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शनिवार, 18 दिसंबर 2021

वैज्ञानिक होना आवश्यक नही वैज्ञानिक दृष्टिकोण होना आवश्यक है - कमिश्नर मुकेश शुक्ला ★ अभियोजन अधिकारियों की सम्भागीय कार्यशाला

वैज्ञानिक होना आवश्यक नही वैज्ञानिक दृष्टिकोण होना आवश्यक है - कमिश्नर मुकेश शुक्ला 

★ अभियोजन अधिकारियों की सम्भागीय कार्यशाला

सागर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफ.एस.एल.) सागर में  आज दिनांक 18.12.2021को अभियोजन अधिकारियों की व्यवसायिक दक्षता संवर्धन हेतु एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसमे छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह एवं सागर जिला एवं तहसील से अभियोजन अधिकारीगण सम्मिलित हुए। 

अभियोजन के मीडिया प्रभारी श्री सौरभ डिम्हा ने बताया कि आज दिनांक को लोक अभियोजन संचालनालय संचालक/महानिदेशक श्रीमान अन्वेष मंगलम (आई.पी.एस.), भोपाल के आदेश के पालन में विधि विज्ञान प्रयोगशाला(एफ.एस.एल.) सागर में एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री मुकेश कुमार शुक्ला (भा.प्र.से.) कमिश्नर सागर संभाग  , उप-संचालक (अभियोजन) श्री अनिल कटारें, अति/प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह तारन, अति डी. पी.ओ. शिव संजय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडीपीओ श्री पारस मित्तल  एवं डॉ पंकज पांडेय (वैज्ञानिक अधिकारी, एफ.एस.एल) द्वारा किया गया। 

कार्यक्रम का  उदघाटन- कार्यक्रम का उद्घाटन  मुख्य अतिथि श्री मुकेश कुमार शुक्ला (भा.प्र.से.) कमिश्नर सागर संभाग  द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।  मुख्य अतिथि सागर कमिश्नर का स्वागत प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह तारन ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। मुख्य अथिति श्री मुकेश कुमार शुक्ला कमिश्नर सागर संभाग ने व्यासायिक दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीकी रूप से शसक्त होने समय एवम परिस्थिति के अनुसार अपने आप को अपडेट करने की आवश्यकता बताई।

उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कुमार कटारे द्वारा कार्यशाला के उदेद्श्य और उसकी रूपरेखा पर प्रकाश डाला,  साथही  स्वागत भाषण में श्रीमती हर्षा सिंह (निदेशक एफ. एस. एल. सागर) ने अपराधों के निराकरण में एफ़ एस एल और विज्ञान की भूमिका को बताया। 

व्याख्यान एवं परिचर्चा- कार्यक्रम  के प्रथम सत्र में डॉक्टर प्रशांत भट्ट  ( वैज्ञानिक अधिकारी रसायन शाखा सागर) द्वारा फोरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी के  बारे में बताया गया। डॉ डी. डी. बंसल (वैज्ञानिक अधिकारी डीएनए शाखा सागर) द्वारा डीएनए साक्ष्य के बारे में बताया गया। 

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में  श्री अंकित बोहरे द्वारा व्यसायिक दक्षता में व्यक्तित्व विकास  के संबंध में जानकारी दी एवं डॉ प्रवीण झा ( वैज्ञानिक अधिकारी प्रभारी भौतिकी शाखा एफएसएल सागर) द्वारा आवाज को साक्ष्य के रूप में संबंधित नियमो के बारे में बताया।

कार्यक्रम के समापन सत्र  में उप-संचालक (अभियोजन) श्री अनिल  कटारे एवं  श्रीमती हर्षा सिंह (निदेशक एफ. एस. एल. सागर) द्वारा कार्यशाला में आये अभियोजन अधिकारीगण को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यशाला के उपरांत एडीपीओ श्री अमित जैन ने आभार व्यक्त किया।

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