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शनिवार, 26 जून 2021

अशासकीय विद्यालयों के 40 लाख बच्चो को शासन की स्कूल खोलने की गाईड लाइन का 15 माह से इन्तजार

अशासकीय विद्यालयों के 40 लाख बच्चो को शासन की स्कूल खोलने की गाईड लाइन का 15 माह से इन्तजार

★ पेरेंट्स की सहमति से खुल सकते है स्कूल, वंचित वर्ग के बच्चों के लिए

सागर। कोरोना काल मे शैक्षणिक व्यवस्था पर बुरी तरह से असर पड़ा है। इनमे प्राईवेट स्कूल संचालक प्रशासनके समक्ष कई स्तर पर कोर्ट तक मे इनके संचालन को लेकर गुहार लगा चुके है। इनकी अहम मांग यह है कि अशासकीय स्कूलों के संचालन और पढाई लिखाई की अभी तक गाईड लाईन क्यो नही बनी है। हाल ही में  वंचित वर्ग के बच्चों को आनलाईन पढाने की बात शासन ने की है। ऐसे में वंचित कमजोर परिवारों में मोबाइल फोन नही होने से यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 
शिक्षा बचाओ मंच के प्रदेश समन्वयक मोहन दास नागबानी  कटनी  और सागर के जिला संयोजक  पंडित धर्मेंद्र शर्मा और स्कूल के संचालको ने आज मीडिया से स्कूल खोलने के मुद्दे पर चर्चा की । 

उन्होंने मीडिया को बताया  करोना काल में सर्वाधिक प्रभावित गरीब, गामीण एवं वंचित परिवार एवं उन परिवारों में त्रासदी का शिकार बच्चे हुऐ है। इसकी सीधी गाज प्रदेश के अशासकीय विद्यालयों के 40 लाख बच्चों पर गिरी है। जो पिछले
15 माह से इन प्राईवेट स्कूलों के खोले जाने की गाईड लाइन का इन्तजार कर रहे है। उसमें भी सर्वाधिक प्रभावित इन प्राईवेट स्कूलों में अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अर्न्तगत रजिस्टर्ड 7.73 लाख अनुसूचित जाति, जनजाति, धुमन्तु, वंचित परिवारो के बच्चे एवं विकलांग बच्चे हैं। जहाँ एक
ओर शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे मोहल्ला कक्षाओं के माध्यम से अपना अध्ययन का क्रम बनाऐ हुऐ है साथ ही नए सत्र में निःशुल्क पुस्तकें एवं मध्यान्ह भोजन के पैसे प्राप्त कर रहें है वहीं प्राईवेट स्कूलों में रजिस्टर्ड इन बी.पी.एल के बच्चों का शैक्षिणक भविष्य शासकीय दिशा निर्देशों के अभाव में चौपट हो चुका
है। उन्होंने कहा कि  एक सर्वे के अनुसार प्रदेश के 65% स्कूली बच्चे साधनों के अभाव में आनलाईन शिक्षण से वंचित है जिसमें एक बड़ा समूह ग्रामीण, गरीब एवं वंचित परिवारों के बच्चों का है। प्रश्न उठता है क्या जनरल प्रमोशन उनके ज्ञान में अभिवृद्धि कर पाएगा?कोविड लाकडाऊन के चलते उपजे आर्थिक संकट, बेरोजगारी, पलायन एवं स्कूल बन्दी आदि से बाल श्रम, बच्चों से संबंधित अपराधो, बाल विवाह एवं बच्चों की ट्रेफिकिंग में भारी इजाफा होगा। स्कूल बन्दी से उपजे शून्य के चलते शिक्षा से विमुख बच्चें बाल श्रमिक के रुप में समाज में आ चुके है। 

अभिवावकों से  सर्वे में ली जानकारी

मीडिया के सामने एक प्रजेंटेशन के जरिये अभिवावकों का सर्वे भी दिखाया। जिसमे बच्चो की पढ़ाई लिखाई पर विपरीत असर पड़ा है। आनलाईन पढाई के अच्छे नतीजे सामने नही आये है। उन्होंने कहा कि शिक्षा बचाओं मंच ने  इस स्कूलबंदी से उपजी विभिन्न समस्याओ के संबंध में हितग्राहीयों से इस माह सीधा सर्वे करा रहा है। यह सर्वे एक प्रश्नावली के माध्यम से किया जा रहा है जिसमें कोरोनाकाल में बच्चों की आनलाईन पढ़ाई की स्वीकार्यता, व्यापकता, प्रभावशीलता खर्चे एवं लाभ हानि के साथ साथ आगामी सत्र की पढ़ाई के तौर तरीको पर अभिभावको का अभिमत लिया जा रहा है। 
मीडिया को बताया कि  प्राईवेट शालाओं को उचित शासकीय मार्गदर्शन के अभाव में पारित हाईकोर्ट के मार्गदर्शन संबंधी आदेश विगत 7 माह से आज दिनांक तक अमली जामा नही पहनाऐ जा सकने के कारण अवमानना की स्थिति को
प्राप्त हो चुके है। ऐसे में नवीन शिक्षण सत्र गरीब, ग्रामीण एवं वंचित परिवारों के बच्चों के लिए फिर विगत शिक्षण सत्र की
पुनरावृति की राह पर चलता प्रतीत हो रहा हैं। 

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वंचितों के लिए खोलेंगे स्कूल

उन्होंने बताया कि  बच्चों के शैक्षिणक हत्या को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिऐ अशासकीय विद्यालय परिवार हाईकोर्ट की शरण के साथ साथ सदस्य शालाओं द्वारा इन बी.पी.एल के बच्चों के शिक्षण हेतु आगामी 1 जुलाई से अभिभावक सहमति के साथस्कूल खोले जा रहे है एवं तत्संबंध में शासन को विभिन्न स्तरों पर सूचित कर दिया गया है।
उन्होने कहा कि निजी स्कूलों को 30 या 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ खोलने का विचार कर रहे हैं. शासन की कोविड गाइडलाईन के अनुसार स्कूल के स्टॉफ के शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के साथ अभिभावकों के वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र के साथ ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया जायेगा. मंच द्वारा लगभग पौने 8 लाख बीपीएल के बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा गया कि संसाधन के अभाव में लगभग 65 प्रतिशत बच्चे शिक्षा से वंचित हैं. 

ये रहे मौजूद

पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से संबोधन शिक्षा बचाओ मंच के प्रणेता श्री मोहन दास नागबानी जी कटनी ,स पंडित धर्मेंद्र शर्मा ,संयोजक शिक्षा बचाओ मंच सागर , जुगल किशोर मिश्रा अभिभावक अभिमत सर्वे के तकनीकी जानकार तथा राजमणि सिंह उमरियl ने दिया l
सेवा संगठन सागर मध्य प्रदेश से संभाग अध्यक्ष श्री सुरेंद्र दुबे संभागीय महासचिव श्री उपेंद्र गुप्ता जिला अध्यक्ष श्री जुगल किशोर उपाध्याय, जिला सचिव  नरेश विश्वकर्मा ,सागर नगर अध्यक्ष श्री नीरज सिंह ठाकुर संगठन मंत्री श्री रामकृष्ण शर्मा मीडिया प्रभारी , आदित्य उपाध्याय खुरई ब्लॉक अध्यक्ष संजय दुबे  ब्लॉक सचिव ओम कांत तिवारी राहतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष तुलसीराम रैकवार ब्लॉक सचिव वीर सिंह कुशवाहा इत्यादि सेवा संगठन सागर के बहुत से संचालक उपस्थित थे । 



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