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रविवार, 9 जनवरी 2022

OBC व आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के साथ भाजपा कभी भी अन्याय नहीं होने देगी: मंत्री भूपेन्द्र सिंह

OBC व आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के साथ भाजपा कभी भी अन्याय नहीं होने देगी: मंत्री भूपेन्द्र सिंह 

सागर। धर्मश्री स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये केबीनेट मंत्री  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण के कोटे को बरकरार रखकर इन वर्गों के लिए भारतीय जनता पार्टी की सोच और नीति पर मुहर लगाई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने नीट के ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी को 27 प्रतिशत तथा सामान्य गरीब वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय किया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने नीट के ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी को 27 प्रतिशत तथा सामान्य गरीब वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय किया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। कोर्ट का यह निर्णय उन सभी के मुंह पर तमाचा है, जो ओबीसी तथा सामान्य निर्धन वर्ग की विरोधी पार्टी बता कर उसके खिलाफ गलत प्रचार करते आये हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों के साथ भाजपा कभी भी अन्याय नहीं होने देगी। केंद्र सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27रू आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 10रू आरक्षण सुनिश्चित किया था, लेकिन ओबीसी तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के विरोधी इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चले गए। 
श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत तथा तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा। इस निर्णय के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान की इस दलील को और बल मिला है कि राज्य में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। पंचायत चुनाव में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण के लिए केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार ने अलग-अलग रिव्यू पिटीशन पहले ही दायर की हैं। इस आरक्षण के पक्ष में दोनों ही सरकार पूरी ताकत से अपना पक्ष वहा रख रही हैं।
रोटेशन की प्रक्रिया थी उसका पालन करते हुये हमारी सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि चुनाव कराये जायें, हमने इस पर अध्यादेश भी जारी किया, अध्यादेश जारी करने का अधिकार सरकार को है। जब आपकी सरकार थी तब आपने भी 1200 नई पंचायतें बनाई 500 पुरानी पंचायतें आपने खत्म कर दीं, रोटेशन भी आपने अपने मनमाने तरीके से किया, हम चाहते तो यह सब हम भी कर सकते थे।
मंत्री ने कहा कि हम चाहते थे चुनाव जल्दी हो और इसलिये हमने रास्ता निकाला और रास्ता निकालकर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हुई, राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत की प्रक्रिया आरंभ की चुनाव शुरू हो गये और जैसे ही चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हुई वैसे ही पहले दिन से कांग्रेस ने यह प्रयास करना शुरू कर दिया कि किसी भी तरह से पंचायत के चुनाव रोके जायें और पंचायत के चुनाव रोके जायें इसके लिये कांग्रेस पार्टी के लोग 5 बार उच्च न्यायालय जबलपुर गये, मैं पांचों बार के नाम आपको पढ़ देता हूं।

ये नाम पढ़े मंत्री ने

यह माननीय अध्यक्ष महोदय, कांग्रेस पार्टी की तरफ से...  ओबीसी आरक्षण के विरोध में जितनी भी याचिकायें प्रस्तुत की गई सारे के सारे कांग्रेस पार्टी के लोग हैं। पहली याचिका कमांक है डब्ल्यू.पी.सी.-13512021 कांग्रेस की नेत्री, जया ठाकुर, पत्नी वरूण ठाकुर निवासी छिन्दवाड़ा। दूसरे जो याचिकाकर्ता है जबर सैय्यद तनय मुन्ना खान, दिनांक 11.12. 2021, इन्होंने पंचायत चुनाव के लिये जो कांग्रेस के प्रवक्ता हैं, इन्होंने ओबीसी आरक्षण के खिलाफ चुनौती दी।
जो कांग्रेस से राज्यसभा के माननीय सांसद हैं और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं श्री विवेक तन्खा जी. तन्खा जी ने दिनांक 29.11.2021 को हाई कोर्ट जबलपुर में ओबीसी आरक्षण के विरोध में यात्रिका कमांक डब्ल्यू.पी.सी.-26440
याचिका क्रमांक 26440221 दाखिल की गई, जिसकी सुनवाई होईकोर्ट में दिनांक 09.12.2021 को विस्तृत सुनवाई हुई। माननीय हाईकोर्ट जबलपुर ने पंचायतों के आरक्षण एवं निर्वाचन प्रक्रिया में दखल देने से साफ इंकार कर दिया।
दिनांक 09.12.2021 को आदेश हाईकोर्ट द्वारा याचिका कमांक 2644821 से संबद्ध अन्य 25 याचिकाएं जो लगी थीं उनके भी लागू किया गया। यह सारी याचिकाएं हाईकोर्ट ने निरस्त कर दी। हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा किसी भी याचिका में पंचायत निर्वाचन में आरक्षण के बिंदु पर दखल देने से साफ इंकार कर दिया था। उसके आगे देखिये, जब जबलपुर हाईकोर्ट ने इसमें इंकार कर दिया तो फिर जबरपुर हाईकोर्ट के दिनोंक 09.12.2021 के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई और एस.एल.पी.सी. 2734ध्2021 दाखिल की गई। जिसमें सुनवाई दिनांक 15.12.2021 को करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि प्रकरण में कोई अजेंसी हो तो हाईकोर्ट जबलपुर में दिनांक 26.12.2021 को अनुरोध कर सकते हैं, आप जबलपुर हाईकोर्ट जा सकते हैं, हाईकोर्ट अंतरित आदेश के राहत के बिंदु पर सुनवाई कर सकती है। यह सुप्रीम कोर्ट ने कहा और यह भी कहा कि यह जबलपुर में विचाराधीन है, परंतु उसके बाद दिनांक 1 को श्री विवेक कृष्ण तन्खा जी और उनके सहायक श्री शशांक शेखर जी ने हाईकोर्ट में उक्त प्रकरण की त्वरित सुनवाई हेतु निवेदन किया। हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने अस्वीकार करते हुए कहा कि उक्त प्रकरण में कोई अर्जेंसी प्रतीत नहीं होती है। शीतकालीन अवकाश के बाद सुनवाई करेंगे। तब कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका कमांक एस.एल.पी 2734ध्2021 में आवेदन क्रमांक 31495 ध् 2021 दाखिल करके दिनांक 17.12.2021 को अर्जेंट सुनवाई करवाई गई और कांग्रेस के सांसद श्री तन्खा जी ने यह जानते हुए कि महाराष्ट्र राज्य के प्रकरणों से मध्यप्रदेश के प्रकरण समान नहीं है फिर भी उन्होंने पूर्व पारित निर्णयों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र के गवली केस का हवाला दिया।
चुनाव में ओबीसी का जो आरक्षण समाप्त कराया है इसके लिए 100 प्रतिशत कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है और यह तन्खा जी हम लोगों को धमकी दे रहे हैं. कांग्रेस के लोग कि 10 करोड़ का नोटिस देंगे। अरे आपने 10 पीढ़ियां बर्बाद कर दी 10 करोड़ के उस नोटिस से उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक और कदम है। मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में कहा था कि बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव नहीं होंगे। उन्होंने ऐसा ही किया।
        विधानसभा में ही मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा था कि इस आरक्षण के लिए केंद्र सरकार की सहायता से न्यायालय में और मजबूती के साथ पक्ष रखा जाएगा। अब यह भी कर दिया गया है। कांग्रेस सांसद विवेक तनखा ने सुप्रीम कोर्ट में इस आरक्षण का विरोध किया था, तब कांग्रेस ने उन्हें ऐसा करने से क्यों नहीं रोका? तनखा जी ने बैवजह सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र के गवली प्रकरण का हवाला दिया। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में ओबीसी के आरक्षण पर रोक लगा दी। कांग्रेस ने क्यों नहीं इसके लिए रिव्यू पिटीशन दायर की।
पत्रकारवार्ता का संचालन संभागीय मीडिया प्रभारी प्रदीप राजौरिया ने किया एवं आभारी श्रीकांत जैन ने व्यक्त किया।पत्रकारवार्ता में सांसद श्री राजबहादुर सिंह जी, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन जी, जिला अध्यक्ष श्री गौरव सिरोठिया जी, संभागीय मीडिया प्रभारी श्री प्रदीप राजौरिया जी, जिला मीडिया प्रभारी श्री श्रीकांत जैन उपस्थित रहे।

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