Editor: Vinod Arya | 94244 37885
BMC Sagar News लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
BMC Sagar News लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

BMC सागर में शोध कौशल पर कार्यशाला: प्रोफेसरों ने सीखी रिसर्च मेथडोलॉजी, AI और वैज्ञानिक लेखन की बारीकियां

प्रोफेसरों ने सीखीं रिसर्च की बारीकियां: बीएमसी में शोध कौशल संवर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

"बीएमसी सागर में शोध कौशल संवर्धन कार्यशाला में शामिल डीन, विशेषज्ञ वक्ताओं और संकाय सदस्यों का समूह चित्र।"


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। चिकित्सा शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MDRU) द्वारा 1 अगस्त 2026 को स्किल लैब में "Strengthening Research Skills for Faculties" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों के शोध कौशल को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, वैज्ञानिक लेखन और शोध परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करना था।

बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।

विशेषज्ञों ने शोध के विभिन्न पहलुओं पर किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। इसके बाद विशेषज्ञ वक्ताओं ने शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

  • डॉ. तपस चकमा ने Fundamentals of Health Research, Research Methodology, Study Design तथा Scientific Writing पर व्याख्यान दिया।
  • डॉ. नवीन कांगो ने शोध एवं वैज्ञानिक प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटबॉट्स के जिम्मेदार उपयोग, उनकी सीमाओं तथा आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
  • भोपाल से आए डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने Ethical Writing, Informed Consent तथा MDRU की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
  • डॉ. आकांक्षा तोमर ने Sample Size Calculation, Data Collection, Review of Literature तथा Reference Management (Mendeley एवं Zotero) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
  • एम्स भोपाल से आए डॉ. संजीव कुमार ने सही जर्नल चयन, शोध पत्र प्रकाशन की प्रक्रिया और Plagiarism (साहित्यिक चोरी) से बचाव के उपाय बताए।

उच्च गुणवत्ता वाले शोध को मिलेगा बढ़ावा

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक और उपयोगी रही। इससे संकाय सदस्यों को बेहतर शोध पत्र, शोध परियोजनाएं और गुणवत्तापूर्ण शोध थीसिस तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर जोर दिया।

आधुनिक शोध तकनीकों से कराया परिचय

मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार नए शोध और तकनीकें सामने आ रही हैं। ऐसे में संकाय सदस्यों को आधुनिक शोध पद्धतियों, वैज्ञानिक लेखन और एआई जैसे नए माध्यमों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई। इससे मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च कल्चर को बढ़ावा मिलेगा और अंततः चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों की देखभाल भी और बेहतर होगी।

सफल आयोजन में इनका रहा योगदान

कार्यशाला का आयोजन एमडीआरयू की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता भटनागर के मार्गदर्शन तथा सह-नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के सहयोग से किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं में रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. नीतू मिश्रा, डॉ. सौम्या सक्सेना, डॉ. पूजा सिंह तथा टेक्निकल टीम के सिद्धांत पांडे, सृष्टि पटेल और तरुण श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञ वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

Share:

www.Teenbattinews.com

Archive