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अतिथि विद्वानों के साथ सरकार, जो संभव होगा करेंगे: सीएम मोहन यादव

अतिथि विद्वानों के साथ सरकार, जो संभव होगा वह करेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


तीनबत्ती न्यूज:10 जुलाई, 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार अतिथि विद्वानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनके कल्याण के लिए जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा। उन्होंने अतिथि विद्वानों को शिक्षा के मंदिर का "पुजारी" बताते हुए कहा कि वे देश और प्रदेश के भविष्य को गढ़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले गठित समिति विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करे, सरकार उस पर सकारात्मक विचार करेगी।



"अतिथि विद्वान केवल पद नहीं, भविष्य के निर्माता"

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु ही समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि अतिथि विद्वान किसी रिक्त पद की पूर्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे पहले पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए और नए विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूलों में ड्रॉप आउट दर लगभग शून्य है और अब शिक्षा व्यवस्था नवाचार, संवेदना और नैतिक मूल्यों पर आधारित हो रही है।

अतिथि विद्वानों के लिए कई सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अतिथि विद्वानों को 13 आकस्मिक और 3 ऐच्छिक अवकाश की सुविधा दी है। महिला अतिथि विद्वानों को प्रसूति अवकाश और वर्ष में एक बार स्थानांतरण की सुविधा भी प्रदान की गई है। लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक भर्ती में 25 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं और आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

2029 तक नशामुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिलने के बाद अब सरकार नशे के खिलाफ अभियान को तेज करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। महिला अतिथि विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश, स्थान परिवर्तन की सुविधा और फॉल-आउट की स्थिति में दोबारा कार्य करने के अवसर जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि अतिथि विद्वानों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है।

सम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी कहा कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


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