छतरपुर: फर्जी दिव्यांगता का मामला, जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक की सेवा की निरस्त
तीनबत्ती न्यूज: 05 जुलाई, 2026
छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ दिव्यांग आरक्षण के तहत नियुक्त एक प्राथमिक शिक्षक की सेवा को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई शिक्षक की दिव्यांगता प्रतिशत मानक से काफी कम पाए जाने के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
डीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दमोह जिले की बटियागढ़ तहसील के ग्राम लुकायन (पोस्ट बकायन) निवासी सुरेंद्र पटेल (पिता श्री ऋषि कुमार पटेल, रोल नंबर 22769673) की नियुक्ति 30 मार्च 2023 को शासकीय केंद्रीय प्राथमिक शाला, बक्सवाहा में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुई थी। सुरेंद्र पटेल को यह नियुक्ति दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत श्रवण बाधित (HH - Hearing Handicapped) कोटे से मिली थी।
यह भी पढ़ें: MP News: स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,017 नव-नियुक्त शिक्षकों को जारी किए नियुक्ति आदेश
जांच में खुली पोल: केवल 23% पाई गई दिव्यांगता
नियुक्ति आदेश के प्रावधानों के तहत जब संबंधित शिक्षक का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया गया, तो मामला संदिग्ध पाया गया। जिला मेडिकल बोर्ड, छतरपुर द्वारा मामला संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर को रेफर किया गया था।
संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर द्वारा 18 जून 2026 को प्रस्तुत की गई प्रमाणीकरण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि सुरेंद्र पटेल की श्रवण बाधित दिव्यांगता केवल 23 प्रतिशत ही है। इसके साथ ही मेडिकल बोर्ड ने उन्हें शासकीय सेवा के लिए 'अनफिट' प्रतिवेदित किया।
यह भी पढ़ें: साप्ताहिक राशिफल 6 से 12 जुलाई 2026 | सभी 12 राशियों का भविष्यफल ▪️पंडित अनिल कुमार पाण्डेय
नियम क्या कहता है?
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के नियमों और शासकीय प्रावधानों के अनुसार, दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी में कम से कम 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता होना अनिवार्य है। सुरेंद्र पटेल की दिव्यांगता निर्धारित न्यूनतम सीमा से 17% कम पाई गई।
सुनवाई में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा अभ्यर्थी सुरेंद्र पटेल को 29 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने (सुनवाई का) अवसर दिया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिक्षक अपनी दिव्यांगता के संबंध में कोई ठोस या संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर सके।
यह भी पढ़ें: 40 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मनोज श्रीवास्तव सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई
तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त
शिक्षक द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक न होने और दिव्यांग श्रेणी में पात्रता की शर्तों को पूरा न करने के कारण, जिला शिक्षा अधिकारी (और डिप्टी कलेक्टर) कौशल सिंह ने आदेश जारी कर सुरेंद्र पटेल की प्राथमिक शिक्षक पद पर की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें