Editor: Vinod Arya | 94244 37885

विश्व क्षय रोग दिवस विशेष: "हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं": जागरूक समाज ही बनेगा टीबी मुक्त भारत का आधार ▪️डॉ सौरभ जैन

विश्व क्षय रोग दिवस विशेष: "हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं": जागरूक समाज ही बनेगा टीबी मुक्त भारत का आधार

▪️डॉ सौरभ जैन


तीनबत्ती न्यूज :24 मार्च,2026

प्रतिवर्ष 24 मार्च को दुनिया भर में 'विश्व क्षय रोग दिवस' (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “Yes! We Can End TB” (हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं) न केवल एक संकल्प है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसी क्रम में, बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के पल्मोनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने आमजन को इस गंभीर लेकिन उपचार योग्य बीमारी के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया है।

विशेषज्ञ राय: डॉ. सौरभ जैन (वरिष्ट पल्मोनोलॉजिस्ट, बीएमसी सागर)

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौरभ जैन ने टीबी के प्रबंधन और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा "टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। आज के समय में टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज लक्षणों को नजरअंदाज न करे और उपचार का कोर्स बीच में न छोड़े। 'ड्रग रेजिस्टेंस' (दवा प्रतिरोध) की सबसे बड़ी वजह दवाइयों का अनियमित सेवन है। सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और उच्च स्तरीय दवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।"

लक्षणों को पहचानें: कब सतर्क होना जरूरी है?

डॉ. जैन के अनुसार, यदि आपको या आपके आसपास किसी को निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकते हैं:

1. मुख्य श्वसन लक्षण: लगातार खांसी: 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहने वाली खांसी।

बलगम और खून: खांसी के साथ बलगम आना या खून (Hemoptysis) की उपस्थिति।

सीने में दर्द: सांस लेते या खांसते समय सीने में जकड़न या दर्द।

2. शारीरिक बदलाव

बुखार: हल्का लेकिन लगातार बना रहने वाला बुखार, जो विशेष रूप से शाम के समय बढ़ता है।

वजन का गिरना: बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख न लगना।

रात में पसीना: सोते समय शरीर से अत्यधिक पसीना आना और कमजोरी महसूस होना।

3. एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी (फेफड़ों के बाहर)

यदि टीबी फेफड़ों के अलावा अन्य अंगों में है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं: गर्दन या बगल में गांठों का होना (लिम्फ नोड)।हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द।दिमागी टीबी की स्थिति में सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी।

तुरंत जांच की आवश्यकता कब है?

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि 2 हफ्ते से ज्यादा की खांसी आती है, बार बार बुखार आना खांसी में खून आता है, अचानक और तेजी से वजन कम होने लगता है तो तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर आवश्यक जांच कराएं।

मरीज को सामाजिक रूप से अलग-थलग न करें,बल्कि उसे सही समय पर इलाज दिलाएं

डॉ सौरभ जैन ने बताया कि टीबी केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती भी है। डॉ. जैन सहित पल्मोनोलॉजी विभाग की टीम ने अपील की है कि, मरीज को सामाजिक रूप से अलग-थलग न करें, बल्कि उसे सही समय पर इलाज दिलाने में मदद करें। याद रखें, समय पर ली गई दवा ही टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करेगी।

भविष्य की ओर बढ़ते क़दम

नई वैक्सीन का परीक्षण:  BCG वैक्सीन के बाद अब MTBVAC, M72/AS01E जैसी नई वैक्सीनों का क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरणों में है। यदि यह सफल रहती है, तो यह वयस्कों में टीबी संक्रमण को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगी।

AI और डिजिटल डायग्नोस्टिक्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चेस्ट एक्स-रे अब कुछ ही सेकंडों में फेफड़ों की टीबी का सटीक पता लगा लेते हैं। साथ ही, Handheld X-ray मशीनों की मदद से दूरदराज के गांवों में घर बैठे जांच संभव हो गई है।

मॉलिक्यूलर टेस्टिंग (CBNAAT/TrueNat): पुराने थूक परीक्षण (Sputum Test) की जगह अब अत्याधुनिक मॉलिक्यूलर मशीनों ने ले ली है, जो न केवल टीबी की पुष्टि करती हैं, बल्कि यह भी बता देती हैं कि मरीज पर कौन सी दवा असर करेगी।

डॉ. सौरभ जैन के अनुसार, टीबी के खिलाफ लड़ाई में "निक्षय मित्र" जैसी योजनाएं और पोषण संबंधी सहायता (निक्षय पोषण योजना) रीढ़ की हड्डी साबित हो रही हैं। वे कहते हैं: "अब चुनौती सिर्फ दवा की नहीं, बल्कि समय पर पहचान की है। नए आविष्कारों ने जांच को आसान बना दिया है, लेकिन समाज को कलंक (Stigma) मिटाकर आगे आना होगा।"

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

www.Teenbattinews.com

Archive