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पूर्वी, उत्तर-पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का भव्य आयोजन 20 फरवरी को

पूर्वी, उत्तर-पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का भव्य आयोजन 20 फरवरी को


तीनबत्ती न्यूज : 19 फरवरी। 2026

नई दिल्ली : गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग द्वारा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में पूर्वी, उत्तर-पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का भव्य आयोजन 20 फरवरी 2026 को किया जा रहा है। यह सम्मेलन हपानिया स्थित अंतर्राष्ट्रीय इंडोर प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित होगा।

सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनके साथ अनेक गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न मंत्रालयों तथा संस्थानों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। सम्मेलन का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का आदान-प्रदान करना है।


कार्यक्रम के अंतर्गत राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को प्रदर्शित करने हेतु एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जो सम्मेलन को और अधिक आकर्षक एवं सार्थक बनाएगी।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की महत्वपूर्ण सहभागिता

इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की महत्वपूर्ण सहभागिता रहेगी। संस्थान के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति के नेतृत्व में दिल्ली से आई वरिष्ठ आयुष चिकित्सकों की टीम देशभर से आए प्रतिभागियों एवं आगंतुकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करेगी।


साथ ही, केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान  परिषद (सीसीआरएएस ), आयुष मंत्रालय के क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केन्द्र, अगरतला द्वारा दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है, जिसमें  अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान तकनीकी एवं चिकित्सकीय सहयोग प्रदान कर रहा है ।


कार्यक्रम से पूर्व देशभर से आए प्रतिभागियों को “नित्यसेवी आयुर किट” का वितरण भी अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा किया गया, जिससे दैनिक स्वास्थ्य संरक्षण एवं आयुर्वेदिक जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।


सम्मेलन स्थल पर प्रकृति परीक्षण एवं नाड़ी परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से शरीर-प्रकृति की जानकारी प्राप्त हो सके।

इसी अवसर पर प्रो. (वैद्य) राजाराम महतो द्वारा लिखित एवं संपादित मधुमेह विषयक पुस्तक “प्रमेह योग संग्रह” का विमोचन केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के करकमलों द्वारा किया जाएगा। यह पुस्तक आयुर्वेद के माध्यम से मधुमेह प्रबंधन के पारंपरिक एवं व्यावहारिक आयामों पर आधारित है।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की ओर से डीन प्रो. (डा.) महेश व्यास, एम.एस. योगेश बड़वे, डा. रमाकांत यादव सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहकर आयुर्वेद आधारित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। संस्थान के विशेषज्ञ कार्यक्रम स्थल पर आयोजित हिंदी प्रदर्शनी तथा स्वास्थ्य परिचर्चा आधारित वाद-विवाद कार्यक्रम में भी सहभागिता करेंगे।

राजभाषा विभाग की सचिव श्रीमती अंशुली आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ पहल से प्रेरित होकर राजभाषा विभाग ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयुष शिविर एवं योग सत्र का आयोजन किया है, जिससे आमजन को भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति और इतिहास से जोड़ते हुए उनके स्वास्थ्य का संवर्धन किया जा सके।

निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा, “राजभाषा सम्मेलन जैसे राष्ट्रीय मंच पर आयुर्वेद की सहभागिता हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना ही नहीं, बल्कि जनसामान्य में स्वास्थ्य संरक्षण एवं आयुर्वेदिक जीवनशैली के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना भी है। अगरतला में आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से हम राजभाषा संवर्धन के साथ-साथ ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में सार्थक योगदान दे रहे हैं। आयुर्वेद की वैज्ञानिकता, प्रामाणिकता और व्यवहारिकता को जन-जन तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।”

यह सम्मेलन राजभाषा संवर्धन एवं जनस्वास्थ्य जागरूकता के समन्वित प्रयास का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा, जिसमें प्रशासनिक उत्कृष्टता और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का प्रभावी समागम देखने को मिलेगा।

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