SAGAR: खाद, बीज और कीटनाशक दुकान में अनियमितताएं पाए जाने पर दुकान सील
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SAGAR: खाद, बीज और कीटनाशक दुकान में अनियमितताएं पाए जाने पर दुकान सील
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प्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा : ग़ढ़ाकोटा में 1857 से लगातार निकल रही है रथयात्रा
▪️ वैद्य ने टटोली भगवान की नब्ज, 27 जून को निकलेगी भव्य रथयात्रा
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सागर जिले में झाड़ू निर्माण को मिली नई पहचान : महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आयाम
तीनबत्ती न्यूज : 23 जून ,2025
सागर : कलेक्टर संदीप जी आर के मार्गदर्शन में संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के नए अवसरों को तलाशने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले की महिलाओं के पास जो पारंपरिक कौशल है, उसे पहचान कर तकनीकी सहायता, डिज़ाइनिंग और बाजार उपलब्धता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। यह प्रयास न केवल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम है, बल्कि जिले को एक नई कलात्मक पहचान भी दिला रहा है।
सागर जिले के खुरई विकासखंड के ग्राम कन्नाखेड़ी और ग्राम जेरुआ में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 13 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परंपरागत झाड़ू निर्माण से जुड़ी महिलाओं को इस कार्य में नई तकनीक और कलात्मकता के साथ प्रशिक्षित कर नए तरीके से झाड़ू बनाना सिखाया जा रहा है। प्रशिक्षण में दो बैचों में कुल 70 महिलाएं भाग ले रही हैं, जिन्हें ऐसी डिज़ाइनर झाड़ू बनाना सिखाया जा रहा है जो बाजार में 50 रुपए या उससे अधिक मूल्य पर बिक सकती हैं। पहले जहां एक साधारण झाड़ू की कीमत 15 रुपए के आसपास थी, वहीं अब महिलाएं कम संख्या में लेकिन अधिक मूल्य के उत्पाद बना रही हैं।
रोजाना 20 झाड़ू बनती है
श्रीमती विपदा दांगी ने बताया कि परंपरागत तरीके से वह प्रतिदिन 20-22 झाड़ू बनाती थीं, लेकिन कम मूल्य पर झाड़ू बिकने के कारण आय कम हो पाती थी। अब इस नई कला में कम लागत और अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है, जिससे लाभ भी अधिक हो रहा है। श्रीमती यशोदा अहिरवार ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह अब नई तकनीक के माध्यम से बेहतर और अधिक लाभदायक उत्पाद बना रही हैं।
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इसी तरह श्रीमती सुधा पाठक ने बताया कि उनके खेतों में खजूर के पेड़ हैं और पहले वह इनसे पारंपरिक झाड़ू बनाती थीं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें महसूस हुआ कि यही कार्य उन्हें आत्मनिर्भर बना सकता है। जहां पहले वे केवल घर के लिए ही झाड़ू बनाया करती थीं अब प्रशिक्षण लेने के बाद वे व्यवसायिक स्तर पर झाड़ू बना कर बाजार में बेच रही हैं और लाभ अर्जित कर रही है। इसी प्रकार श्रीमती यशोदा अहिरवार ने बताया की विवाह के बाद ससुराल जाकर उन्होंने झाड़ू बनाने का काम अपने परिवार में सीखा और वह प्रतिदिन अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर झाड़ू का निर्माण करती थी लेकिन अब प्रशिक्षण मिलने के बाद वे नए तरीके से झाड़ू बना रही हैं। श्रीमती यशोदा अहिरवार ने बताया की प्रशिक्षण के बाद अब मैं परिवार के सदस्यों को भी नए तरीके से झाड़ू बनाना सिखा रही हूं जिससे अधिक मूल्य वाले झाड़ू बनाने से परिवार की आय में वृद्धि हो रही है।
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मकरोनिया स्टेशन पहुंच मार्ग की स्ट्रीट लाईट चालू : सांसद डॉ. लता वानखेड़े के निर्देश पर
तीनबत्ती न्यूज : 23 जून ,2025
सागर: सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े के प्रयास से मकरोनिया रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग की वर्षों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को रेल प्रशासन द्वारा पुनः चालू कर दिया गया है। यह मार्ग जो रेलवे गेट नंबर 30 से मकरोनिया स्टेशन तक जाता है रात्रि के समय अत्यधिक अंधेरे के कारण यात्रियों के लिए असुरक्षित सा हो गया था। इसलिए यात्रियों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई परंतु विगत माह सांसद डॉ. वानखेड़े ने मकरोनिया स्टेशन का निरीक्षण किया, तो उन्हें नागरिकों द्वारा यह समस्या बताई गई।
जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए तुरंत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की और समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिये परिणामस्वरूप रेल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए समस्त स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें चालू कर दिया। इसके अतिरिक्त स्टेशन परिसर के दरवाजों की मरम्मत भी पूरी कर दी गई है, जिससे रिजर्वेशन कंट्रोल रूम का उपयोग करने वाले रेलवे स्टाफ को विशेष राहत मिली है।
ज्ञातव्य हो कि विगत दिनों मकरोनिया क्षेत्र निवासी राजकुमार बाथरे सेवानिवृत्त रेल सेक्शन इंजीनियर और स्थानीय नागरिकों द्वारा सांसद संवाद केंद्र पहुंचकर सांसद डॉ. लता वानखेड़े को स्टेशन आने-जाने वाले मार्ग की स्ट्रीट लाइट बंद होने और मकरोनिया स्टेशन की अन्य समस्याओं को ध्यान में लाई गई थी।
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समन्वित प्रयासों से राजभाषा कार्यान्वयन के लक्ष्यों की पूर्ति संभव : प्रो. नीलिमा गुप्ता
▪️नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, सागर की प्रथम छमाही बैठक
तीनबत्ती न्यूज: 22 जून ,2025
सागर: राष्ट्र निर्माण हेतु स्वभाषा का सबल होना आवश्यक है। हम अपनी भाषा का जितना अधिक प्रयोग करेंगे यह उतनी ही सबल होगी। राजभाषा की समृद्धि के लिए आवश्यक है कि अधिकाधिक प्रशासनिक व्यवहार हिन्दी में ही हो। यह बात नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की वर्ष 2025-26 की प्रथम छमाही बैठक के दौरान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नराकास, सागर की अध्यक्ष एवं डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कही। उन्होंने राजभाषा कार्यान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सदस्य कार्यालयों द्वारा समन्वित प्रयास किए जाने पर बल दिया। बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नरेन्द्र सिंह मेहरा, उप निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य ), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने सदस्य कार्यालयों को राजभाषा नियमों से अवगत कराया तथा उनके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उन्होंने बताया कि राजभाषा कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार की नीति प्रेरणा व प्रोत्साहन की नीति है। माननीया अध्यक्ष महोदया का आभार व्यक्त करते हुए श्री मेहरा ने कहा कि आपके यशस्वी नेतृत्व में नराकास, सागर नि:संदेह ही भारत की अग्रणी नराकास के रूप में अपनी पहचान बनायेगी। विदित हो कि वर्तमान में देश में 537 नराकास क्रियाशील हैं।
इस अवसर पर नराकास के सदस्य-सचिव एवं डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव व राजभाषा अधिकारी संतोष सोहगौरा ने सदस्य कार्यालयों की छमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारी जारी राजभाषा के वार्षिक कार्यक्रम का अनुपालन सुनिश्चित करना सभी केन्द्रीय कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों का दायित्व है। सदस्य कार्यालयों के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए श्री सोहगौरा ने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन में आ रही समस्याओं का भी समाधान किया। बैठक के दौरान नराकास, सागर की राजभाषा पत्रिका के प्रकाशन पर भी सहमति बनी। इसके अलावा सदस्य कार्यालयों के बीच राजभाषा संबंधी प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा हिन्दी पखवाड़े का आयोजन गरिमामयी ढ़ंग से किए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। राजभाषा कार्यान्वयन हेतु सदस्य कार्यालयों के सुझावों पर भी आवश्यक निर्णय लिए गए।
राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सागर नगर स्थित केन्द्रीय कार्यालयों/ बैंकों/उपक्रमों आदि में राजभाषा नीति के कार्यान्वयन हेतु नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, सागर का गठन किया गया है जिसकी अध्यक्षता का दायित्व हाल ही में डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की माननीया कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता को सौंपा गया है।
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उक्त बैठक में सागर एवं बीना स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, केनरा बैंक, पावरग्रिड ऑफ इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि., भारतीय खाद्य निगम, भारत संचार निगम लिमिटेड, केन्द्रीय संचार ब्यूरो, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, दि न्यू इंडिया इंश्योरेंश कं. लि., ओरियंटल इंश्योरेंश कं.लि., भारतीय जीवन बीमा निगम, आकाशवाणी, कार्यालय अधीक्षक, डाकघर, अधिशासी, छावनी परिषद, नगर के समस्त केन्द्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, मौसम विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं राष्ट्रीय सांख्यकीय कार्यालय सहित 40 से अधिक कार्यालयों के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी एवं राजभाषा अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विगत छमाही के दौरान अपने कार्यालय में राजभाषा के उत्कृष्ट क्रियान्वयन हेतु सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. एवं पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 01 को माननीया अध्यक्ष महोदया द्वारा 'उत्कृष्टता सम्मान' से पुरस्कृत किया गया। उक्त कार्यक्रम का समन्वयन विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया जो कि वर्तमान में नरकास, सागर का सचिवालय भी है। बैठक का संचालन हिन्दी अनुवादक अभिषेक सक्सेना ने किया। विशेष सहयोग राजभाषा प्रकोष्ठ के उच्च श्रेणी लिपिक श्री विनोद रजक का रहा।
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रायकवार समाज मछुआ संघ ने विधायक शैलेंद्र जैन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा : सागर झील को पट्टे पर उपलब्ध कराने की मांग की
तीनबत्ती न्यूज: 22 जून ,2025
सागर।रायकवार समाज मछुआ संघ के सदस्यों ने विधायक निवास पर पहुंचकर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन एवं नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार को सागर तालाब पट्टे पर देने हेतु ज्ञापन सौंपा । संघ ने अपने ज्ञापन में अपनी जीवकोपार्जन के लिए लाखा बंजारा झील को पट्टे पर उपलब्ध कराने हेतु मांग की है ।
उन्होंने बताया हम लगभग 320 मछुआरे अपने परिवार के भरण पोषण के लिए तालाब पर आश्रित है जो मछली पकड़ कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं वर्ष 2017 से स्मार्ट सिटी द्वारा तालाब के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य के कारण पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया गया है इस वर्ष पट्टे के नवीनीकरण करने में सहयोग करे,संघ के सदस्यों ने विधायक जैन को आश्वस्त किया है कि तालाब की साफ सफाई और उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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जलभराव का कारण बने अतिक्रमण पन्द्रह दिन में हटेंगे, ,▪️बख्शीखाना व नया बाजार को जी प्लस-2 मॉडल पर बनाया जाएगा ▪️ टाटा कंपनी पर लगेगी पेनाल्...