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सोमवार, 3 जनवरी 2022

अदालत में साफ हो गया कि कांग्रेस ओबीसी के साथ धोखाधड़ी कर रही है -भूपेंद्र सिंह ★ कांग्रेस के पिटीशन वापस लेने से उसकी ओबीसी विरोधी राजनीति की कलई खुल गई है

अदालत में साफ हो गया कि कांग्रेस ओबीसी के साथ धोखाधड़ी कर रही है -भूपेंद्र सिंह

★ कांग्रेस के पिटीशन वापस लेने से उसकी ओबीसी विरोधी राजनीति की कलई खुल गई है





सागर। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस द्वारा ओबीसी आरक्षण और रोटेशन को लेकर दायर याचिका वापस लेने के कदम से यह बात सामने आ गई है कि कांग्रेस और कमलनाथ ने ओबीसी वर्ग को धोखा दिया था। पिछड़ा वर्ग कांग्रेस को उसके धोखे के लिए कभी भी माफ नहीं करेगा। मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार दोनों ने सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर अपना पक्ष दमदार तरीके से रखा है। अब 17 जनवरी को होने वाली सुनवाई में भी मध्यप्रदेश सरकार पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर पूरा जोर लगाएगी।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय 17 जनवरी को सभी मामलों में मध्यप्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार के आवेदन पर एक साथ सुनवाई करेगी। नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अदालत की आज की सुनवाई में यह बात साफ हो गई है कि ओबीसी आरक्षण में अड़ंगा लगाने का सारा किया धरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा का है। श्री तन्खा ने कोर्ट से अपनी पिटीशन वापस लेने के लिए कहा है। श्री सिंह ने कहा कि ओबीस वर्ग के आक्रोश ने कांग्रेस को मजबूतर किया है कि वो कोर्ट से अपनी पीटिशन वापस लें। माननीय न्यायालय की इस मामले में राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा से की गई टिप्पणी कि सब किया धरा आपका ही है, से भी यह बात साबित होती है कि कांग्रेस की सारी राजनीति छल और कपट से भरी हुई है।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री सिंह ने कहा कि ओबीसी आरक्षण पर अपने पापों को छिपाने के लिए कांग्रेस भोले भाले पिछड़ा वर्ग को झूठ बोलकर सरकार के खिलाफ उकसाने की साजिश कर रही थी जिसकी पोल आज सर्वोच्च न्यायालय में खुल गई है।
मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस तो 27 प्रतिशत आरक्षण को रोकने के लिए पांच बार हाईकोर्ट और दो बार सुप्रीम कोर्ट चली गई।

सुप्रीम कोर्ट चली गई। दूसरी तरफ माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछड़ा वर्ग के कल्याण की अनेक योजनाएं और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किए हैं। यह शिवराज जी ही हैं जिन्होंने कोर्ट से रोक लगी तीन परीक्षाओं के अलावा बाकी सभी परीक्षाओं और नियुक्तियों में 27 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया है। मुख्यमंत्री ने तो पिछड़ा वर्ग को आरक्षण नहीं मिलने के कारण पंचायत चुनाव तक स्थगित करवा दिए हैं।


श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री प्रदेश में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चल रहे हैं। शिवराज सरकार के पिछड़ा वर्ग के हित में लगातार काम करने से कांग्रेस की कलई जनता में खुल गई हैं। ओबीसी वर्ग यह अच्छी तरह समझता है कि कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग को वोट बैंक समझ कर छलने का ही काम हमेशा किया है। पंचायत चुनाव में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 17 जनवरी तारीख निश्चित की है।
 


ओबीसी समाज कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश सरकार की भी याचिका स्वीकार की है। केंद्र सरकार ने भी जो ओबीसी आरक्षण के समर्थन में याचिका लगाई थी उसको भी स्वीकार किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा पर यह टिप्पणी भी की है कि ये जो कुछ भी स्थिति हुई है आपकी याचिका की वजह से हुई है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जो बात हम लोग पहले से कह रहे थे कि कांग्रेस की याचिका के कारण ओबीसी आरक्षण पर रोक लगी थी। इसीलिए हम मांग करते हैं कि कांग्रेस प्रदेश की जनता से और ओबीसी वर्ग से माफी मांगे । कांग्रेस ने जो छल ओबीसी वर्ग के साथ किया है ओबीसी समाज उसे कभी माफ नहीं करेगा।

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