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सागर: गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' के तहत सैकड़ों छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी

सागर गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान: छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के टिप्स

सागर। मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' के अंतर्गत सोमवार को शहर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज सागर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP फ्रॉड और UPI धोखाधड़ी जैसे अपराधों से बचने के तरीके बताए।

सैकड़ों छात्राओं को दी गई ट्रेनिंग

सागर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने सैकड़ों छात्राओं को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन निवेश ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी। लगभग 13 हजार छात्राओं वाले इस महाविद्यालय में छात्राओं को जागरूक किया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

डिजिटल अरेस्ट से बचने के उपाय

डीएसपी प्रतिमा जैन ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI या कोर्ट का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डरा-धमका कर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। इसे ही डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे किसी भी कॉल को तुरंत काट दें और 1930 पर सूचना दें।

पुलिस का संदेश: सतर्कता ही सुरक्षा

महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। ऑनलाइन दोस्ती, लॉटरी, गिफ्ट या जॉब ऑफर के नाम पर आने वाले मैसेज से सावधान रहें। अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का उद्देश्य हर नागरिक, खासकर छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना है।

रिपोर्ट: तीनबत्ती न्यूज, सागर

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सागर में पेंशनरों का जल सत्याग्रह: 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी

तीनबत्ती न्यूज: 02 जुलाई, 2026

सागर में पेंशनरों का जल सत्याग्रह

सागर: आज प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन एवं विद्युत मण्डल पेंशनर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में पूर्व घोषित जल सत्याग्रह कार्यक्रम का आयोजन कर मध्यप्रदेश शासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय पेंशनर शामिल हुए।

पहले आम सभा, फिर पानी में उतरे पेंशनर

जल सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत एक आम सभा से हुई। सभा को संबोधित करते हुए प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री/अध्यक्ष हरिओम पाण्डेय ने बताया कि इस समय पेंशनरों की 13 सूत्रीय समस्याएं शासन के समक्ष लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लंबे समय से पेंशनरों का आर्थिक नुकसान कर रही है। एसोसिएशन ज्ञापन और धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को अवगत करा रही है, किन्तु सरकार हमेशा अनसुनी कर रही है।

धारा 49(6) पर सरकार को घेरा, हजारों करोड़ का एरियर्स बकाया

श्री पाण्डेय ने कहा कि राज्य बंटवारे की जिस धारा 49(6) का सहारा लेकर सरकार महंगाई राहत में खंडित तिथि से भुगतान करती है, उस धारा को मध्यप्रदेश सरकार ने स्वयं हालिया बयान में स्वीकार किया है कि दोनों सरकारों की सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए इस धारा को अंतिम सहमति मानते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से धारा 49(6) को अंतिम सहमति देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि हमारा एसोसिएशन विगत 5 वर्षों से अपने ज्ञापनों और सभा के माध्यम से अवगत कराता आ रहा है कि सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके मध्यप्रदेश शासन द्वारा पेंशनरों का हजारों करोड़ रूपया एरियर्स का हजम कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि हमारा एरियर्स हमें वापस दिया जाए।

इन नेताओं ने भी किया संबोधित

सभा को संभागीय अध्यक्ष ब्रजबिहारी उपाध्याय, सुदामा प्रसाद रैकवार, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश उपाध्याय, वरिष्ठ नागरिक मण्डल के अशोक तिवारी, म.प्र. विद्युत एसो. मण्डल से रामलखन श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष योगेश सिंघई, अरविंद जैन, अनिल गुप्ता ने संबोधित किया।

इनकी रही उपस्थिति, विधानसभा घेराव की चेतावनी

कार्यक्रम में प्रमुख पेंशनर एसोसिएशन से जिला सचिव अरविंद चौबे, प्रदीप श्रीवास्तव, बी.डी. साहू, राजू स्वर्णकार, शिवराज सिंह ठाकुर, बी.एस. पाण्डेय, सुदामा प्रसाद मिश्रा, देवेन्द्र पाण्डेय, अनिल भट्ट, ब्रजभूषण त्रिपाठी, रमाकांत मिश्रा, आर.एल. शुक्ल, गोविंद पाण्डेय, राज्य परिवहन पेंशन एसोसिएशन से आर.के. सोनी, रमेश पाठक, पी.आर. मिश्रा आबकारी, एम.के. रावत, मुन्नालाल सेन सहित सैकड़ों की संख्या में पेंशनरों ने उग्र प्रदर्शन कर भारी नारेबाजी की।

पेंशनरों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो भोपाल में जाकर पूरे प्रदेश के 4.50 लाख पेंशनर विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।

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सागर: मर्डर या सुसाइड? डॉक्टर नहीं बता पाए, हाईकोर्ट ने पति-देवर को उम्रकैद से किया बरी

तीनबत्ती न्यूज : 02 जुलाई, 2026

तीनबत्ती न्यूज : 02 जुलाई, 2026

जबलपुर/सागर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश को पलट दिया है। हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे मृतका के पति छतर सिंह लोधी और देवर लक्खू उर्फ लखन सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या था पूरा मामला? 2021 की घटना

यह मामला 4 फरवरी 2021 का है। सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई थी। मृतका के मायके वालों ने आरोप लगाया था कि पति छतर सिंह और देवर लखन सिंह ने दहेज के लिए महिला पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धारा 302 हत्या और 498-ए दहेज प्रताड़ना के तहत केस दर्ज किया था।

सेशन कोर्ट सागर ने 15 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इसे "दहेज हत्या का जघन्य अपराध" माना था।

हाईकोर्ट में कैसे पलटा केस?

आरोपियों ने सेशन कोर्ट के फैसले को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की डिवीजन बेंच ने पूरे मामले की सुनवाई की। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने कहीं भी यह नहीं लिखा कि मौत होमीसाइडल यानी हत्या से हुई है।

हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया। रिपोर्ट में डॉक्टर ने सिर्फ "मौत जलने से हुई" लिखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि आग खुद लगाई गई थी या लगाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि जब डॉक्टर ही हत्या और आत्महत्या के बीच अंतर नहीं बता पाया तो सिर्फ शक के आधार पर उम्रकैद नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

हाईकोर्ट ने 42 पन्नों के फैसले में लिखा: "अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि मृतका की मौत हत्या थी। मेडिकल साक्ष्य अस्पष्ट है और डॉक्टर की राय निर्णायक नहीं है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुसार, संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।"

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती। घटनास्थल से केरोसिन का डिब्बा तो मिला, लेकिन उस पर आरोपियों के फिंगरप्रिंट नहीं मिले। पड़ोसियों के बयान भी विरोधाभासी थे।

अब क्या होगा? फैसले के मायने

इस फैसले के बाद दोनों भाई जेल से रिहा हो जाएंगे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मेडिकल जांच और पुलिस विवेचना के लिए नजीर बनेगा। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि मौत की प्रकृति क्या थी - हत्या, आत्महत्या या हादसा।

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इंदौर में वाटर हार्वेस्टिंग बना जनआंदोलन: 10% टैक्स छूट से बढ़े सिस्टम, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया निरीक्षण

इंदौर: वाटर हार्वेस्टिंग बना जनआंदोलन, 10% टैक्स छूट का दिखा असर


तीनबत्ती न्यूज:02 जुलाई

इंदौर। शहर में वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में नगर निगम का प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगा है। अपने घर, भवन, कार्यालय अथवा व्यावसायिक परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने वाले संपत्ति स्वामियों को नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।


महापौर ने किया रीगल चौराहा क्षेत्र का निरीक्षण

इसी क्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के जोनल अधिकारियों और पार्षद पंखुड़ी डोसी के साथ रीगल चौराहा एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न आवासीय भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालय परिसरों में स्थापित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जागरूक नागरिकों का महापौर ने जताया आभार

निरीक्षण के दौरान महापौर ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वाले भवन स्वामियों का इंदौर के जागरूक नागरिक होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को भी वर्षा जल संचयन के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक भवनों में यह व्यवस्था स्थापित हो सके।

ग्रीष्मकाल में बोरवेल सूखने से लिया था संकल्प

उल्लेखनीय है कि गत ग्रीष्मकाल में भूजल स्तर में गिरावट के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बोरवेल सूख गए थे, जिससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इसी चुनौती को देखते हुए नगर निगम ने शहरवासियों के साथ मिलकर प्रत्येक भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब इस अभियान का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है और शहर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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दमोह: जर्जर बालिका छात्रावास की छत गिरी, 8 छात्राएं घायल, वार्डन निलंबित

दमोह: जर्जर बालिका छात्रावास की छत गिरी, 8 छात्राएं घायल, वार्डन निलंबित



तीनबत्ती न्यूज|02 जुलाई 2026

दमोह : मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पटेरा के समीप ग्राम राजाबंदी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में बुधवार शाम बड़ा हादसा हो गया। जर्जर भवन की छत का प्लास्टर गिरने से 8 छात्राएं घायल हो गईं। 


गंभीर रूप से घायल 6 छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना शाम करीब 5 बजे की है जब बच्चियां कमरे में पढ़ाई कर रही थीं।


स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले ही प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। यदि समय पर कार्रवाई होती तो हादसा टल सकता था।


घटना के बाद CEO जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने वार्डन सीता स्वामी तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सहायक वार्डन जुलेखा बी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

तहसीलदार उमेश तिवारी, SDM राकेश मरकाम सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के आदेश दिए गए हैं।

छात्रावास में 50 छात्राएं रहती हैं। यह भवन 2010-11 का बना है। उपसरपंच दिलीप पटेल के मुताबिक मरम्मत के लिए बजट नहीं आया था। घायल छात्राएं: शिक्षा (10), ज्योति (12), काजल (12), बबली (12), लक्ष्मी (12), रश्मि (12), अनामिका (11), लक्ष्मी (11)

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सागर: महापौर की जनचौपाल में मौके पर समाधान, अधिकारियों को नोटिस

सागर: महापौर की जनचौपाल में मौके पर समाधान, अधिकारियों को नोटिस



तीनबत्ती न्यूज: 1 जुलाई 2026 सागर: नगर निगम सागर द्वारा संचालित "आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचैपाल" अभियान का 18वां शिविर बुधवार को संत कंवरराम एवं शास्त्री वार्ड स्थित सिंधी धर्मशाला में आयोजित किया गया। महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही पात्र हितग्राहियों के आवेदन लेकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

महापौर ने कहा कि नगर निगम प्रत्येक वार्ड में जनचैपाल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिविरों में वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, संबल कार्ड, समग्र आईडी, राशन पर्ची, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े मामलों का निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, जलप्रदाय, स्वच्छता, अतिक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है।


महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने कहा कि यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रही है तथा छोटी-छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान हो रहा है। एमआईसी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर ने कहा कि जनचौपाल शिविर नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं और प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

शिविर में एमआईसी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर, श्री संगीता शैलेष जैन, श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया,पार्षद  श्रीमती रोमा कैलाश हसानी,श्रीमती गीता संजय दुबे,  श्री कन्हैयालाल,  रामचंद्र पीपराली,चंदू बुलवानी, मनोहर मीरचंदानी, अनिल लालवानी,सन्तू पोपरानी, मुरली बजाज, जगदीश दरयानी,अशोकबुधवानी, सुरेश हसरेजा, श्रीमती कविता शर्मा ,सच्चानंद छावड़ा,अमित लालवानी, महेश राजपूत,राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी, उपयंत्री संयम चतुर्वेदी, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव, प्रकाश प्रभारी श्रीमती आसिमा तिर्की, एनयूएलएम सिटी मैनेजर विक्रम जैन, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार, यशवंत कोष्टी, आसिफ खान,मंगल तिवारी, स्वदेश राजा बुंदेला, राजेंद्र मलैया,संबंधित एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।


अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्ती

शिविर के दौरान महापौर ने जोन प्रभारी रज्जन करोसिया के देर से पहुंचने तथा सफाई दरोगा राकेश सनकत के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए दोनों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


'सिंन्धियत जी पाठशाला' का शुभारंभ, नई पीढ़ी को सिंधी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

सागर में सिंधी साहित्य अकादमी, भोपाल द्वारा आयोजित "सिंन्धियत जी पाठशाला" शिविर का शुभारंभ श्री झूलेलाल हाई स्कूल, सिंधी कैंप में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने किया।



महापौर ने कहा कि नई पीढ़ी को सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजकों ने बताया कि यह शिविर 1 से 12 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को सिंधी भाषा, सिंधी गीत, संत-महापुरुषों के जीवन-दर्शन और सिंधु संस्कृति की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में भारतीय सिंधु सभा, पूज्य सिंधी पंचायत, श्री झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट, श्री गुरुनानक मंदिर ट्रस्ट तथा सकल सिंधी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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सागर स्मार्ट सिटी के वर्किंग वुमन हॉस्टल का संचालन एक सप्ताह में प्रारम्भ करवायें : कलेक्टर प्रतिभा पाल ▪️कलेक्टर ने इनक्यूबेशन सेंटर और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

सागर स्मार्ट सिटी के वर्किंग वुमन हॉस्टल का संचालन एक सप्ताह में प्रारम्भ करवायें : कलेक्टर प्रतिभा पाल

▪️कलेक्टर ने इनक्यूबेशन सेंटर और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 01 जुलाई 2026
सागर: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम  अमन मिश्रा,  भरत राजपूत सहित अन्य अधिकारीयों के साथ सागर स्मार्ट सिटी के इनक्यूबेशन सेंटर भवन और वर्किंग वुमन हॉस्टल का निरीक्षण किया। उन्होंने ओल्ड आरटीओ परिसर में बने इनक्यूबेशन सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर और थर्डफ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों हेतु विशाल हॉल सहित फस्ट व सेकण्ड फ्लोर पर स्थापित इनक्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण कर अधिकारीयों को जल्द से जल्द इसका संचालन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा की सागर शहर में नवउद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर उद्यमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा ओल्ड आरटीओ परिसर में इनक्यूबेशन सेंटर भवन का निर्माण कर इनक्यूबेशन सेंटर संचालित किया जा रहा था विगत दिनों में किन्ही कारणों से संचालन बंद कर दिया गया था, इस इनक्यूबेशन सेंटर को पुनः संचालित करने हेतु रुपरेखा तैयार करें और शीघ्रातिशीघ्र इसका संचालन प्रारम्भ करायें। इस भवन में कमर्शियल गतिविधियों हेतु हेतु उपलब्ध स्थल का भी उचित उपयोग सुनिश्चित कराने का प्रयत्न करें।

उन्होंने कहा की बिजनेस के बदलते दौर में इसके तरीके भी स्मार्ट हो गए हैं, लेकिन सागर जैसे शहरों में ज्यादातर नए उद्यमी और स्टार्टअप टेक्नोलॉजी की सही और सटीक जानकारी के अभाव में अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ावा नहीं दे पाते। उनकी इस समस्या को दूर करने में सागर स्मार्ट सिटी का यह इन्कयूबेशन सेंटर महत्वपूर्ण होगा। इसके प्रारम्भ होने से सागर और आसपास के युवाउद्यमी और स्टार्टअप प्रारम्भ करने की चाह रखने वाले लोग एक्सपर्ट मेंटर आदि से अपने बिजनेस को तकनीकी रूप से बढ़ाने के गुर सीख सकेंगे और सागर उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से विकसित होगा।

 टेक्नोलॉजी वर्तमान वैश्विक परिवेश में भारत को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है ऐसे में सागर के स्थानीय युवाउद्यमी और स्टार्टअप बिजनेस सागर में नये नये बिजनेस आइडियाज के साथ बिजनेस स्थापित कर करने में सक्षम बनेंगे और हमारा सागर भी उद्यमिता और व्यापार की दृस्टि से आत्मनिर्भर सागर बनने की ओर आगे बढ़ेगा। आज टेक्नोलॉजी का युग है आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस जैसी तकनिकी से विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं ऐसे में सागर में युवा उद्यमियों के लिए इस तरह की सुविधा उनके स्टार्टअप की वेबसाइट और एप बनाने, डाटा कलेक्शन के तरीके, सोशल मीडिया का सहारा लेकर मार्केटिंग, ऑनलाइन डिजाइनिंग टूल, होस्टिंग साॅल्यूशन्स, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, ऑउटलुक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्मार्ट सिटी द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए बनाये गए अत्याधुनिक छात्रावास वर्किंग वुमन हॉस्टल की सुविधा का भी जायजा लिया और एक सप्ताह में इस हॉस्टल का संचालन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की शहर के शासकीय व अशासकीय कार्यालयों में बड़ी संख्या में सिंगल कामकाजी महिलायें कार्यरत हैं इस अत्याधुनिक, सर्व सुविधा युक्त छात्रावास का उन्हें लाभ मिले वे आराम से सुरक्षित वातावरण में यहां न्यूनतम किराया राशि देकर रह सकें इस प्रकार का प्रबंध करें।उन्होंने कहा की कामकाजी महिलाओं के बजट के अनुसार इसका किराया व अन्य चार्जेस निर्धारित करें। कामकाजी महिलाएं अपने बजट के अनुसार रहने के लिए रूम पसंद कर सकें एवं यहां कम कीमत पर भोजन, नाश्ता, चाय उपलब्ध हो।
 
उन्होंने कहा की कामकाजी महिलाओं/स्कूल कॉलेज की लड़कियों को ठहरने की व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये शहर में सर्वसुविधा युक्त कामकाजी महिला छात्रावास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) है यहां सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराएं। ओल्ड आरटीओ परिसर में बने अनुपयोगी और खंडहरनुमा स्ट्रक्चर भवनों को तत्काल जमीदोज करें और सम्पूर्ण परिसर को साफ स्वच्छ सुंदर व सुरक्षित बनाएं। लाइटिंग व सीसीटीवी सर्विलांस व्यवस्था को सुचारु बनाएं। पोलिस गस्त को बढ़ाएं ताकि इस परिसर में बने कामकाजी महिला छात्रावास में रहने आने वाली महिलाओं/स्कूल कॉलेज की लड़कियों को सब ओर से सुरक्षित व अनुकूल वातावरण का अनुभव हो। उन्होंने वर्किंग वुमन हॉस्टल में महिलाओं के लिए बने व्यवस्थित व सुरक्षित पार्किंग एवं वॉकिंग ट्रेक आदि सहित किचिन, डायनिंग हॉल, डेकेयररूम आदि का निरीक्षण किया। हॉस्टल में कुल 42 महिलाओं हेतु सिंगल बेडरूम, डबल शेयरिंग बेडरूम, ट्रिपल शेयरिंग बेडरूम सुविधा सहित बने किचिन व डाइनिंग हॉल,  गार्ड रूम, टॉयलेट फेसिलिटी, शॉप, बच्चों के लिए बनाए गए डे-केयर रूम आदि सहित यहां की विभिन्न सुविधाओं से सिंगल कामकाजी महिलाओं को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षित इस छात्रावास में सुरक्षागार्ड हेतु भी प्रावधान किया गया है जिससे यहां रहने वाली कामकाजी महिलाएं सुरक्षित आवास का लाभ ले सकें।

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सागर व मकरोनिया में पानी सप्लाई को लेकर बड़ा फैसलाः टाटा कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का हुआ निर्णय : अब खुद व्यवस्था संभालेंगे स्थानीय निकाय

सागर व मकरोनिया में पानी सप्लाई को लेकर बड़ा फैसलाः टाटा कंपनी का अनुबंध समाप्त करने का हुआ निर्णय : अब खुद व्यवस्था संभालेंगे स्थानीय निकाय


तीनबत्ती न्यूज:01जुलाई, 2026

सागर
सागर और मकरोनिया में पिछले लंबे समय से चली आ रही लचर पेयजल व्यवस्था और नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जनता के हित को सर्वाेपरि रखते हुए प्रोजेक्ट-6बी सागर मकरोनिया जलप्रदाय उन्नयन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का अनुबंध समाप्त (टर्मिनेट) करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर ने मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी  को नियमानुसार विधिवत नोटिस जारी कर आगामी सख्त कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं।

अब खुद संभालेंगे व्यवस्था
टाटा कंपनी की विदाई के बाद अब सागर नगर निगम और मकरोनिया नगर पालिका अपने-अपने क्षेत्रों में आत्मनिर्भर रहकर पूरी प्लानिंग के साथ पानी की सप्लाई की व्यवस्था खुद संभालेंगे। बैठक में महापौर संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, मकरोनिया नगर परिषद अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री सहित एमपीयूडीसी और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (यूएडी) के प्रमुख अभियंता को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की वित्तीय सहायता से संचालित इस जलप्रदाय योजना के संचालन एवं संधारण में कंपनी द्वारा लगातार गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

 महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने कहा कि अनुबंध में 24×7 जलप्रदाय की शर्त होने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी शहर में केवल एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है, जिससे नागरिकों में असंतोष है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। इसके साथ ही जलकर देयकों के वितरण एवं उपभोक्ताओं के डेटा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड ई-नगर पालिका पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका। इसके कारण जलकर की भी बड़ी वसूली लंबित है।प्रशासनिक समीक्षा में कंपनी के तकनीकी और वित्तीय स्तर पर भी कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार ने बताया कि पाइपलाइन संधारण का कार्य समय पर नहीं होने से नगर निगम को अपने संसाधनों से मरम्मत कार्य कराना पड़ रहा है, और प्रस्तावित पाइपलाइन विस्तार पूर्ण नहीं होने से निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि पाइपलाइन एवं उपभोक्ता कनेक्शन कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण भविष्य में गंभीर लीकेज और दूषित जलापूर्ति का संकट खड़ा हो सकता है। यह बात भी सामने आई कि टाटा प्रोजेक्ट्स ने नगर निगम की अनुमति के बिना संचालन संबंधी कार्य अन्य एजेंसी श्ब्लू वेंचरश् को सौंप दिए, जिससे जलप्रदाय व्यवस्था और पटरी से उतर गई। हाल ही में कंपनी द्वारा वाल्वमैनों का भुगतान न किए जाने के कारण पूरे शहर की जलापूर्ति बाधित रही थी। 

नगर निगम कम  खर्चे में करता था काम

वित्तीय विसंगतियों पर बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि टाटा प्रोजेक्ट्स ने महज डेढ़ वर्ष के कार्य के लिए 12 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग की है, जबकि नगर निगम स्वयं यह कार्य प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की लागत में संचालित करता रहा है, जिससे कंपनी की भुगतान मांग पर भी बड़े प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
मामले को पूरी तरह सुलझाने और जनता को राहत देने के लिए प्रशासन ने अब अंतिम कार्ययोजना तैयार कर ली है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निगम परिषद द्वारा एक माह के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए जाने के बावजूद कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते अब टर्मिनेशन का कड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई कानूनी अड़चन न आए, इसके लिए बैठक में निकाय और कंपनी के बकाया पेमेंट को भी नियमानुसार अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि एक सप्ताह के भीतर पानी सप्लाई से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह स्ट्रीमलाइन (व्यवस्थित) कर लिया जाए, जिससे जनता को सुचारू रूप से पानी मिल सके।
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