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किसानों की उपज का सुरक्षित भंडारण और समय पर भुगतान होगा बेहतर: संजय नगायच,अध्यक्ष,मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन

किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण और समय पर भुगतान व्यवस्था को बनाया जाएगा और बेहतर

• आधुनिक तकनीक और नवाचार से बदलेगा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कारपोरेशन का स्वरूप : संजय नगायच


तीनबत्ती न्यूज : 23 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने कहा कि प्रदेश में किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण, खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न समय पर पहुंचाने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था को भी बेहतर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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श्री नगायच इन दिनों प्रदेश के विभिन्न संभागों में समीक्षा बैठकें करने के साथ वेयरहाउसों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं तथा मौके पर सामने आने वाली समस्याओं के निराकरण के निर्देश दे रहे हैं। सागर में उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठक के साथ ही मीडिया से चर्चा की । 

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उन्होंने बताया कि कारपोरेशन का मुख्य फोकस दो प्रमुख विषयों पर है। पहला, वेयरहाउसों का नियमित निरीक्षण कर वहां सामने आने वाली कमियों को दूर करना और दूसरा, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, अनुशासन तथा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना। उन्होंने बताया कि पन्ना जिले में भी वेयरहाउसों के निरीक्षण के दौरान नियमों के समान रूप से पालन पर विशेष जोर दिया गया था।

आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर

श्री नगाईच ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कारपोरेशन की कार्यप्रणाली में नवाचार और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। गेहूं, चना, धान, मूंग सहित किसानों की विभिन्न उपज का बड़े स्तर पर भंडारण वेयरहाउसिंग कारपोरेशन द्वारा किया जाता है। भंडारित खाद्यान्न का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है। इसलिए खाद्यान्न की सुरक्षा और गुणवत्ता बनाए रखना कारपोरेशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। वेयरहाउस परिसरों में सोलर लाइट, ई-वेयरहाउसिंग और ई-कॉमर्स गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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ई-कॉमर्स कंपनियों से जोड़ने की योजना

श्री नगाईच ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्थित वेयरहाउसों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों से जोड़ने तथा कारपोरेशन की उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा वेयरहाउसों के आसपास फ्रूट फॉरेस्ट अथवा अन्य उपयोगी गतिविधियां विकसित करने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन प्रदेश में नए और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगा। किसानों को वेयरहाउस से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए निर्धारित विभागीय माध्यमों के साथ-साथ सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से अपनी समस्या और सुझाव साझा करने की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

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रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर संचालन की मंजूरी

रेलवे का बड़ा फैसला: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों को अब मिलेगा सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस, सभी रूटों पर कर सकेंगे संचालन


तीनबत्ती न्यूज: 06 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों (CTO) के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को बड़ा बदलाव देते हुए मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब ऑपरेटरों को अलग-अलग मार्ग श्रेणियों के बजाय 25 करोड़ रुपये के एकमुश्त पंजीकरण शुल्क पर सिंगल ऑल इंडिया लाइसेंस मिलेगा, जिससे वे भारतीय रेल नेटवर्क के सभी मार्गों पर कंटेनर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे।

यह नई व्यवस्था राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रमुख बदलाव

  • सभी मार्गों के लिए एक ही ऑल इंडिया लाइसेंस।
  • 25 करोड़ रुपये का एकसमान और अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क।
  • लाइसेंस अवधि पूरी होने के बाद 20 वर्ष के विस्तार पर कोई नवीनीकरण शुल्क नहीं।
  • मौजूदा कैटेगरी-I ऑपरेटरों को नवीनीकरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
  • कैटेगरी-II, III और IV ऑपरेटर नई व्यवस्था में आने पर 15 करोड़ रुपये का अंतर शुल्क जमा करेंगे।

उद्योग और एमएसएमई को होगा फायदा

रेल मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था से नियामकीय और अनुपालन लागत कम होगी। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी। विशेष रूप से एमएसएमई को कम लागत पर माल परिवहन का विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।

पर्यावरण को भी लाभ

सरकार का मानना है कि अधिक कंटेनर यातायात सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित होने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे देश में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।


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