गवेषणा संवाद : विभिन्नक्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए महिलाओं का सम्मान
तीनबत्ती न्यूज : 15 मार्च, 2026
सागर : मानवोत्थान ,पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकतासमिति ‘गवेषणा’ के बैनर तले "अंधविश्वास बनाम तर्कशीलता: भारतीय व अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में " विषयक सम्वाद के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियोंके लिए चुनिन्दा महिलाओं का सम्मान किया गया । संवाद आयोजन के प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में तर्कशील समिति कनाडा एवं भारत के डॉ. बलविंदर बरनाला और उनके सहयोगी ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं से विषय केन्द्रितविस्तृत सम्वाद स्थापित किया । अनेक व्याप्त अंधविश्वासों को अपने तर्कों और अनुभवों से खंडित किया । श्रोताओं से प्रश्न आमंत्रित कर उनके समाधान करने के प्रयास किये । विषय प्रवर्तन डॉ.राजेश गौतम और डॉ.सुनील साहू ने किया ।
आयोजन के दूसरे चरण में सागर की विचार एवं सेवा क्षेत्र में अग्रणी आमंत्रित महिलाओं को सम्मानित किया गया । इन महिलाओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम का सञ्चालन कर रहे समिति अध्यक्ष डॉ. मनोहरलाल गोपीबाई चौरसिया ने समिति के नवाचार संकल्प को दोहराया कि समिति अपने आयोजनों में व्यक्तियों के साथ उनकी माताओं का स सम्मान नामोल्लेख करती आ रही है । संचालनक्रम में डॉ. मनोहर चौरसिया ने स्त्रैण गुणों की चर्चा करते हुए साफगोई से कहा कि " जिस दिन महिलाएं अपने श्रम का हिसाब माँग लेंगी ,उस दिन मानव इतिहासकी सबसे बड़ी धोखाधड़ी पकड़ी जावेगी" ।
उन्होंने महिला सम्मान के आयोजन की गरिमा को यह कह कर शिखर तकपहुँचाया कि पुरुष प्रधान समाज विभिन्न अवसरों पर महिलाओं की उपब्लाब्धियों कोमात्र सम्मानित मात्र करके वास्तव में महिलाओं के सृजन सहित समग्र श्रम मूल्यांकनसे बचने की कोशिश करता है ।गवेषणा परिवार की महिला सदस्य श्रीमती शोभा–देवकी बाई,डॉ.सरिता-रामदुलारी,अरुणा –सुशीला,विदुषा, और नन्ही बिटिया इति-अरुणा ने महिलाओं को सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न और स्नेह उपहार भेंट किये।
इनका हुआ सम्मान
इस अवसर पर प्रो चँदा सुहाग रानी बेन, प्रॉक्टर, डॉ हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी ।(स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक रही । आगे अपनी मेहनत के बूते उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक होते हुए वर्तमान में प्रॉक्टर व हिंदी जैसे गौरवशाली विभाग में अध्यक्ष है। आपने 40 से अधिक रिसर्च पेपर लिखे तथा 4 पुस्तकें लिखीं । ) डॉ. निलय, सीमा जी सस्टेनबल पेकिंग के लिए ।( IIT से बीटेक, एम टेक, PhD । NIT जलन्धर में असिस्टेंट प्रोफेसर हो फिर सागर जैसे छोटे स्थान में भूसा पराली जैसे कृषि वेस्ट को ही व्यवसाय। इनसे डिपोजल बनाकर प्लास्टिक डिस्पोजल का विकल्प तैयार किया । उत्पाद को मान्यता दिलाई । ) डॉ श्वेता , मोहनी जी, सिद्धत्व फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष । (सिद्धत्व फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष, योग विशेषज्ञ, आहार विशेषज्ञ, वेलनेस प्रशिक्षक, शिक्षा, शोध व समाजी सेवाओं के क्षेत्र में समर्पित) डॉ रुचि ,राधा देवी, संचालक सुरुचि रिहेब & फिजियो थैरेपीसेंटर । न्यूरो विशेषज्ञताके साथ फिजियोथेरपी में गोल्ड मेडलिस्ट । 8 वर्ष से सेवायें । लगभग 2000 मरीजों का सफल इलाजकिया। 70 अल्प विकसित व मेंटली रिटार्टेड बच्चेआत्म निर्भर हुए । गीता, नत्थी देवी, केंद्रीय जेल सागर में शिक्षक व मोटिवेटर ।(गत 28 वर्ष से केंद्रीय जेल सागर में शिक्षक व मोटिवेटर । भारत गण राज्य की राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित है। हजारों बंदियों ने इनके सहयोग से अपनाजीवन बदला । आपकी बदौलत 150 से अधिक बंदियों ने इग्नू व भोजयूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। ओपन स्कूलिंग के माध्यम से 2026 में ही 80 बंदी मेट्रीकुलेशन कर रहे है । आपने बंदियों को सिलाई, कड़ाई, बुनाई, कम्प्यूटर ऑपरेटर्स जैसे व्यवसायिक ट्रेनिग भी उपलब्ध करवाई है।) डॉ.देवकी,कमला देवी , संघर्षों से उबर कर बनी प्रतिष्ठित हिन्दी लेखिका और सामाजिक कार्यकर्त्ता ।(अनेक पत्रपत्रिकाओं में कहानियां, लेख, व कवितायें, प्रकाशित हुई है। आप भारत के राष्ट्रपति से सम्मानित शिक्षिका है।"दीपा" छद्म नाम से लेखन किया जो इनकी पहचान बन गया। देवकी उर्फ दीपा ने सागर में प्रगतिशील लेखक संघ व भारतीय महिला फेडरेशन में पदों के दायित्व कानिर्वहन किया है। आपने हिंदी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य, अर्थशास्त्र व पत्रकारिता में MA करके बहुआयामीविशेज्ञता को प्राप्त किया है। NCC, स्काउट -गाइड जैसे जीवन निर्माण करने वाली, शैक्षिक संस्थाओं में ही काम नही किया । बल्कि निजी तौर पर सैकड़ो शाला त्यागी बच्चों का शैक्षणिक पुनरोद्धार किया है।यायावर लोहगड़िया समाज के अनेक परिवारों का पुनर्वास आपने किया है।) डॉ. रूबी, सरला जी शहर की ख्याति नाम स्त्री रोग विशेषज्ञ ।("डॉ रूबी रेजा" के नाम से विख्यात। आप कानपुर के प्रसिद्ध GSVM के मैडीकल कॉलेज से प्रसूति वस्त्रीरोग में गोल्ड मैडल के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में आपके शोधपत्र प्रकाशित है। आपने अनेके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लिया है। खेमचंद जैन चेरिटेबल हॉस्पिटल के माध्यम से सेवायें दे रही है । अपने यूट्यूब चैनल व इंस्ट्राग्राम चेनल के माध्यम से महिला स्वास्थ्य के प्रति जन जागरुकता को बढ़ावा देने का काम भी करती है।) स्वाति जतना देवी मान्यता प्राप्त पशु कल्याण संगठन “यारा ने फाउंडेशन” की संस्थापक अध्यक्ष ।(सागर मे बेघर जानवरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं। यारा फाउंडेशन ने 500 से अधिक आवारा कुत्तों को मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर चिकित्सा उपचार प्रदान किया है और 600 से अधिक आवारा कुत्तों को मुफ्त एंटी-रेबीज टीकाकरण भी प्रदान किया है। इसमें नसबंदी, ट्यूमर हटाने की सर्जरी, कैंसर का इलाज आदि शामिल हैं। इसके अलावा बेघर जानवरों के लिए शहरमे जगह जगह पानी की टंकी रखना और उन्हें खाना खिलाने का काम भी किया जाता है ।) गुड्डी प्रेमरानी आदिवासी, परिश्रम से स्वाबलंबन की पथिक ।गौरझामर के एक छोटे से गांव से आती है। अपनी दम पर अन्य लोगों के यहां घरों का काम करके स्वयं का रोजगार बनाया आज अपनी एकछोटी सी साड़ी की दुकान से अपना जीवन यापन कर रही है। कार्यक्रम में सम्मानित हुई सभी महिलाओं को आदर पूर्वक अपनी अभी तक की प्रेरक यात्रा के संबध में वक्तव्य देने के लिए मंच पर आदर पूर्वक आमंत्रित किया गया ।
आयोजन टीम में डॉ.चन्दन, डॉ. दिनेश, डॉ.तरुण, डॉ.शिवकुमार , श्रीकैलाश चौरसिया, पुरुषोत्तम चौरसिया रहे । गवेषणा समिति सचिव इंजी. रमेश चौरसिया नेसंवाद के लिए आमंत्रित विशिष्ट वक्ता डॉक्टर बरनाला को स्मृति चिह्न भेंट किये,सभागार में उपस्थित जन समुदाय सहित आयोजक टीम का आभार व्यक्त किया ।









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