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सीएम डॉ मोहन यादव आएंगे गढाकोटा रहस लोकोत्सव में 26 फरवरी को

सीएम डॉ मोहन यादव आएंगे गढाकोटा रहस लोकोत्सव में 26 फरवरी 2025 को


तीनबत्ती न्यूज : 24 फरवरी, 2026

सागर: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव द्वारा आयोजित गढाकोटा रहस लोकोत्सव मेला में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ यादव 26 फरवरी 2026 गुरुवार को दोपहर: 12 बजे  गढ़ाकोटा रहस लोकोत्सव में "बुंदेलखंड स्तरीय किसान सम्मेलन, शहरी- ग्रामीण आजीविका समूहों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि रहस मेला ऐतिहासिक मेले का आयोजन 26 से 28 फरवरी के बीच किया जा रहा है. यह मेला बुंदेली कला, संस्कृति और परंपरा का एक बड़ा केंद्र है.बुंदेलखंड अंचल की पहचान है। जिसमें हजारों लोग शामिल होते है।

तैयारियों का लिया जायजा और बैठक


पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आगामी 26 फरवरी से आयोजित होने जा रहे तीन दिवसीय रहस मेला लोकोत्सव की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में मेला रहस प्रांगण में विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्यजनों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में मेला आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । साथ ही प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर मेला कार्यालय का शुभारंभ किया।  उन्होंने का कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह लोकआस्था एवं संस्कृति का महोत्सव सफल, सुव्यवस्थित एवं जन-जन के लिए मंगलमय सिद्ध हो।आप सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस लोकपर्व को ऐतिहासिक बनाएं।



दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने और सहायक उपकरण वितरण के लिए शिविर लगाया जाएगा

गढाकोटा में 26 से 28 फरवरी तक आयोजित रहस मेले में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने और सहायक उपकरण वितरण के लिए शिविर लगाया जाएगा। जिला मेडीकल बोर्ड द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जबकि एलिम्को जबलपुर द्वारा ट्रायसाईकिल, बैसाखी, मोटराइज्ड ट्रायसाईकिल, श्रवण यंत्र आदि सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। आवश्यक दस्तावेजों में समग्र आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट फोटो, इलाज के दस्तावेज शामिल हैं।

200 साल पुराना मेला

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में आयोजित होने वाला रहस मेला बुंदेलखंड का एक प्रमुख 218 वर्ष से अधिक पुराना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मेला है.

 राजा मर्दन सिंह जूदेव के शासनकाल में शुरू हुआ यह मेला बसंत पंचमी से रंग पंचमी तक सुनार नदी के किनारे लगता है। पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय विधायक गोपाल भार्गव ने इस मेला की जन उपयोगी बनाकर एक नई पहचान दी है। 

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लैब टेक्नीशियनो के अधिकार की लड़ाई की नायक बनी सागर की एडवोकेट समृद्धि जैन ▪️बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ 28 लैब टेक्नीशियनों की सुप्रीम कोर्ट में जीत

लैब टेक्नीशियनो के अधिकार की लड़ाई की नायक बनी सागर की एडवोकेट समृद्धि जैन

▪️बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ 28 लैब टेक्नीशियनों  की सुप्रीम कोर्ट में जीत


तीनबत्ती न्यूज : 24 फरवरी। 2026

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में पदस्थ 28 लैब टेक्नीशियनों की वर्ष 2010 में भर्ती प्रक्रिया की गई थी जिसे तीन साल बाद अनियमितता का हवाला देकर सेवाओं से पृथक किया गया था।

जिसके विरुद्ध समस्त लैब टेक्नीशियन हाई कोर्ट की शरण में गए। जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया को सही मानते हुए समस्त कर्मचारियों को पूर्ण वेतन और समस्त परिणामी लाभ प्रदान कर सेवा में पुनः रखने का आदेश दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जबलपुर हाई कोर्ट की द्वितीय बेंच में इस फैसले को चैलेंज किया। जिसकी सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने लैब टेक्नीशियन के हितों को ध्यान रखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

हाई कोर्ट डबल बेंच के फैसले के बाद लैब टेक्नीशियन को जब अपने अधिकार प्राप्त न हुए तो उनके द्वारा कंटेंप ऑफ कोर्ट फाइल किया गया जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।

सुप्रीम कोर्ट में लैब टेक्नीशियन की पक्षधर पूर्व विधायक सुनील जैन एवं आचरण हिंदी दैनिक न्यूज़पेपर की प्रबंध संपादक निधि जैन की बेटी हैं समृद्धि जैन ।  उन्होंने केस के प्रथम दिवस ही विपक्ष के वकीलों से बहस करते हुए समस्त लैब टेक्नीशियनों को उन्हें अधिकारों की जीत दिलवाई।

09 साल से प्रेक्टिस कर रही है समृद्धि जैन

ज्ञात हो कि समृद्धि जैन एडवोकेट  ने सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया में  भी Advocate on records का एग्जाम भी national मेरिट के आधार पर  फर्स्ट अटेम्प्ट में क्लियर किया ..  पिछले 9 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही समृद्धि जैन  ने  कई महत्वपूर्ण  cases  में सागर एवं मध्य प्रदेश के  नागरिकों को न्याय दिलवाया है एवं शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है

मेडिकल कॉलेज में पदस्थ समस्त लैब टेक्नीशियन ने इस जीत का श्रेय नगर की लाडली बिटिया एडवोकेट समृद्धि जैन को दिया है।।

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आकाश एजुकेशनल सर्विसेज का भारतीय सेना व CRPF परिवार कल्याण संघ के साथ समझौता : मिलेगी छात्रवृत्ति और विशेष लाभ

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज का भारतीय सेना व CRPF परिवार कल्याण संघ के साथ समझौता : मिलेगी छात्रवृत्ति और विशेष लाभ 



तीनबत्ती न्यूज : 24 फरवरी, 2026: 

सागर:  परीक्षा की तैयारी कराने वाला संस्थान आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एइसीएल) ने भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल परिवार कल्याण संघ (CWA )सीडब्लूए  के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य देशभर में सेवारत सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए शैक्षिक सहायता को सशक्त बनाना है। यह सहयोग देशभर के (AESL)  एईएसएल   केंद्रों पर संरचित छात्रवृत्तियों, मेंटरिंग और करियर काउंसलिंग के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक उनकी पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है। यह समझौता हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (BSF) बी एस एफ  के साथ किए गए इसी तरह के एक करार के तुरंत बाद हुआ है। इसकी जानकारी सागर स्थित आकाश एजुकेशनल के असिस्टेंट डायरेक्टर अनूप कुमार ,ब्रांच मैनेजर राजेश मिश्रा, राहुल ने  इस संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र श्रुत जैन का सम्मान किया गया।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा, “राष्ट्र की सेवा करने वाले लोग इस सम्मान के हकदार हैं कि उनके परिवारों को आगे बढ़ने और सफल होने के हर संभव अवसर मिलें। इस साझेदारी के माध्यम से, हम रक्षा परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता को अधिक सुलभ बनाने और उनकी शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करने में उनके साथ खड़े होने की आशा करते हैं। यह हमारे सशस्त्र बलों का समर्थन करने वाले व्यापक इकोसिस्टम में योगदान देने का हमारा एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।”

यह पहल सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, बलों के दिव्यांग सदस्यों तथा ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों को लाभ पहुंचाएगी। इसे एक दीर्घकालीन सहयोग कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि समझौते के तहत, (AESL) एईएसएल देशभर में स्थित अपने केंद्रों पर पात्र भारतीय सेना और सीआरपीएफ कर्मियों तथा उनके आश्रितों को छात्रवृत्ति प्रदान करने पर सहमत हुआ है। यह समझौता तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम (AESL)  एईएसएल की मौजूदा मेरिट-आधारित छात्रवृत्तियों के साथ मिलकर संचालित होगा, जिससे मेधावी छात्रों के लिए शिक्षा तक अतिरिक्त पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

उपरोक्त सहायता कार्यक्रमों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए( AESL )  एईएसएल निर्धारित 'डिफेंस स्कूल' परिसरों और/या विभिन्न स्थानों पर स्थित अपने केंद्रों पर राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति और प्रतिभा पहचान परीक्षाएं आयोजित करेगा। इनमें 'आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम' और अन्य समान परीक्षाएं शामिल होंगी, ताकि देशभर के पात्र उम्मीदवारों को सुविधा और सुलभता मिल सके।

भारतीय सेना के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए:

ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मियों के आश्रितों के लिए केवल पंजीकरण शुल्क देय होगा (यानी अन्य सभी शुल्कों पर 100% छूट)।

20% से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं के आश्रितों के लिए ट्यूशन शुल्क पर 100% छूट।

सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के आश्रितों के लिए ट्यूशन शुल्क पर 20% छूट, जो अन्य छात्रवृत्तियों की कटौती के बाद लागू होगी।

सीआरपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों के लिए:

ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मियों के आश्रितों के लिए केवल पंजीकरण/प्रवेश शुल्क देय होगा (ट्यूशन और अन्य सभी शैक्षणिक शुल्कों पर 100% छूट)।

गंभीर दिव्यांगता वाले कर्मियों के लिए ट्यूशन शुल्क पर 100% छूट, जो वैध सेवा/दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर देय होगी।

सेवारत कर्मियों, वीरता पुरस्कार विजेताओं और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए ट्यूशन शुल्क पर 22% छूट, जो मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के अतिरिक्त होगी।


वित्तीय सहायता के अलावा, दोनों समझौतों के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन, करियर परामर्श और काउंसलिंग सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सके, इसके लिए इन छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का प्रचार सभी रक्षा इकाइयों और संस्थानों के माध्यम से किया जाएगा।

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योगाचार्य विष्णु आर्य सहित सात वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को "अटल कार्यकर्ता " सम्मान

योगाचार्य विष्णु आर्य सहित सात वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को "अटल कार्यकर्ता " सम्मान 



तीनबत्ती न्यूज : 23 फरवरी, 2026

सागर: अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी (2025-26) के उपलक्ष्य में 'अटल स्मृति मंच के' द्वारा मध्य प्रदेश में अटल कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम के तहत बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अटल स्मृति समिति के प्रमुख धीरज पटेरिया ने सागर के वरिष्ठ कार्यकर्ता और योगाचार्य विष्णु आर्य, विक्रम मौर्य, गयारशी प्रसाद भट्ट राजकुमार भट्ट, कन्हैया लाल जड़िया, सूरज चौरसिया, नंद किशोर चौरसिया और राम प्रसाद विश्वकर्मा को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया। सम्मान पत्र का वाचन भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट प्रदीप राजौरिया ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सागर: योगाचार्य विष्णु आर्य को अटल कार्यकर्ता सम्मान से नवाजा गया

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अटल स्मृति समिति के धीरज पटेरिया ने बताया कि अटल जी की जन्म शताब्दी वर्ष में अटल कार्यकर्ता सम्मान यात्रा निकाली जा रही है। जिसमें जनसंघ के समय के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, मीसाबंदियों को रजत पत्र, शाल और श्रीफल से घर-घर जाकर सम्मानित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भाजपा की विचारधारा को जीवित रखने वाले वरिष्ठों को नमन करता है।


इस मौके पर योगाचार्य विष्णु आर्य ने कहा कि यह सम्मान उनको गौरांवित करने वाला है। भाजपा अपनी पार्टी के संघर्ष से जुड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान करने का सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अटल जी के बताए मार्ग पर चल रही है ।

ये रहे शामिल

अटल कार्यकर्ता सम्मान के अवसर पर वरिष्ठ नेता रामकुमार साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ केसरवानी, पार्षद याकृति जड़िया, द्वारका भट्ट, पंकज भट्ट द्वारका भट्ट,  पुष्पेंद्र सिंह यादव सहित पार्टी के कार्यकर्ता और अटल स्मृति समिति की टीम के सदस्य मौजूद रहे।

धीरज पटेरिया  के सागर आगमन पर स्वागत किया 


भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री धीरज पटेरिया के सागर आगमन पर भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट प्रदीप राजोरिया जी के निवास भव्य  स्वागत किया गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे




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खुरई, मालथौन और बांदरी के शासकीय कालेजों में नये पाठ्यक्रमों, स्टाफ व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर ध्यानाकर्षण में चर्चा, उच्च शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई

खुरई, मालथौन और बांदरी के शासकीय कालेजों में नये पाठ्यक्रमों, स्टाफ व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर ध्यानाकर्षण में चर्चा, उच्च शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई


तीनबत्ती न्यूज : 23 फरवरी। 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने आज विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, मालथौन व बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय एवं बीएड प्रारंभ करने की मांग भी की। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा उठाई गई ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम प्रारंभ करने तथा जगह की उपलब्धता होने पर जल्द ही स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है।

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ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 तथा स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है, भवन में भी कठिनाई है। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र तथा कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम एवं वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। इसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी आरंभ किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास तथा विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक तथा कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है।


पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 10 पद रिक्त हैं तथा बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है।


उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर अपने उत्तर में कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जा रहा है। मंत्री श्री परमार ने बताया कि शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही करते हुए वर्ष 2025 में शास महाविद्यालय खुरई में 01 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 01 सहायक प्राध्यापक तथा मालथौन में 02 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नये विषय एवं संकाय प्रारंभ करने तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्यवाही और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है। जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं, बाकी कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं उसमें हमने प्राचार्यों को निर्देशित किया है। रिक्त पदों पर हम भर्ती कर रहे हैं लेकिन उसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पूरी पात्रता रखने वाले अतिथि विद्वानों की व्यवस्था की गई है।


उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने अपने उत्तर में कहा कि खुरई महाविद्यालय में उपलब्ध जमीन में भवन के बाद जो खाली स्थान बचा है उसका हम परीक्षण करा रहे हैं यदि वहां स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बन सकता है तो जरूर बनाएंगे। समयावधि पर उन्होंने कहा कि जो विषय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्यों को अधिकार हैं वह खोल सकते हैं, भोपाल से अनुमति देने की जरूरत नहीं है लेकिन प्राचार्यों ने नहीं किया है तो हम उनसे पूछेंगे। उनको कठिनाई होगी तो उनका निराकरण करेंगे, जो हम यहां से कर सकते हैं यहां से भी करेंगे। शासन स्तर से हमने काफी काम किया है उनको हम समयावधि में करेंगे ताकि अगले सत्र से वहां पर हम पाठ्यक्रम शुरू करा सकें। यदि जगह मिल गई है तो हम बहुत जल्दी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्वीकृत कर देंगे।



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विधानसभा :विधायक शैलेंद्र जैन ने तेंदूपत्ता उद्योग , सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस, चिड़ियाघर निर्माण,दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र ,अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का मुद्दा उठाया

विधानसभा :विधायक शैलेंद्र जैन ने तेंदूपत्ता उद्योग , सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस, चिड़ियाघर निर्माण,दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र ,अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का



मुद्दा उठाए


तीनबत्ती न्यूज: 23 फरवरी, 2026
सागर।मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मांग संख्या 10 के तहत वन विभाग पर बोलते हुए कहा कि किसी भी राज्य की तरक्की उसकी वन संपदा से जुड़ी होती है। मध्य प्रदेश देश का वन संपदा के मामले में अग्रणी राज्य है और हमारी जिम्मेदारी भी अधिक है।

बजट का प्रावधान जरूरी

उन्होंने कहा कि सागर और अन्य शहरों के आसपास स्थित वन क्षेत्रों को "सिटी फॉरेस्ट" के रूप में उन्नत किया गया है, और प्रदेश में 94 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं, जो देश में सबसे पहले स्थान पर हैं। इन सिटी फॉरेस्ट्स का कार्य शहरों के फेफड़ों और ऑक्सीजन बैंक के रूप में होता है, लेकिन इनके मेंटेनेंस के लिए केंद्र या राज्य स्तर से बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे इनका रखरखाव मुश्किल हो रहा है। विधायक श्री जैन ने इन सिटी फॉरेस्ट्स के मेंटेनेंस के लिए बजट आवंटन की मांग की।

विधायक श्री जैन ने बताया कि शासन द्वारा चिड़ियाघर निर्माण के लिए सागर और रायसेन के प्रस्ताव भेजे थे जिन्हें नेशनल जू अथॉरिटी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, लेकिन बजट की कमी के कारण यह काम रुक गया है। उन्होंने इसके लिए कांपा (Campa) फंड का उपयोग कर जू रेस्क्यू सेंटर बनाने का सुझाव दिया उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से न केवल पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा बल्कि वन्यजीवों के रेस्क्यू सेंटर के रूप में भी एक बड़ा कार्य होगा।

तेंदूपत्ता उद्योग पर कराया ध्यान आकर्षित

इसके अलावा, विधायक जैन ने तेंदू पत्ता उद्योग के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का 50% तेंदू पत्ता आपूर्ति करता है, लेकिन बीड़ी निर्माण में कमी आई है, जबकि पश्चिम बंगाल में बीड़ी निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिससे वहां बांग्लादेश से आए हुए रोहिंग्या घुसपैठियों लोग रोजगार पा रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के लोग बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। इसके समाधान के लिए उद्योगपतियों को इंसेंटिव के माध्यम से प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

चीता प्रोजेक्ट

विधायक श्री जैन ने मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे सागर जिले के रानी दुर्गावती नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के आगमन के बारे में भी बात की और कहा कि वहां टाइगर पहले से उपलब्ध हैं चीता के आगमन से सोने पर सुहागा होगा। इसके अलावा, उन्होंने वन समितियों को 15,608 की संख्या में बताया और कहा कि उन्हें एक बड़ा बजट उपलब्ध कराकर वन योजनाओं का पुनर्जीवन करना चाहिए।

विधायक ने यह भी कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक वन विस्थापन और नक्षत्र वन जैसे महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं, जो प्रदेश की जैव विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा दे रही हैं।

अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों का मुद्दा, सीट विस्तार व सुविधाओं को लेकर मांगी जानकारी

बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित प्रश्न क्रमांक 1576 के माध्यम से सागर विधानसभा सहित जिले में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक-बालिका छात्रावासों की व्यवस्थाओं, सीट विस्तार, प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण एवं रिक्त पदों को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

विधायक श्री जैन ने शासन से पूछा कि क्या सागर जिले में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों की सीट क्षमता बढ़ाने की कोई योजना है तथा यदि नहीं, तो क्या इस दिशा में विचार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी मांगी।

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जिले के किन छात्रावासों में पुस्तकालय एवं खेल-कूद मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा जिन छात्रावासों में यह व्यवस्थाएं नहीं हैं, वहां उनकी पूर्ति के लिए शासन क्या कदम उठा रहा है। इसके अतिरिक्त छात्रावासों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों एवं उनकी पूर्ति की कार्यवाही संबंधी जानकारी भी सदन के माध्यम से मांगी।

प्रश्न के उत्तर में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि छात्रावासों में सीट वृद्धि का निर्णय आवश्यकता एवं औचित्य स्थापित होने पर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों को JEE, NEET एवं CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु ‘आकांक्षा योजना’ संचालित की जा रही है।

मंत्री ने यह भी बताया कि छात्रावासों में पुस्तकालय, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यकता एवं उपलब्ध बजट के अनुसार समय-समय पर किया जाता है। वहीं छात्रावास अधीक्षक के पद प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के अंतर्गत आते हैं, जिनकी भर्ती कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा के माध्यम से की जाती है।

दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र :का मुद्दा : 3 वर्षों में 1270 दिव्यांगों को मिला लाभ

बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगजनों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, संसाधनों एवं रिक्त पदों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया।

विधायक श्री जैन ने जानकारी चाही कि क्या सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग निर्माण एवं उनके मरम्मत/सुधार का कार्य किया जा रहा है तथा विगत तीन वर्षों में सागर विधानसभा क्षेत्र के कितने दिव्यांगों को इसका लाभ मिला है। साथ ही उन्होंने फिजियोथेरेपी, मानसिक दिव्यांगजनों की थैरेपी, स्पीच थैरेपी एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी मांगी।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपने उत्तर में बताया कि सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में कृत्रिम अंगों की मरम्मत एवं सुधार का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। विगत तीन वर्षों में सागर विधानसभा क्षेत्र के 630 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग सुधार कार्य से लाभान्वित किया गया, जबकि कुल 1270 दिव्यांगजन विभिन्न सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों (DDRC) में कृत्रिम अंगों की मरम्मत हेतु पर्याप्त कच्चा माल एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 2 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राशि के प्रस्ताव संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारत सरकार को अनुदान प्रस्ताव भी प्रेषित किया गया है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सागर स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में वर्तमान में कुल 6 पद रिक्त हैं। इन पदों की पूर्ति जिला प्रबंधन दल (DMT) द्वारा जिला स्तर पर विज्ञप्ति जारी कर निर्धारित योग्यता के आधार पर की जाती है, जो एक सतत प्रक्रिया है।

विधानसभा में उठाए गए इस प्रश्न के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध सेवाओं की स्थिति तथा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या का आकलन: 2536 गिद्ध मिले

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या का आकलन: 2536 गिद्ध मिले


तीनबत्ती न्यूज :  23 फरवरी 2026

सागर: मध्य प्रदेश वन विभाग के निर्देशों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 20 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक गिद्धों की संख्या का आकलन किया गया। इस आकलन का उद्देश्य टाइगर रिजर्व में गिद्धों की कुल संख्या का मूल्यांकन करना था। वर्ष 2026 के गिद्ध सर्वेक्षण के दौरान कुल सात गिद्ध प्रजातियाँ दर्ज की गईं एवं इस दौरान कुल 2536 गिद्ध संख्या दर्ज की गई। 

इनमें से सबसे अधिक संख्या भारतीय गिद्ध (लॉन्ग बिल्ड गिद्ध) की थी, उसके बाद व्हाइट रंप्ड गिद्ध की। इजिप्शियन गिद्ध की संख्या मध्यम थी, जबकि लाल सिर वाले गिद्ध की संख्या कम थी। यूरेशियन ग्रिफॉन, हिमालयन ग्रिफॉन और सिनेरियस गिद्ध जैसी प्रवासी प्रजातियाँ भी टाइगर रिजर्व में दर्ज की गईं।

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सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे

सागर की 104 कम्पोजिट शराब दुकानों के ई-टेण्डर होंगे


तीनबत्ती न्यूज :  23 फरवरी 2026

सागर: सहायक आयुक्त आबकारी सागर ने बताया कि मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) कमांक 45 दिनांक 20.02.2026 में प्रकाशित आबकारी ठेका व्यवस्था वर्ष 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में सागर जिले की 104 कम्पोजिट मदिरा दुकानों का ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से किया जाएगा। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने हेतु आवेदक का ई-आबकारी पोर्टल पर कॉट्रेक्टर माडयूल रजिस्ट्रेशन अंतर्गत पंजीयन होना अनिवार्य है। मदिरा दुकानों की निष्पादन प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवेदक पेन कार्ड, जी.एस.टी. (जहाँ लागू हो), बैंक खाता, पहचान संबंधी दस्तावेज एवं शपथ पत्र ई-आबकारी पोर्टल पर अपलोड कर कॉट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन कर सकते है ।

मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसमें शराब दुकानों को 2 से 5 के छोटे समूहों में ई-टेंडर के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के लिए दुकानों की आरक्षित कीमत में 20% की बढ़ोतरी की गई है और शराब महंगी होने की संभावना है। इस वर्ष किसी नई शराब दुकान को नहीं खोला जाएगा, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर सिंडिकेट को खत्म करने पर जोर दिया गया है।

मध्यप्रदेश आबकारी विभाग ठेका 2026-27 के प्रमुख बिंदु:

ई-टेंडर/ई-ऑक्शन: शराब दुकानों का आवंटन 3,553 दुकानों के लिए पारदर्शी ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से किया जाएगा।

छोटे समूह: दुकानों को बड़े समूह की जगह 2 से 5 के छोटे समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

आरक्षित मूल्य में वृद्धि: शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में वर्तमान मूल्य से 20% तक की वृद्धि की जाएगी।

नवीनीकरण (Renewal): इस बार शराब दुकानों के नवीनीकरण की संभावना काफी कम है, और सभी को नीलामी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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