रम में डॉ. ललित मोहन ने एक लाख एक सौ पचीस रूपये का चेक कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी को सौंपा. इस राशि से आगामी वर्षों में विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट को गौर जयन्ती के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा. डॉ. ललित मोहन विश्वविद्यालय में दस वर्षों तक एनसीसी अधिकारी रह चुके हैं. उत्कृष्ट कार्य एवं सेवा के लिए उन्हें महानिदेशक प्रशंसा पदक भी मिल चुका है. 
 
कार्यक्रम का मॉडरेशन और आभार ज्ञापन कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने किया. इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी और सागर शहर के अनेक सम्माननीय नागरिकगण उपस्थित थे. 
 
बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ के तहत महिला समाज ने किया आयोजन  

विश्वविद्यालय की महिला समाज ने ग्राम पथरिया स्थित माध्यमिक विद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत स्कूली बच्चों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया. महिला समाज की अध्यक्ष डॉ. रत्ना शुक्ला ने इस अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि आज बेटियों का अनुपात हर क्षेत्र में बढ़ रहा है. इसे और अधिक सशक्त बनाए जाने की आवश्यकता है. शिक्षा के माध्यम से हम बेटियों को एक सुनहरा भविष्य दे सकते हैं. इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए.  




 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि बेटी तभी बचेगी जब बेटी पढ़ेगी. शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिसको प्राप्त कर लेने के बाद बेटियाँ स्वयं आत्मनिर्भर हो जाती हैं और परिवार चलाने में सक्षम हो जाती हैं. आज हर क्षेत्र में बेटियाँ आगे हैं. कोई भी क्षेत्र उनसे अछूता नहीं है. बस बेटियों को सपने देखने की जरूरत है. एक बार पढ़कर बढ़ने का संकल्प ले लिया फिर कोई भी रास्ता उनके लिए कठिन नहीं है. कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजित बच्चों को पुरस्कृत किया गया. इस अवसर पर प्राचार्य श्रद्धा दुबे ने उनके विद्यालय में शिक्षा की स्थिति और उसमें बालिकाओं के श्रेष्ठ प्रदर्शन की जानकारी दी. सभी बच्चों को पाठ्य सामग्री और फल वितरित किया गया. कार्यक्रम का संचालन महिला समाज की सचिव रेणु शुक्ला ने किया. आभार प्रदर्शन ओमिका सिंह ने किया. इस अवसर पर डॉ. ऋतु यादव, ब्रिजेश दुबे, रीना बासु, त्रिवेणिका रे सहित महिला समाज की सभी पदाधिकारी, सदस्य और विद्यालय के शिक्षक और बच्चे उपस्थित थे.                
26  नवंबर 2021 को आयोजित कार्यक्रम 

26 नवंबर प्रात: 08.00 बजे तीन बत्ती स्थित गौर मूर्ति पर विश्वविद्यालय की कुलपति  प्रो. नीलिमा गुप्ता द्वारा गौर प्रतिमा पर माल्यार्पण और उद्बोधन के पश्चात 08 :30 बजे तीन बत्ती, कटरा से विश्वविद्यालय परिसर के लिए पर शोभा यात्रा प्रस्थान करेगी. विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में सुवह 11.00 बजे से आयोजित मुख्य समारोह आयोजित होगा जिसमें मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह, नगरीय विकास एवं आवास विभाग होंगे. कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता का सारस्वत उद्बोधन होगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी करेंगे. सायं 06.00 बजे 1971 के भारत पाक युद्ध में विजय के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय सेना के 'विक्टरी फ्लेम' का विश्वविद्यालय में स्वागत किया जायेगा. सायं 06 :30 पर विश्वविद्यालययीन विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी. 
 
 
 
 
 
 
 

नागपुर के पांच युवा बाइकर्स 4500KM मोटरसाइकिल अभियान पर नेपाल के लिए रवाना हुए,आएंगे सागर

नागपुर के पांच युवा बाइकर्स 4500KM मोटरसाइकिल अभियान पर नेपाल के लिए रवाना हुए,आएंगे सागर

नागपुर। नागपुर के पांच युवा बाइकर्स  मोटरसाइकिल अभियान  पर नेपाल रवाना हुए। अभियान को ग्रुप कैप्टन बसंतकुमार पांडे (सेवानिवृत्त ) ने जीरो माइल  से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान दल 14 दिनों में नागपुर से नेपाल और वापस नागपुर तक 4500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा। अभियान दल का नेतृत्व उत्कर्ष पांडे द्वारा किया जा रहा ।अन्य सवाबाइकर्स अभिजीत सोलंकी, दर्शन सरोदे, मुकेश राणा, नील लकड़ा, श्रुतिग वानखेड़े हैं ।


यह अभियान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड नेपाल से होकर गुजरेगा।
यह दल हल्द्वानी के पास बनबसा-भीमदत्त सीमा से नेपाल में प्रवेश करेगा और काठमांडू होते हुए वापस सोनौली सीमा से भारत में प्रवेश करेगा। दल 08 दिसंबर 2021 को वापस नागपुर पहुंचेगा अभियान दल अपना पहला नाइट हाल्ट सागर, मध्य प्रदेश में करेगा।

डॉ गौर की प्रदर्शनी लगाई गयी माध्यमिक गांधी कन्या शाला कटरा, सागर में

डॉ गौर की  प्रदर्शनी लगाई गयी माध्यमिक गांधी कन्या शाला कटरा, सागर में
सागर । शहर की सबसे पुरानी माध्यमिक शाला 1864 सन् से संचालित है जिसमें डॉ. सर हरीसिंह गौर की 152 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर एकीकृत शास. माध्यमिक गांधी कन्या शाला कटरा सागर में गौर साहब के जीवन पर आधारित छायाचित्रों की प्रदर्शनी छटवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई। कक्षा शिक्षिका श्रीमती अलका जैन ने पहले गौर साहब के बारे में कक्षा छटवीं के विद्यार्थियों ने उनकी जीवनी के बारे में बताया और कहा कि यदि गौर साहब सागर में विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं करते तो यहाँ पर शिक्षा का स्तर तो बिल्कुल शून्य ही रहता । सागर शहर पर उनके द्वारा किये गये इस उपकार को सारे शहर के जनमानस को मानना चाहिए और गौर साहब की जन्म जयंती पर हम सभी को गौरमूर्ति स्थित गौर प्रतिमा पर माल्यार्पण अवश्य करना चाहिए। इस अवसर पर स्कूल की अन्य शिक्षिकायें भी उपस्थि थी। 

बनारस में भी मनाई गयी डॉ गौर जयंती, आनलाईन हुई परिचर्चा

बनारस में भी मनाई गयी डॉ गौर जयंती, आनलाईन हुई परिचर्चा

 बनारस। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कार्यरत सागर विश्वविद्यालय के पुरा छा़त्र एवं सागर विश्वविद्यालय में पूर्व में कार्यरत शिक्षक, शहर में रहने वाले सागर विश्वविद्यालय से शिक्षित गणमान्य नागरिकों ने बनारस में गौर जयंती की पूर्व संध्या पर डॉ. हरिसिंह गौर का अवदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन आफलाईन एवं आनलाईन मोड में किया.
विषय प्रवर्तन काशी हिन्दू युनिवेर्सिटी में कार्यरत सागर विश्वविद्यालय के पुरा छा़त्र समिति के समन्वय बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में पदस्थ डिप्टी लाइब्रेरियन डा0 संजीव सराफ ने किया । आपने बताया कि
 काशी में भी विगत 13 वर्षों से पुराछात्रों द्वारा गौर जयंती का आयोजन किया जा रहा है।
 परिचर्चा की अध्यक्षता विधि संकाय काशी हिंदू विश्वविद्यालय  के प्रो. धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा जी ने की। उन्होने डॉ गौर के विधि के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ गौर ने संविधान प्रारूप समिति में भी अपना योगदान दिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ आर एन सिंह ने डॉ गौर के संस्मरणों पर चर्चा की और डॉ गौर को भारत रत्न प्रदान किये जाने की मांग के लिए ज्ञापन प्रदान किये जाने की बात कही।  आयोजन संयोजक डॉ विवेकानंद जैन ने डॉ गौर पर कविता के माध्यम से सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रो0 प्रत्यूष शुक्ला, डा0 नवलकुमार मिश्रा, प्रो0  हेमंत मालवीय, श्री रघुवीर अवस्थी, डा0 नीरज खरे, डा0 ओमप्रकाश सिंह, सुरेन्द्र कुमार जैन, मनीष शास्त्री, अंकित दांगी प्रमुख है। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ. राम कुमार दांगी ने किया।

 डॉ संजीव सराफ ने बताया कि प्रति वर्ष अनुसार वाराणसी में गौर जयंती पर बुंदेलखंड के पूज्य संत गणेश प्रसाद वर्णी जी की प्रेरणा से भदैनी स्थित स्याद्वाद महाविद्यालय के जैन घाट पर दीपदान का आयोजन किया जाएगा ।

SAGAR : प्रभारी महिला प्राचार्य 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस सागर की कार्यवाई

SAGAR : प्रभारी महिला प्राचार्य 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस सागर की कार्यवाई  

सागर। लोकायुक्त पुलिस सागर ने सागर जिले के बारधा बीना में हाईस्कूल की प्रभारी प्राचार्य सीमा नेकया को 9 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वेतन निकालने के एवज मांगी थी रिश्वत। 
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर यादव ने बताया कि  आवेदक रघुवीर प्रसाद विश्वकर्माउम्र 39 वर्ष निवासी टैगौर वार्ड खुरई जिला सागर ने शिकायत की थी कि आरोपी सीमा नेक्या पति रामनारायण नेक्या  उम्र  48 वर्ष,प्रभारी प्राचार्य हाई स्कूल बारधा (बिना) जिला सागर द्वारा आवेदक के अगस्त माह की वेतन निकालने व क्लास न लेने की सुविधा उपलब्ध कराने की एवज में 9000 रु 
की रिश्वत मांगी जा रही है । आज टीम ने हाई स्कूल बारधा में प्रभारी प्राचार्य सीमा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। टीम में    उपुअ राजेश खेड़े ,निरीक्षक मंजू सिंह, निरीक्षक रोशनी जैन (चौहान) व विपुस्था स्टाफ शामिल रहा। 

MP : थाना परिसर में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

MP :  थाना परिसर में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या


अशोकनगर।  अशोकनगर जिले के मुंगावली थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक ने थाना परिसर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार- गुरुवार दरमियानी रात की है। सुबह जब अन्य पुलिसकर्मियों ने पेड़ से लटकते हुए प्रधान आरक्षक के शव को देखा तो इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सूचना मिलते ही मौके पर एएसपी प्रदीप पटेल पहुंचे और जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक दलपत सिंह अहिरवार पिछले करीब एक साल से मुंगावली थाने में पदस्थ थे। वह मूलतः चंदेरी इलाके के रहने वाले थे और वर्तमान में थाना परिसर में ही रहते थे। बुधवार को दलपत सिंह की ड्यूटी खाद वितरण के कार्य में लगी थी। ड्यूटी पूरी करने के बाद दलपत सिंह अपने आवास पर चले गए। गुरुवार को सुबह एएसआई कांता प्रसाद अपने कमरे से बाहर निकल कर आए तो उन्होंने देखा कि थाना परिसर में लगे एक पेड़ पर दलपत सिंह का शव फांसी के फंदे से लटक रहा है। एएसआई ने तुरंत इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य लोगों को सूचना दी। मृतक के स्वजन को भी घटना से अवगत कराया गया। इस घटना के बाद से मृतक के स्‍वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। एएसपी प्रदीप पटेल ने कहा कि प्रधान आरक्षक ने थाना परिसर में आत्महत्या की है। कारण फिलहाल अज्ञात हैं। मामले की छानबीन कर रहे हैं।

SAGAR : युवक की हत्या, खून से लथपथ मिला शव, धारदार हथियार से वार

SAGAR : युवक की हत्या, खून से लथपथ मिला शव, धारदार हथियार से वार

सागर। सागर  जिले के देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरिया में युवक की हत्या से
सनसनी फैल गई। गुरुवार सुबह युवक
का शव गांव की पगडंडी पर खून से
लथपथ अवस्था में मिला है। सूचना पर
पुलिस मौके पर पहुंची और शव का
पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सूचना के अनुसार ग्राम खजुरिया में गांव के पास झमरा रोड पर गुरुवार सुबह युवक का शव मिला। ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में मृतक की पहचान सुरेंद्र उर्फ हल्ले पुत्र रेवाराम पटेल (30) निवासी खजुरिया के रूप में हुई है। वहीं मृतक की गर्दन के पीछे, सीने और गाल पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं। खून से लथपथ शव का पंचनामा बनाकर पुलिस पोस्टमार्टम करा रही है। वहीं मर्ग
कायम कर मामले में जांच शुरू की है।
पत्नी गई थी मायके
मृतक सुरेंद्र उर्फ हल्ले गांव में अलग पत्नी के साथ रहता था। वारदात के समय मृतक की पत्नी अपने मायके गई हुई थी। वहीं उसका बच्चा दादी के पास था। इसी बीच सुबह सुरेंद्र का शव मिला है। देवरी थाना प्रभारी कमल सिंह ठाकुर ने बताया कि खजुरिया गांव में युवक का शव मिला है। मृतकके शरीर पर चोटों के निशान है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं मामले में जांच की जा रही है।

SATNA : कार व ट्रक की भिडंत में एक ही परिवार के चार सदस्‍यों की मौत

SATNA : कार व ट्रक की भिडंत में एक ही परिवार के चार सदस्‍यों की मौत 

सतना । सतना जिले के मैहर थाना के अंतर्गत जीतनगर के करीब बुधवार देर रात एक कार व ट्रक की भिडंत में एक ही परिवार के चार सदस्‍यों की मौत हो गई। इस अंधे मोड़ पर पहले भी कई  हादसा हो चुुके है । लेकिन प्रशासन इसका हल नही तलाश सका।हादसा का शिकार हुआ परिवार मैहर के रहने वाले थे। 

मिली जानकारी के मुताबिक कार मालिक व्‍यापारी सत्‍य प्रकाश उपाध्‍याय खुद ही चला रहे थे। उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई उनके साथ उनकी पत्‍नी और दोनों बच्‍चों की भी मौत हो गई। बेटे को गंभीर हालत में सतना के अस्‍पताल में रेफर किया गया था वहां उचित इलाज न होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया लेकिन रास्‍ते में ही बच्‍चे की मौत हो गई।
हादसा रात 11 बजकर 30 मिनट के करीब हुआ था जब सतना से मैहर की ओर जाते हुए जीतनगर के करीब ट्रक संख्‍या यूपी 96 टी 2075 से उनकी कार की जोरदार टक्‍कर हो गई।
हादसे में मरने वाले परिवार के सदस्‍यों में सत्‍य प्रकाश उपाध्‍याय की उम्र 40 वर्ष, उनकी पत्‍नी मेनका उपाध्‍याय 35 वर्ष व बेटी इशानी उपाध्‍याय 10 वर्ष और बेटा स्‍नेह उपाध्‍याय 8 वर्ष का था। ये सभी कार में सवार होकर सतना से मैहर की ओर जा रहे थे। चारों ने सतना के एक रेस्‍तरां में साढ़े 10 बजे के करीब खाना खाया था। इस दौरान चारों काफी खुश थे और मोबाइल से सेल्‍फी भी ले रहे थे।

ट्रक चालक गिरफ्तार

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आधी रात को ही पुलिस अधीक्षक सतना धर्मवीर घटनास्‍थल पर पहुंच गए। मैहर समेत आस पास के इलाकों से पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। बाद में मैहर पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल हादसे के बाद ही ट्रक चालक भाग गया था और झाड़ियों में जाकर छिप गया था।

अंधे मोड़ को लेकर  बैठक

पुलिस अधीक्षक धरम वीर सिंह ने स्टेट हाईवे में हो रहे हादसे के संबंध में आज संबिधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है पुलिस अधिकारी की माने तो उन्होंने अंधे मोड़ खत्म करने के लिए  एम पी आर डी सी को कई बार पत्र लिखे है तकरीबन 56 डेंजर पॉइंट पहले से चिन्हित है जिसपर,, एन एच, एम पी आर डी सी और स्टेट हाई वे के अफसर गंभीर नही है।

अभिलाषा राजपूत तोमर उत्तम श्रमिक पुरस्कार से भोपाल में हुई सम्मानित

अभिलाषा राजपूत तोमर उत्तम श्रमिक पुरस्कार से भोपाल में हुई सम्मानित 

सागर। भोपाल के पलाश होटल में मप्र श्रम कल्याण मण्डल के श्रमिकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने 15 श्रमिकों को उत्तम श्रमिक पुरस्कार और 10 श्रमिकों को साहित्य पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में लक्ष्मी अगरबत्ती फैक्ट्री में कार्यरत अभिलाषा राजपूत तोमर को मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह सिंह द्वारा उत्तम श्रमिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि अभिलाषा राजपूत तोमर पत्रकार स्व. मदन सिंह तोमर के भाई जयंत सिंह तोमर के बेटे प्रदीप सिंह तोमर की पत्नि है। अभिलाषा राजपूत की इस उपलब्धि पर उनके शुभचिंतकों एवं मित्रों ने उनको शुभकामनायें दी हैं और अभिलाषा राजपूत के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

बुधवार, 24 नवंबर 2021

दुष्‍कर्म के आरोपी को 22 वर्ष का सश्रम कारावास

 दुष्‍कर्म के आरोपी को 22 वर्ष का सश्रम कारावास

शाजापुर। न्यायालय  द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय शुजालपुर के द्वारा आरोपी  अजय धोबी पिता भारत सिंह धोबी उम्र 19 साल निवासी ग्राम टिटवास शुजालपुर जिला शाजापुर को धारा 376(3) भादवि में 22 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000रूपयें अर्थदण्‍ड तथा धारा 5एल/6 पॉक्‍सों में 22 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000रूपयें अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया। माननीय न्‍यायालय द्वारा अर्थदण्‍ड की जमा राशि 10,000 रूपयें क्षतिपूर्ति के रूप में अपीलावधि पश्‍चात अभियोक्‍त्री को दिलायें जाने का आदेश प्रदान किया गया। 
सहा. जिला मीडिया प्रभारी श्री संजय मोरे अति. डीपीओ शुजालपुर ने बताया कि, घटना दिनांक  09.06.2020 को  सुबह के करीबन 9 बजे जब पीडिता लेट्रिंग के लिये जगंल में गयी तो वही  कुएं के पास  अजय पिता भारत सिंह पीछे से आया व उसे पकड लिया तथा उसके साथ बलात्‍कार किया और बोला कि यह बात किसी को बताई तो तुझे जान से खत्‍म कर दूंगा। इससे पहले भी आरोपी अजय ने पीडिता के साथ कई बार गलत काम (बलात्‍कार) किया तथा पीडिता को धमकी दी कि तेरा फोटो मेरे पास है उसे तेरे पापा के फोन पर भेज दूंगा और तेरे छोटे भाई को भी जान से खत्‍म कर दूंगा। उक्‍त घटना पीडिता ने अपने माता-पिता को बताई।   
उक्‍त घटना की रिपोर्ट पीडिता ने थाना शुजालपुर सिटी पर की। थाने के द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया गया। बाद अनुसंधान आरोपी के विरूद्ध चालान सक्षम न्‍यायालय में पेश किया गया।  
उक्‍त प्रकरण में अभियोजन की ओर से माननीय उपसंचालक ''अभियोजन'' महोदय शाजापुर सुश्री प्रेमलता सोलंकी जी के मार्गदर्शन में पैरवी श्री संजय मोरे अति.जिला लोक अभियोजन अधिकारी शुजालपुर द्वारा की गई।

युवा कांग्रेस ने बुंदेलखंड मेडिकल कालेज का घेराव किया

युवा कांग्रेस ने बुंदेलखंड मेडिकल कालेज का घेराव किया

सागर। बीते दिनों सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में नर्सिंग स्टॉफ द्वारा 2 वर्ष की बच्ची के पैर में बंधा प्लास्टर उसके परिजनों से ही कटवाये जाने का मामला सामने आया था। जिसको लेकर युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष निखिल चौकसे  के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुंदेलखंड मेडिकल कालेज का घेराव कर अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर पिप्पल के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और मांग पत्र सौंपा ।
युवा कांग्रेस ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों में घटना से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही  की मांग के साथ, नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर करने एवम दवाई सहित जांच वितरण केंद्रों की संख्या और समय बढ़ाने की मांग भी की है। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष निखिल चौकसे ने मेडिकल कालेज को ही बीमार बताते हुए कहां की अस्पताल अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन चिंता मुक्त है। वार्न वार्ड में ऐ.सी. के अभाव में मरीज का इलाज होना, कर्मचारियों द्वारा मरीजों के परिजनों से इलाज कराना, एवम जांच और दवा केंद्रों पर लंबी लंबी कतारों से अस्पताल में आने वाला हर एक मरीज परेशान है।

इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जाटव, जतिन चौकसे, नरेंद्र मिश्रा, उत्तम तायड़े, सुधीर तिवारी, ऋषभ जैन, अजय अहिरवार, गणेश पटेल, साजिद राइन, युवा नेता जिशान उमर खान, चक्रेश रोहित, नरेश राय, जुनेद खान, रोहित चौधरी, अभिषेक अहिरवार, सुदीप पटेरिया, लकी रजक, सिकंदर राइन, विशाल बाबू, रोहित सिंह, फैजान लाला, परवेज खान, दुष्यंत अहिरवार, इकराम खान, अमन अहिरवार, अरशद खान, आलोक वारी, दिशेंद्र रैकवार, स्वप्निल रैकवार, नितेश जैन, कार्तिक उपाध्याय, सहित पीड़ित मरीजों के परिजन उपस्थित थे।

MP :महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष घोषित, सन्ध्या भार्गव बनी सागर की जिलाध्यक्ष

MP :महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष घोषित, सन्ध्या भार्गव बनी सागर की जिलाध्यक्ष


भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त
शर्मा की सहमति से महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माया नारोलिया ने मोर्चा की जिलाध्यक्षों की घोषणा की है।
जिलाध्यक्षों में श्रीमती निलिमा शिन्दे ग्वालियर नगर, श्रीमती सरोज तोमर श्योपुर, श्रीमती संध्या भार्गव सागर, श्रीमती उर्मिला साहू छतरपुर, श्रीमती शशि सिंह परमार पन्ना, श्रीमती संतोष सिंह सिसौदिया रीवा, श्रीमती पूनम सोनी सीधी, श्रीमती सीमा जायसवाल सिंगरौली ,श्रीमती रश्मि खरे अनूपपुर, श्रीमती सीमा जैन सोगानी कटनी, श्रीमती अल्का गर्ग जबलपुर ग्रामीण, श्रीमती नरबदिया मरकाम डिंडोरी, श्रीमती मुक्ता जोशी मंडला, श्रीमती हेमा वाधवानी बालाघाट, श्रीमती उर्मिला उइके सिवनी, श्रीमती निशा सोनी नरसिंहपुर, श्रीमती नम्रता
शर्मा भोपाल ग्रामीण, श्रीमती गायत्री तोमर अलीराजपुर, श्रीमती उषा सोनी उज्जैन ग्रामीण, श्रीमती पूनम पटवा रतलाम एवं श्रीमती निर्मला गुप्ता मंदसौर को घोषित किया है।


MP : संस्कृति विभाग के प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा ★ सागर के श्री बाबूलाल भोला को मिलेगा शिखर सम्मान

MP :  संस्कृति विभाग के प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा
★ सागर के श्री बाबूलाल भोला को मिलेगा शिखर सम्मान




भोपाल। मध्यप्रदेश शासन साहित्य, संस्कृति, सिनेमा, सामाजिक समरसता, सद्भाव आदि बहुआयामी क्षेत्रों में उत्कृष्टता, सृजनात्मकता और बहुउल्लेखनीय योगदान सम्मानित करने के लिए देशभर में अग्रणी और प्रतिष्ठित है। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मान संस्कृति
संचालनालय के अंतर्गत स्थापित किये गये हैं। वर्तमान में बहुआयामी विधाओं के क्षेत्र में 23 राष्ट्रीय एवं 9 राज्य सम्मान प्रदान किये जाते हैं।
वर्ष 2019 तथा वर्ष 2020 के लिए निम्नलिखित सम्मानों की बैठकें विगत दिनों भोपाल सहित मुम्बई एवं दिल्ली में आयोजित की गई है। चयन समिति द्वारा उत्कृष्टता के आधार पर संस्था/कलाकार/लेखक/साहित्यकार का चयन किया गया है। चयन समिति द्वारा सर्वसम्मत निर्णय प्रदान किया गया है। राज्य शासन ने इनकी घोषणा कर दी है। सागर के श्री बाबूलाल भोला को शिखर सम्मान दिए जाने की घोषणा हुई है। 

सम्मानित कलाकारों का विवरण निम्नानुसार हैं :






खुरई के एक दर्जन ग्राम नगर पालिका में शामिल

खुरई  के एक दर्जन ग्राम नगर पालिका में शामिल

खुरई।
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह के प्रयासों से खुरई ब्लाक के एक दर्जन ग्रामों को खुरई नगर पालिका में शामिल कर लिया गया है। 
मध्यप्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित जानकारी अनुसार खुरई ब्लाक के ग्राम जरवांस, रेगुआ, सतनाई, आलखेड़ी, हनौता, हरदुआ, जगदीशपुरा, निर्तला, गूलर, रीठौर, लुहर्रा और मुहली बुजुर्ग को खुरई नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया है। मंत्री भूपेन्द्र सिंह के प्रयासों से प्राप्त इस उपलब्धि से उक्त ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब डेढ़ की जगह ढाई लाख रूपये मिलेंगे। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र को देय समस्त सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। 
उक्त उपलब्धि पर मंत्री भूपेन्द्र सिंह के प्रति वरिष्ठ भाजपा नेता हेमचंद बजाज, रामनिवास माहेश्वरी, विजय जैन, चन्द्रप्रताप सिंह, ओमप्रकाश सिंह घोरट, जितेन्द्र सिंह धनौरा, इन्द्रकुमार राय, हरीशंकर कुशवाहा, अजीत सिंह अजमानी, विनोद राजहंस, बलराम यादव, लक्ष्मण चंदेल, सोनू चंदेल, आकाश जैन, शैलेन्द्र नेक्या, गोपाल नेमा, देशराज सिंह यादव, सौरभ नेमा, राम शास्त्री, काशीराम बौद्ध, गब्बर सिंह ठाकुर, दिलीप सिंह गढौला, राजेश मिश्रा, राजपाल सिंह, प्रवीण जैन गढौला, राजेन्द्र यादव, राजू चन्देल, गोविंद कुर्मी, कमलेश राय, धर्मेन्द्र सिंह निर्तला, पुष्पेन्द्र सिंह रारोन सहित खुरई विधानसभा क्षेत्र के भाजपा नेता, कार्यकर्ताओं एवं आमजन ने हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
 

गौर युवा मंच द्वारा गौर जयंती पर निकलेगी पालकी यात्रा


गौर युवा मंच द्वारा गौर जयंती पर निकलेगी पालकी यात्रा


सागर। डॉ. सर हरिसिंह गौर की 152वीं जयंती पर  26 नवम्बर 2021 को प्रातः 9 बजे कबुलापुल स्थित गौर चौराहा से गौर युवा मंच द्वारा डॉ. सर हरिसिंह गौर की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। गौर युवा मंच की बैठक में सर्व सम्मति से लिये गये निर्णय में यह प्रस्ताव पास हुआ ।बैठक में गौर युवा मंच के संरक्षक डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि मंच द्वारा हर वर्श डॉ. सर हरिसिंह गौर की जयंती पर कबुलापुल स्थित गौर चौराहा पर कार्यक्रम का आयोजन कर पालकी यात्रा का आयोजन किया जाता है और पूरे सागर वासियों को गर्व होना चाहिये की जिस षहर में हम निवास करते है वह दान वीर डॉ. गौर है जिनके कारण आज सागर वासी षिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्थान पर पहुंचे है गौर युवा मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता रविन्द्र अवस्थी ने कहा कि मंच द्वारा कबुलापुल स्थित गौर चौराहा पर सभी अतिथियों द्वारा माल्यापर्ण करने के पष्चात् पालकी यात्रा निकाली जायेगी। जिसमें डायमंड पब्लिक स्कूल डीएनसीबी स्कूल के छात्र-छात्राओं, षिक्षक एवं जनप्रतिनिधि, षहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेगें पालकी यात्रा का आयोजन सदर क्षेत्र में निकलेगी एवं वापिस कबुलापुल पर पालकी यात्रा का समापन किया जाएगा। बैठक  का संचालन सोनू सिंह बग्गा ने किया आभार डॉ. विषाल मिश्रा ने माना। बैठक में प्रमुख रूप से व्हीके विष्वकर्मा, अतुल चौकसे, गोविंद विष्वकर्मा, अंकुष केषरवानी, अनिल दुबे, मुकेष नायक, नीरज पांडेय, मुकेष हरयानी उक्त जानकारी मंच के मीडिया प्रभारी कल्याण सिंह ने दी है।

 

परीक्षाओं में वीक्षण मानदेय बढाने की मांग को लेकर अतिथि विद्वानो ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा

परीक्षाओं में वीक्षण मानदेय बढाने की मांग को लेकर अतिथि विद्वानो ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा

सागर।  महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर की परीक्षाओं में वीक्षण मानदेय बढ़ाकर 300/- प्रति पाली देने की मांग को लेकर शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर के अतिथि विद्वान शिक्षकों ने कुलपति के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। मानदेय नहीं बढ़ाने पर शिक्षकों ने परीक्षा कार्य में असहयोग करने की चेतावनी भी दी है।
                 महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के अंतर्गत स्नातकोत्तर स्तर की सेमेस्टर परीक्षाएं अगले माह में शुरू हो रही है। इन परीक्षाओं में वीक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में 175/- प्रति पाली मानदेय दिया जाता था। लेकिन 2 साल पहले इस मानदेय को घटाकर 125/- कर दिया गया था। मानदेय राशि बढ़ाने को लेकर महाविद्यालय के अतिथि विद्वान एक बार फिर लामबंद हो गए हैं। महाविद्यालय के अतिथि विद्वानों डॉ उमाकांत स्वर्णकार डॉ संदीप सबलोक डॉ अंकुर गौतम डॉ स्वदीप श्रीवास्तव डॉ संदीप तिवारी डॉ अमित मेहरोलिया डॉ धीरेंद्र साकेत आदि ने कॉलेज के प्राचार्य तथा उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ जी एस रोहित को कुलपति छतरपुर विश्वविद्यालय के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा वीक्षण मानदेय की राशि 300/- प्रति पाली देने की मांग की है। अतिथि विद्वानों ने कहा है कि भीषण महंगाई के इस दौर में विश्वविद्यालय द्वारा दिया जा रहा मानदेय काफी कम है और सम्मानजनक भी नहीं है। ऐसे में यदि विश्वविद्यालय उनके पक्ष में जल्द निर्णय नहीं लेता है तो महाविद्यालय के अतिथि विद्वान परीक्षा कार्य में विनय पूर्वक असहयोग करने को बाध्य होंगे 

गौर उत्सव : आचार्य शंकर भवन का लोकार्पण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति:2020 पर हुआ व्याख्यान

गौर उत्सव : आचार्य शंकर भवन का लोकार्पण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति:2020 पर हुआ व्याख्यान




सागर. 24 नवंबर. डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के संस्थापक महान शिक्षाविद् एवं प्रख्यात विधिवेत्ता, संविधान सभा के सदस्य एवं दानवीर डॉ. सर हरीसिंह गौर के 152वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित 'गौर उत्सव' के चौथे दिन 'आचार्य शंकर भवन' (मानविकी एवं समाज विज्ञान व्याख्यान कक्ष कॉम्प्लेक्स) का लोकार्पण  श्री मुकुल मुकुंद कानिटकर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल, नागपुर, कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतीलाल जानी एवं कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ. बुन्देली परम्परा से अतिथियों का स्वागत हुआ. लोकार्पण के अवसर पर मान. कानिटकर जी ने बोलते हुए कहा कि यह भवन आचार्य शंकर के नाम पर रखा गया है. सभी को बराबर भाव से देखना ही अद्वैत है. उनकी अद्वैत परम्परा को पुनर्जीवित करने का काम यहाँ के विद्यार्थी और शिक्षक करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है. आचार्य शंकर मत वैभिन्नता का सम्मान करते थे. यह भवन उनके इस सिद्धांत का केंद्र बनेगा. स्वागत वक्तव्य अधिष्ठाता प्रो. अम्बिकादत्त शर्मा ने दिया और संचालन कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने किया. इस अवसर पर संयोजक डॉ. ललित मोहन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे. 

अनुभवजनित शिक्षा से बनेगा आत्मनिर्भर भारत- कुलपति 




विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में आयोजित गौर व्याख्यानमाला श्रृंखला के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: उच्च शिक्षा की नवाचारी भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को केवल कक्षाओं तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उन्हें अनुभव आधारित शिक्षा की तरफ प्रेरित करना चाहिए ताकि वे स्वयं के अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकें. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में हमें नवाचारी तरीके से बहुआयामी कार्य करने होंगे. इस शिक्षा नीति के माध्यम से देश को बदलने का संकल्प लिया गया है. देश तभी बदलेगा जब शिक्षा बदलेगी. हम भाग्यशाली हैं कि डॉ. गौर के जन्मोत्सव पर हम उनके ही शिक्षा के केंद्र में शिक्षा में नवाचार पर चर्चा कर रहे हैं. इंडस्ट्री कोलैबोरेशन, एमओयू के माध्यम से शिक्षा एवं शोध को नई दिशा मिलेगी. भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए हम रूरल डेवलेपमेंट के लिए नए प्रोग्राम बना रहे हैं. इससे गाँवों की आर्थिकी के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा. 

विश्वविद्यालय बनें ज्ञान-गुरुत्व के केंद्र- अरुंधति कावड़कर 

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए सुश्री अरुंधती कावडकर, अखिल भारतीय महिला प्रकल्प सहप्रमुख एवं पालक अधिकारी, महाकौशल प्रान्त एवं मध्यभारत, भारतीय शिक्षण मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान और  गुरुत्व के केंद्र के रूप में होने चाहिए. विद्यार्थी गुरुत्व के स्पर्श से ही आगे बढ़ता है. उसके जीवन में गुरु का बहुत महत्त्व होता है. गुरु को भी अपने विद्यार्थियों को समझने की योग्यता होनी चाहिए. शिक्षक अपने विद्यार्थियों के कारण ही शिक्षक कहलाता है. बिना विद्यार्थी के शिक्षक अस्तित्वहीन है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति मातृभाव से प्रेरित है. एर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन की संकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अहम हिस्सा है. यहीं से एक विद्यार्थी की नींव पड़ती है. उन्होंने कहा कि नए भारत को गढ़ने के लिए भारतमाता को जानना बहुत ही आवश्यक है. नदियों, पर्वतों और प्रकृति के सभी घटकों को जानना-पहचानना एक विद्यार्थी के लिए बहुत ही जरूरी है. 

गुरु ही बनाएंगे भारत को विश्वगुरु- मुकुल कानिटकर 




मुख्य अतिथि मान. मुकुल कानिटकर ने कहा कि गुरु के बिना भारत का विश्वगुरु बनाना असंभव है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ऐसे कई बिंदु हैं जो शिक्षक को नवाचार की पूरी स्वायत्तता देते हैं. एक शिक्षक को नवाचार करने के लिए संस्था और सरकारों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. शासन केंद्रित व्यवस्था से समाज के अंतिम व्यक्ति का हित नहीं संभव है. समाज केंद्रित व्यवस्था से ही अंतिम व्यक्ति का कल्याण संभव है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति पढ़ते समय उसमें हमें स्व मन का भाव मिलता है. उसमें बहुत सी जीवनोपयोगी और तार्किक बातें हैं जिनके माध्यम से भारतीयता का बोध पैदा होता है. शिक्षक और संस्था दोनों का कार्य नवोन्मेष करना है. आज के शिक्षक और विद्यार्थी को लीक से हटकर सोचना चाहिए. यही समय की मांग है. पहले हम आयातित ज्ञान पर निर्भर थे लेकिन आज इस शिक्षा नीति के माध्यम से हम भारतीय शिक्षा पद्धति की बात कर पा रहे हैं. यही इसका सुफल है. मातृभाषा में पठन-पाठन के लिए हमें अनुवाद पर निर्भरता ख़त्म करते हुए मातृभाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करना चाहिए. यह काम शिक्षकों का है. यह चुनौती भी है. हमें इसी को अवसर में बदलना है और यही नवाचार है. यह सृजनशीलता का अवसर भी है. 

गौर उत्सव चरित्र निर्माण का उत्सव है- कुलाधिपति

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. बलवंत राय शांतिलाल जानी ने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर की दैवीय विलक्षणता ही है कि हम प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन को एक उत्सव के रूप में मनाते हैं. वह एक विश्वविद्यालय स्थापित करने और सब कुछ दान कर देने वाले एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक स्वप्नद्रष्टा थे जो उन्होंने भावी भारतीय युवा पीढ़ी के लिए देखा था. आज बहुत सी विदेश की संस्थायें भारतीय युवा मेधा को अपने यहाँ शिक्षा और रोजगार के लिए आकर्षित कर रही हैं. डॉ गौर ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कैम्ब्रिज में पढ़ाई तो की लेकिन वे भारतीय युवा पीढी के लिए भारत में कैम्ब्रिज जैसी संस्था शुरू करने का संकल्प लेकर भारत वापस आ गये. यह विश्वविद्यालय उसी सपने की देन है. भारतीय युवाशक्ति प्रचंड मेधा संपन्न है, इसका पलायन नहीं होना चाहिए. राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसके लिए संकल्पित है कि भारतीय मेधा का सदुपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए हो, ताकि हम परमवैभवशाली राष्ट्र निर्माण में गति ला सकें. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुआयामी क्रियान्वयन के माध्यम से  डॉ. गौर द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय केवल सागर और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अनुकरणीय बनेगा. 

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. हरीसिंह गौर और देवी सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई जिसमें संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. संचालन डॉ. शशि कुमार सिंह ने किया. प्रो. अर्चना पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय वाचन किया. कार्यक्रम के मध्य में संगीत विभाग की शिक्षका डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने गीत प्रस्तुत किया. कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने आभार ज्ञापन किया. राष्ट्रगीत वन्देमातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. इस अवसर पर प्रो.अशोक अहिरवार, प्रो. जी. एल पुणतांबेकर, प्रो.नवीन कांगो, प्रो. वंदना सोनी, प्रो. जेके जैन, प्रो. ममता पटेल, प्रो. आर टी बेदरे, डॉ. आरपी सिंह, डॉ किरण आर्य, डॉ.अरुण साव, डॉ. अरविंद गौतम, डॉ रेखा सोलंकी, डॉ. नीलम थापा, डॉ हिमांशु, डॉ प्रीति सहित कई शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी, सागर शहर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
विश्वविद्यालय और रिसर्च फॉर रिसर्जेन्स फाउंडेशन के बीच हुआ अकादमिक अनुबंध  

कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय और  रिसर्च फॉर रिसर्जेन्स फाउंडेशन, नागपुर के बीच अकादमिक समझौता पत्रक पर हस्ताक्षर हुए. विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने और फाउंडेशन की ओर से मान. मुकुल कानिटकर ने समझौता-पत्रक पर हस्ताक्षर किये. इस अकादमिक समझौते के तहत सेंटर फॉर रिसर्च एंड रिसर्जेंस स्थापित किया जाएगा. इससे अकादमिक शोध और नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.




फ़ाईन आर्ट, पेंटिंग क्राफ्ट की प्रदर्शनी आयोजित

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई फ़ाईन आर्ट, पेंटिंग क्राफ्ट की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इसमें प्रो. पुणताम्बेकर द्वारा बनाई गई पेंटिंग भी प्रदर्शनी के लिए रखी गई थी. सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों को शुभकामनाएं दीं. यह प्रदर्शनी डॉ. ललित मोहन और डॉ. सुप्रभा दास के संयोजन में आयोजित की गई थी. डॉ सुप्रभा दास ने डॉ. गौर की स्वनिर्मित मूर्ति कुलपति को भेंट की. 

'आज़ादी की आग- बुंदेलखंड की वीरांगनाओं की शौर्य गाथा' पुस्तक का विमोचन 
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा डॉ सरोज गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक 'आज़ादी की आग- बुंदेलखंड की वीरांगनाओं की शौर्य गाथा' का विमोचन भी किया गया.    

 25 नवम्बर के कार्यक्रम

25 नवंबर प्रात: 11.00 बजे 'डॉ. गौर के सपनों का सागर और उनका विश्वविद्यालय' पर आधारित परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन होगा. इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में विश्वविद्यालय की कुलपति माननीया प्रो. नीलिमा गुप्ता, श्री रघु ठाकुर वरिष्ठ समाजवादी चिन्तक, डॉ. जी.एस. चौवे वरिष्ठ चिकित्सक, प्रो.एस.पी. व्यास शिक्षाशास्त्री एवं पूर्व कुलपति डॉ.हरीसिंह गौर वि.वि सागर एवं प्रो सुरेश आचार्य , वरिष्ठ साहित्कार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे. सायं 07.00 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन होगा जिसमें शायर अशोक मिज़ाज बद्र, सागर, श्री अशोक सुन्दरानी,सतना, सुश्री विभा सिंह, बनारस, श्री संतोष शर्मा सागर, विदिशा, श्री राम भदावर, इटावा द्वारा काव्य पाठ की प्रस्तुति होगी. दोनों कार्यक्रम स्वर्ण जयन्ती सभागार में आयोजित होंगे.

बनारस में भी मनेगी डॉ गौर जयंती


बनारस में भी मनेगी डॉ गौर जयंती

सागर। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कार्यरत सागर विश्वविद्यालय के पुरा छा़त्र एवं सागर विश्वविद्यालय में पूर्व में कार्यरत शिक्षक, शहर में रहने वाले सागर विश्वविद्यालय से शिक्षित गणमान्य नागरिक बनारस में विगत 13 वर्षों से गौर जयंती का आयोजन करते आ रहे है।
आयोजन समिति के संयोजक बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में पदस्थ डिप्टी लाइब्रेरियन डा0 संजीव सराफ ने बताया कि इस वर्ष भी गौर जयंती पर विभिन्न आयोजन किए जायेंगें। जिनमें गौर जयंती की पूर्व संध्या पर डा0 गौर के जीवन पर आॅफलाईन एवं आॅनलाईन मोड में संगोष्ठी एवं गौर जयंती के दिन बुंदेलखंड के पूज्य संत गणेश प्रसाद वर्णी जी की प्रेरणा से भदैनी स्थित स्याद्वाद महाविद्यालय के जैन घाट पर दीपदान का आयोजन किया जायेगा।
इस हेतु आयोजन समिति का गठन किया गया है जिसमें प्रो0 धमेन्द्र मिश्रा, प्रो0 हेमंत मालवीय, डा0 विवेकानंद जैन, डा0 आर0एन0सिंह, डा0 नवलकुमार मिश्रा, डा0 रामकुमार दांगी, डा0 नीरज खरे, डा0 ओमप्रकाश सिंह, सुरेन्द्र कुमार जैन, मनीष शास्त्री, अंकित दांगी प्रमुख है।


 

स्वच्छता किट का वितरण किया किशोरी बालिकाओं को

स्वच्छता किट का वितरण किया किशोरी बालिकाओं को

सागर।  कासा एवं कैड संस्था द्वारा स्वच्छता किट का वितरण किशोरी बालिकाओं को किया गया एवं वैक्सीनेशन के लिए लोगों को प्रेरित कर वैक्सीनेशन सेंटर पर लाकर वैक्सीनेशन कराया गया । स्वच्छता किट में बालिकाओं के लिए सेनेटरी पैड साबुन हैंड वास मास्क सैनिटाइजर इत्यादि का वितरण किया गया और स्वयं को साफ सुथरा रख कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया यह कार्यक्रम 4 गांव में चलाया गया। जिसमें 23 नवंबर को मैन पानी एवं मझगुंवा एवं 24 नवंबर को बेरखेड़ी सुवंश से लहरा गांव में अभियान चलाया गया साथ ही आजीविका मिशन के तहत संस्था द्वारा ₹5000 का जो आर्थिक सहायता जिन लोगों को प्रदान की गई ।उनके घर जाकर उनके द्वारा शुरू व्यवसाय के बारे में पूछा गया और आर्थिक सहायता के लिए उन लोगों ने संस्था का धन्यवाद भी किया दो दिवसीय कार्यक्रम में कासा संस्था से अरूणिका सीएमएचओ से डी एच ओ 1 अचला जैन  ए एच एम रंजना अवस्थी जी एमपीडब्ल्यू मुन्ना लाल चौरसिया  आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूजा यादव आशा कार्यकर्ताओं बबीता हर बार रामसखी अनीता नेहा प्राइमरी स्कूल की प्रधान अध्यापक आशालता अहिरवार एवं बेरखेड़ी वंश के सहायक सचिव जगदीश अहिरवार एवं वैक्सीनेशन को आए ग्रामीण महिलाएं एवं किशोरी बालिकाएं महिला श्रम शक्ति सेवा संस्थान से रेखा राजपूत जी सामाजिक कार्यकर्ता जयश्री चढ़ार एवं उत्तम अहिरवार कपिल ठाकुर जी उपस्थित रहे।

मंगलवार, 23 नवंबर 2021

अन्वेषण का पांच दिवसीय नाट्य उत्सव 24 नवम्बर से, दर्शक पांच दिन तक देखेंगे विविधरंगी नाटक

अन्वेषण का पांच दिवसीय नाट्य उत्सव 24 नवम्बर से, दर्शक पांच दिन तक देखेंगे विविधरंगी नाटक

सागर। कोरोना संकट के लंबे अंतराल के बाद अंततः वह समय आ गया जब अन्य क्षेत्रों के साथ कला जगत भी पुनः सक्रिय हो चला है। इसी क्रम में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहायोग से अन्वेषण थियेटर गु्रप सागर का पांच दिवसीय नाट्य समारोह 24 नवंबर 2021 से स्थानीय रवीन्द्र भवन में आरंभ होने जा रहा है। इस सम्बंध में आयोजित पत्रकार वार्ता में जगदीश शर्मा, अतुल श्रीवास्तव और सतीश साहू ने विस्तार से कार्यक्रम की जानकारी दी।
 पांच दिनी ''अन्वेषण नाट्य समारोह - 2021'' में प्रतिदिन शाम 7 बजे से विभिन्न शहरों के नाट्य निर्देशक व अभिनेता सागर के इस मंच से अपने कला कौशल का प्रदर्शन करेंगे। अन्वेषण नाट्य समारोह 2021 के प्रथम दिन 24 नवम्बर को भोपाल के नाट्य दल भोपाल थियेटर द्वारा हास्य नाटक ''भाग अवंति भाग'' प्रस्तुत किया जायेगा। नाटक का निर्देशन जाने-माने रंगकला विशेषज्ञ एवं फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा द्वारा किया गया है। दूसरे दिन 25 नवम्बर को जगदीश शर्मा निर्देशित नाटक ''तुम कितनी खूबसूरत हो'' का मंचन स्वयं आयोजक संस्था अन्वेषण थियेटर ग्रुप द्वारा किया जायेगा। तीसरे दिन 26 नवम्बर को कटनी के संप्रेषणा नाट्य मंच द्वारा सादात भारती के निर्देशन में नाटक ''गांधी ने कहा था'' की प्रस्तुति होगी। चैथे दिन 27 नवम्बर को उज्जैन के अभिनव रंगमण्डल द्वारा ''अरे! शरीफ लोग'' नामक हास्य नाटक खेला जायेगा। इस नाटक का निर्देशन शरद शर्मा ने किया है। पांचवें यानि अंतिम दिन समागम रंगमण्डल जबलपुर द्वारा स्वाति दुबे के निर्देशन में ''अगरबत्ती'' नामक नाटक प्रस्तुत किया जायेगा।
●    डाॅ. सर हरीसिंह गौर को समर्पित है नाट्य समारोह  :
 
नाट्य समारोह के दौरान ही 26 नवम्बर को सागर के महान शिक्षाविद् डाॅ. सर हरीसिंह गौर की जयंती का अवसर भी है। इसीलिए अन्वेषण थियेटर गु्रप द्वारा श्रद्धांजलि स्वरूप यह पूरा नाट्य समारोह डाॅ. गौर को समर्पित किया गया है।

● पूर्वरंग का भी होगा आयोजन :
 
रंगकला के शास्त्रीय नियमों के अनुसार नाटक के मंचन के पहले पूर्वरंग का भी आयोजन किया जाता है। अन्वेषण ने अपने पिछले नाट्य महोत्सव के अनुसार इस बार भी प्रतिदिन नाटक से पहले रवीन्द्र भवन परिसर में पूर्वरंग के तहत लगभग आधे घण्टे की एक प्रस्तुति की व्यवस्था की है।  इसके तहत नगर के विभिन्न विधाओं के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।
●        निःशुल्क प्रवेश पत्र की व्यवस्था -
 अन्वेषण का यह नाट्य समारोह सभी दर्शकों के लिये निःशुल्क है। अन्वेषण ने अपने दर्शकों को आमंत्रण सहित निःशुल्क प्रवेश-पत्र उपलब्ध कराये हैं। इसके अलावा भी नगर के जो दर्शक नाटक देखना चाहते है, उनके लिए नाटक के समय मुख्य द्वार पर निःशुल्क प्रवेश-पत्र उपलब्ध रहेंगे। बैठक व्यवस्था पूर्ण-रूपेण पहले आओ पहले पाओ पर आधारित होगी। 
● कोरोना गाईड लाइंस का होगा पालन  : पांच दिवसीय नाट्य समारोह के दौरान आने वाले   सभी दर्शकों को सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।


नाटकों के बारे में

1.    भाग अवंति भाग - इस मराठी नाटक के मूल लेखक योगेश सोमण है और इसका हिन्दी रूपांतरण प्रवीण महुवाले ने किया है। महंगाई के दौर मे आम आदमी को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में यदि किसी गंभीर बीमारी पर जमा पूंजी खर्च हो जाती है, तब कभी-कभी परेशान होकर व्यक्ति ऐसे निर्णय ले लेता है कि स्थितियां हास्यास्पद हो जाती हैं। नाटक ''भाग अवंति भाग'' भी ऐसी ही स्थितियों की कल्पना पर आधारित है।
2.    तुम कितनी खूबसूरत हो - सुप्रसिद्ध कथाकार यशपाल की कहानी ''तुमने क्यों कहा था कि मैं खूबसूरत हूं'' का अख्तर अली द्वारा किया गया यह नाट्य रूपांतरण, चिकित्सा जगत मे कार्यरत उन समर्पित डाॅक्टरों व उनके सहयोगियों की संवदेनाओं को व्यक्त करता है, जो रोगी के इलाज के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इस नाटक में बाहरी खूबसूरती के अलावा अंतः की खूबसूरती के महत्व को भी रेखांकित किया गया है।
3.    गांधी ने कहा था - इस नाटक का ताना-बाना 14 अगस्त 1947 के बंटवारे से लिया गया है। उस समय महात्मा गांधी के अनशन संबंधी घटनाक्रम को लेते हुए तात्कालिक दंगों के समाधान के लिए गांधी का मार्गदर्शन और उसकी सत्यता का प्रस्तुतिकरण यह नाटक करता है। नाटक ''गांधी ने कहा था'' के लेखक राजेश कुमार है।
4.    अरे! शरीफ लोग -
 जयवंत दलवी द्वारा लिखित यह नाटक समाज के लोगों की सोच को हास्य और व्यंग के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इसमें एक भ्रम के साथ शरीफ लोगों की शराफत की हकीकत को कलाकारों ने अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। यह नाटक आम आदमी द्वारा ओढ़ी गई शराफत और उसके आंतरिक मनोभावों को प्रस्तुत करता है। नाटक हंसते-हंसाते कई गंभीर प्रश्न भी छोड़ जाता है।
5.    अगरबत्ती - यह नाटक फूलन देवी और बेहमई हत्याकाण्ड पर आधारित है। यह हत्याकाण्ड दुनिया के लिए एक सबक ही नहीं बल्कि एक सवाल की तरह सामने आया। राजनीति ने इस घटना और जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में साधना शुरू कर दिया। तीव्र भावुकता भारतीय राजनीति का वो उपकरण है, जो सत्ता के शीर्ष पर पल मे पहुंचा सकता है। इसका गंभीर विमर्श से कुछ लेना देना नहीं होता। नाटक ''अगरबत्ती'' इसी गंभीर विमर्श को दोबारा पैदा करने का प्रयास है, जो वास्तविक घटना और भूगोल के धरातल पर काल्पनिक पात्रों और घटनाओं के रंग से रचा गया है। 


    

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