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सागर: रिकॉर्ड की प्रतिलिपि समय पर नहीं देने पर सख्त हुईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, 161 लंबित आवेदनों पर जताई नाराजगी

सागर: रिकॉर्ड की प्रतिलिपि समय पर नहीं देने पर सख्त हुईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, 161 लंबित आवेदनों पर जताई नाराजगी

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिलिपि शाखा एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा करते हुए सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।


तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त ,2026

सागर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिलिपि शाखा एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा करते हुए सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों में से 161 आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं। इस पर कलेक्टर ने लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि आवेदन प्राप्त होने से लेकर प्रमाणित नकल उपलब्ध कराने तक की पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

नई SOP में तय हुई समय-सीमा

नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया की प्रत्येक कड़ी के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है—

  • लोक सेवा केंद्र से संबंधित शाखा तक आवेदन भेजने की अधिकतम अवधि 24 घंटे
  • अभिलेखागार, संबंधित शाखा अथवा न्यायालय से रिकॉर्ड प्राप्त कर नकल शाखा तक उपलब्ध कराने की अधिकतम अवधि 3 दिन
  • रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद प्रमाणित प्रतिलिपि तैयार कर पुनः लोक सेवा केंद्र को उपलब्ध कराने की अधिकतम अवधि 3 दिन

समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रधान प्रतिलिपिकार, लिपिकीय अमले, अभिलेखागार, सेवायोजन राइटर सहित सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक सेवा केंद्र प्रभारियों से कहा गया कि आवेदकों को तय समय के भीतर रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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मुख्यमंत्री से मिले विधायक प्रदीप लारिया, नरयावली के विकास कार्यों को दिलाने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री से मिले विधायक प्रदीप लारिया, नरयावली के विकास कार्यों को दिलाने की उठाई मांग



तीनबत्ती न्यूज:5 अगस्त 2026

सागर। नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा।

विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष 132/33 केवी नवीन उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, ग्राम पंचायत नरयावली को नगर पंचायत का दर्जा, निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन को शीघ्र स्वीकृति, तथा सांदीपनि विद्यालय कर्रापुर और मकरोनिया के शीघ्र संचालन की मांग रखी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 132/33 केवी उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र का प्राक्कलन तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही विद्युत मंडल की बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग से इन विकास कार्यों को शीघ्र गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नरयावली के नगरीय विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

मुख्य बिंदु:

  • 132/33 केवी उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग
  • नरयावली को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव
  • कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना की शीघ्र स्वीकृति पर जोर
  • कर्रापुर एवं मकरोनिया सांदीपनि विद्यालयों के संचालन का मुद्दा उठाया
  • मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
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सागर: नारीशक्ति के सम्मान से समाज की प्रगति संभव, भूपेन्द्र सिंह बोले- अब 101 बेटियों का होगा सामूहिक विवाह

समाज की प्रगति नारीशक्ति के सम्मान और सहभागिता पर निर्भर: पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह

• क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में बोले— 101 बेटियों के सामूहिक विवाह का लिया संकल्प

सागर में क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह

तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति नारीशक्ति के सम्मान, सहभागिता और सशक्त नेतृत्व पर निर्भर करती है। जिस समाज में महिलाओं को सम्मान मिलता है, वह समाज अधिक संगठित, समृद्ध और सुरक्षित बनता है।

वे बुधवार को क्षत्रिय महासभा जिला सागर की महिला विंग द्वारा आयोजित क्षत्रिय महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन महिलाओं का सम्मान किया गया, जिन्होंने हाल ही में आयोजित 21 बेटियों के निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

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भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि नारी सम्मान केवल सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज के विकास की आधारशिला है। सम्मान मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, प्रतिभाओं को अवसर मिलता है और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और यदि उन्हें समान अवसर एवं सम्मान मिले तो देश की प्रगति और अधिक तेज तथा समावेशी होगी।


उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी सम्मानित मातृशक्ति होती है। संस्कृति, संस्कार और मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

सागर में क्षत्रिय महासभा महिला विंग के सम्मान समारोह में महिलाओं को सम्मानित करते पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह।


इतिहास में क्षत्रिय महिलाओं के योगदान का किया उल्लेख


पूर्व मंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और स्वाभिमान पर संकट आया, तब क्षत्रिय महिलाओं ने साहस, त्याग और नेतृत्व का अद्भुत परिचय दिया। उन्होंने ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड का उल्लेख करते हुए कहा कि राजपूताना का इतिहास क्षत्राणियों के साहस और बलिदान से गौरवान्वित रहा है। उन्होंने कहा कि वीर समाज का निर्माण वीर माताओं की गोद में होता है।

अब 101 बेटियों के सामूहिक विवाह का लक्ष्य

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षत्रिय महासभा ने पहली बार समाज की 21 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह कराया, जिसमें प्रत्येक बेटी को 1 लाख 1 हजार रुपये की नगद राशि सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि महिला विंग की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की सफलता का प्रमुख कारण रही।

उन्होंने घोषणा की कि अब महासभा ने 101 बेटियों के निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह का संकल्प लिया है। साथ ही समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन आयोजित करने की भी अपील की।

इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करने वालों का करें विरोध


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार शरद सिंह ने कहा कि समाज और नारीशक्ति के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रांतियां फैलाने वाले तत्वों का सभी मंचों पर सक्रिय विरोध किया जाना चाहिए।


कार्यक्रम का आभार महिला विंग की अध्यक्ष प्रीति सिंह ने व्यक्त किया, जबकि संचालन वंदना सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमिला सिंह, क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह तथा अभिषेक गौर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।



इन महिलाओं का हुआ सम्मान

समारोह में सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, श्रीमती प्रीति सिंह, श्रीमती सीमा ठाकुर, श्रीमती सीता ठाकुर, श्रीमती नेहा राजपूत, श्रीमती नंदिनी हरिसिंह, श्रीमती मनीषा सिंह, श्रीमती रुचि सिंह, श्रीमती श्रद्धा सिंह, श्रीमती ज्योति चौहान, श्रीमती अंशु सिंह, श्रीमती ऋतु सिंह ठाकुर, श्रीमती सीमा चौहान, श्रीमती मंजू सिंह, श्रीमती अनीता सिंह, श्रीमती सुमन राजपूत, श्रीमती अर्चना सिंह, श्रीमती राजबाला सिंह, श्रीमती रेखा ठाकुर, श्रीमती अनुपमा राजपूत, श्रीमती साक्षी सिंह, श्रीमती रेशु सिंह, श्रीमती रीना बैस, श्रीमती वंदना सिंह, श्रीमती निरुपमा गौर एवं श्रीमती आरती सिंह सहित अनेक महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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सागर: SP अनुराग सुजानिया ने स्कूली छात्राओं से किया संवाद, हेलमेट और महिला सुरक्षा पर दिया जागरूकता संदेश : थाने का किया भ्रमण

सृजन संवाद योजना: सांदीपनी स्कूल में SP अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से किया सीधा संवाद, हेलमेट और महिला सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

सृजन संवाद योजना: सांदीपनी स्कूल में SP अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से किया सीधा संवाद

तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त, 2026

सागर। छात्राओं को कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से सागर पुलिस द्वारा संचालित 'सृजन संवाद योजना' के तहत बुधवार को सांदीपनी स्कूल में विशेष संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया जाएगा।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार दुबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं के साथ प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की।



कानून, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर खुला संवाद

संवाद के दौरान पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कानून, न्याय व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, आत्मविश्वास और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के सरल और व्यवहारिक उत्तर देते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

हेलमेट जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की सूचना पुलिस को देने का भी आग्रह किया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जा सके।




थाना गोपालगंज का कराया शैक्षणिक भ्रमण

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को थाना गोपालगंज का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, महिला सहायता कक्ष, कंट्रोल रूम, विवेचना प्रणाली और पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहती है।

वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। छात्राओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।



कार्यक्रम में थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा, महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया, उप प्राचार्य वंदना खरे, विद्यालय का स्टाफ तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं की बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।


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बेटियों की स्कूल कैबिनेट से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, बोले- AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपना दिमाग जरूर लगाएं

बेटियों की स्कूल कैबिनेट से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, बोले- AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपना दिमाग जरूर लगाएं

• छात्राओं के मंत्रि-मंडल को मुख्यमंत्री ने बैठाया मंच पर, समझी पूरी कार्यवाही

भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में छात्राओं की स्कूल कैबिनेट से संवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

तीनबत्ती न्यूज: 05 अगस्त, 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित 'किताब से कल तक' कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं द्वारा संचालित स्कूल कैबिनेट से मिलकर मुख्यमंत्री बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने कैबिनेट के सदस्यों को मंच पर आमंत्रित कर उनकी कार्यप्रणाली जानी और छात्र नेतृत्व की सराहना की।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं को नई तकनीक अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि चैटजीपीटी, ग्रोक और अन्य AI टूल्स का उपयोग जरूर करें, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा अपने विवेक से लें। AI से प्राप्त जानकारी को क्रॉस-चेक करना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आज पहले से कहीं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं और शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन तथा नेतृत्व क्षमता भी विकसित करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय की छात्र कैबिनेट के खेल, संस्कृति, अनुशासन, हेड गर्ल और अन्य पदों पर कार्यरत छात्राओं से परिचय प्राप्त किया। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव होते हैं, विद्यार्थी मतदान करते हैं और एक वर्ष के लिए कैबिनेट का गठन किया जाता है।



कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से AI, सोशल मीडिया, अध्ययन, तनाव प्रबंधन, खेल, करियर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाली प्रेरणा जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, योग, व्यायाम और डायरी लेखन जीवन को बेहतर बनाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से डॉक्टर, इंजीनियर, सैनिक, किसान, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर देश व समाज की सेवा करने का आह्वान किया। साथ ही अपने छोटे भाई-बहनों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी संवाद करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नवाचार की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वर्ष 1958 में स्थापित यह विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है, जहां नर्सरी से कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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सागर में सामाजिक अधिकारिता शिविर: दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को मिले सहायक उपकरण, महापौर ने लिया जायजा

सामाजिक अधिकारिता शिविर में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को मिली राहत, निःशुल्क सहायक उपकरणों के लिए हुआ परीक्षण एवं पंजीयन

• महापौर संगीता सुशील तिवारी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा


तीनबत्ती न्यूज: 4 अगस्त 2026।

मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं एडीप योजना के अंतर्गत सागर में सामाजिक अधिकारिता शिविर का आयोजन किया गया। महाकवि पद्माकर सभागार, मोतीनगर में आयोजित इस शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण, पंजीयन एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

शिविर का आयोजन नगर पालिक निगम सागर द्वारा किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक पहुंचे, जहां उनके दिव्यांगता प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया गया।



स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की टीम द्वारा हितग्राहियों की शारीरिक स्थिति और आवश्यकताओं का परीक्षण किया गया। इसके बाद पात्र हितग्राहियों को आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। कई हितग्राहियों के लिए मौके पर ही जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार किए गए।

जिन हितग्राहियों को तत्काल उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा सके, उनके लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा शीघ्र आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।

महापौर ने किया शिविर का निरीक्षण

नगर निगम महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने शिविर स्थल पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ पूरी संवेदनशीलता, सम्मान और आत्मीयता के साथ व्यवहार करते हुए उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

महापौर ने हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई हितग्राहियों ने शिविर से मिलने वाली सुविधाओं और अनुभवों को भी साझा किया।

महापौर श्रीमती तिवारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

ये रहे उपस्थित

शिविर में एमआईसी सदस्य पंडित विनोद तिवारी, संगीता शैलेश जैन, पार्षद प्रह्लाद पटेल, रूबी पटेल, भरत अहिरवार, अनीता रामू ठेकेदार, कृष्ण कुमार पटैल, उपायुक्त एस.एस. बघेल, सिटी मिशन मैनेजर विक्रम जैन, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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नरयावली में विधायक प्रदीप लारिया ने बिजली केंद्र और सांदीपनि विद्यालय के लिए रखे प्रस्ताव

नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने भोपाल में रखे प्रस्ताव: 132/33 केवी उच्च दाब विद्युत केंद्र की स्वीकृति और सांदीपनि विद्यालय शुरू कराने का आग्रह


तीनबत्ती न्यूज: 4 अगस्त 2026

भोपाल। नरयावली विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने भोपाल प्रवास के दौरान ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शासन के समक्ष रखे। विधायक ने क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए विद्युत अधोसंरचना विस्तार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग की।

ऊर्जा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विधायक प्रदीप लारिया ने ऊर्जा विभाग के अपर सचिव एवं एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले से मुलाकात कर नरयावली विधानसभा क्षेत्र में 132/33 केवी नवीन उच्च दाब विद्युत केंद्र की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए यह परियोजना आवश्यक है। विद्युत केंद्र स्थापित होने से किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली आपूर्ति, उद्योगों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्धता और आम नागरिकों को अधिक विश्वसनीय विद्युत सुविधा मिल सकेगी।

अपर सचिव श्री गढ़पाले ने विधायक को आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव पर शासन स्तर पर कार्यवाही जारी है और आगामी बोर्ड बैठक में स्वीकृति मिलने की संभावना है।

शिक्षा क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार की पहल

इसके साथ ही विधायक लारिया ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह से भेंट कर नरयावली विधानसभा क्षेत्र के मकरोनिया और कर्रापुर में शीघ्र सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ कराने का आग्रह किया।

विधायक ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न शासकीय विद्यालयों के उन्नयन, नवीन भवनों की स्वीकृति, अतिरिक्त कक्षों और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव भी रखे।स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधायक द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।


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भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर कार्यशाला: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे युवा, IIT सहित 30 संस्थानों से हुए MoU

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर मंथन: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे युवा, IIT सहित 30 संस्थानों से हुए MoU


तीनबत्ती न्यूज: 04 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में मंगलवार को "उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम: दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन" विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक और तकनीक आधारित बनाना रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवा नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं। वे समय की मांग के अनुरूप शिक्षित और प्रशिक्षित होकर देश और प्रदेश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों को लागू करने में उत्कृष्ट कार्य किया है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगार एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम बढ़ाने, स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार नए कोर्स तैयार करने तथा विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।



उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। सरकार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में शामिल किया है और शिक्षा को कौशल विकास तथा रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्य है। कृषि, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती कर महाविद्यालयों में फैकल्टी की कमी दूर की गई है।

कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी इंदौर सहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ करीब 30 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य डिजिटल स्किल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, जलवायु अध्ययन, साइबर सुरक्षा, तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यशाला के पांच तकनीकी सत्रों में शिक्षा के उन्नयन, नई तकनीकों, उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।


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