Editor: Vinod Arya | 94244 37885
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ,छतरपुर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
Video: मंत्री ओ पी एस भदौरिया सड़क हादसे में घायल, सिर में आई चोट▪️मंत्री वाहन को ट्रेक्टर ने मारी टक्कर, ट्रेक्टर के हुए दो टुकड़े
राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का इलाज ग्वालियर के बिरला अस्पताल में चल रहा है। उनका इलाज अस्पताल के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. विपुल अग्रवाल कर रहे हैं। बताया गया है कि सड़क हादसे में राज्यमंत्री भदौरिया के सिर में हल्की चोटें लगी हैं और खून भी निकला है।
इस चोट का उनके दिमाग पर कोई असर नहीं दिखाई दिया है। उनकी आवश्यक सभी जांचे की जा रही है और फिलहाल वे बातचीत भी कर रहे हैं। हाथ पैरों में भी गंभीर चोट नहीं होने की खबर बताई गई है।
प्रदेश सरकार में नगरीर विकास एवं आवास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का सियासी सफर काफी दिलचस्प रहा है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य के करीबी माने जाने वाले ओपीएस भदौरिया आजादी के बाद मेहगांव विधानसभा से मंत्री बनने वाले पहले विधायक है। इनसे पहले मेहंगाव विधान सभा से किसी भी दल का कोई मंत्री नहीं रहा बना था।
भिड़ ज़िले के मालनपुर में हुई एक वाहन दुर्घटना में मप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री ओपीएस भदोरिया जी और उनके वाहन चालक के घायल होने की जानकारी मिली है। @OPS_Bhadoria
ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।
तीनबत्ती न्यूज़. कॉम की खबरे पढ़ने NEW फेसबुक पेज और ट्वीटर से जुड़ने लाईक / फॉलो करे
MP: पीएचई के कार्यपालन यंत्री निलंबित , समूह जल योजना में अनियमित भुगतान करने पर
सागर जिला जल अभाव ग्रस्त घोषित, कलेक्टर ने नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया
सागर, 30 मई 2023 : कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री दीपक आर्य ने आगामी पेयजल संकट को देखते हुए सागर जिला को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया है। उन्होंने मध्यप्रदेष पेय जल परिरक्षण अधिनियम 1986 संषोधित 2002 की धारा - 3 के अंतर्गत सागर जिले के षहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को 29 मई से 30 जून तक की अवधि के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोशित किया है। जिले में निरंतर भू-जल की गिरावट को दृश्टिगत रखते हुये अधिनियम की धारा 6 (1) के अंतर्गत सम्पूर्ण जिले में अषासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जल स्तर गिरने के एवं अधिकाष सतही जल स्त्रोत सूख जाने के कारण आगामी ग्रीश्मकाल में पेयजल संकट की संभावना को देखते हुये जिले की समस्त तहसीलों में मध्यप्रदेष पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत पेयजल के अलावा अन्य प्रयोजन के लिए नवीन निजी नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवष्यक है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के द्वारा जारी आदेष में कहा गया है कि सागर जिले के सीमा क्षेत्र की सीमा में नलकूप, बोरिंग मषीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना
प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मषीनों को जो अवैध रूप् से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेष करेगी अथवा नलकूप खनन / बोरिंग का प्रयास कर रही मषीनों को जप्त कर पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज कराने का अधिकार होगा।
समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उनके क्षेत्रान्तर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जष्च (संबंधित सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जष्च) के प्ष्चात अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया गया है। इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा 9 के अनुसार दो वर्श तक के कारावास या दो हजार रूप्ये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है।
उपरोक्त आदेष षासकीय योजनाओं के अंतर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनान्तर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेगा. इस हेतु उपरोक्त अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवष्यक नहीं होगा ।
कूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का आवष्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा 4 क ( 1 ) के अंतर्गत अधिगृहण किया जा सकेगा। कोई भी व्यक्ति जो पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 4 के अधीन कलेक्टर द्वारा पारित इस आदेष से व्यथित हो, संभागायुक्त को आदेष की तारीख से 30 दिवस के भीतर अपील कर सकेगा ।
मंत्री भूपेंद्र सिंह बोले: पुश्तैनी संपत्ति की कीमत बढ़ी,मेरा क्या दोष,बैंक से लोन लिया, मानहानि का केस करूंगा▪️कांग्रेस ने लगाए मंत्री पर संपत्ति को लेकर आरोप
तीनबत्ती न्यूज़. कॉम की खबरे पढ़ने NEW फेसबुक पेज और ट्वीटर से जुड़ने लाईक / फॉलो करे
Sagar: बस ने मारी बाइक को टक्कर , तीन घायल
MP: मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: दुल्हनों को बांटे गए कंडोम और गर्भनिरोधक टेबलेट्स▪️मेकअप बॉक्स में निकले
तीनबत्ती न्यूज़. कॉम की खबरे पढ़ने NEW फेसबुक पेज और ट्वीटर से जुड़ने लाईक / फॉलो करे
86.6 प्रतिशत महिलाएं चाहती हैं मेन्सट्रुअल फ्रैंडली वर्कप्लेस▪️ऐवरटीन मेंसट्रुअल हाइजीन सर्वे 2023 का खुलासा #MHDay2023 | #WeAreCommitted | #MenstruationMatters
86.6 प्रतिशत महिलाएं चाहती हैं मेन्सट्रुअल फ्रैंडली वर्कप्लेस
82.8 प्रतिशत महिलाओं को मासिक धर्म और उसकी दर्द से काम पर फोकस करने में होती है मुशत के जानेमाने स्त्री हाइजीन ब्रांड ऐवरटीन ने अपने सालाना मेंस्ट्रुअल हाइजीन सर्वे 2023 के तथ्यों को जारी किया है। यह सर्वे 28 मई को मनाए जाने वाले वैश्विक मासिकधर्म स्वच्छता दिवस से ठीक पहले किया गया है। यूनिसेफ, यूएनएफपीए, विश्व बैंक, फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय, जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनैशनल कोऑपरेशन, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन व अन्य संगठनों द्वारा समर्थित इंटरनेशनल मेंसट्रुअल हाइजीन डे 2023 में ऐवरटीन भी पार्टनर है।
8वें मेंसट्रुअल हाइजीन सर्वे में दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना व अन्य भारतीय शहरों से 18 से 35 वर्ष की तकरीबन 10,000 महिलाओं ने भाग लिया। 73 प्रतिशत महिलाएं चाहती हैं की कंपनियां उन्हें मासिक धर्म की छुट्टियां लेने की अनुमति दें हालांकि इनमें से 71.7 प्रतिशत महिलाएं नहीं चाहती की ऐसी छुट्टियां सवैतनिक हों क्योंकि उन्हे लगता है कि इससे कंपनियां महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने से परहेज करेंगी। विकल्प के तौर पर 86.6 प्रतिशतमहिलाएं मेंसट्रुअल फ्रैंडली वर्कप्लेस के पक्ष में नज़र आईं हैं, जहां महिलाएं इस विषय पर खुल कर बात करने से हिचकिचाएं नहीं तथा महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन पद्धतियां एवं सहयोगात्मक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 68.9 प्रतिशत महिलाओं ने बताया की माहवारी के दौरान उन्होंने ऑफिस से छुट्टी ली है, और 51.2 प्रतिशत महिलाओं दो या ज्यादा बार छुट्टी ली हैं।
पैन हैल्थकेयर के सीईओ श्री चिराग पैन कहते हैं, ’’महिलाओं की अंतरंग हाइजीन के अग्रणी ब्रांड होने के नाते ऐवरटीन मासिक धर्म संबंधी स्वच्छता के बारे में सटीक जागरुकता लाने हेतु प्रतिबद्ध है। साल 2014 से ऐवरटीन मेंसट्रुअल हाइजीन सर्वेक्षण भारत में नए रुझानों का खुलासा करने और मासिक धर्म संबंधी महिलाओं की चिंताओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है। जरूरत इस बात की है की कॉर्पोरेट्स इसे प्राथमिकता में रखें और मेंसट्रुअल फ्रैंडली वर्कप्लेस सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं। ऐवरटीन सर्वे 2023 में पता चलता है की फिलहाल मात्र 5.2 प्रतिशत महिलाएं ही अपने मैनेजर से मासिक धर्म पर बात करने में सहज महसूस करती हैं, जबकि 39.9 प्रतिशत महिलाएं कार्यस्थल पर मासिक धर्म के बारे में अपनी महिला सहकर्मियों के साथ भी बात नहीं करती।’’
ऐवरटीन की निर्माता कंपनी वैट् एंड ड्राय पर्सनल केयर के सीईओ श्री हरिओम त्यागी कहते हैं, ’’2022 ऐवरटीन सर्वे की ही तरह इस साल भी हमारे सर्वेक्षण ने दर्शाया है की 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं पीरियड्स के पहले दो दिनों में ठीक से सो नहीं पाती हैं। 63.6 महिलाओं ने माहवारी के दौरान मध्यम से गंभीर मरोड़ का अनुभव किया है। माहवारी के दौरान होने वाली मरोड़ें 30 प्रतिशत महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान बाहर जाने पर सबसे बड़ी चिंता है। 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड बदलना सबसे बड़ी चिंता है। 82.8 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि माहवारी के दौरान या इससे होने वाले दर्द के चलते वे अपने काम पर ध्यान देने में संघर्ष करती हैं। हमें यह देख कर खुशी है कि 18.3 प्रतिशत महिलाएं मेंसट्रुअल क्रैम्प रोल-ऑन का इस्तेमाल कर रही हैं। यह दर्शाता है कि अधिकतर महिलाएं मासिक धर्म को और सुकूनदायी बनाने के लिए नए उत्पाद अपनाना चाहती हैं।’’
सर्वेक्षण के निष्कर्षों ने इस पर भी रोशनी डाली की स्त्रियोचित व मेंसट्रुअल हाइजीन पर जागरुकता बढ़ाने का काम राष्ट्रीय प्राथमिकता में होना चाहिए। एक-चौथाई (25.8 प्रतिशत) महिलाओं को अब भी नहीं पता की सफेद डिस्चार्ज होने पर क्या करनाचाहिए, जबकि 83.4 प्रतिशत महिलाओं ने कभी न कभी सफेद डिस्चार्ज की स्थिति सामना किया है। सिर्फ 18.9 प्रतिशत महिलाएं ही सफेद डिस्चार्ज से बचाव के लिए पैन्टी लाइनर इस्तेमाल करती हैं। 69.3 प्रतिशत महिलाओं ने बताया की अपने जीवन में उन्होंने कभी न कभी अनियमित पीरियड्स का अनुभव किया है, लेकिन फिर भी इनमें से 60 प्रतिशत महिलाओं ने कभी डॉक्टर से मशवरा नहीं लिया।
इंटरनेशनल मेंसट्रुअल हाइजीन डे 2023 का एक हैशटैग है #PeriodFriendlyToilets जो भारत के संदर्भ में खास तौर पर प्रासंगिक है।ऐवरटीन मेंसट्रुअल हाइजीन सर्वे 2023 दर्शाता है की 80 प्रतिशत महिलाएं पब्लिक टॉयलेट में सैनिटरी पैड बदलना असहज मानती हैं। इतना ही नहीं, 62.9 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उन्होंने दफ़्तर, मॉल या सिनेमा हॉल में सैनिटरी पैड कभी नहीं बदला या कभी एक-दो बार ही बदला है। 92.3 प्रतिशत महिलायें जागृत हैं कि गंदे टॉयलेट से मूत्र मार्ग के संक्रमण होने का खतरा है।
सपूर्ण फेमिनाइन इंटिमेट हाइजीन की अग्रणी ब्रांड होने के नाते ऐवरटीन ने स्त्रियोचित एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी कई जागरुकता कैम्पेन चलाए है जैसे फिक्स योर पीरिअड्स, शी नीड्स पैड और पैड हर लाइफ। आज ऐवरटीन ब्रांड महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड, मेंस्ट्रुअल कप, बिकिनी लाइन हेयर रिमूवर क्रीम, इंटिमेट वॉश, टॉयलेट सीट सैनिटाइज़र, फर्टिलिटी व प्रेगनेंसी टैस्ट किट, फेमिनाइन सीरम आदि 35 विविध इंटिमेट हाइजीन और वैलनेस उत्पाद पेश करता है।
वेट एण्ड ड्राइ पर्सनल केयर के बारे में
2013 में संस्थापित वेट एण्ड ड्राइ पर्सनल केयर प्राइवेट लिमिटेड पान हेल्थ की इकाई है जो स्वास्थ्य, स्वच्छता और निजी देखभाल उत्पाद बनाती है। दिल्ली-स्थित वेट एण्ड ड्राइ पर्सनल केयर के चार ब्राण्ड हैं – एवेरटीन (फेमिनाइन इंटिमेट हाइजीन), न्यूड (व्यक्तिगत देखभाल), नेचर श्योर (प्राकृतिक स्वास्थ्य) और मैनश्योर (पुरुष स्वास्थ्य)। वेट एण्ड ड्राइ पर्सनल केयर भारत के सभी ऑनलाइन मार्केटप्लेस जैसे ऐमज़ान, फ्लिपकार्ट, नाइका, पर्पल, मिंत्रा, जिओमार्ट, मीशो इत्यादि पर उच्च कोटी का सेलर हैं। हमारे उत्पाद ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ़िजी, फ़्रांस, फ़िनलैंड, घाना, हाँगकाँग, भारत, आयरलैंड, केन्या, मलेशिया, नामीबिया, नाइजीरिया, ओमान, कतार, सऊदीअरबिया, सिंगापुर, साउथअफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, स्विट्ज़रलैंड, अमरीका, इंग्लैंड, युगांडा, वियतनाम और अन्य देशों के ग्राहकों को शिप किए गए हैं।
तीनबत्ती न्यूज़. कॉम की खबरे पढ़ने NEW फेसबुक पेज और ट्वीटर से जुड़ने लाईक / फॉलो करे





