SAGAR: किसान के घर में डाक्टरों का बढ़ता कुनबा : चार किसान भाईयों के चार बेटे बने डाक्टर : एक बहू भी डॉक्टर
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डा गौर विश्वविद्यालय का 33वां दीक्षांत समारोह 20 जून को: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी होंगे मुख्य अतिथि
तीनबत्ती न्यूज: 16 जून ,2025
सागर. डॉक्टर हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर का 33 वां दीक्षांत समारोह 20 जून 2025 को आयोजित किया जा रहा है. इस संबंध में आवश्यक तैयारियों को लेकर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई. बैठक में कुलपति ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में विभिन्न समितियों के समन्वयक एवं उपसमन्वयकों से चर्चा कर तैयारियों की जानकारी ली और सफल आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. आयोजन के मुख्य समन्वयक प्रो. नवीन कानगो ने बताया कि कुल 1225 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है. पीजी के 426, यूजी के 482 तथा पीएच.डी. के 49 छात्रों सहित कुल 957 छात्र समारोह में उपस्थित रहकर उपाधि प्राप्त करेंगे. समारोह विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा.
आमंत्रण पत्र किया जारी
कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने आमंत्रण-पत्र जारी करते हुए जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि 33वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार होंगे. विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के उपमुख्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी एवं गौर अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत जी, सागर लोक सभा क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े जी समारोह में सम्मिलित होंगे. समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कन्हैया लाल बेरवाल करेंगे. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हमारे समय के प्रख्यात मनीषी, रचनाकार, साहित्य एवं संस्कृत मर्मज्ञ, समाजसेवी पद्म विभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी को विश्वविद्यालय द्वारा मानद डी. लिट्. उपाधि प्रदान की जायेगी.
17, 18 एवं 19 जून को होगा डिग्री फ़ाइल और ड्रेस सामग्री का वितरण
दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले पंजीकृत अभ्यर्थियों को 17, 18 एवं 19 जून 2025 को सुबह 11.00 बजे से शाम 4.00 बजे के बीच गौर प्रांगण से डिग्री फाइल और ड्रेस सामग्री (पगड़ी और स्टोल) वितरित की जायेगी. निर्धारित ड्रेस कोड (छात्र- सफेद कुर्ता और पायजामा, छात्राएं-सफेद सलवार और कुर्ता) की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी. विश्वविद्यालय द्वारा स्टोल एवं बुंदेली सतरंगी पगड़ी उपलब्ध करायी जायेगी.
18 एवं 19 जून 2025 को अपराह्न 3.00 बजे से गौर प्रांगण में होगा दीक्षांत का रिहर्सल, इंट्री पास और फोटो आईडी के साथ विद्यार्थी भाग ले सकेंगे
डिग्री पाने वाले अभ्यर्थी 18 एवं 19 जून 2025 को अपराह्न 3.00 बजे गौर प्रांगण में रिहर्सल में भाग ले सकेंगे. विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली बुन्देली सतरंगी पगड़ी और स्टोल का संग्रह, रिहर्सल, दीक्षांत समारोह हॉल में प्रवेश के लिए अपना प्रवेश पत्र अपनी फोटो आईडी (आधार, पैन आदि) साथ ले जाएं. दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में आयोजित किया जाएगा. विद्यार्थियों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित बैठक व्यवस्था का अनुपालन करें. पंजीकृत पदक प्राप्तकर्ता, पीएचडी, पीजी, यूजी एवं पंजीकृत छात्रों के साथ आने वाले व्यक्तियों, गणमान्य अतिथियों, पत्रकार बंधुओं, शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था भी गौर प्रांगण में की गई है. अद्यतन जानकारी के लिए अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाईट का अवलोकन करते रहें.
तीन नवीन भवनों का होगा लोकार्पण
दीक्षांत समारोह के अवसर पर अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय के तीन नवीन भवनों आचार्य सुश्रुत भवन, आचार्य पी. सी. रे भवन एवं स्वदेशी भवन का लोकार्पण किया जाएगा.
विवि सुरक्षा विभाग और कुलानुशासक समिति ने की आवश्यक बैठक
दीक्षांत समारोह के आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए विवि सुरक्षा विभाग और जिला पुलिस प्रशासन की आवश्यक बैठक संपन्न हुई जिसमें जानकारियों को साझा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने एवं पार्किंग इत्यादि बिन्दुओं पर चर्चा की गई. विवि कुलानुशासक समिति की भी आवश्यक बैठक हुई जिसमें समारोह के दौरान अनुशासन व्यवस्था बनाये रखने को लेकर चर्चा हुई.
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SAGAR: 10 करोड़ की 100 एकड़ जमीन बदमाशों से कराई अतिक्रमण मुक्त : एससी एसटी एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई
▪️पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर हुई कार्यवाही : सीएम को भेजा धन्यवाद पत्र
तीनबत्ती न्यूज : 16 जून, 2025
सागर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के व्यक्ति को शासन के द्वारा दी जाने वाली सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकें और उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो यह सभी सुनिश्चित करें।______________
लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया के नेशनल एवं स्टेट एक्जक्यूटिव की मीटिंग दिल्ली संपन्न
तीनबत्ती न्यूज: 15 जून, 2025
सागर।नई दिल्ली स्थित कांस्टीच्युशनल क्लब में लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया के नेशनल एवं स्टेट एक्जक्यूटिव की मीटिंग संपन्न हुयी। मीटिंग में गुरूजी श्री टी. वी. मदन कुमार जी को सर्वसम्मत से लीगल राइट्स कॉउन्सिल इंडिया का नेशनल चेयरमैन एवं माँ राजलक्ष्मी मंदा को नेशनल प्रेसिडेंट चुना गया l इसके अतिरिक्त सभा में सर्वानुमति से फैसला लिया गया कि सभी राज्यों, राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रेसिडेंट के पद पर केवल महिला ही पदासीन की जायेंगी ।
मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में लीगल राइट काउंसिल इंडिया की मध्य प्रदेश की वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती अनुश्री शैलेन्द्र कुमार जैन सम्मिलित हुई।मीटिंग में लीगल राइट्स काउन्सिल इंडिया के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट श्री जय प्रकाश , नेशनल सेक्रेटरी श्री कमल चिब , ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री सौम्यजीत पानी , नेशनल सेक्रेटरी श्री रामचन्द्र रेड्डी नेशनल सेक्रेटरी श्री राजनीश बंसल जी, नेशनल सेक्रेटरी श्री कर्नल शैलेन्द्र सिंह , नेशनल एक्जक्यूटिव मेंबर श्री पी. लोगू एवं नेशनल एक्जक्यूटिव मेंबर श्री जे.रामदास , सहित 25 राज्यों (तमिलनाडु, कर्नाटक, आँध्रप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, नागालैंड, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात गोवा, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, जम्मूकश्मीर, असम, पंजाब, मणिपुर, मेघालय, लक्ष द्वीप, अंडमान और निकोबार के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही l
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जगदीप खुश रहो ... ....... तुम्हारा राजेश बैन
तीनबत्ती न्यूज : 15 जून ,2025
मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, नया इंडिया भोपाल के संपादक श्री जगदीप सिंह बैस का लम्बी बीमारी के बाद भोपाल में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज रविवार को जबलपुर के सिहोरा के खितौला स्थित हिरन नदी मंझगवा घाट पर हुआ।
पत्रकार जयदीप सिंह बेस के साथ पिछले 30 सालों की मित्रता का अनुभव जनसंपर्क विभाग के उप संचालक राजेश बैन बता रहे है :
जगदीप चल दिए अनंत यात्रा पर
जब सांसे ही साथ छोड़ दें तो तमाम कोशिशों के बावजूद जीवन की बाजी हारना तय है।कुछ इसी तरह के खेल में मेरे दोस्त "जगदीप" आज अनंत यात्रा पर चल दिए।जगदीप को मैं हमेशा"मालगुजार"कहता था, वे थे भी मालगुजार,लोगो पर सब कुछ खर्चने वाले मालगुजार। ग़ज़ब का दोस्त- उससे मैने काफी कुछ सीखने की कोशिश की- सोचिए मालगुजार वह भी फक्कड़, विनम्र,यायावर, लोगों पर सब कुछ,बोले तो सब कुछ लुटाने वाला और किसी के लिए भी जान तक देने वाला।उन्होंने नए संदर्भों में मालगुजार की परिभाषा गढ़ दी।जगदीप के साथ यही कोई 25-30 साल का मेरा साथ रहा है।
वे एकदम पत्रकार थे पर मौजूदा समय में एकदम अनफिट।जगदीप को दुनियादारी महज़ इतनी ही आती थी कि वे लेखनी से लोगों की किस किस तरह की मदद कैसे कर सकते हैं,वे अखबार में रहे फिर टी वी में और आखिर में फिर समाचार पत्र, वे नया इंडिया की पहचान या ये भी कह सकते हैं कि पूरक बन गए । मुझे लगता है हरिशंकर व्यास जी भी मेरी इस बात से इत्तेफाक रखेंगे कि जगदीप नया इंडिया को और नया इंडिया जगदीप को ओढ़ते - बिछाते थे।जैसा जगदीप था वैसा ही जगदीप का सबके लिए हमेशा खुला रहने वाला दिल,,,,।
ऐसे कई कलमकारों को भी आप भी जानते हैं जिन्हें उन्हें मंच और पहचान दी,कमाई से उनका लेना देना इतना था कि जमापूंजी लुटा कर भाई पत्रकार था।किसी को अपने हिस्से का घर दे देता तो किसी यार को कार,,,,,। बदले में जगदीप क्या पाते थे केवल और केवल साथियों के चेहरे पर आई मुस्कुराहट। खुशी और उससे उपजने वाला संतोष और संतुष्टि ही उसकी कमाई या यूं कहे कि उसकी दौलत थी,,,,
जगदीप से सीखने की कोशिश
जगदीप से मैने कई पाठ बिना उसे बताए उसके व्यक्तित्व से सीखने की कोशिश की है,,उससे सीखा जा सकता है बड़ी से बड़ी खुशी को ज़ज़्ब करना और बड़े से बड़े दुख को हंसते हुए पी जाना,वह दोनों ही परिस्थितियों में हमेशा सामान्य ही रहा। ग़ज़ब की शख्सियत,असल में वह इंसान था। बहुत बड़ा इंसान,उसकी विनम्रता और हर मामले को चुटकियों में निबटाने की अद्भुत कला।जगदीप की जगह कोई और होता तो जैसा जमाने का चलन है,इस भौतिकता वादी युग में कहा का कहा होता,,पर उसका कद इस सबसे ऊपर था। उसे शहर में भी गांव,खेत,नदी, तालाब,चौपाल और पगडंडियां ढूंढने की आदत थी।भोपाल में बड़े से घर को भी उसने गांव का प्यारा सा लुक देकर रखा था ।उस बड़े से घर तक जाने का रास्ता पगडंडी ही था।सरकार और जनप्रतिनिधियों की कोशिशों के बावजूद उनके घर का रास्ता कच्चा ही रहा,,,,प्रकृति से ऐसा जुड़ाव
मालगुजार पिछले साल इन्हीं गर्मियों के दिनों में मेरे साथ बी एच ई एल के जंगल में 6 से 7 किलोमीटर मार्निंग वॉक किया करते थे। दरअसल वे मार्निंग वॉक के साथ अपनी बीमारी को हरा रहे होते थे। हराने की रणनीति बना रहे होते थे।धुन का पक्का आदमी शाम को भीषण टेंप्रेचर में भी एम पी नगर की सड़कों पर घंटे दो घंटे तेज चलकर बीमारी को हरा रहा होता था।जिस दिन फाइनल दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में जांच कराने गया उस दिन मेरे घर मेरे साथ आया और चाय पीते हुए कहा कुछ नहीं है फिर भी जांच कराने में क्या जाता है? उसे क्या पता था एक साल में वह चला जायेगा।
ये कुछ नहीं है
जैसे उसे शक्ति देता था, दिल्ली के अस्पताल के छठवीं मंजिल पर लिफ्ट के होते हुए भी सिर्फ यह जतलाने के चढ़ गया कि देखो, कुछ भी नहीं है : डाक्टर को भी उसने यही कहा कुछ बड़ा होता तो मैं सीढ़ियां कैसे चढ़ पाता? वह लगातार अपनी जीवटता से सब कुछ हराने की दम रखता था।जगदीप अपनी बीमारी को हरा रहे थे और बीमारी उन्हें चकमा दे रही थी।
सोचा नहीं कि मौत पर सरकारी प्रेस एडिट भी करूंगा
ग़ज़ब इंसान था मेरा दोस्त। इच्छा शक्ति ऐसी कि सबको यक़ीन था कि वह एक दिन इस संकट से उभर जाएगा।पर बीमारी ने हम सबसे जगदीप को छीन लिया।।देखिए कभी नहीं सोचा था कि उसके लिए आने वाले सरकारी प्रेस नोट को एडिट भी करूंगा।
पिछले इतवार को जगदीप ने प्रायः सभी दोस्तों को फोन लगाए। मुंबई में होने के कारण फोन नहीं उठाने के खेद व्यक्त किया और बातों ही बातों में बताया कि अब देखो जो होना है वह तो होगा। अपनी तरफ से तो सब कुछ कर ही रहे हैं।जगदीप का प्रार्थनाओं पर भी बड़ा भरोसा था,अच्छा इसे यूं भी कह सकते हैं कि वह भरोसा था और आदमी भी भरोसे का था।पिछले हफ्ते सेहत ने जो रंग ढंग दिखाए वे अजीबो- ग़रीब थे,मै उससे मिलना चाहता था पर विदा करना नहीं, इसलिए अस्पताल के दरवाज़े जाकर भी लौट आया,खुश रहो दोस्त,,
तुम्हारा राजेश बैन
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जलभराव का कारण बने अतिक्रमण पन्द्रह दिन में हटेंगे, ,▪️बख्शीखाना व नया बाजार को जी प्लस-2 मॉडल पर बनाया जाएगा ▪️ टाटा कंपनी पर लगेगी पेनाल्...