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BMC Sagar में 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता की बची जान, 24 घंटे में वेंटिलेटर से बाहर

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता, 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता को मिला नया जीवन

BMC Sagar doctors successfully treat 85-year-old snake bite patient

तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर । बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की त्वरित कार्यशैली एवं बेहतर समन्वय से सर्पदंश की गंभीर स्थिति में पहुंची 85 वर्षीय वृद्धा की जान बचाई गई। छतरपुर जिले के बक्सवाहा (भीमपुरा) निवासी श्रीमती बाजरानी बसुदेव को गंभीर हालत में बीएमसी लाया गया था।

सर्पदंश के विषैले प्रभाव के चलते वृद्धा को सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी विभाग की टीम ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार शुरू किया। इसके बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट, एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं दी गईं।

महज 24 घंटे में हुआ सुधार

डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लगातार निगरानी एवं उपचार के परिणामस्वरूप मरीज की हालत में महज 24 घंटे के भीतर उल्लेखनीय सुधार हुआ और उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से बाहर निकाल लिया गया। पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद वृद्धा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

इस सफल उपचार में इमरजेंसी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र उइके, सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ जैन तथा मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडे के मार्गदर्शन में रेसिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रेसिडेंट डॉक्टरों में डॉ. मोनालिसा, डॉ. श्वेता, डॉ. विशाल, डॉ. दृष्टि, डॉ. मंजुनाथ, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. सर्वेश गांवकर, डॉ. रुचिका अनुरागी, डॉ. शशांक जैन, डॉ. यशवंत एवं डॉ. स्वप्नजीत सिंह अरोड़ा शामिल रहे। वहीं नर्सिंग अधिकारी श्री अरुण चोरड़िया, सुश्री ऋचा, सुश्री इंद्रा विश्वकर्मा, सुश्री नीतू अहिरवार एवं सुश्री मनीषा राठौर का भी उपचार में महत्वपूर्ण योगदान रहा।


बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और नर्सिंग स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल तथा समर्पित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि गंभीर सर्पदंश के मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यकता पड़ने पर वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

वृद्धा के परिजनों ने बीएमसी प्रबंधन, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए नि:शुल्क जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा और समय पर उपचार के लिए धन्यवाद दिया।


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BMC सागर में शोध कौशल पर कार्यशाला: प्रोफेसरों ने सीखी रिसर्च मेथडोलॉजी, AI और वैज्ञानिक लेखन की बारीकियां

प्रोफेसरों ने सीखीं रिसर्च की बारीकियां: बीएमसी में शोध कौशल संवर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

"बीएमसी सागर में शोध कौशल संवर्धन कार्यशाला में शामिल डीन, विशेषज्ञ वक्ताओं और संकाय सदस्यों का समूह चित्र।"


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। चिकित्सा शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MDRU) द्वारा 1 अगस्त 2026 को स्किल लैब में "Strengthening Research Skills for Faculties" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों के शोध कौशल को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, वैज्ञानिक लेखन और शोध परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करना था।

बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।

विशेषज्ञों ने शोध के विभिन्न पहलुओं पर किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। इसके बाद विशेषज्ञ वक्ताओं ने शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

  • डॉ. तपस चकमा ने Fundamentals of Health Research, Research Methodology, Study Design तथा Scientific Writing पर व्याख्यान दिया।
  • डॉ. नवीन कांगो ने शोध एवं वैज्ञानिक प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटबॉट्स के जिम्मेदार उपयोग, उनकी सीमाओं तथा आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
  • भोपाल से आए डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने Ethical Writing, Informed Consent तथा MDRU की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
  • डॉ. आकांक्षा तोमर ने Sample Size Calculation, Data Collection, Review of Literature तथा Reference Management (Mendeley एवं Zotero) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
  • एम्स भोपाल से आए डॉ. संजीव कुमार ने सही जर्नल चयन, शोध पत्र प्रकाशन की प्रक्रिया और Plagiarism (साहित्यिक चोरी) से बचाव के उपाय बताए।

उच्च गुणवत्ता वाले शोध को मिलेगा बढ़ावा

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक और उपयोगी रही। इससे संकाय सदस्यों को बेहतर शोध पत्र, शोध परियोजनाएं और गुणवत्तापूर्ण शोध थीसिस तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर जोर दिया।

आधुनिक शोध तकनीकों से कराया परिचय

मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार नए शोध और तकनीकें सामने आ रही हैं। ऐसे में संकाय सदस्यों को आधुनिक शोध पद्धतियों, वैज्ञानिक लेखन और एआई जैसे नए माध्यमों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई। इससे मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च कल्चर को बढ़ावा मिलेगा और अंततः चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों की देखभाल भी और बेहतर होगी।

सफल आयोजन में इनका रहा योगदान

कार्यशाला का आयोजन एमडीआरयू की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता भटनागर के मार्गदर्शन तथा सह-नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के सहयोग से किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं में रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. नीतू मिश्रा, डॉ. सौम्या सक्सेना, डॉ. पूजा सिंह तथा टेक्निकल टीम के सिद्धांत पांडे, सृष्टि पटेल और तरुण श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञ वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

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BMC सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता: 70 वर्षीय महिला के पेट से 1 किलो की विशाल गांठ निकाली, हाई-रिस्क सर्जरी रही सफल

BMC सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता: 70 वर्षीय महिला के पेट से 1 किलो की विशाल गांठ निकाली, हाई-रिस्क सर्जरी रही सफल



तीनबत्ती न्यूज:  30 जुलाई 2026

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर ने एक बार फिर जटिल शल्य चिकित्सा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम ने 70 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 1 किलोग्राम वजनी और 15×20 सेंटीमीटर आकार की विशाल एडनेक्सल (ओवेरियन) सिस्ट को सफलतापूर्वक निकालकर मरीज को नई जिंदगी दी।

बड़ा बाजार निवासी श्रीमती मुन्नी बाई लंबे समय से पेट दर्द और सूजन से परेशान थीं। जांच में उनके पेट एवं श्रोणि क्षेत्र में बड़ी गांठ पाई गई। अल्ट्रासाउंड और सीईसीटी जांच के बाद इसे एडनेक्सल सिस्ट के रूप में चिन्हित किया गया।

मरीज पिछले चार वर्षों से क्रॉनिक डायरिया की समस्या से भी पीड़ित थीं, जिससे ऑपरेशन का जोखिम काफी बढ़ गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सभी आवश्यक जांच और हाई-रिस्क कंसेंट के बाद सर्जरी का निर्णय लिया।

18 जुलाई 2026 को विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. सिफ्टी बंगा, स्नातकोत्तर छात्रा डॉ. रिंशु सुजोरिया, स्क्रब नर्स राखी गौतम एवं आकांक्षा वर्मा की टीम ने एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी कर दाहिनी ओर स्थित विशाल सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकाल दिया।

सर्जरी की सफलता में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल एनेस्थीसिया प्रबंधन और सतत मॉनिटरिंग से ऑपरेशन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी सामान्य रही और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालिया फॉलो-अप में मरीज पूरी तरह स्वस्थ और दर्दमुक्त पाई गईं।

बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने सफल ऑपरेशन पर पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान में आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों की बदौलत अब जटिल एवं हाई-रिस्क सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। उन्होंने इसे बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


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विधानसभा में विधायक शैलेंद्र जैन ने उठाए स्वास्थ्य, आयुष महाविद्यालय और श्रमोदय विद्यालय के मुद्दे, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से भी की मुलाकात

स्वास्थ्य, आयुष कॉलेज और श्रमोदय विद्यालय को लेकर विधायक शैलेंद्र जैन सक्रिय:  विधानसभा में उठाए मुद्दे: डिप्टी सीएम राजेंद्र6 शुक्ल से की भेंट


तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

भोपाल/सागर। सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने सोमवार को सागर जिले के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा और शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उन्होंने एक ओर उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात कर जिले के विकास कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की, वहीं विधानसभा में सागर के निर्माणाधीन आयुष महाविद्यालय और प्रस्तावित श्रमोदय आवासीय विद्यालय की प्रगति को लेकर सरकार से जवाब भी मांगा।

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उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से की मुलाकात, स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिया जोर

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से सौजन्य भेंट कर सागर जिले में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था, आवश्यक संसाधनों के विस्तार और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग रखी। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए शासन स्तर पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

विधानसभा में उठाया आयुष महाविद्यालय का मुद्दा

मानसून सत्र के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन ने सागर में निर्माणाधीन आयुष महाविद्यालय की प्रगति, 100 बिस्तरीय चिकित्सालय, प्रवेश प्रक्रिया तथा शिक्षकीय एवं अशिक्षकीय पदों की स्थिति को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।

आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि महाविद्यालय परियोजना की अनुबंध राशि 42.51 करोड़ रुपये है, जिसमें अब तक 9.41 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रशासनिक भवन पर 3.77 करोड़ और आयुष चिकित्सालय पर 5.64 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

सरकार ने बताया कि 100 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय का निर्माण पूरा होने और एनसीआईएसएम (NCISM) की गाइडलाइन के अनुसार आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। महाविद्यालय संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन को भी मंत्री परिषद से मंजूरी मिल चुकी है।

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श्रमोदय आवासीय विद्यालय निर्माण पर भी मांगा जवाब

विधायक शैलेंद्र जैन ने विधानसभा में सागर जिले के ग्राम मसानझिरी (रतौना) में प्रस्तावित श्रमोदय आवासीय विद्यालय की स्थापना की प्रगति, बजट, निर्माण एजेंसी और समय-सीमा से जुड़े सवाल भी उठाए।

श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पांच नए श्रमोदय विद्यालयों एवं अतिरिक्त निर्माण कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें सागर का विद्यालय भी शामिल है। हालांकि अभी निर्माण एजेंसी को राशि आवंटित नहीं की गई है।

सरकार ने बताया कि इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (EPIL) को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में डिजाइन, ड्रॉइंग, कॉन्सेप्ट प्लान और साइट प्लान तैयार किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद दो वर्ष में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके बाद विद्यालय का संचालन प्रारंभ होगा।

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सागर BMC में सनसनी: अस्थि रोग वार्ड के स्टोर रूम में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच शुरू

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के स्टोर रूम में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप



तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

सागर। सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के अस्थि रोग विभाग (अस्थि रोग वार्ड नंबर 14) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब वार्ड के अंदर बने स्टोर रूम से एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ। शव करीब दो दिन से अधिक पुराना बताया जा रहा है, जिससे वार्ड में तेज दुर्गंध फैल गई थी। इस घटना ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए है। 


दुर्गंध आने पर मरीजों ने की शिकायत

जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 14 में भर्ती मरीजों को लगातार आ रही बदबू के बाद उन्होंने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की। जब अस्पताल स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो पता चला कि दुर्गंध अंदर बने स्टोर रूम से आ रही है। संदेह होने पर तुरंत गोपालगंज थाना पुलिस को सूचना दी गई। जानकार लोगों का कहना है कि मृतक की शिनाख्ती से मेडिकल प्रबंधन की व्यवस्थाओं का खुलासा होगा। स्टोर रूम से लाश मिलना बेहद गंभीर घटना है। 

सागर BMC के वार्ड नंबर 14 के स्टोर रूम में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस

अंदर से बंद था दरवाजा

सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्टोर रूम का दरवाजा खुलवाया। अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए—स्टोर रूम के अंदर एक पुरुष का शव पड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम/मोर्चरी के लिए भेज दिया है।

पुलिस व प्रबंधन का क्या कहना है?

  • गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा  के अनुसार "शव की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो पाई है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि मृतक अस्पताल में भर्ती कोई मरीज था या किसी मरीज का परिजन। मामला दर्ज कर घटना के सभी बिंदुओं पर बारीक जांच की जा रही है।"
  • BMC अधीक्षक राजेश जैन के अनुसार "घटना बेहद गंभीर है। मामले के हर पहलू की गहन जांच कराई जा रही है। यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा के सवाल पर कहा कि सभी पहलुओं की जांच हो रही है। मृतक की शिनाख्ती से बहुत कुछ पता चलेगा। इसके अलावा सुरक्षा के  लिएजो भी बेहतर होगा उसे किया जायेगा"
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सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


तीनबत्ती न्यूज: 06 जुलाई, 2026

सागर। सागर में सड़क दुर्घटना में 52 वर्षीय श्रीमती भारती जैन के आकस्मिक निधन के बाद उनकी बेटियों ने मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान कराकर मानवता की मिसाल पेश की। इस प्रेरणादायी निर्णय से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।

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स्थानीय चकराघाट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास रहने वाली श्रीमती भारती जैन का सड़क हादसे में निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में उनकी बेटियों प्रियांशी, गुंजन और मिनी ने बताया कि उनकी मां जीवनभर नेत्रदान करने की इच्छा व्यक्त करती थीं। उनके निधन के तुरंत बाद परिजनों और दामाद प्रखर जैन ने बिना विलंब किए मोहन फाउंडेशन को सूचना दी।

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सूचना मिलते ही मोहन फाउंडेशन ने बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के आई बैंक की प्रभारी डॉ. सारिका चौहान को अवगत कराया। इसके बाद आई बैंक की टीम तत्काल बीएमसी की मोर्चरी पहुंची और परिजनों की लिखित सहमति तथा सभी चिकित्सीय मानकों का पालन करते हुए कॉर्निया सुरक्षित निकालकर आई बैंक में संरक्षित किया गया।

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परिवार का निर्णय समाज के लिए प्रेरणा

बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपार दुख के समय भी जैन परिवार ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए बेटियों द्वारा लिया गया यह निर्णय दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बनेगा।

वहीं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने भी परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में आई बैंक की टीम के डॉ. अंजलि वीरानी पटेल, डॉ. पुरवा, डॉ. मोदी, डॉ. अजय, डॉ. हर्षिता सहित नर्सिंग स्टाफ राम लखन मीणा, ओमप्रकाश कुमावत एवं अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

क्या है नेत्रदान?

चिकित्सकों के अनुसार नेत्रदान वास्तव में कॉर्निया दान होता है। यह पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है और मृत्यु के 4 से 6 घंटे के भीतर इसे पूरा करना आवश्यक होता है। बीएमसी सागर के आई बैंक में यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।

नेत्रदान से संबंधित जानकारी या आकस्मिक सूचना के लिए आई बैंक हेल्पलाइन: 7697271108 पर संपर्क किया जा सकता है।


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