★ कोरोना योद्धा डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार को 50 लाख रूपए की सहायता
Editor: Vinod Arya | 94244 37885
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की ★ विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम लेकर सागर जाएं ★ कोरोना योद्धा डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार को 50 लाख रूपए की सहायता ★प्रकरण कम हैं, वैवाहिक आयोजनों पर न लगाए जाएं अनावश्यक प्रतिबंध
★ कोरोना योद्धा डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार को 50 लाख रूपए की सहायता
जिला शिक्षा कार्यालय और संगीत महाविधालय में चोरी करने वाले पुलिस की गिरफ्त में
मुनगा की कौसों की कड़ी का न्यौता दिया मुख्यमंत्री को, सागर के स्वसहायता समूह की महिलाओं ने
सागर । स्वयं सहायता समूहों के 150 करोड़ रूप्ये के वर्चुअल ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 5 जिलों से की महिलाओं से सीधे बात-चीत की थी। इस बातचीत में सागर जिले की ग्राम आमेट की लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह एवं प्रार्थना स्वयं सहायता समूह की महिलायें भी मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत के लिए चयनित थीं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों के संचालन की प्रशंसा करते हुए अपनी बातचीत में कहा कि प्रदेश की हमारी बहिनें आत्म विश्वास के साथ गरीबी के विरूद्ध अपनी जंग लड़ रहीं हैं और आजीविका मिशन के माध्यम से उन्होंने अपनी आमदनी को बढ़ाने के रास्ते खोजें हैं। चर्चा के इसी तारतम्य में महिलाओं को उन्होंने अपने प्रवास के दौरान अपनी गतिविधियों को भी दिखाने को कहा इस पर ग्राम आमेट की श्रीमती द्रोपदी देवी ने मुख्यमंत्री को सागर आने का न्यौता दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने पूछा की क्या बहिनें अपने मुख्यमंत्री भाई को भोजन भी करायेंगी। द्रोपदी ने कहा कि - भैया तुम तो आमेट आओ हम तुम्हें मुनगो की कौसों की कड़ी बनाके खोआ हैं। अपने प्रस्तुतिकरण में भी द्रोपदी ने बताया कि उसने किस प्रकार बीड़ी मजदूरी को छोड़कर लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह और संगम ग्राम संगठन की मदद से 7 से अधिक वार लोन लिया और आज वे प्रतिदिन 35 से 40 लीटर दूध बेचकर न केवल अपने परिवार को आर्थिक स्वावलंबी बनाया ब्लकि अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी दुग्ध पालन के लिए प्रेरित कर उनके आर्थिक बदलाव के लिए रॉल मॉडल बनीं। इसी वर्चुअल चर्चा में आजीविका मिशन की सहायता से आरसेटी में प्रशिक्षण प्राप्त युवती सीता ने ब्यूटी पार्लर के काम को व्यवसायिक स्वरूप दिया। मामा ब्यूटी पार्लर के नाम से संचालित अपने कारोबार को मुख्यमंत्री से चर्चा में सीता ने बताया कि चूकी- मामाजी तुमने हमें आजीविका मिशन से मदद करवाई, प्रशिक्षण लेवे को मौका दओ और व्हीएसडब्ल्यू कोर्स करवे में भी मदद मिली ऐइसे हमने अपने ब्यूटी पार्लर को नाम मामा ब्यूटी पार्लर रखो है। मुख्यमंत्री ने सीता के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की और ब्यूटी पार्लर के नाम को उनके नाम पर रखे जाने पर मुख्यमंत्री के साथ बैठे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार एसीएस श्री मनोज श्रीवास्तव, सीईओ एमपी एसआरएलएम श्री एलएम बेलवाल ने मुख्यमंत्री के साथ जमकर ठहाके लगाये। गांव की श्रीमती अशोकरानी, संझली बहू, रजनी, लक्ष्मी कुर्मी, रामरानी, सब्बो ने मिलकर मुख्यमंत्री को कार्तिक मास के अवसर पर एक बुन्देली दादरा भी सुनाने का आग्रह किया जिस पर मुख्यमंत्री ने उनका पूरा गीत गंभीरता से सुना और खुशी व्यक्त की।
महिलाओं से चर्चा करने में मुख्यमंत्री महोदय ने कहा-
ग्राम आमेट की महिलायें सागर जिले के लिए उदाहरण बन गई हैं। द्रोपदी जैसी महिलाओं ने जो मजदूरी करतीं थीं समूह की ताकत को जानकर और बैंक में अपनी साख बनाकर अपनी प्रगति का रास्ता खोला है। मुख्यमंत्री महोदय ने महिलाओं से बुन्देलखण्डी में दागरा गीत भी सुना। द्रोप्ती के ठेठ बुन्देली संवादों को सुनकर मुख्यमंत्री महोदय भी बुन्देलखण्डी में संवाद करने लगे थे। इस वर्चूअल चर्चा के दौरान ग्राम आमेट में महिला समूहों के बीच डॉ इच्छित गढ़पाले मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भी उपस्थित रहे। उन्होंने महिलाओं से समूहों के माध्यम से संचालित गतिविधियों के बारे में चर्चा की साथ ही पंचायत स्तर पर चल रहे मनरेगा के अंतर्गत विभिन्न कार्यों गुणवत्ता के बारे में उपस्थित महिलाओं से जानकारी ली। डॉ. गढ़पाले ने महिलाओं को बताया कि वे अब किसी बड़े संयंत्र की स्थापना का नियोजन तैयार करें इसके लिए वे स्वयं राज्य शासन स्तर पर हर संभव मदद के लिए प्रयास करेंगे। संवाद के दौरान डॉ. गढ़पाले ने महिलाओं से अपनी बात को यथार्थ रूप में बताने का भी आग्रह किया और वर्तमान कोरोना संकट से बचाव के उपायों के बारे में उन्हांने उपस्थित जनसमुदाय को जानकारी दी। कार्यक्रम में हरीश दुबे, जिला परियोजना प्रबंधक, अनूप तिवारी जिला प्रबंधक, ब्रजेन्द्र नामदेव जिला प्रबंधक, डॉ. वीरेन्द्र कोरी ग्राम नोडल भी उपस्थित थे।
नौरादेही अभ्यारण : प्रभावित लोगों का शत-प्रतिशत होगा विस्थापन : कलेक्टर
सागर.। सागर जिले की देवरी और रहली विकासखंड के अंतर्गत आने वाले नौरादेही अभ्यारण के तहत प्रभावित परिवारों का शत-प्रतिशत विस्थापन किया जाएगा। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री दीपक सिंह ने शुक्रवार को नौरादेही अभ्यारण के तहत आयोजित शिविर में ग्राम घमरा पठार में दिए। इस अवसर पर डीएफओ श्रीमती राखी नंदा, एसडीएम श्री आर.के. पटेल, श्री अरुण जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजब सिंह ठाकुर, डीपीसी श्री राजकुमार असाटी, तहसीलदार श्री यशवंत सिंह कार्यपालन अधिकारी श्री सीताराम मिश्रा सहित अधिकारी एवं प्रभावित परिवार मौजूद थे।
इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सिंह ने कहा कि प्रभावित परिवारों का शत-प्रतिशत विस्थापन किया जाएगा। जिसके तहत आज शिविर में खंड स्तरीय शिविर के पश्चात यह शिविर आयोजित किया गया है। विस्थापन के बारे में घमरा पठार के 7 प्रकरण, जोगीपुरा के क्षेत्र 6 प्रकरणों की समीक्षा की गई और सुनवाई कर निराकरण किया गया। जोगीपुरा में प्रकरणों को अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई की गई थी। जिसमें परिसंपत्तियों का मूल्यांकन प्रतिवेदन खंड स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत हितग्राहियों की भूमि पर खड़े वृक्षों का मूल्यांकन एवं वन मंडल अधिकारी द्वारा पूर्ण किया गया।
सागर : भाजपा की हरिसिंह गौर मंडल की कार्यकारिणी घोषित
सागर : भाजपा की हरिसिंह गौर मंडल की कार्यकारिणी घोषित
सागर। भारतीय जनता पार्टी सागर के हरिसिंह गौर मंडल के अध्यक्ष श्री मनीष चौबे ने भारतीय जनता पार्टी के संभागीय संगठन मंत्री केशव सिंह भदोरिया, मध्य प्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव, मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह एवं सागर नगर के विधायक शैलेंद्र जैन और पार्टी के जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया की सहमति से भारतीय जनता पार्टी के हरिसिंह गौर मंडल की कार्यकारिणी घोषित की जो निम्नानुसार है ।
डॉ गौर जयंती पर अनेक कार्यक्रम आयोजित
डॉ गौर जयंती पर अनेक कार्यक्रम आयोजित
सागर। सविधानसभा के सदस्य और सागर विवि के संस्थापक कुलपति डॉ हरिसिंह गौर के 151 वे जन्मदिवस पर अनेक कार्यकर्मो का आयोजन हुआ। लोगो पूरी श्रद्धा से डॉ गौर को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
तीनबत्ती स्थित गौर प्रतिमा पर पहुचे डॉ गौर को नमन करने
सागर शहर के लोगो को डॉ गौर से लगाव तीनबत्ती स्थित डॉ गौर प्रतिमा पर देखने हमेशा मिलता है। कोरोना काल मे लोग श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुँचे। लोगो ने मास्क भी लगाए। तीनबत्ती में विवि की कुलपति प्रो जनक दुलारी आही, समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर, पूर्व मंत्री गोविंद राजपूत, विधायक शेलेन्द्र जैन , पूर्व सांसद आनंद अहिरवार, प्रो सुरेश आचार्य, पूर्व विधायक सुनील जैन, चतुर्भुज सिंह राजपूत, सुशील तिवारी, सुखदेव मिश्रा, रजिस्ट्रार सन्तोष सहगोरा, के के सराफ, प्रो आर के त्रिवेदी, प्रो चंदा बेन, डॉ अशोक अहिरवार, अंकलेश्वर दुबे, लखन राठौर, विनोद आर्य,राहुल सिलाकारी, मुकेश जैन ढाना, कमलेश बघेल, शैलेंद्र ठाकुर, नरेंद्र सिलाकारी, डॉ राकेश शर्मा, यशबन्त जैन, कपिल बेशाखिया, हरिनारायण यादव, शेवता यादव, दिवाकर राजपूत, डॉ अलीम खान, डॉ अनिल पुरोहित, डॉ दीपक गुप्ता, डॉ दीपक गुप्ता, डॉ पंकज तिवारी, सुरेंद्र गाडेवार, संदीप चंचल, दीपक मोदी, राजू टण्डन, डॉ आशीष वर्मा, सुरेश जाट, डॉ विवेक तिवारी, प्रदीप गुप्ता राजिक अली, कृष्णकांत नगाईच,सुधीर द्विवेदी, शैलेश अग्रवाल, बहादुर यादव, संदीप बाल्मीकि, मुन्ना यादव सहित अनेक लोगो ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विहिप ने बांटे मास्क
कोरोना काल का ध्यान रखने के लिए तीनबत्ती पर विहिप के जिला अध्यक्ष अजय दुबे साई वाटिका के मार्गदर्शन में डॉ गौर की जयंती में शामिल होने वालों के लिये मास्क वितरित किये जा रहे थे। एक पंडाल लगाकर लोगो के हाथ सेनेटाईज कराते हुए मास्क वितरित किये जा रहे थे।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने आयोजित की रंगोली प्रतियोगिता निकाली साईकिल रैली
सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल सिंह राजपूत के निर्देशानुसार डॉ गौर जयंती पर हुए आयोजन। भारतीय संविधान सभा के उपसभापति,शिक्षामित्र समाज सुधारक डॉ हरीसिंह गौर की जन्म जयंती 26 नवंबर के उपलक्ष्य में साईकिल4चेंज चैलेंज एवं स्ट्रीट फार प्यूपिल के अंतर्गत साईकिल रैली का आयोजन किया साथ ही स्मार्ट सिटी द्वारा पुनर्विकसित डॉ हरीसिंह गौर पार्क (डिग्री कॉलेज के पास) में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें कलाकारों द्वारा शहर में स्वछता सन्देश की रंगोली बनाने के साथ ही शहर के हाल ही में दिवंगत हुए कोरोना योद्धा डॉ शुभम उपध्याय को श्रधांजलि अर्पित करती रंगोली भी बनाई और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। डॉ गौर की याद में पौधा रोपण भी किया गया।
छात्रों ने मनाई गौर जयंती
सागर. विवि के संस्थापक डॉ हरीसिंह गौर की 151 वी जयंती पर विवि में अध्ययनरत छात्रों द्वारा तीन बत्ती स्थित गौर मूर्ति पर पहुंचकर उन्हें श्रृद्धा सुमन अर्पित किए गए. इस दौरान प्रमुख रूप से आदर्श ठाकुर, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर, युवराज दीक्षित, उज्जवल तिवारी, अजय कुर्मी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई जयंती
सागर। महान षिक्षाविद दानवीर डाॅ. सर हरिसिंह गौर जी की जन्म जयंती एवं भारत के सविधान दिवस पर डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्वांजली सभा जिला कांग्रेस कार्यालय मे आयोजित की गई।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति रेखा चैधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि डाॅ. सर गौर के के योगदान को भूलाया नही जा सकता सागर की पहचान डाॅ. गौर हैं। उन्होने षिक्षा षास्त्री विधिक्ता और प्रकृति के कवि के रूप में ख्याति अर्जित की। श्रीमति रेखा चैधरी ने कहा कि भारत के संविधान निर्माण में डाॅ. अम्बेडकर के साथ डाॅ. गौर संविधान दिवस के अवसर पर उन्होेंने कहा कि ''आज संविधान के साथ लोकतंत्र भी खतरे में है, जिसकी रक्षा के लिये युवाओं को आगे आना होगा।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता आषीष ज्योतिषी ने कहा कि डाॅ. गौर विष्वस्तरीय व्यक्तित्व थे उन्होने दिल्ली विष्वविद्यालय और नागपुर विष्वविद्यालय के कुलपति रहने के बाद सागर विष्वविद्यालय की स्थापना कर बुदेलखण्ड के प्रति अपना ऋण चुकाया।कार्यवाहक अध्यक्ष गोवर्धन रैकवार ने कहा कि डाॅ गौर ने गरीबों के जिले षिक्षा का मंदिर बनाया था। इस अवसर पर प्रदीप पप्पू गुप्ता, फिरदोष कुरैषी, तारिक खान, विनोद कोरी, आदिल राईन, षरद पुरोहित, अलीम तज्जू, सुनील वावा, भैयन पटेल, बिल्ली रजक, हनीफ भाई, षुभम उपाध्याय, अजय अहिरवार, षाजिद राईन, आदि उपस्थित थे।संचालन स्थाई मंत्री दीनदयाल तिवारी ने किया।
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डॉ. गौर जयंती व संविधान दिवस पर समाज के प्रतिष्ठित जनों का सम्मान समारोह
डॉ. गौर जयंती व संविधान दिवस पर समाज के प्रतिष्ठित जनों का सम्मान समारोह
सागर । सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की जयंती व संविधान दिवस के अवसर पर मकरोनिया स्थित डॉ .हरिसिंह गौर नगर में सागर विश्वविद्यालय से विभिन्न विधाओं से निकले समाज के प्रतिष्ठित जनों का सम्मान समारोह का आयोजन मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी के मुख्य आतिथ्य में किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ.सर हरिसिंह गौर व संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई।डॉ.गौर जयंती व संविधान दिवस के अवसर पर युवा नेता निर्वाण सिंह द्वारा आयोजित किये गए समाज के प्रतिष्ठित जनों के सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी ने डॉ. राजेंद्र यादव, मथुरा प्रसाद, शीतल प्रसाद, मनोज जैन, रत्नदीप जैन, बद्री प्रसाद भारद्वाज, पी.सी. शर्मा, डॉक्टर लखन पटेल, डॉक्टर ताम्रकार, सुरेश अहिरवार, नत्थू मासाब, मंगल प्रसाद आदि का फूल माला व स्मृति भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र कुर्मी ने किया व अन्त में आभार निर्माण सिंह ने माना।कार्यक्रम में मुख्य रूप से एडवोकेट राजेश दुबे, आरआर पाराशर, अशरफ खान, मनोज यादव,राजू डिस्क, एम,आई, खान, मनी सिंह गुरोन, अक्षय दुबे ,प्रितेश तिवारी, संजय रोहिदास, मुल्ले चौधरी , राजेश ठेकेदार,अबरार सौदागर,मोनू राजपूत, राजा बुंदेला, सन्दीप चौधरी, गोपाल तिवारी, धीरज खरे, रघुवीर वर्मा, महेश मयंक कटारे, शंकर दाऊ,गुड्डू रैकवार, प्रीतम दाऊ, राजेंद्र साहनी , दुर्गेश अहिरवार, ,राजू साहनी, केशव चौधरी आदि मौजूद थे।
डॉ गौर का दर्शन मौजूदा दौर में अधिक प्रासंगिक: प्रो डी पी सिंह, अध्यक्ष विवि अनुदान आयोग
डॉ गौर का दर्शन मौजूदा दौर में अधिक प्रासंगिक: प्रो डी पी सिंह, अध्यक्ष विवि अनुदान आयोग
★ डॉ हरीसिंह गौर हम सबके लिये आदर्श . प्रो बलवंत शांतिलाल जानी
★ डॉ हरीसिंह गौर हम सबके प्रेरणा स्रोत . प्रो जनक दुलारी आही
सागर। सागर विश्वव्यिालय के संस्थापक प्रख्यात विधि वेत्ता संविधान सभा के सदस्य दानवीर शिक्षा विद एवं समाज सुधारक डॉ हरीसिंह गौर के १५१ वा जन्म दिवस समारोह बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात ८ बजे से कटरा बाजार में स्थित गौर प्रतिमा पर कुलपति प्रो जनकदुलारी आही द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त अनुमति एवम कोविड १९ के सुरक्षा मानको का अनुपालन करते हुये शोभायात्रा गौर मूर्ति कटरा बाजार से गौर वाचनालय और गौर जन्म स्थली गौर स्मारक होते हुये विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित संख्या में अधिकतम निकाली गई।
समारोह के द्वितीय चरण मे विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और डॉ गौर समाधि पर पुष्पांजलि समर्पित की। इस अवसर पर कुलपति के साथ ही जिलाधीश सागर दीपक सिह ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और डॉ गौर समाधि पर पुष्पांजलि समर्पित की। जिलाधीश ने कहा कि उन्होने सागर शहर मे सभी के दिलो मे गौर साहेब के प्रति एक अटूट श्रद्धा देखी ।
सरस्वती वंदना एवं गौर गीत की संगीत विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। सर गौर वृतचित्र का प्रसारण किय गयाण् स्वागत उद्बोधन कुलपति प्रो जनकदुलारी आही द्वारा दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में विगत वर्ष में विश्वविद्यालय को प्राप्त उपलब्धियों के बारे में बताया ।
मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो डी पी सिंह ने अपने विचार रखे। प्रो डी पी सिंह ने कहा कि सागर विष्वविद्यालय की स्मृतियाँ आज भी हमारे सांसों में विद्यमान है। डाॅ. गौर का पूरा जीवन और कर्म हमारी श्रद्धा का आधार है। कोई भी विष्वविद्यालय षिक्षकों की प्रतिभा, शोध और लगाव के लिए जाना जाता है। इस अर्थ में सागर विष्वविद्यालय निष्चित रूप से उन्नयन की तरफ बढ़ रहा है। आज के दिन हमें यह विचार करना होगा कि हम डाॅ. गौर के सपनरें को किस तरह संपूर्णता में पूरा कर सकते हैं। मैं अपने शीक्षक साथियों का आह्वान करता हूँ कि वे डाॅ. गौर के महान व्यक्तित्व की प्रेरणा ले कर अपने विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिकता, तार्किकता और सात्विकता का संचार करें। आज के समय में डाॅ. गौर के विचारों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गयी है। डाॅ. गौर का शैक्षिक दर्षन, समाज-सुधार के विचार आदि इस बदलती हुई दुनिया के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। प्रो डी पी सिंह ने कहा कि मुझे ऐसा मेहसूस हो रहा ह मानो मै आज सागर मे हू और गौर मूर्ति व गौर समाधि पर उनको प्रणाम करते हुये माल्यार्पण कर रहा हू।
विशिष्ट अतिथि कुलाधिपति प्रो बलवंतराय शांतिलाल जानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डाॅ. गौर केवल सागर या बुन्देलखंड के ही नहीं पूरे भारत के प्रज्ञावान सपूत रहे हैं। डाॅ. गौर अपने समय में लोकल के लिए वोकल थे, जिसका विरल उदाहरण है, हमारा यह विष्वविद्यालय। वे सामाजिक स्तर पर, राजनैतिक स्तर पर और ज्ञान-विमर्ष के स्तर पर भी नये प्रतिमान स्थापित करने वाले व्यक्तित्व थे। उनकी लिखी हुई पुस्तकें विधि शास्त्र, साहित्य व दर्षन के क्षेत्र में दुनिया भर में आदर का केन्द्र रही हैं। उनके ज्ञान-दान के महत्व को स्वीकार करते हुए मैं कह सकता हूँ कि डाॅ. सर गौर भारतीय ऋषि परम्परा के आधुनिक स्वरूप थे।
कार्यक्रम में डेलीगेसी अध्यक्ष प्रो सुरेश आचार्य ने कहा कि डाॅ. सर गौर इस धरा-धाम के लिए अद्वितीय प्रेरणास्रोत हैं। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने अपने हौसले से बुन्देलखण्ड के ज्ञान और बोध के स्तर को बदल दिया था। उनका जीवन और कार्य आज भी हमारा मार्ग प्रषस्त कर रहे हैं। उन्होंने अपने सामाजिक कर्म से बल्कि लेखन से भी साहित्य की पूर्व से विद्यमान अवधारणाओं को परिवर्तित कर नये मानदंड स्थापित किया। आज उनके विचारों से नयी पीढ़ी को जोड़ने के लिए आवष्यक है कि उनकी लिखी पुस्तकों को भारतीय भाषाओं में अनुवाद कराया जाय।
कुलपति प्रो जनकदुलारी आही ने कहा डाॅ. हरीसिंह गौर अपने समय के प्रखरतम मेधा थे। आपने जीवन-भर षिखरों की यात्राएँ की, विचारों के खुले आकाश में आप विचरते रहे, किन्तु अपनी मातृभूमि सागर के उत्थान का स्वप्न आपके दिलो-दिमाग में हमेषा जगमगाता रहा। इन्हीं भावनाओं को मूर्त रूप देते हुए आपने इस विष्वविद्यालय की स्थापना की। हमें गर्व है कि हम डाॅ. गौर जैसे एक कर्मठ एवं दूरदर्शी संस्थापक के सपनों हिस्सेदार हैं। अपने संस्थापक से प्रेरणा लेकर हम अपने विद्यार्थियों को रचनात्मक, नवाचारधर्मी एवं ऊर्जावान् बनाने हेतु संकल्पित हैं। डाॅ गौर अपने समय के अद्वितीय प्रतिभा सम्पन्न व्यक्तित्व थे। उनकी पहुँच लगभग सभी ज्ञान-अनुशासनों में थी, उनका स्वप्न शिक्षा से वंचित मनुष्यता को ज्ञान के उजाले से रोषन करना था। डाॅ. गौर द्वारा स्थापित यह ज्ञान-पुंज निरन्तर प्रगति कर रहा है।
कुलपति प्रो जनकदुलारी आही ने जिला प्रशासन जन प्रतिनिधि वर्ग शहरवासी पुराछात्र मीडिया प्रतिनिधी वर्ग एवम विश्वविद्यालय परिवार के प्रति धन्यवाद दिया
कार्यक्रम में ऑनलाइन मोड के माध्यम से पुस्तकों का विमोचन मेधावी छात्र छात्राओ का सम्मान एवम पुरस्कारों की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रभारी कुलसचिव श्री संतोष सोहगौरा द्वारा सभी धन्यवाद ज्ञापित किया गया। श्री सह्गोरा ने कहा कि गौर साहब की रचनाये कालजयी है।
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