आनंद प्राप्ति के लिए स्वयं प्रयास करना पड़ता है, कोई और यह नहीं दे सकता है : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज
तीनबत्ती न्यूज: 02 फरवरी, 2026
सागर: आनंद स्वयं लेना पड़ता है, हमें अन्य कोई आनंदित नहीं कर सकता है। हम अवश्य विचार करें कि हमें देव दुर्लभ मानव शरीर मिला है और सभी अंग अच्छे ढंग से कार्य कर रहे हैं तो इससे बड़ा आनंद और क्या हो सकता है? जहां भगवत चर्चा होती है वहां मनुष्य के साथ ही साथ प्रकृति भी आनंदित हो जाती है और इसकी हमें अनुभूति भी होती है।
उक्त बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा गायन के तीसरे सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए कहीं।
सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह जी के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा गायन के क्रम में कहा कि मनुष्य के जीवन में उत्सव के कई अवसर आते हैं और हर अवसर को उत्साह के साथ मनाने वाला ही आनंद की अनुभूति कर पाता है। आनंद की कोई सीमा नहीं होती है और इसीलिए हिंदी साहित्य में आनंद का कोई विलोम नहीं है आनंद हम उस स्थिति को कहते हैं जब जीव अपने शारीरिक बंधनों से परे हटकर अति सुखदायी स्थिति की अनुभूति करता है।
पूज्य महाराज श्री ने कहा कि आनंद के लिए कोई विशेष परिस्थिति की भी आवश्यकता नहीं होती है। एक ही परिस्थिति में कोई दुख में रहता है तो कोई उसी में आनंद की अनुभूति भी कर लेता है। यह व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है कि वह किसी भी परिस्थिति को किस प्रकार से स्वीकार कर रहा है। अगर आपके घर में बच्चे हैं, तो आपके पास आनंद प्राप्त करने का एक विशेष साधन प्राप्त है। बच्चों के साथ समय व्यतीत करने वाले अभिभावक सौभाग्यशाली होते हैं, क्योंकि बड़े होकर वही बच्चे पढ़ने के लिए दूर चले ही जाते हैं।
महाराज जी ने रामकथा में धनुषभंग और श्री सीताराम विवाह के प्रसंगों का गायन करते हुए कहा कि इस धरा पर प्रभु श्री राम जो चाहते हैं वही होता है। राम जी की मर्जी के बिना संसार में कुछ भी नहीं होता। लेकिन साढ़े तीन हाथ का मनुष्य यह सोचता है कि यह सब मैंने ही किया है। मैं का यह भ्रम ही माया है। इस माया के वश में मनुष्य यह भी स्वीकार नहीं करता है कि यह भगवान की कृति है। जैसे भी भगवान का साक्षात्कार हो जाए तो जीव को सद्गति प्रदान कर देते हैं भगवान। राक्षसी ताड़का को भी भगवान ने सद्गति ही प्रदान कर दी थी।
निरंतर अभ्यास से ही संस्कार जीवन में अवतरित होता है
पूज्य श्री ने कहा कि आज के विद्यार्थियों में संस्कार की चर्चा होती है। निरंतर अभ्यास से ही संस्कार जीवन में अवतरित होता है। इसे स्वयं सीखना होता है । हमारे उठने -बैठने, सोने, खाने - पीने के तरीके से हमारे संस्कार का पता चलता है। केवल लिखने पढ़ने से संस्कार नहीं आता है, बल्कि संस्कारमय जीवन जीने से आता है। और जो संस्कारमय जीवन जीता है उसका पुण्य वर्धन होता है और उसका सौभाग्य भी बढ़ता है। यही हमारी सनातन संस्कृति है।
सनातन धर्म के सद्ग्रन्थों में बार-बार कहा गया है कि जीवन में अपने श्रेष्ठ की अवहेलना करने वाले खुद ही परिणाम भुगतते हैं। राम चरित मानस से हमें यह भी सीख मिलती है कि हम अपने श्रेष्ठ या सद्गुरु की बात पर भरोसा करना सीखें। श्रेष्ठ या सद्गुरु ने अगर कोई निर्णय लिया है तो यह उन्होंने किसी भी परिस्थिति में सबका हित को ध्यान में रखते हुए ही लिया होगा। उन्होंने कहा कि इस का सबसे सुंदर उदाहरण रामजी का महर्षि विश्वामित्र के साथ धनुष यज्ञ में जाने का प्रकरण है। महर्षि ने जब राम जी से पूछा कि धनुष यज्ञ में चलना है क्या? तो राम जी के पास दो विकल्प थे, आश्रम के यज्ञ की रक्षा हो चुकी थी, तो वह चाहते तो वापस अयोध्या जी भी लौट सकते थे। परंतु उन्होंने प्रश्न का उत्तर देने की जगह सीधे मिथिला जाने की तैयारी कर ली। इसका दूरगामी परिणाम हमें श्री सीता राम जी के विवाह के रूप में देखने को मिला।
महाराज श्री ने कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी, भजनों का आनन्द लेते हुए झूमते नजर आए। इस आयोजन के मुख्य यजमान एवं विधायक भूपेंद्र सिंह जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी।
ये हुए शामिल
आज के कथा आयोजन में मुख्य यजमान,कथा आयोजक पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह तथा उनके परिजनों के साथ विनोद गोठिया पूर्व पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष, राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के प्रांत पदाधिकारी श्री सुनील देव, डॉ. विनोद मिश्रा कुलपति रानी अवंती बाई लोधी विश्व विद्यालय सागर, रणवीर सिंह रावत प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम तिवारी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह, डा सुशील तिवारी, निगम परिषद अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, सुशील भार्गव, श्रीमती संध्या भार्गव, गौरव सिरोठिया, एसडीएम मनोज चौरसिया, राजेंद्र सिंह दरी, राजकुमार सिंह सुमरेड़ी, बुंदेल सिंह बुंदेला, केशवगिरि जी महाराज, प्रदीप गुप्ता पप्पू, इंदर सिंह ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बीना, कमल सिंह दुधवारा केसली, रणधीर सिंह पटना, विवेक मिश्रा जिला उपाध्यक्ष सागर, जगराम सिंह यादव पूर्व मंडी अध्यक्ष पिछोर, शिवराज सिंह छापरी ,मंगल सिंह दादा बंडा, नत्थू सिंह बंडा, नरेन्द्र सिंह बामोरा, सतेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, शिवकुमार सिंह बीना, उत्तम सिंह बामोरा, डॉ. तुषार मिश्रा चिकित्सा व्यवस्था, राजपाल सिंह टीम मंदिर व्यवस्था, नीतेश यादव मंदिर व्यवस्था, राजकुमार सिंह ढाना टीम मंदिर व्यवस्था, रामकुमार पटेल (पार्षद), श्रीमती रूबी पटेल पार्षद टीम महिला पंडाल व्यवस्था, पंडाल बैठक व्यवस्था, नरेश यादव पार्षद, सोमेश जड़िया, पार्षद शैलू जैन, अनुराग प्यासी, राजपाल सिंह, अनिल पाराशर, नीतेश यादव, अरविंद सिंह लोधी, रविन्द्र सिंह राजपूत, बांदरी नपं अध्यक्ष श्रीमती मीना कुशवाहा, सुरक्षा व्यवस्था में वीरेंद्र बहादुर सिंह, पार्षद सूरज घोषी, के.के गुर्जर टीम बीआईपी व्यवस्था, वीरेन्द्र सिंह राजपूत (सचिव अधिवक्ता संघ) मंच व्यवस्था, राजीव सोनी, पुष्पेंद्र तोमर अटा मंच व्यवस्था, आनंद ददरया मंच व्यवस्था, मानसिंह दांगी मंडल अध्यक्ष पृथ्वीपुर, आशुतोष अग्रवाल जिला अध्यक्ष उपरिया, मिथलेश प्यासी, अंकित विश्वकर्मा, अवधेश जैन जैसीनगर, श्रीमती प्रीति सिंह, उमेश यादव, शुभम घोसी,संतोष तिवारी बम्होरी हुड्डा, देवेंद्र सिंह बुंदेला, संदीप सिंह, रामकुमार बघेल, राजू तिवारी, गणेश सेन, मनीष चौबे, शरद जैन, राजीव सोनी, वीरचन्द जैन ने रामायणजी और व्यासपीठ की आरती में हिस्सा लिया। सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने नवनिर्मित दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर और राधाकृष्ण भगवान के मंदिर में दर्शन किए।
श्री राम कथा व्यवस्था सहयोगियों में राजपाल सिंह राजपूत, नरेन्द्र द्विवेदी, कोमल यादव, राजकुमार राय, अरविंद सिंह बिलैया, बलवीर सिंह राजपूत, अजय सिंह, सुरेन्द्र सिंह लोधी, संतोष तिवारी, महेश पाराशर, इन्द्रपाल सिंह राजपूत, राजेन्द्र यादव, सिरनाम सिंह तोमर, प्रवीण जैन गढ़ोला, जमना प्रसाद अहिरवार जनपद अध्यक्ष, सुरपाल यादव, निरंजन सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह तोमर, गोलू राय, चुन्नीलाल कुशवाहा, काशीराम टेलर, राहुल सिंह ठाकुर, अखिलेश पंडा, काशीराम टेलर, जितेन्द्र सिंह, बलराम सिंह, कल्यण सिंह, अजमेर सिंह लोधी, प्रताप सिंह, उदय भान सिंह, हल्के भाई, संदीप वैध, ऋषिकांत व्यास, सम्मर सिंह पार्षद, दुर्ग सिंह पार्षद, विक्रम अहिरवार पार्षद, रामकृपाल पटैरिया, दयाराम चौरसिया पार्षद, पुष्पेन्द्र सिंह, चंदन सिंह गौड़, विकास पांडे, शुभम तिवारी, भगवान दास राय, आर.सी.दुबे, ताहर सिंह यादव, तोरण सिंह राय, पुष्पेन्द्र सिंह परिहार, द्वारका कुशवाहा, मुकेश राय, लोकेन्द्र सिंह राजपूत, रामराजा सिंह बनखिरिया, ओमप्रकाश सिंह, ब्रजभूषण पटेल, भुजवल सिंह, राघुराज सिंह, बालकिशन पटेल, यदुपाल यादव, अरविंद लोधी, गजेन्द्र यादव, अमोल सिंह लोधी, दुर्गेश दुबे, राजपाल यादव, संतोष राय, भरत तिवारी, शैलेन्द्र जाट, रामरतन यादव, दिनेश यादव, वीरेन्द्र सिंह, कृपाल सिंह घोषी, रामपाल सिंह घोषी, रतिराम ठाकुर, धर्मेन्द्र लोधी, उदल सिंह ठाकुर, बालकदास यादव, गनेश आदिवासी, गजेन्द्र यादव, रामेश्वर यादव शिवराज सिंह, रविन्द्र सिंह बुदेला, रहीसराम सिंह, अंशुल नामदेव राजा सिंह ठाकुर सौरभ साहू महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।










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