रविवार, 22 दिसंबर 2019

हार्ट अटैक:ठंड में रखे इन बातों का ध्यान:डॉ राजेन्द्र चउदा

हार्ट अटैक:ठंड में रखे इन बातों का ध्यान:डॉ राजेन्द्र चउदा

दिल के दौरे की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है । इसको लेकर कुछ सतर्कताये जरूरी है ।एक ऐसे ही मामले से कुछ तथ्य सामने आए । जानिए क्या होता है और क्या करना चाहिए।
#हार्ट अटैक में First Hour बहुत महत्वपूर्ण है.. क्योंकि हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु First Hour में सबसे ज़्यादा होती है।हार्ट अटैक बिना ECG जाँच के भी पकड़ में आ जाता है।

हार्ट अटैक होने पर ..एक गोली Disprin , एक गोली Clopidrogel 300 mg एवं एक गोली Atorvastatin 40 mg तुरंत देना है..इससे अटैक से होने वाली मृत्यु को कम किया जा सकता है।

#अटैक ..हार्ट को खून प्रवाहित करने वाली धमनियों में खून का थक्का जमने से होता है...।

अगर अटैक होने के 90 minutes के अंदर Throbolytics दिए जायें तो हार्ट की धमनियों में जमा खून का थक्का घुल जाता है।

कई बार  दुर्भाग्य रहता है कि Throbolytics देने के बावजूद धमनी नहीं खुलति है।

#ECG देखकर यह पता चल जाता है कि किस धमनी में ब्लॉक है..एवं दवा देने के बाद धमनी खुली या नहीं खुली।अगर दवा से धमनी नहीं खुलती है तो Angioplasty एवं Stenting ही मरीज़ को बचाने का एक आख़िरी Option बचता है।

हार्टअटैक के रोगियों के लिए सुझाव.

1.ठंड के दिनों में हार्ट अटैक की सम्भावना ज़्यादा होती है....ठंड से बचें एवं अन्दर इनर पहिनें।

2.ठंडे पानी से ना नहायें..गुनगुने पानी से नहायें।

3.रात में अगर बाहर निकलना पड़ता है तो कान को ढंक कर रखें..

4.ठंड में नसें सिकुड़ी रहती हैं..इसलिए BP बढ़ जाता है...एवं हार्ट अटैक , लकवा जैसी बीमारियों का ख़तरा ज़्यादा हो जाता है।

5.ठंड में BP के मरीज़ों की दवाइयाँ बढ़ाना पढ़ सकती है। अतः अपने डॉक्टर से BP चेक करवाकर अपनी दवा की मात्रा Adjust करवाएँ।

6.ठंड में हार्ट अटैक एवं लकवा के मरीज़ों को संभल के रहना चाहिए ।क्योंकि दुबारा हार्ट अटैक का ख़तरा रहता है..अटैक के मरीज़ों को दुबारा अटैक ना हो....इसके लिए उन्हें कुछ दवाइयाँ हमेशा लेना पड़ती हैं....इन दवाओं को लेने में ना नुकुर ना करें।

7.अगर हार्ट के मरीज़ों को साँस भी फूलती है ..तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखलाएँ.।

8..शरीर को 7 घंटे की नींद ज़रूरी है।

9..पखाना जाते समय ज़ोर ना लगायें..ज़ोर लगाने से हार्ट पर जोर पड़ता है।

10..मानसिक तनाव हार्ट अटैक के मुख्य कारणों में से एक है...अतः प्रसन्न रहें.।

11.मोटापा , ब्लड प्रेशर , डायबिटीज़ , एवं कोलेस्ट्रोल हार्ट अटैक के मुख्य कारण हैं..इन्हें नियंत्रित रखें।

12..बीड़ी सिगरेट पीने वालों को हार्ट अटैक एवं लकवा की सम्भावना सामान्य लोगों की तुलना में ज़्यादा होती है..अतः बचें.।

13.अगर आपके परिवार में किसी को 40 साल की उम्र में ही हार्ट अटैक आ चुका है तो आप अपनी पूर्ण जाँच करवाएँ ।

14..अगर आपका BP एवं Sugar बहुत ज़्यादा है.. तो व्यायाम करने से पहिले इसे कंट्रोल करें..अन्यथा नुक़सान हो सकता है।

15.हार्ट अटैक में दर्द निवारक दवायें जैसे ( Diclofenac ,Nimusulide, Brufen ,Combiflam ,Dynapar आदि ) देने से जान जाने का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है..अतः इनका सेवन न करें ।
डॉ. राजेन्द्र चउदा.मेडिसिन विशेषज्ञ,सागर

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें


नौरादेही अभ्यारण : प्रभावित लोगों का शत-प्रतिशत होगा विस्थापन : कलेक्टर

Archive