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कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा, नए वैक्सीन और उपचार की संभावनाओं पर देशभर के विशेषज्ञों ने किया मंथन,★ बीएमसी में अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप संपन्न



कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा, नए वैक्सीन और उपचार की संभावनाओं पर देशभर के विशेषज्ञों ने किया मंथन,
★ बीएमसी में अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप संपन्न

सागर।
 बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में मंगलवार को मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया। बीएमसी के टीबी एवं चेस्ट रोग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वधान से आयोजित हुए इस सेमिनार में मुख्य तौर पर कोरोना वायरस के वैरीएंट जैसे अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमिक्रोन से संबंधित जानकारी साझा की गई।

इसके साथ ही कोरोना वायरस के नए वैरीएंट के आने की संभावना के बारे में भी चर्चा की गई। इसके अलावा सेमिनार में नए वैरीअंट के लक्षण और नए ट्रीटमेंट के बारे में भी बात की गई। सबसे जरूरी बात जो इस सेमिनार से संबंधित रही वह विभिन्न प्रकार की उपलब्ध वैक्सीन जो आज के समय में अभी तक जितने भी कोरोना वायरस के वैरीअंट आए हैं उनके विरुद्ध तो असरकारक हैं, लेकिन आने वाले नए वैरीअंट के लिए यह वैक्सीन जो कितनी असरकारक होगी। साथ ही नए वैक्सीन की संभावनाएं कितनी हो सकती हैं, इसके बारे में भी विस्तृत चर्चा की गई।
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सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री माननीय विश्वास सारंग थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री निशांत बरबड़े, संभाग आयुक्त श्री मुकेश शुक्ला, बीएमसी के  डीन डॉ आरएस वर्मा, सीएमएचओ डॉ. सुरेश बौद्ध, सिविल सर्जन डॉ. ज्योति चौहान और आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र चउदा मौजूद रहे। इस सेमिनार के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. तल्हा साद एवं डॉ. अमरदीप राय थे और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री की भूमिका डॉ. सुमित रावत ने निभाई। सेमिनार में मेडिकल स्टूडेंट और मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी की सहभागिता रही।

सेमिनार में देशभर के मेडिकल एक्सपर्ट ने रखे विचार


इस सेमिनार में देश प्रदेश के विभिन्न वरिष्ठ चिकित्सक ने भी अपनी जानकारी साझा की। इसमें प्रमुख तौर पर पीजीआई चंडीगढ़ के वायरोलॉजी के हेड डॉ आरके राठौ और एम्स भोपाल के पूर्व डायरेक्टर डॉ सरमन सिंह, बीएचयू वाराणसी के डॉक्टर ज्ञानेश्वर चौबे और मणिपाल के डॉक्टर किरण जे मुखोपाध्याय थे। इन्होंने कोरोना वायरस के मूल स्ट्रक्चर के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही एएमयू से डॉक्टर मोहम्मद शमीम  और जबलपुर से डॉक्टर जितेंद्र भार्गव ने विभिन्न प्रकार के वैरीएंट के लक्षण से संबंधित जानकारी दी। एम्स हैदराबाद से डॉक्टर रोहित सलूजा और एम्स भोपाल से डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कोरोना वायरस के जीनोम सीक्वेंसिंग के संबंध में जानकारी दी।

बीएमसी में वायरोलॉजी विभाग के हेड डॉ सुमित रावत ने भी विभिन्न प्रकार की जीनोम सीक्वेंसिंग में प्रैक्टिकल तौर पर आने वाली परेषानियों से संबंधित जानकारी दी। टीबी एवं चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष डॉ तल्हा साद और एएमयू के डीन डॉक्टर राकेश भार्गव ने कोरोना वायरस के विभिन्न प्रकार के वैरीअंट के भिन्न-भिन्न इलाज से संबंधित जानकारी साझा की। सेमिनार के बाद दोपहर 2 बजे से वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया। वर्कशॉप में एम्स भोपाल से डॉक्टर आशीष व्यास,  डॉक्टर सुधीर गुप्ता और एम्स भोपाल से डॉ अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे। इन्होंने विभिन्न प्रकार के जीनोम सीक्वेंसिंग के संबंध में बताया।

मंच संचालन डॉ. मनीष जैन और डॉ. नेहा सोनी ने किया। इस दौरान डॉ प्रवीण खरे, डॉ. सर्वेश जैन, डॉ. संजय जैन, डॉ सुशील गौर, डॉ. पुण्य प्रताप सिंह, डॉ. शोहेब अख्तर, डॉ. मानसी गुप्ता, डॉ. रुचि अग्रवाल, डॉ. रश्मि उप्पल,  डॉ सुरेंद्र महौर, डॉ नीलू जैन, वायरोलॉजी लैब के वैज्ञानिक  रोबिन शर्मा और नीतू मिश्रा, डॉ. प्रांजल नेमा, डॉ. अनुश्री, डॉ. प्रतिमा वर्मा आदि चिकित्सक और लैब टेक्नीशियन, अखिल जैन, विकास जैन, अमित शर्मा, ओमप्रकाश झा, जितेंद्र त्रिपाठी, अरविंद रघुवंशी आदि मौजूद थे। 
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