Jain News: जैन सिद्ध क्षेत्र मुक्तागिरी में मुनि दीक्षा 19 फरवरी को : मोक्ष मार्ग के लिए लाखों के पैकेज छोड़ें इंजीनियर व सीए ने
▪️दीक्षा ले रहे मुनिराजो में 4 सागर जिले के
तीनबत्ती न्यूज : 18 फरवरी, 2026
सागर: आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की समाधि के बाद आचार्य श्री समय सागर महाराज के द्वारा पहली बार मुनि दीक्षा 19 फरवरी को दी जा रही है। लाखों रुपए का पैकेज छोड़ा और वैराग्य के मार्ग पर चलने के लिए आतुर 22 मुनिराजो की मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थक्षेत्र मुक्तागिरी जिला बैतूल में दीक्षा हो रही है। इन दीक्षाथियों में से पांच दीक्षार्थी सागर जिले के निवासी हैं।
ये है दीक्षार्थी
मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि वर्तमान में आचार्य संघ में ऐलक और छुल्लक महाराज के रूप में दीक्षित 22 साधु मुक्तागिरी में दीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इनमें उच्च शिक्षित 2 सीए, 8 सॉफ्टवेयर इंजीनियर,1 प्रोफेसर, 1 कंपनी सेक्रेट्री, 2 एमबीए के अलावा लगभग सभी दीक्षार्थी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट है। सागर के एक दीक्षार्थी ने बीएसएनएल की सरकारी इंजीनियर की नौकरी छोड़ी, तो 8 सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, दो सीए, एक कंपनी सेक्रेट्री, 2 एमबीए शिक्षित वैराग्य के मार्ग पर चलने के लिए लाखों रुपए के पैकेज का वेतन और घर द्वार छोड़कर के मुनि दीक्षा लेने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र मुक्तागिरी जिला बैतूल पहुंच चुके हैं।
मुक्तागिरी में आचार्य श्री ने दी दीक्षा
मुक्तागिरी की यह पावन भूमि 11 फरवरी 1998 को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के कर कमलों से 10 मुनि दीक्षाओं के साथ पवित्र हुई थी । अब 27 साल बाद पुनः आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समय सागर महाराज के कर कमलो से लगभग 24 मुनि दीक्षाएं होने जा रही हैं। इन 20 से अधिक दीक्षा में चार दीक्षार्थी सागर के रहने वाले हैं इनके अलावा इंदौर, गुना, जबलपुर, भोपाल, सतना,विदिशा, कटंगी, दमोह, गोटेगांव, गंजबासौदा, के अलावा फिरोजपुर पंजाब, फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश, वर्धा महाराष्ट्र, अमरावती महाराष्ट्र, सहारनपुर, पटना बिहार, आदि स्थानों के है। सभी दीक्षार्थियो के परिवारजन और रिश्तेदार सहित देशभर से लोग मुक्तागिरी पहुंच रहे हैं। बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया बंडा भी इन दीक्षार्थियों को विधि विधान से दीक्षित करने में सहयोगी बनेंगे।
सागर जिले के ये है दीक्षार्थी
ऐलक श्री औचित्य सागर महाराज
घर का नाम: राहुल जैन
जन्म: 9 सितंबर ,1988
शिक्षा : बीई
नौकरी : इंजीनियर कॉग्निजेंट कंपनी पुणे
ब्रह्मचर्य व्रत 2011 में , छुल्लक दीक्षा 2022 में कुंडलपुर महोत्सव आचार्य श्री विद्या सागर महाराज द्वारा
ऐलक दीक्षा आचार्य समय सागर जी द्वारा कुंडलपुर में 2025 में
ग्रहस्थ अवस्था के भाई वसंत जैन सीहोरा ने बताया कि ग्रहस्थ अवस्था के बड़े भाई मनीष जैन आचार्य श्री विद्या सागर महाराज से 16 अक्टूबर 2014 को दीक्षित हुए मुनि श्री श्रमण सागर महाराज की प्रेरणा से वैराग्य की ओर उनका मन बढ़ता गया।
छुल्लक श्री गहन सागर महाराज
इंजी राजेश जैन , एसडीओ बीएसएनएल सागर
जन्मतिथि 28 मई 1980
शिक्षा : एम टैक
आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत 10/5/2009
घर त्याग 12/8/20
छुल्लक दीक्षा: 20/2/22
ऐलक दीक्षा :30/3/25
उनके ग्रहस्थ अवस्था के बड़े भाई शासकीय शिक्षक महेंद्र जैन ने बताया कि 28 मई 1980 को हमारे घर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का पडगाहन हुआ था और शाम 7:10 पर राजेश जी का जन्म हुआ था। युवावस्था से ही वैराग्य का मन था और आचार्य श्री के आशीर्वाद से उन्हें निर्यापक मुनि श्री समय सागर महाराज जी के संघ में ब्रह्मचारी भैया के रूप में शामिल किया गया। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का उपकार पूरे परिवार पर रहा है।
छुल्लक श्री स्वरूप सागर महाराज
इंजी पुनीत जैन , सॉफ्टवेयर इंजीनियर 24 लाख का पैकेज छोड़ा
जन्मतिथि 18 नवंबर 1989 शाहगढ
शिक्षा : बीई
आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत : 30 मई 2018
घर त्याग :27/9/2022
छुल्लक दीक्षा : 21/12/22
उनके ग्रहस्थ अवस्था के के पिता स्टेट बैंक से रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर हरिश्चंद्र जैन ने बताया कि युवावस्था से ही वैराग्य का मन था और आचार्य श्री के आशीर्वाद से उन्हें ब्रह्मचारी भैया के रूप संघ में शामिल किया गया। छुल्लक दीक्षा के बाद मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के साथ कुछ समय पूर्व तक संघस्थ रहे हैं।
ऐलक श्री उचित सागर महाराज
नाम : मयूर जैन
जन्म: 25 जून 1993 सुरखी (सागर)
शिक्षा: बी काम
आजीवन: ब्रह्मचर्य व्रत
19 फरवरी 2019
घर त्याग और संघ में प्रवेश 14/10/2020
छुल्लक दीक्षा 20/2/22
ऐलक दीक्षा
30/3/25
वैराग्य का कारण : युवावस्था से ही धर्म के प्रति रुचि थी सुरखी ग्राम से मुनि संघ और आर्यिका संघो के विहार के दौरान सुरखी में प्रवासरत रहते थे सभी संघो की सेवा करने में मयूर भैया बहुत आगे रहते थे। वर्तमान में उनका परिवार बाहुबली कॉलोनी सागर में निवास रहे थे।









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