सागर गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान: छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के टिप्स
सागर। मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' के अंतर्गत सोमवार को शहर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज सागर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP फ्रॉड और UPI धोखाधड़ी जैसे अपराधों से बचने के तरीके बताए।
सैकड़ों छात्राओं को दी गई ट्रेनिंग
सागर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में डीएसपी प्रतिमा जैन और महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने सैकड़ों छात्राओं को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन निवेश ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी। लगभग 13 हजार छात्राओं वाले इस महाविद्यालय में छात्राओं को जागरूक किया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
डिजिटल अरेस्ट से बचने के उपाय
डीएसपी प्रतिमा जैन ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, CBI या कोर्ट का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डरा-धमका कर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। इसे ही डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे किसी भी कॉल को तुरंत काट दें और 1930 पर सूचना दें।
पुलिस का संदेश: सतर्कता ही सुरक्षा
महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। ऑनलाइन दोस्ती, लॉटरी, गिफ्ट या जॉब ऑफर के नाम पर आने वाले मैसेज से सावधान रहें। अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का उद्देश्य हर नागरिक, खासकर छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना है।
रिपोर्ट: तीनबत्ती न्यूज, सागर







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