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रुद्राक्ष धाम में श्री राम कथा एवं प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन की व्यापक तैयारियां ▪️15 एकड़ भूमि में एक लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं, वाटरप्रूफ कथा पंडाल, 14 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाईं

रुद्राक्ष धाम में श्री राम कथा एवं प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन की व्यापक तैयारियां 

▪️15 एकड़ भूमि में एक लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं, वाटरप्रूफ कथा पंडाल, 14 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाईं


तीनबत्ती न्यूज: 29 जनवरी, 2026

सागर। रुद्राक्ष धाम मंदिर में 31 जनवरी से 6 फरवरी,2026 तक आयोजित सप्त दिवसीय श्री राम कथा एवं श्री दक्षिणमुखी श्री हनुमानजी मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल के लिए 15 एकड़ भूमि का उपयोग हो रहा है। श्री राम कथा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धी प्राप्त पं प्रेमभूषण जी महाराज के समक्ष प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु सुविधा जनक रूप से बैठ सकें इसके लिए  रुद्राक्ष धाम के सामने स्थित स्टेडियम में वाटरप्रूफ आधुनिक डोम में कथा पंडाल बनाया गया है। कथा पंडाल में 14 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं जिनसे पीछे तक किसी भी स्थान पर बैठे दर्शकों को एक समान कथा का आनंद आएगा।

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रुद्राक्ष धाम में श्री राम कथा एवं प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन की व्यापक तैयारियां, 15 एकड़ भूमि में एक लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं, वाटरप्रूफ कथा पंडाल

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15 एकड़ में व्यवस्था, एक लाख भक्तजनों के लिए पंडाल

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि 15 एकड़ के मैदान में प्रतिदिन 1 लाख भक्तजन आएंगे। इस दृष्टि से पार्किंग, पेयजल , अस्थायी हॉस्पिटल आयोजन स्थल पर स्थापित किए गए हैं। हरे माधव सेवा समिति सागर एवं खुरई द्वारा निशुल्क जूता चप्पल सुरक्षा सेवा 300 सदस्यों द्वारा की जाएगी।पूरे कैंपस में एल ई दी स्क्रीन लगाई गई हैं। लेडीज जेंट्स के अलग-अलग 100-100 टायलेट्स बनाए गए हैं। प्रशाद वितरण हेतु अलग से पंडाल व्यवस्था की गई है। व्यवस्थाओं में संलग्न सभी वालिंटियर्स ने अपनी व्यवस्था संभाल ली है। सातों दिन 24 घंटे अखंड कीर्तन हेतु पृथक पंडाल बनाया गया है।यज्ञ शाला बनाई गई है जिसमें हवन अनुष्ठान चल रहे हैं।

2 बजे से 5 बजे तक व्यासपीठ से श्रीराम कथा 

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 2 बजे से 5 बजे तक व्यासपीठ से श्रीराम कथा का वाचन होगा। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के व्यवस्थित, सुविधा जनक आवागमन के लिए सभी दिशाओं में कुल 50 एकड़ भूमि पर आठ से ज्यादा पार्किंग बनाई गई हैं जिनमें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों का इंतजाम किया गया है। कथा पंडाल में समुचित बैठक व्यवस्था है जिसमें आगंतुक श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन व सहयोग के लिए बड़ी संख्या में सेवादार तथा सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहेंगे। पूरा केंपस सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में रहेगा। चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल , स्वच्छता सहित प्रत्येक आवश्यकता का ध्यान रखा गया है। बाहर से आने वाले संत महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों के लिए दो वीआईपी कक्ष बनाए गए हैं। पूरे आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी और समन्वय के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।


प्राण-प्रतिष्ठा के लिए आनुष्ठानिक संस्कार जारी

तैयारियों के बीच श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के विभिन्न अनुष्ठान प्रांगण में बनाई गई यज्ञशाला में प्रतिष्ठाचार्य श्री महाकालेश्वर मंदिर से पं संजय पुजारी, रावतपुरा सरकार से पं सुनील जी महाराज सहित 31 विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह की सपरिवार उपस्थिति में प्रतिदिन संपन्न कराए जा रहे हैं। प्राण-प्रतिष्ठा आचार्य पं संजय पुजारी ने बताया कि 26 जनवरी से प्रारंभ हुए प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठानों में क्रमशः कलशयात्रा, हेमादी, प्रायश्चित संकल्प, दशविधि स्नान, विष्णु पूजन, नूतन यज्ञोपवीत धारण, गौरी-गणेश पूजन, वरुण पूजन, पुष्यादिवाचन, षोडष मातृका वसोईधारा स्थापन पूजन,नान्दीमुख श्राद्ध, ब्राह्मण वरण,मंडप प्रवेश, दिग्रक्षण, वास्तु मंडल देवता स्थापन, वास्तु पूजन, योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, सर्वतोभद्र मंडल देवता पूजन, मुख्य देवता पूजन, प्रतिष्ठा पूजन, अग्नि स्थापनपूजन, कुशिकंडिका, गृह शक्ति आदि याज्ञनिक कर्म तथा मूर्ति संस्कार विधि के अनुष्ठान तीन दिवसों में संपन्न हुए।


चौथे दिन 29 जनवरी को पाषाण मूर्ति अधिवास के अंतर्गत श्री हनुमानजी की मूर्ति को जलधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, फलाधिवास, पत्राधिवास कराया गया। 30 व 31जनवरी को मूर्ति का घृताधिवास, शय्याधिवास, स्नापन विधि महास्नान, प्रतिमानयास प्रयोग, प्राण-प्रतिष्ठा न्यास, प्राण-प्रतिष्ठा गृहप्रवेश के संस्कार संपन्न होंगे। तत्पश्चात मुख्य देवता भवन सहित 21 प्रकार से हवन, विभिन्न मंत्रोच्चार, पुराणवाचन, सहित महाआरती आदि के साथ प्राण-प्रतिष्ठा विधि संपन्न होगी।


18.16 एकड़ भूमि दान दी 

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण हेतु उनके पिता स्व श्री अमोल सिंह जी द्वारा 18.16 एकड़ भूमि दान दी थी जिस पर वर्ष 2014 में श्री राधा कृष्ण जी के भव्य मंदिर के निर्माण के पश्चात अब श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि दोनों मंदिरों की स्थापना, मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं सहित किसी भी धार्मिक आयोजन में किसी से कोई आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया, सभी व्यवस्थाएं स्वयं के द्वारा संचालित होती हैं। 31 जनवरी से श्रीराम कथा आयोजन आरंभ होने के बाद 1 फरवरी, रविवार को प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव का आगमन होगा। आयोजन के सातों दिवस देश प्रदेश के विभिन्न साधु महात्माओं, मंत्रियों, नेताओं और विशिष्ट जनों का आगमन होगा।


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