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NSD विद्यार्थियों ने मानव संग्रहालय में सीखी ‘अंकीय भावना’ नाट्य परंपरा, हिमालयन विलेज और जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में “अंकीय भावना नाट्य” पर व्याख्यान सुना,मानव संग्रहालय के हिमालयन विलेज एवं जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन भ्रमण


तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

भोपाल :  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला के पाँचवें दिन विविध अकादमिक एवं संग्रहालयीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। दिन का प्रमुख आकर्षण संग्रहालय के सहायक कीपर श्री एन. सकमाचा सिंह द्वारा दिया गया व्याख्यान रहा।


श्री सकमाचा सिंह ने अपने व्याख्यान में “अंकीय भावना” (Ankiya Bhaona) -नाट्य परंपरा का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाट्य विधा  असम की विशिष्ट वैष्णव नाट्य परंपरा है, जिसका मंचन मुख्यतः माजुली नदी द्वीप स्थित वैष्णव सत्रों (सतरा) आश्रम में किया जाता है। व्याख्यान में उन्होंने माजुली नदी द्वीप की सांस्कृतिक विरासत, वैष्णव संप्रदाय की परंपराओं तथा अंकीय भावना नाट्य की संरचना, प्रस्तुति शैली, गायन-वादन, वेशभूषा, संगीत, अभिनय तथा सूत्रधार की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।


व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत रुचि एवं एकाग्रता के साथ विषय को सुना। व्याख्यान के उपरांत आयोजित परिचर्चा में विद्यार्थियों ने अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका श्री सकमाचा सिंह ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय की गहन जानकारी साझा की। संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों के लिए भारतीय पारंपरिक रंगमंच की इस महत्वपूर्ण धरोहर को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।



कार्यशाला संयोजक श्री राजेंद्र झरिया ने बताया कि NSD के छात्र छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की हिमालयन विलेज प्रदर्शनी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक जीवन शैली, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन किया। इसके पश्चात उन्होंने संग्रहालय के संरक्षण (कंजर्वेशन) अनुभाग का अवलोकन कर संग्रहालयीय धरोहरों के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं वैज्ञानिक देखभाल की प्रक्रियाओं को निकट से समझा।



दिन के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों ने श्यामला हिल्स स्थित मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समुदायों की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं जीवन-दर्शन को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया तथा संग्रहालय की अवधारणा और प्रस्तुति शैली की सराहना की।


संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला विद्यार्थियों को भारतीय रंग परंपराओं, लोक एवं जनजातीय संस्कृति तथा संग्रहालय विज्ञान के विविध आयामों से परिचित कराने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम का संचालन संग्रहालय के पुस्तकालय प्रभारी डॉ मोहम्मद रेहान ने किया।

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