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सीएम डा मोहन यादव से मिले विधायक प्रदीप लारिया : नई विकास योजनाओं के दिए प्रस्ताव

सीएम डा मोहन यादव से मिले विधायक प्रदीप लारिया : नई विकास योजनाओं के दिए प्रस्ताव

तीनबत्ती न्यूज: 03 फरवरी, 2026

सागर: नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर नरयावली विधानसभा को 'सर्वश्रेष्ठ' बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इनमें सड़क कनेक्टिविटी, सिंचाई परियोजनाएं, पुल निर्माण और शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।

सड़क कनेक्टिविटी:

- बम्होरी तिराहा से गढ़पहरा तक 24 किमी फोरलेन निर्माण- ताजखिरिया से मुहली तक फोरलेन विस्तार

- खुरई मार्ग NH-14 से नगना ढोंगा-बरोदिया मार्ग का मजबूतीकरण

- पुरानी सदर-सेमराबाग-बहेरिया से पटकुई तक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग

- मुहली-बड़कुआ, मदनपुरा-खिरिया और सानौधा-सिमरिया जैसे ग्रामीण अंचलों के लिए नई सड़कें

पुल निर्माण:

- धसान नदी पर उच्च स्तरीय जलमग्नीय पुल:

- खाकरोन-ईशुरवारा मार्ग (16.70 करोड़)

- हीरापुर-रामछायरी मार्ग (7.38 करोड़)

- मोलाली नाला पर पुल:

- सागर बायपास-बिहारीपुरा (7.54 करोड़)

- पथरिया हाट-पृथ्वीपुरा (9.71 करोड़)

- बांकुरी व लुहारीघाट पर पुल निर्माण

सिंचाई परियोजनाएं:

- नवीन योजनाएं:

- तोड़ा गौतमिया, हनौता पारीक्षत और गढ़ौली सेवारा में नए तालाब एवं डैम निर्माण

- घुरेटा में वियर योजना का सुधार

- प्रशासकीय स्वीकृति:

- करिया पाठा वियर (3.24 करोड़)

- पिपरिया जसराज जलाशय (16.80 करोड़)

शैक्षणिक व्यवस्था:

- शासकीय हाई स्कूल भवनों के निर्माण की लंबित स्वीकृतियां

- वर्तमान शासकीय माध्यमिक शालाओं और हाई स्कूलों के उन्नयन (upgrade)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

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माता-पिता को संतुष्ट करने वाली संतानें संसार में दुर्लभ हैं : पूज्य श्री प्रेमभूषण जी महाराज ▪️श्री राम कथा में प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह, मंत्री गोविंद राजपूत, पूर्वमंत्री गोपाल भार्गव आदि हुए शामिल

माता-पिता को संतुष्ट करने वाली संतानें संसार में दुर्लभ हैं :  पूज्य श्री प्रेमभूषण जी महाराज

▪️श्री राम कथा में प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह, मंत्री गोविंद राजपूत, पूर्वमंत्री गोपाल भार्गव आदि हुए शामिल


तीनबत्ती न्यूज: 03 फरवरी, 2026

सागर: माता-पिता को संतुष्ट करने वाले संतान संसार में दुर्लभ हैं। वह माता-पिता भाग्यशाली हैं जिनके पास आज्ञाकारी पुत्र और पुत्री हैं जो उनके मन के अनुसार चलते हैं। भगवान राम ने तो सिर्फ इतना ही सुना की पिताजी ने माता जी को दो वचन दिए हैं और चुपचाप अपने पिताजी के वचनों का पालन करने वन यात्रा पर  निकल पड़े। यह उद्गार मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के चौथे सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए व्यक्त किए। श्रीराम कथा के चौथे दिवस कथा श्रवण हेतु अनेक वरिष्ठ भाजपा नेता, संगठन पदाधिकारी, आयोग के अध्यक्ष, विधायक, पूर्व मंत्री, अनेक पूर्व विधायक, महापौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से नेता गण पहुंचे।

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मनुष्य अपने कर्म बिगाड़ करके ही जीवन में दुख कष्ट पाता है

सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति प्रेमभूषण जी महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेन्द्र सिंह  के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा के क्रम में श्री सीताराम विवाह से आगे के प्रसंगों का गायन करते हुए कहा कि मनुष्य अपने कर्म बिगाड़ करके ही जीवन में दुख कष्ट और बीमारी प्राप्त करता है। मनुष्य को खासकर अपने विवाह के बाद अपने कर्मों के प्रति सावधान जरूर हो जाना चाहिए। कर्म करने में लापरवाही का परिणाम भी सामने आता है। सीखने के लिए एक अवस्था होती है जीवन भर बार-बार गलती कर करके नहीं सीखा जा सकता है।


पूज्य महाराज श्री ने कहा कि जिसके पास जो होता है दूसरे को वही वस्तु दे सकता है। अपने कष्ट और दुख के लिए हम बेवजह भगवान को दोष लगाते हैं। भगवान किसी को दुख या कष्ट दे ही नहीं सकते हैं, क्योंकि उनके पास ना तो दुख है, ना कष्ट है। भगवान के पास कोई बीमारी भी नहीं है तो वह देंगे कहां से? हमारे हाथ में केवल हमारा कर्म है। हमारे कर्म से ही हमारा प्रारब्ध बनता है। कोई भी व्यक्ति किसी और के भाग्य को बदल नहीं सकता है। क्योंकि उसका भाग्य तो उसके अपने ही कर्मों से बना होता है। कर्म का फल हर हाल में खाना होता है और सनातन धर्म विश्वास पर ही टिका है।

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केवट जी को 17 जन्मों के बाद भगवान के पांव पखारने का अवसर मिला था। निषाद राज गुह को लक्ष्मण जी ने राम जी के बारे में बताते हुऐ कहा था -‘‘ आप व्यर्थ में कैकई माता को दोषी मान रहे हैं। कोई चाह कर भी किसी को सुख या दुख नहीं दे सकता है। मनुष्य तो अपने कर्म से ही सुख अथवा दुख पाता है लेकिन हमारे राम जी तो भगवान हैं। भगवान विकारों से रहित हैं और उन्हें कोई सुख अथवा दुख प्रभावित नहीं कर सकता है।“ महाराज जी ने बताया कि मानस में कुल सात गीता हैं और यह प्रसंग गुह गीता के नाम से जाना जाता है। यह प्रसंग हमें बताता है कि सीताराम जी के चरणों में प्रेम रखते हुए और अपने परिश्रम से अर्जित धन का सदुपयोग करने वाले ही सदा सुखी रह सकते हैं। लक्ष्मण जी ने निषाद राज गुह को यह शिक्षण दिया लेकिन उसको पकड़ लिया वहाँ उपस्थित केवट जी ने और अगले दिन उन्होंने भगवान के चरणों में अपनी प्रीत का दर्शन भी करा दिया। प्रभु के चरण पखार कर वह जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो गए।

धरती का संसार भगवान की रचना है और इसकी हर रचना पर भगवान की ही दृष्टि है। भगवान को वही जान पाता है जिसे भगवान स्वयं जनवाना चाहते हैं और भगवान को जान जाने वाला भगवान का ही होकर ही रह जाता है। भगवान ने केवट जी, शबरी जी और निषाद जी को जो सौभाग्य प्रदान किया वह अपने आप में यह बताने के लिए पर्याप्त है कि भगवान कभी भी भगत में जात-पात का भेद नहीं देखना चाहते हैं। धरती के किसी भी मनुष्य के लिए भगवान का गुणगान करने के लिए जाति और कुल का कोई महत्व नहीं होता है। हमारे सनातन सद्ग्रन्थों में यह बार-बार बताया गया है कि जो कोई भी चाहे प्रभु को जप ले और अपना जीवन धन्य कर ले। कोई भी गा ले, फल अवश्य मिलेगा।

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महाराज श्री ने कहा कि भारत की भूमि देवभूमि है, धर्म की भूमि है। यहां धर्म का पालन करने वाले ही सदा सुखी रहते हैं और अधर्म पथ पर चलने वाले लोगों को दुख भोगने ही पड़ते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में सनातन धर्म और परंपरा के साथ कई तरह के खिलवाड़ की घटनाएं हो रही है जो चिंता का विषय है। हमारी संस्कृति धर्म पर आधारित है जैसे तैसे नहीं चलती है। धर्म और परंपराओं का सब विधि से पालन होना चाहिए और तभी समाज का कल्याण संभव है। पूज्यश्री ने कहा कि भगवान अविकारी हैं और मनुष्य अर्थात जीव विकारों से परिपूर्ण है। भगवान और मनुष्य में यही मूल अंतर है। अपने कर्मों के माध्यम से जीव अगर अपने विकारों से रहित हो जाता है या विकारों को कम करना शुरू कर देता है तो वह भगवान के तुल्य होने लगता है। निरंतर सतकर्मों में रहने वाला व्यक्ति ही विकारों से छुटकारा पाता है। 

जानबूझ कर किया गया अपकर्म या पाप मनुष्य का पीछा नहीं छोड़ता है 


पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि जानबूझ कर किया गया अपकर्म या पाप मनुष्य का पीछा नहीं छोड़ता है और उसका फल हर हाल में भोगना ही पड़ता है। अगर ऐसा नहीं होता तो लोग रोज-रोज पाप करते और गंगा जी में नहा कर पाप धो लेते। फिर तो धरती पर कोई पापी बचता ही नहीं। सनातन सदग्रंथों में हर बात की व्याख्या की गई है, हमें इन पर विश्वास रखते हुए जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। महाराज श्री ने अनेक संगीतमय भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी, भजनों का आनन्द लेते रहे। कथा मंच का संचालन तारकेश्वर मिश्र ने किया।



कथा के चौथे दिवस उमड़े श्रद्धालु : अनेक मंत्री ,नेता हुए शामिल

श्रीराम कथा के चौथे दिवस मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक तथा उनके परिवार के साथ कथा श्रवण, श्री रामायण जी व व्यास पीठ के आरती पूजन में महेन्द्र सिंह प्रदेश प्रभारी भाजपा म.प्र.,केबिनेट मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, संभागीय भाजपा प्रभारी श्री गौरव रणदिवे, पूर्व केबिनेट मंत्री पं. गोपाल भार्गव, श्रीमती मालती राय महापौर भोपाल, अवधेशप्रताप सिंह मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष म.प्र., जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम तिवारी, सुश्री प्रियंका बृजबिहारी पटैरिया देवरी, श्रीमती सरोजसिंह राजपूत जिला अध्यक्ष भाजपा टीकमगढ़, सुरेन्द्र सिंह पूर्व राज्यसभा सांसद, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, हरिसिंह रघुवंशी विधायक गंजबासौदा, पूर्व विधायक संजय जैन टप्पू, महेश राय बीना पूर्व विधायक, पूर्व विधायक धरमू राय, पूर्व विधायक तरवर सिंह, पूर्व विधायक सुनील जैन, सतेन्द्रभूषण सिंह भोपाल पूर्व प्रदेश कार्यालय मंत्री भाजपा, महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, मुकेश तिवारी कुरवाई जिला महामंत्री विदिशा, रविकरण त्रिपाठी शहडोल संभागीय अध्यक्ष ब्राह्मण समाज, राजा ठाकुर जिला उपाध्यक्ष किसान मोर्चा उज्जैन, विशाल राजौरिया जिला महामंत्री उज्जैन, अनिल सोनकर जिला महामंत्री विदिशा, पूर्व सपा प्रदेशाध्यक्ष गौरीसिंह यादव, पूर्व मंत्री नारायण कबीरपंथी,  कुलदीप खरे पूर्व जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा भोपाल, सिद्धार्थसिंह बामोरा, ऋषि लोधी दमोह पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा, डॉ. मनोहर सिंह मंडल अध्यक्ष तारादेही दमोह, लखन सिंह बामोरा क्षत्रिय महासभा अध्यक्ष, युवा भाजपा नेता अविराज सिंह, पार्षद श्रीमती रानी अहिरवार, पार्षद श्रीमती रूबी पटेल, पार्षद राजकुमार पटेल, अनुराग प्यासी, राजकुमार पचौरी पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस, डॉ. राकेश शर्मा, श्रीमती वर्षा शर्मा, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष नारायण विश्वकर्मा, रिशांक तिवारी, राजाराज सिंह करैया, नरेन्द्र सिंह पप्पू, बंटी श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, मनीष मिश्रा, वीनू शमशेर जंगबहादुर राणा, अजीत सिंह भैंसा, कृष्णा सिंह महुआखेड़ा, अजीत सिंह चीलपहाड़ी, अवधसिंह लंबरदार, राजेंद्र सिंह दरी, यशवंत करोसिया, मंगलसिंह सागौनी, पार्षद याकृति जड़िया, पार्षद अनूप उर्मिल, पार्षद शैलेश केशरवानी, जाहर सिंह, अनिल हजारी, लक्ष्मण सिंह, संतोष दुबे, नवीन भट्ट, अजय लंबरदार, लल्लू बिलानी, उमेश यादव, शुभम घोषी, राजू तिवारी, श्याम जी दुबे, राकेश चौबे, बाटू दुबे, मनोज शुक्ला, अंकित विश्वकर्मा, प्रदीप पांडे, जित्तू मास्साब, राजीव सोनी, आदित्य सिंह, विजय पटेल, संदीप सिंह, विशाल गुरु, विक्रम सिंह, रावराजा राजपूत, गोलूप्रताप राय, राजेंद्र नामदेव, संजय बापट, राहुल सिंह चौरा, लखन सिंह कुसुमगढ़, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार पचौरी, पप्पू गुप्ता, चक्रेश जैन, नकुल हजारी, सुरेश हसरेजा एवं हरेमाधव टीम सागर एवं खुरई, विवेक शर्मा अध्यक्ष एलएनसीटी कॉलेज भोपाल सहित अनेक गणमान्य जन शामिल रहे। 

कथा स्थल की व्यवस्था में राजपाल सिंह मण्डल अध्यक्ष धनौरा, अनिल पाराशर मण्डल अध्यक्ष बांदरी, नीतेश यादव मण्डल अध्यक्ष बरोदियाकलां, अरविन्द सिंह रामछायरी मण्डल अध्यक्ष मालथौन, राहुल चौधरी मण्डल अध्यक्ष खुरई नगर, रविन्द सिंह राजपूत मण्डल अध्यक्ष खुरई ग्रामीण, जितेन्द्र सिंह धनौरा, रामकुमार बघेल पूर्व मण्डल अध्यक्ष, काशीराम अहिरवार टेलर, राजकुमार अहिरवार सरपंच, राहुलसिंह बाहरपुर, सुजान सिंह लोधी, तेवरी रघुराज सिंह, बरोदियाबामन, रामबाबू सिंह खैरा, रविन्द्र सिंह गंमिरियाबुजुर्ग, नीरज रघुवंशी, चैनसिंह तेवरी, अर्जुन अहिरवार गोलनी, रमन यादव बूधौन, प्रेमसिंह गौड कनेरागौड, राजेन्द्र गौड बसियागौड, शिवराज कुशवाहा कुमरोल, रघुराज सिंह बाहरपुर, नरेन्द्र सिंह धरमपुर, मालकसींग घोषी, बलोप जसवीर सिंह, गढौलाजागीर सुरेन्द्र सिंह धनौरा, उदयसिंह नगदा, सत्यम कुर्मी बेरी, इमरत लोधी मुडिया, सरदार सिंह राजपूत दुगाहाकलां, इमरत सिंह आसौली, वीरसींग प्रजापति, उजनेट, जाहर सिंह चकेरी, गजेन्द्र विश्वकर्मा पथरियाचिंताई, भानूसिंह दुगाहाखुर्द, दशरथ सिंह गंगउवा, रामकुमार सिंह इमलियादुगाहा, सनमान सिंह राजपूत बडराहा, नन्हेभाई गौड मुहांसा, रंजीत सिंह राजपूत पिपरियागौड, अजय सिंह बलउ, सुरेन्द्र सिंह पतराज, राजपाल सिंह राजपूत, धनौरा, बलराम सिंह बाडौली, श्रीमती पुष्पा लोधी गढौलाजागीर, अनिल सेंगर कुमरोल, राकेश यादव हनुमतपहाडी, ऋषि व्यास मुहलीखुर्द, गजेन्द्र सिंह तुरकाई, केशव पाराशर गंभीरियाबुजुर्ग, मनोज राय बेरखेडी, प्रमोद सिंह गौड कनेरागौड, दारा सिंह दांगी बाहरपुर, दीपक यादव बलोप, रामकुमार कटारे गढौलाजागीर, जगदीश कुशवाहा धनौरा, सुनील कुर्मी बेरी, रविन्द्र सिंह रहरोन, बाबू सिंह चकेरी, देवी सिंह ठाकुर पथरियाचिंताई, कोमल चढार दुगाहाखुर्द, विस्तार सिंह बडराहो, मूरत सिंह बलउ, विनोद पटवा, रामाधार शर्मा, अक्षय जैन धनोरा मंडल, रामशास्त्री, गोलू राय, बलबीर सिंह, सुरेन्द्र लोधी, तोरण सिंह सहित सभी व्यवस्था प्रभारी शामिल रहे। 


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आनंद प्राप्ति के लिए स्वयं प्रयास करना पड़ता है, कोई और यह नहीं दे सकता है : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज

आनंद प्राप्ति के लिए स्वयं प्रयास करना पड़ता है, कोई और यह नहीं दे सकता है : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज


तीनबत्ती न्यूज: 02 फरवरी, 2026

सागर: आनंद स्वयं लेना पड़ता है, हमें अन्य कोई आनंदित नहीं कर सकता है। हम अवश्य विचार करें कि हमें देव दुर्लभ मानव शरीर मिला है और सभी अंग अच्छे ढंग से कार्य कर रहे हैं तो इससे बड़ा आनंद और क्या हो सकता है? जहां भगवत चर्चा होती है वहां मनुष्य के साथ ही साथ प्रकृति भी आनंदित हो जाती है और इसकी हमें अनुभूति भी होती है।

उक्त बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा गायन के तीसरे सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए  कहीं।  



सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह जी  के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा गायन के क्रम में कहा कि मनुष्य के जीवन में उत्सव के कई अवसर आते हैं और हर अवसर को उत्साह के साथ मनाने वाला ही आनंद की अनुभूति कर पाता है। आनंद की कोई सीमा नहीं होती है और इसीलिए हिंदी साहित्य में आनंद का कोई विलोम नहीं है आनंद हम उस स्थिति को कहते हैं जब जीव अपने शारीरिक बंधनों से परे हटकर अति सुखदायी स्थिति की अनुभूति करता है।

पूज्य महाराज श्री ने कहा कि आनंद के लिए कोई विशेष परिस्थिति की भी आवश्यकता नहीं होती है। एक ही परिस्थिति में कोई दुख में रहता है तो कोई उसी में आनंद की अनुभूति भी कर लेता है। यह व्यक्ति  के ऊपर निर्भर करता है कि वह किसी भी परिस्थिति को किस प्रकार से स्वीकार कर रहा है। अगर आपके घर में बच्चे हैं, तो आपके पास आनंद प्राप्त करने का एक विशेष साधन प्राप्त है। बच्चों के साथ समय व्यतीत करने वाले अभिभावक सौभाग्यशाली होते हैं, क्योंकि बड़े होकर वही बच्चे पढ़ने के लिए दूर चले ही जाते हैं।


महाराज जी  ने  रामकथा में धनुषभंग और श्री सीताराम विवाह के प्रसंगों का गायन करते हुए कहा कि इस धरा पर प्रभु श्री राम जो चाहते हैं वही होता है। राम जी की मर्जी के बिना संसार में कुछ भी नहीं होता। लेकिन साढ़े तीन हाथ का मनुष्य यह सोचता है कि यह सब मैंने ही किया है। मैं का यह भ्रम ही माया है।  इस माया के वश में मनुष्य यह भी स्वीकार नहीं करता है कि यह भगवान की कृति है। जैसे भी भगवान का साक्षात्कार हो जाए तो जीव को सद्गति प्रदान कर देते हैं भगवान। राक्षसी ताड़का को भी भगवान ने सद्गति ही प्रदान कर दी थी।

निरंतर अभ्यास से ही संस्कार जीवन में अवतरित होता है

पूज्य श्री ने कहा कि आज के विद्यार्थियों में संस्कार की चर्चा होती है। निरंतर अभ्यास से ही संस्कार जीवन में अवतरित होता है। इसे स्वयं सीखना होता है । हमारे उठने -बैठने, सोने, खाने - पीने के तरीके से हमारे संस्कार का पता चलता है। केवल लिखने पढ़ने से संस्कार नहीं आता है, बल्कि संस्कारमय जीवन जीने से आता है। और जो संस्कारमय जीवन जीता है उसका पुण्य वर्धन होता है और उसका सौभाग्य भी बढ़ता है। यही हमारी सनातन संस्कृति है।


सनातन धर्म के सद्ग्रन्थों में बार-बार कहा गया है कि जीवन में अपने श्रेष्ठ की अवहेलना करने वाले खुद ही परिणाम भुगतते हैं। राम चरित मानस से हमें यह भी सीख मिलती है कि हम  अपने श्रेष्ठ या सद्गुरु की  बात  पर भरोसा करना सीखें।  श्रेष्ठ या सद्गुरु ने अगर कोई निर्णय लिया है  तो यह उन्होंने किसी भी परिस्थिति में सबका हित को ध्यान में रखते हुए ही लिया होगा।  उन्होंने कहा कि इस का सबसे सुंदर उदाहरण  रामजी का महर्षि विश्वामित्र के साथ धनुष यज्ञ में जाने का प्रकरण है।  महर्षि ने जब राम जी से पूछा कि धनुष यज्ञ में चलना है क्या? तो  राम जी के पास दो विकल्प थे, आश्रम के यज्ञ की रक्षा हो चुकी थी, तो वह चाहते तो वापस अयोध्या जी भी लौट सकते थे। परंतु उन्होंने  प्रश्न का उत्तर देने की जगह सीधे  मिथिला जाने की तैयारी कर ली।  इसका दूरगामी परिणाम हमें  श्री सीता राम जी के विवाह के रूप में देखने को मिला।


महाराज श्री ने कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी, भजनों का आनन्द लेते हुए झूमते नजर आए। इस आयोजन के मुख्य यजमान एवं विधायक भूपेंद्र सिंह जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी।


ये हुए शामिल

आज के कथा आयोजन में मुख्य यजमान,कथा आयोजक पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह तथा उनके परिजनों के साथ विनोद गोठिया पूर्व पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष, राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के प्रांत पदाधिकारी श्री सुनील देव, डॉ. विनोद मिश्रा कुलपति रानी अवंती बाई लोधी विश्व विद्यालय सागर, रणवीर सिंह रावत प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम तिवारी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह, डा सुशील तिवारी, निगम परिषद अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, सुशील भार्गव, श्रीमती संध्या भार्गव, गौरव सिरोठिया, एसडीएम मनोज चौरसिया, राजेंद्र सिंह दरी, राजकुमार सिंह सुमरेड़ी, बुंदेल सिंह बुंदेला, केशवगिरि जी महाराज, प्रदीप गुप्ता पप्पू, इंदर सिंह ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बीना, कमल सिंह दुधवारा केसली, रणधीर सिंह पटना, विवेक मिश्रा जिला उपाध्यक्ष सागर, जगराम सिंह यादव पूर्व मंडी अध्यक्ष पिछोर, शिवराज सिंह छापरी ,मंगल सिंह दादा बंडा, नत्थू सिंह बंडा, नरेन्द्र सिंह बामोरा, सतेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, शिवकुमार सिंह बीना, उत्तम सिंह बामोरा, डॉ. तुषार मिश्रा चिकित्सा व्यवस्था, राजपाल सिंह टीम मंदिर व्यवस्था, नीतेश यादव मंदिर व्यवस्था, राजकुमार सिंह ढाना टीम मंदिर व्यवस्था, रामकुमार पटेल (पार्षद), श्रीमती रूबी पटेल पार्षद टीम महिला पंडाल व्यवस्था, पंडाल बैठक व्यवस्था, नरेश यादव पार्षद, सोमेश जड़िया, पार्षद शैलू जैन, अनुराग प्यासी, राजपाल सिंह, अनिल पाराशर, नीतेश यादव, अरविंद सिंह लोधी, रविन्द्र सिंह राजपूत, बांदरी नपं अध्यक्ष श्रीमती मीना कुशवाहा, सुरक्षा व्यवस्था में वीरेंद्र बहादुर सिंह, पार्षद सूरज घोषी, के.के गुर्जर टीम बीआईपी व्यवस्था, वीरेन्द्र सिंह राजपूत (सचिव अधिवक्ता संघ) मंच व्यवस्था, राजीव सोनी, पुष्पेंद्र तोमर अटा मंच व्यवस्था, आनंद ददरया मंच व्यवस्था, मानसिंह दांगी मंडल अध्यक्ष पृथ्वीपुर, आशुतोष अग्रवाल जिला अध्यक्ष उपरिया, मिथलेश प्यासी, अंकित विश्वकर्मा, अवधेश जैन जैसीनगर, श्रीमती प्रीति सिंह, उमेश यादव, शुभम घोसी,संतोष तिवारी बम्होरी हुड्डा, देवेंद्र सिंह बुंदेला, संदीप सिंह, रामकुमार बघेल, राजू तिवारी, गणेश सेन, मनीष चौबे, शरद जैन, राजीव सोनी, वीरचन्द जैन ने रामायणजी और व्यासपीठ की आरती में हिस्सा लिया। सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने नवनिर्मित दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर और राधाकृष्ण भगवान के मंदिर में दर्शन किए।


श्री राम कथा व्यवस्था सहयोगियों में राजपाल सिंह राजपूत, नरेन्द्र द्विवेदी, कोमल यादव, राजकुमार राय, अरविंद सिंह बिलैया, बलवीर सिंह राजपूत, अजय सिंह, सुरेन्द्र सिंह लोधी, संतोष तिवारी, महेश पाराशर, इन्द्रपाल सिंह राजपूत, राजेन्द्र यादव, सिरनाम सिंह तोमर, प्रवीण जैन गढ़ोला, जमना प्रसाद अहिरवार जनपद अध्यक्ष, सुरपाल यादव, निरंजन सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह तोमर, गोलू राय, चुन्नीलाल कुशवाहा, काशीराम टेलर, राहुल सिंह ठाकुर, अखिलेश पंडा, काशीराम टेलर, जितेन्द्र सिंह, बलराम सिंह, कल्यण सिंह, अजमेर सिंह लोधी, प्रताप सिंह, उदय भान सिंह, हल्के भाई, संदीप वैध, ऋषिकांत व्यास, सम्मर सिंह पार्षद, दुर्ग सिंह पार्षद, विक्रम अहिरवार पार्षद, रामकृपाल पटैरिया, दयाराम चौरसिया पार्षद, पुष्पेन्द्र सिंह, चंदन सिंह गौड़, विकास पांडे, शुभम तिवारी, भगवान दास राय, आर.सी.दुबे, ताहर सिंह यादव, तोरण सिंह राय, पुष्पेन्द्र सिंह परिहार, द्वारका कुशवाहा, मुकेश राय, लोकेन्द्र सिंह राजपूत, रामराजा सिंह बनखिरिया, ओमप्रकाश सिंह, ब्रजभूषण पटेल, भुजवल सिंह, राघुराज सिंह, बालकिशन पटेल, यदुपाल यादव, अरविंद लोधी, गजेन्द्र यादव, अमोल सिंह लोधी, दुर्गेश दुबे, राजपाल यादव, संतोष राय, भरत तिवारी, शैलेन्द्र जाट, रामरतन यादव, दिनेश यादव, वीरेन्द्र सिंह, कृपाल सिंह घोषी, रामपाल सिंह घोषी, रतिराम ठाकुर, धर्मेन्द्र लोधी, उदल सिंह ठाकुर, बालकदास यादव, गनेश आदिवासी, गजेन्द्र यादव, रामेश्वर यादव शिवराज सिंह, रविन्द्र सिंह बुदेला, रहीसराम सिंह, अंशुल नामदेव राजा सिंह ठाकुर सौरभ साहू महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।

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शासकीय शिक्षक के वर्षों से गुमे शासकीय अभिलेख कराए उपलब्ध कमिश्नर ने

शासकीय शिक्षक के वर्षों से गुमे शासकीय अभिलेख कराए उपलब्ध कमिश्नर ने



तीनबत्ती न्यूज :  02 फरवरी 2026
सागर
: संभाग कमिश्नर श्री अनिल सुचारी की संवेदनशीलता से शासकीय शिक्षक श्री संजय कुमार गुप्ता के वर्षो से गुमे शासकीय अभिलेख एवं लेखा पुस्तिका सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त हो गये। संकुल केन्द्र जैसीनगर में पदस्थ शिक्षक संजय कुमार गुप्ता ने मान. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार शासकीय सेवन जैसीनगर में कार्यभार ग्रहण कर लिया। बता दे कि तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत जैसीनगर ने उन्हें पद से पृथक कर दिया था। कार्यभार गृहण करने के एक वर्ष उपरांत ही उन्हें सेवा पुस्तिका एवं अन्य शासकीय दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए जिससे उन्हें वेतन सहित अन्य लाभ प्राप्त होने में असुविधा हो रही थी। शिक्षक ने सीइओ जैसीनगर कार्यालय में उक्त दस्तावेजों कीे प्राप्ती हेतु पत्राचार किया फिर भी उन्हें दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए। और उन्हें बताया गया कि उनके दस्तावेज संभाग आयुक्त कार्यालय भेजे गए थे, शिक्षक श्री गुप्ता ने कमिश्नर कार्यालय में आवेदन किया उक्त आवेदन पर संभागायुक्त ने गंभीरता से संज्ञान लिया एवं पाया गया कि श्री गुप्ता के दस्तावेज सीइओं जनपद पंचायत जैसीनगर कार्यालय वापिस भेज दिए गए है।
कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने तत्काल सीइओं जनपद पंचायत जैसीनगर को निर्देशित किया कि शिक्षक श्री संजय कुमार गुप्ता की सेवा पुस्तिका सहित सभी शासकीय दस्तावेज रिकार्ड से उपलब्ध कराएं जाए । संभागायुक्त के निर्देश पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सीईओ जनपद पंचायत जैसीनगर ने शिक्षक श्री संजय कुमार गुप्ता के समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराएं । जिसके लिए शिक्षक ने संभाग कमिश्नर का  आभार माना।
 
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पोषण ट्रैकिंग में प्रगति न लाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई : कमिश्नर ने सागर, टीकमगढ़, दमोह एवं पन्ना के परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

पोषण ट्रैकिंग में प्रगति न लाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई : कमिश्नर ने सागर, टीकमगढ़, दमोह एवं पन्ना के परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश 



 तीनबत्ती न्यूज : 02 फरवरी 2026

सागर: कुपोषित बच्चों को पोषणयुक्त भोजन के साथ पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज सुनिश्चित करने, श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने, पोषण ट्रैकिंग में प्रगति न लाने पर सागर, टीकमगढ़, दमोह एवं पन्ना के परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के नोटिस जारी करने तथा गर्भवती माताओं के सभी परीक्षण समय पर कराने के निर्देश संभाग आयुक्त श्री अनिल सुचारी ने मासिक समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त श्री राजेश शुक्ला सहित स्वास्थ्य, श्रम एवं महिला-बाल विकास विभाग के संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने सागर संभाग के समस्त स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों तथा महिला एवं बाल विकास एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर से बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सागर संभाग के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मरीजों, महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर उपचार एवं संदर्भ सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली रोगी कल्याण समिति एवं पोषण समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से निर्धारित समय-सीमा में आयोजित की जाएं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण समय-समय पर सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संदर्भ सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। महिलाओं में एनीमिया एवं ब्लड प्रेशर की जांच तथा उपचार की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।

संभाग आयुक्त सुचारी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर मध्यान्ह भोजन एवं नाश्ते के बीच पर्याप्त अंतर रखा जाए तथा पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने श्रम विभाग को ई-स्कूटर योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबल योजना एवं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अंत्येष्टि सहायता, सामान्य मृत्यु, दुर्घटना मृत्यु एवं स्थायी अपंगता की स्थिति में देय राशि समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


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Sagar: मामूली विवाद पर एक लड़के की हत्या : सीने में मारा कटर

Sagar: मामूली विवाद पर एक लड़के की हत्या : सीने में मारा कटर 



तीनबत्ती न्यूज: 02 फरवरी ,2026

सागर : सागर शहर में आपसी विवाद में 17 वर्षीय किशोर की हत्या का मामला सामने आया है। घटना दीनदयाल तिगड्डा के पास हुई, जहां गाली-गलौज को लेकर हुए विवाद में एक नाबालिग ने दूसरे नाबालिग के सीने पर कटर मार दिया। मृतक की पहचान सूबेदार वार्ड निवासी अंकुश अहिरवार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार, अंकुश अहिरवार (17) रविवार रात दीनदयाल तिगड्डा के पास अपने एक परिचित नाबालिग के साथ बैठा था। इसी दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और वे एक-दूसरे को गालियां देने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने कटर लगने से अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने तुरंत अपनी मां रेखा बाई को फोन लगाया और बताया कि "मेरा विवाद हो गया है।"

घटना के बाद अंकुश के साथी उसे बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि आपसी विवाद में धारदार हथियार से हमला कर नाबालिग की हत्या की गई है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मृतक और आरोपी आपस में परिचित थे।

पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की।  यह घटना सागर में आपसी विवाद और हिंसा की बढ़ती घटनाओं को दर्शाती है, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी को सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

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मनुष्य को भटकने से बचाता है सत्संग : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ▪️पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिंध्य में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न : दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन प्रारंभ

मनुष्य को भटकने से बचाता है सत्संग : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज

▪️पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिंध्य में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न :  दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन प्रारंभ


तीनबत्ती न्यूज: 01 फरवरी, 2026

सागर। सत्संग तो अपने घर से ही प्रारंभ होना चाहिए। जैसे मां भगवती ने प्रश्न किया और भोले बाबा ने पूरी राम कथा सुना दी। सत्संग का अर्थ होता है सत्य का संग। जिस घर में सत्संग का प्रवेश हो जाता है सत्संग का वातावरण बन जाता है वह घर अपने आप  मंदिर के रूप में परिवर्तित हो जाता है। सत्संग मनुष्य को भटकने से बचा लेता है। यह वचन सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के दूसरे सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए व्यक्त किए।  


सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह जी  के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा गायन के क्रम में कहा कि जो आपके लिए सत्संग का अवसर पैदा कर दे, आपको कथा में पहुंचा दे आपको तीर्थ में जाने का अवसर प्रदान कर दे, उसका भरपूर आदर करना चाहिए।  सत्संग का अवसर देने के लिए भोले बाबा ने मां भगवती की भी खूब प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि श्री राम कथा मनुष्य को सुखी जीवन के मार्ग और साधन प्रदान करती है। इस कलिकाल में राम कथा मनुष्य को पाप से बचाने के लिए कलमषी वृक्षों को काटने के लिए कुल्हाड़ी का कार्य करती है। कथा श्रवण करने वाला भटकने से बच जाता है और सत्कर्म में उसकी गति हो जाती है। मनुष्य अगर सत्संग और कथा  में रहते हुए अपने सभी सांसारिक दायित्वों का निर्वाह करें तो उनकी मति और गति अपने आप सत्कर्मों में होने लगती है।


महाराज श्री ने कहा कि भारत की पुण्य भूमि पर ही भगवान का अवतार होता रहा है। कभी अंशा अवतार तो कभी विशिष्ट अवतार और तो कभी पूर्णावतार के रूप में भगवान इस धरती पर आकर इस धरती  को धन्य करते रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि हमने इस धरती पर जन्म लिया है। दुनिया के किसी भी देश में भारत के तरह बच्चों को महत्व नहीं मिल पाता है यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे भारतवर्ष के बच्चे ममता की छांव में पलते हैं। पूज्यश्री ने कहा कि भगवान को तर्क से नहीं जाना जा सकता है। पूज्य महाराज श्री ने कहा कि निरंतर भजन में रहने वाले की कभी मृत्यु नहीं होती है। इसलिए सामान्य व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने जीवन के सभी क्रियाओं में संयुक्त रहते हुए भजन में भी प्रवृत्त हों। महाराज जी का सत्कर्म सोचने से नहीं होता है सत्कर्म के लिए सोचने वाले सोचते रह जाते हैं लेकिन करने वाला तुरंत उस कार्य को पूरा कर लेता है। जीवन में सफल होने का एक महत्वपूर्ण सूत्र यह भी है कि अगर हमारा सोचा हुआ कोई कार्य हो जाए तो उसे हरि कृपा माने और अगर ना हो तो उसे हरि इच्छा मान लें।

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अपने परमार्थ पथ का उत्तराधिकारी कोई-कोई बना पाता है

पूज्यश्री ने कहा कि मनुष्य अपने अर्थ और संपत्ति का उत्तराधिकारी तो बना जाता है लेकिन अपने परमार्थ पथ का उत्तराधिकारी कोई-कोई बना पाता है। प्रेमभूषण जी महाराज ने श्री राम कथा गायन के क्रम में श्री राम के मानव शरीर धारण करने के कारणों और प्राकट्य से जुड़े प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि अपने जीवन काल में ही हमें अपने परमार्थ पथ का उत्तराधिकारी तैयार करने की आवश्यकता है, तभी तो कई पीढ़ियों तक परमार्थ चलता रहता है। महाराज श्री ने कहा कि राम जी की भक्ति प्राप्त करने के लिए हमें शिव जी की कृपा प्राप्त करनी पड़ती है।


पूज्य श्री ने कहा कि जिस विषय का प्रबोधन ना हो उसे विषय में संबोधन नहीं करना चाहिए। उत्तर प्रदेश के एक राजनेता ने रामचरितमानस और तुलसी बाबा की बार-बार निंदा की और कई तरह के कुवचन कहे। जो बोया था आज काट रहे हैं। चारों तरफ थू-थू हो रही है। प्रकृति किसी को भी क्षमा नहीं करती है। सनातन धर्म और संस्कृति किसी एक व्यक्ति की बनाई हुई नहीं है। सबसे अधिक अत्याचार सनातन धर्म पर ही होते आए हैं फिर भी हमारे संस्कृति पूरे विश्व में अपना सर्वोच्च स्थान बनाये रखने में सक्षम है। जीवन में सदा सुखी रहने का सूत्र बताते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा कि जीवन में सुख और शांति चाहते हैं तो हमें भगवान की शरणागति के साथ ही साथ प्रेम और शांति का अनुसरण करना चाहिए। किसी को भी शांत कराया नहीं जा सकता है। शांत केवल खुद के प्रयासों से ही  रहा जा सकता है। जगत के व्यवहार में भी आप कुशलतापूर्वक रहे लेकिन ईश्वर में प्रेम निरंतर प्रगाढ़ होते रहना चाहिए। केवल प्रेम ही राम को प्रिय है। वह राम का स्वरूप भी है, कृष्ण जी का भी स्वरूप है और इसीलिए निर्मल प्रेम ही अलौकिक है।


मंत्री राकेश सिंह ने की आरती

महाराज श्री ने कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी, भजनों का आनन्द लेते हुए झूमते नजर आए। इस आयोजन के मुख्य यजमान एवं विधायक भूपेंद्र सिंह जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और राज्य के मंत्री राकेश सिंह एवं सागर के विधायक शैलेन्द्र जैन ने भगवान की आरती उतारी। तत्पश्चात युवा नेता अविराज सिंह ने शिवतांडव स्त्रोत को कंठस्थ सस्वर सुनाया।


पूज्य श्री रावतपुरा सरकार की उपस्थिति में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न, दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन प्रारंभ


प्रातः काल से आरंभ हुए प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों के पश्चात रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी की अलौकिक मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम पूरे विधि विधान से पूज्य संत श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। मंदिर के शिखर पर क्रेन के द्वारा धर्म ध्वजा स्थापित की गई। पूज्य पं प्रेमभूषण महाराज जी,श्री रावतपुरा सरकार जी, मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने परिजनों व श्रद्धालुओं सहित दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर के दर्शन किए। इस प्रकार सभी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हनुमान जी मंदिर खोल दिया गया जिसमें पहले ही दिवस हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन किए और प्रसादी ग्रहण की।



श्रीराम कथा आयोजन के द्वितीय दिवस हनुमानजी के परमभक्त पूज्य श्री रावतपुरा सरकार जी स्वयं कथा श्रवण हेतु मंच पर विराजमान रहे। उन्होंने व्यासपीठ को प्रणाम किया। कथावाचक पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि यह दूसरा कथा आयोजन है जिसमें ऐसा सुअवसर आया है जब श्री रावतपुरा सरकार जी उनकी कथा श्रवण हेतु पधारे हैं।

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ये हुए शामिल

मध्यप्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी मंत्री  राकेश सिंह, मप्र पिछड़ा भाजपा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष पवन पाटीदार, सागर के विधायक  शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक  वीरेंद्र सिंह, बीना विधायक निर्मला सप्रे, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू केसरवानी, कुरवाई से पूर्व विधायक श्री वी सिंह पवार, महापौर प्रतिनिधि डा सुशील तिवारी, संजय बापट बीना, खुरई नपा अध्यक्ष श्रीमती नन्हीं बाई अहिरवार, मालथौन नपं अध्यक्ष जयंत सिंह बुंदेला, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती संध्या भार्गव, संदीप सिंह बासोदा नपा उपाध्यक्ष, खुरई नपा उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, समाजसेवी अनिरुद्ध पिंपलापुरे, डा निकिता पिंपलापुरे, डा अनिल तिवारी, नीरज मुखारया, किन्नर समाज मुखिया रानी ठाकुर, राजकुमार सिंह धनौरा, रुद्रप्रताप सिंह, लक्ष्मण सिंह, आशीष पटेरिया सहित बड़ी संख्या में अतिथि गण एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।



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Surya Gochar In Kumbh Rashi 2026 : 13 फरवरी 2026 को सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश : इन राशियों पर पड़ेगा असर

Surya Gochar In Kumbh Rashi 2026 : 13 फरवरी 2026 को सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश : इन राशियों पर पड़ेगा असर


तीनबत्ती न्यूज: 01 फरवरी, 2026

वर्तमान में सूर्य मकर राशि में चल रहे हैं  । मकर राशि में सूर्य का प्रवेश 14 जनवरी को प्रातः काल 3:06 पर हुआ था  ।  यह दिन मकर संक्रांति कहलाता है । चिंता हरण जंत्री के अनुसार मकर राशि से सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश 13 फरवरी को प्रातः काल 4:08 पर होगा । लाला रामस्वरूप पंचांग के अनुसार यह प्रवेश 13 फरवरी को 8:26 दिन से होगा  । पुष्पांजलि पंचांग के अनुसार सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश 13 फरवरी को प्रातः 4:05 पर होगा । हम सभी जानते हैं कि विभिन्न पंचांगों में यह समय अलग-अलग होगा । उस समय कुंभ राशि में पहले से ही बुध ,  शुक्र और राहु विराजमान होंगें । इन सब का मिला-जुला असर आप पर और विश्व पर पड़ेगा । 

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कुंभ राशि का स्वामी शनि है जो की भगवान सूर्य के पुत्र हैं  ।  परंतु उनसे शत्रु भाव रखते हैं । जिसके कारण कुंभ राशि में सूर्य काफी कमजोर होंगे  । इसी राशि में राहु के भी  होने के कारण सूर्य पर ग्रहण भी पड़ेगा तथा वे  और कमजोर हो जाएंगे । सूर्य के इस गोचर का विभिन्न राशियों पर क्या असर पड़ेगा उसको मैं पंडित अनिल पांडे अब आपको बताने जा रहा हूं । इस वीडियो के अंत में सूर्य के कमजोर होने से होने वाले नुकसान से बचने के उपाय के बारे में चर्चा कीजाएगी ।

मेष राशि:-

धन आने का मामूली योग है । संतान को लाभ हो सकता है। संतान का आपके सहयोग मिल सकता है । 

वृष राशि:-

आपके माता जी को स्वास्थ्य लाभ हो सकता है ।  पिताजी को कष्ट संभव है । कार्यालय में आप सावधान रहे। 

मिथुन राशि:-

भाग्य से मिलने वाले लाभ के बारे में कमी आएगी आपके पराक्रम में और क्रोध में वृद्धि संभव है ।

कर्क राशि:-

धन आने का योग है । दुर्घटनाओं से आपको सतर्क रहना चाहिए  ।  

सिंह राशि:-

आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा ।  

जीवनसाथी के स्वास्थ्य में समस्या हो सकती है  ।

कन्याराशि:-

कचहरी के कार्यों में सावधानी पूर्वक कार्य करने से लाभ हो सकता है परंतु आपको रिस्क नहीं लेना चाहिए । शत्रु बढ़ेंगे ।

तुला राशि:-

धन आने की उम्मीद है । आपके संतान को कष्ट हो सकता है । संतान का सहयोग आपको प्राप्त नहीं हो पाएगा । 

वृश्चिकराशि:-

कार्यालय में आपको लाभ हो सकता है।  प्रतिष्ठा में कमी संभव है । माता जी को कष्ट हो सकता है ।

धनु राशि:-

 भाग्य से मदद मिल सकती है। क्रोध में वृद्धि होगी । भाइयों से तनाव संभव है ।

मकर राशि:-

दुर्घटनाओं से आपका बचाव हो सकता है ।  धन आने की मात्रा में कमी होगी । 

कुंभ राशि:-

आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में लाभ हो सकता है ।  आपके आत्मविश्वास में कमी आएगी । आपको मानसिक कष्ट के प्रति सावधान रहना चाहिए । 

मीन राशि:-

शत्रु शांत रहेंगे। अगर आप विशेष प्रयास करेंगे तो पराजित भी कर सकते हैं । कचहरी के कार्यों में आपको रिस्क बिल्कुल नहीं लेना चाहिए ।

अब मैं आपसे सूर्य के कुंभ राशि में गोचर के कारण होने वाले कष्टों को समाप्त करने या कम करने के लिए उपाय बताता हूं ।  इसके लिए आपको आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए  । इसके अलावा तांबे के पात्र में जल अक्षत और लाल पुष्प लेकर भगवान सूर्य को जल अर्पण करना चाहिए । किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेकर आपको माणिक्य  धारण करना चाहिए ।

ध्यान दें कि यह सामान्य भविष्यवाणी है  । अगर आप व्यक्तिगत और सटीक भविष्वाणी जानना चाहते हैं तो आपको मुझसे दूरभाष पर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए । मां शारदा से प्रार्थना है या आप सदैव स्वस्थ सुखी और संपन्न रहें।


जय मां शारदा।

 निवेदक:-

पण्डित अनिल कुमार पाण्डेय

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता

प्रश्न कुंडली  और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ

साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया , 

सागर  (मध्य प्रदेश) , पिन कोड:-470004

मोबाइल नंबर :-8959594400

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