सेवा एवं संस्कार के रूप में मनाया गया रिशांक तिवारी का जन्मदिवस
▪️स्वच्छता, वृद्ध सम्मान और सामाजिक सरोकारों की प्रेरक पहल
तीनबत्ती न्यूज: 17 जनवरी, 2026
सागर: नगर में युवा नेता एवं समाजसेवी रिशांक तिवारी का जन्मदिवस इस वर्ष सेवा, संवेदना और संस्कार के भाव के साथ मनाया गया। जन्मदिवस के अवसर पर एक दिन पूर्व इसे “सेवा एवं संस्कार दिवस” के रूप में मनाते हुए दो सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य समाज के प्रति उत्तरदायित्व, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः पहलवान बाबा मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान से हुई। इस दौरान उपस्थित युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और यह संदेश दिया कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवा और श्रद्धा का यह संगम आयोजन को विशेष बनाता नजर आया।
इसके पश्चात वृद्धाश्रम के लगभग 30 बुजुर्गों के साथ आत्मीय समागम आयोजित किया गया। बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनके साथ समय बिताया गया। इस संवाद के दौरान बुजुर्गों ने अपने जीवन से जुड़ी दैनिक समस्याएँ, स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयाँ, अकेलापन तथा पारिवारिक उपेक्षा जैसी पीड़ाओं को साझा किया। आयोजकों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना जिससे बुजुर्गों को अपनापन और सम्मान का अनुभव हुआ। इसी क्रम में सभी बुजुर्गों को संजय ड्राइव स्थित झील में क्रूज भ्रमण कराया गया। झील की प्राकृतिक सुंदरता के बीच यह क्रूज यात्रा बुजुर्गों के लिए अत्यंत आनंददायक और स्मरणीय अनुभव सिद्ध हुई।
क्रूज भ्रमण के उपरांत बुजुर्गों के लिए भोजन एवं जलपान की समुचित व्यवस्था की गई। संकल्प फाउंडेशन द्वारा बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इस अवसर पर बुजुर्गों ने आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे अपने जीवन के सुखद पलों में से एक बताया और आयोजक को आशीर्वाद प्रदान किया।
इस दौरान रिशांक तिवारी ने बुजुर्गों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि “आप सभी हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। आपके अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शक हैं। आपकी समस्याओं को सुनना और उनके समाधान का प्रयास करना हमारा कर्तव्य है। आपकी मुस्कान और आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।” उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज के बरगद के वृक्ष के समान हैं, जो जीवन की कठिन धूप में हमें अपनी छांव प्रदान करते हैं। हमें उनका निरादर नहीं करना चाहिए, बल्कि पूरे सम्मान, संवेदनशीलता और धैर्य के साथ उनकी सेवा करनी चाहिए। आज की युवा पीढ़ी को आगे आकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना चाहिए और सेवा को अपने जीवन का संस्कार बनाना चाहिए।
यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है कि विशेष अवसरों को दिखावे के बजाय सेवा, संवेदना और संस्कार के साथ मनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर सूर्यांश तिवारी, शुभम नामदेव, संचित शुक्ल, निष्कर्ष दुबे, नमन चौबे, हिमांशु साहू, शुभम गौतम, गणेश सेन, सागर जाटव, वरदान राजपूत, शुभम पहलवान, शिवांक तिवारी सहित अनेक युवा साथी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









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