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शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021

बुंदेलखंड पंचांग और केलेंडर के विमोचन : जुुटेअनेक संत महात्मा ★ सागर बना बुंदेलखंड का काशी आज गौरव दिवस : संत किशोरदास जी


बुंदेलखंड पंचांग और केलेंडर के विमोचन 
: जुुटेअनेक संत महात्मा

★ सागर बना बुंदेलखंड का काशी आज गौरव दिवस : संत किशोरदास जी



सागर। शुक्रवार को रविन्द्र भवन भगवा पगड़ी और मंत्रोचार से गुंजायमान हो रहा था अवसर था बुंदेलखंड पंचांग और केलेंडर के विमोचन का जिसमे संत महंत पुजारी,पुरोहित और कर्मकांडी विद्वानों का अद्भुद संगम देखने को मिला।कार्यक्रम संत किशोरदास जी महाराज गोरेलाल कुंज वृन्दावन धाम वालों के सानिध्य में हुआ उन्होंने संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में कहा आज सागर और बुंदेलखंड के गौरव दिवस है अभी तक काशी वनारस से पंचांग निकलते थे आज बुंदेलखंड के पञ्चाङ्ग सागर से निकला है निश्चित ही सागर बुंदेलखंड के काशी कहा जाना चाहिये मैं साधुवाद देखा हूँ बुंदेलखंड के विद्वानों को की इसके विमोचन में मुझे साक्षी किया निरंतर बुन्देलखड विद्वता के नए नये आयाम रखता रहे।

कर्मकांड समाप्त हुआ तो गर्त हो जायेगा सनातन धर्म :  पं.गोपाल भार्गव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के केविनेट मंत्री पं.गोपाल भार्गव ने कहा कि आजकल लोग परंपरा सुधार के नाम पर धर्म पर कटाक्ष करते हुए पाये जाते हैं उन्होंने हमारे ऋषियों और वैदिक परंपराओं को नही समझा हम भोज करने सनातन धर्म की मर्यादा निभाने जाते है हमे कदापि भूँखा या भिक्षुक ना समझा जाए उन कटाक्ष करने वालों से निवेदन है धर्म को जाने शास्त्रों का अनुसरण करें अन्यथा जिस दिन हम ब्राह्मणों ने कर्मकांड छोड़ दिया भारत पाश्चात्य में चला जायेगा और सनातन धर्म इतिहास के पन्नो में ढूंढते रह जाओगे।



अध्यक्षता कर रहे तेंदूखेड़ा विधायक पं.संजय शर्मा ने कहा कि पंचांग के साथ केलेंडर भी विमोचन हो रहा है अब सागर के सनातन धर्मी अब तिथिभ्रम में नही रहेंगे स्थानीय पंचांग से सटीक विश्लेषण विद्वानों से जान सकेंगे संतपुजारी संघ के विद्वान जन और आयोजक मंडल आज इतिहास रच रहा है।डॉ सुरेश आचार्य ने संस्कृत में  रामजी की वंदना और शिवजी वंदना करते हुये पंचांग निर्माण को विद्वत्ता की पराकाष्ठा बताया।
एसवीएन विश्वविद्यालय के  संस्थापक कुलपति डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि अब बच्चे भी ब्राह्मण समाज के प्रतिभावान होंगे हम निशुल्क प्रतियोगिता कोचिंग प्रारम्भ करेंगे।पं.राजकुमार पचौरी ने कहा आगे भी ऐसे आयोजन होते रहें तो समाज एकजुट होने के साथ नये नये सृजन करता रहेगा।कार्यक्रम को डॉ रामकुमार खम्परिया,पं.जे पी पांडे आदि ने भी संबोधित किया।स्वागत भाषण कार्यक्रम के संयोजक युवा सर्व ब्राह्मण समाज बुंदेलखंड के अध्यक्ष पं.भरत तिवारी ने दिया। 
इसके पहले प्रवेश द्वार पर सभी विद्वानो के चरण प्रच्छालन का कार्य पं.अजय दुबे,पं.अशोक दुबे,पं.सुशील पांडेय ढाना के साथ स्वयं पं.भरत तिवारी ने किया। अतिथियों द्वारा पूज्य संत जी के साथ महंत घनश्यामदास, राधारमण दास बृजेश जी महाराज, विपिनबिहारी महाराज का पुष्प तिलक से पून स्वागत हुआ पूजन मंत्रोचार पं.केशव महाराज,पं.बालमुकुंद शास्त्री,पं.शिवनारायण शास्त्री ने किया मंच संचालन पं.पप्पू तिवारी और पं.रामचरण शास्त्री ने किया आभार कार्यक्रम आयोजक  पुजारी पुरोहित विद्वत संघ के अध्यक्ष पं.शिवप्रसाद तिवारी ने व्यक्त किया।

विद्यालय के वटुक रहे आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में संस्कृत विद्यालय गढ़ाकोटा के वटुक जैसे ही बसों से उतरकर प्रवेश हुए अद्भुत नजारा देखने को मिला सभी एक सी पोषक में भगवा दिखाई दे रहे थे वटुकों  के साथ प्राचार्य शमिक कुमार शर्मा और सभी आचार्य भी आये हुये थे। पुरोहित पुजारियों के साथ इन सबका भी पगड़ी बांधकर तिलक लगाकर पुष्पवर्षा करके स्वागत किया गया।

इनका हुआ सम्मान



कार्यक्रम में पंचांग निर्माता गणितकर्ता डॉ श्याममनोहर चतुर्वेदी का सम्मान किया गया साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिये डॉ राजेश शुक्ला, डॉ श्याममनोहर चतुर्वेदी, पं.इंद्रजीत दुबे,अजय तिवारी,दिनेश शर्मा छतरपुर ,प्रमोद उपाध्य्याय,रामशंकर तिवारी,इंजी. राजेश मिश्रा,आदेश दीक्षित,राम शर्मा,अजय तिवारी पन्ना,अनिल दुबे,दीपक पौराणिक,अशोक तिवारी सहित 51 लोगों को सम्मानित किया गया।

ये रहे उपास्थित

पं.राजेन्द्र पांडेय,शिवशंकर तिवारी,डॉ प्रमोद द्विवेदी,पुषोत्तम गौतम,रामेश्वर दुबे,कपिल स्वामी,राजीव हजारी,रघु शास्त्री ,विनोद शुक्ला,योगेश दीक्षित,रामचंद शर्मा,राजेश तिवारी,अजय जारोलिया, अभिषेक मिश्रा,कृष्णकांत मिश्रा, गोलू तिवारी,रोहित गुरु सहित बुंदेलखंड के सभी पुजारी पुरोहित विद्वान उपस्थित थे।

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